पहली बार पिता बन रहे हैं तो काम आएंगी ये 5 सलाह

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Update Date फ़रवरी 5, 2020
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पहली बार पिता बनने वाले पुरुषों को प्रेग्नेंसी में होने वाले लेबर के बारे में अधिक पता नहीं होता। इसलिए अधिकांश पुरुषों के लिए गर्भवती पार्टनर को दर्द में देखना मुश्किल हो जाता है। अधिकांश पिता शिशु के जन्म को जीवन के बेहतरीन पल में से एक मानते हैं। साथ ही चिंतित भी होते हैं कि वे पार्टनर की कैसे मदद करें? इसलिए हैलो स्वास्थ्य आपके लिए ‘गुड बर्थ-पार्टनर’ बनने के टिप्स बता रहा है।

पहली बार पिता बनने वाले हैं तो रखें इन बातों का ध्यान

1. गर्भवती पत्नी क्या चाहती हैं, इस बारे में अवगत रहें:

जब आपकी पत्नी गर्भवती हो उसी दौरान या प्रसव से पहले उनसे बात कर लें कि वह लेबर के दौरान क्या करना चाहती है (नॉर्मल या सिजेरियन डिलिवरी को चुनना)? पत्नी के साथ सिर्फ आप ही हैं जिसे हर चीज की जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। दाई को भी आप उनकी परेशानियों और दर्द के बारे में सब कुछ बता सकते हैं। यदि अपने बर्थ-प्लान की योजना बना रखी है तो उन्हें सही समय पर अस्पताल ले जाएं। डिलिवरी से जुड़े अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो उस बारे में अपनी पार्टनर से अवश्य शेयर करें। कपल को आसपस में विचार करना चाहिए। गर्भवती महिला को भी अपने पार्टनर की बात समझनी चाहिए और एक दूसरे से विचार का आदान-प्रदान करना चाहिए और अगर ऐसा लगता है की दोनों में डिलिवरी को लेकर जानकारी की कमी है कोई बात समझ नहीं आ रही है, तो एक्सपर्ट से समझना बेहतर होगा। 

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2. यह जानें कि लेबर पेन के दौरान क्या किया जाना चाहिए?

लेबर के दर्द से लड़ रही अपनी साथी का सहारा बनने के लिए जरूर जानें कि लेबर के दौरान क्या किया जाना चाहिए? ताकि आपको पता चल सके कि आखिर प्रसव के दौरान क्या हो रहा है? इसी कारण ज्यादातर डॉक्टर साथी के साथ रूम में जाकर डिलिवरी की तैयारी करने की सिफारिश करते हैं। अगर आप पहली बार पिता बनने जा रहे हैं, तो यह समय आपके लिए तनावभरा हो सकता है लेकिन, इस दौरान पहली बार पिता बनने वाले व्यक्ति को तनाव नहीं लेना चाहिए। क्योंकि इस दौरान आप डॉक्टर की निगरानी में होते हैं और वह आपकी पार्टनर से जुड़ी हर जानकारी आपको देते रहेंगे। सिर्फ इस दौरान आपको धैर्य से काम करना होगा। यह ध्यान रखें की आपका तनाव में रहना आपकी लाइफपार्टनर को भी तनाव में डाल सकता है। जिसका नकारात्मक प्रभाव शिशु के जन्म पर पड़ सकता है। इसलिए इस सिचुएशन को आराम से हैंडल करें।   

3. अनएक्सपेक्टेड की उम्मीद:

गायनेकोलॉजिस्ट भी सटीक अनुमान नहीं लगा सकते कि पत्नी का लेबर पेन कब शुरू होगा और डिलिवरी कैसे होगी? इसलिए पिता के लिए सलाह है कि यदि बर्थ-प्लान को उपयोग करना पड़े तो उसके लिए अपने आप को तैयार रखें। जैसे आप दोनों ने दवा के बिना प्रसव पर चर्चा की हो या किसी विशेष टाइम पर डिलिवरी कराने को प्लान किया हो, लेकिन लेबर के बढ़ने पर हालात बदल सकते हैं। कई गर्भवती महिलाओं के लिए वह समय (जब योनि का फैलाव लगभग 8 सेमी होता है) सबसे दर्दनाक हो सकता है और ऐसे में एपिड्यूरल एनेस्थिसिया मददगार हो सकता है। वैसे तो डिलिवरी के दौरान गर्भवती महिला और अगर्भ में पल रहें शिशु की सेहत के अनुसार हेल्थ एक्सपर्ट डिलिवरी प्लान करते हैं लेकिन, पुरुष पार्टनर को गर्भावस्था के शुरुआत से ही अपनी पार्टनर को गर्भावस्था में की जाने वाली एक्सरसाइज के लिए प्रेरित करना चाहिए। अगर गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी के दौरान वर्कआउट नहीं कर पा रहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में वॉकिंग उनके लिए सही विकल्प हो सकता है।  

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4. पिता के लिए सलाह है कि पत्नी की एडवोकेसी करें:

लेबर के दौरान पार्टनर खुद के लिए बोलने में सक्षम नहीं होती। इसलिए उसकी ओर से बोलने के लिए तैयार रहें। इस दौरान आपकी पत्नी प्रसव के दौरान क्या महसूस कर रही है? इस बारे में डॉक्टर को बताएं। पहली बार पिता बनने वालों के लिए सलाह है पार्टनर की पीड़ा देखकर भी वे दृढ़ रहें। यहां तक ​​कि एक आपातकालीन सी-सेक्शन  के दौरान पत्नी के इंटरफेयर करने पर भी आप उसे रोक सकते हैं। दरअसल डिलिवरी का निर्णय गर्भवती महिला की सेहत और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थय को ध्यान में रखकर किया जाता है। पहली बार पिता बन रहें हैं तो इस परिस्थिति में समझदारी से काम करें। 

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5. पिता के लिए सलाह है कि लेबर में एक सक्रिय भागीदार बनें

पहली बार पिता बनने वालों के लिए सलाह है कि लेबर पेन की शुरुआत के दौरान पत्नी को हाइड्रेटेड रहने और तरल पदार्थ पीने की लिए याद दिलाएं। गर्भवती को प्रसव के दौरान डीहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी या हर्बल चाय दें। यह जरूर सुनिश्चित करें कि वह कुछ भी अम्लीय नहीं खा सकती है, क्योंकि इससे उल्टी हो सकती है। जब वह लेबर में होगी तो उन्हें ऊर्जा के लिए किसी पेय की जरूरत पड़ेगी। पहली बार पिता बनने जा रहे हैं, तो डिलिवरी से जुड़ी जानकारी हासिल करें। आप चाहें तो लेबर क्लास ज्वाइन कर सकते हैं। यहां आपको गर्भावस्था के साथ-साथ डिलिवरी की भी जानकारी दी जाती है। यह क्लास कपल ज्वाइन कर सकते हैं और डिलिवरी के दौरान होने वाली परेशानी को हैंडल कर सकते हैं। अगर आप पहली बार पिता बन रहें हैं तो अपने आपको एक्टिव रखें। 

अस्पताल में आपके आसपास अनुभवी लोग होंगे, लेकिन आप अपने साथी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट होंगे। कुछ चीजें जो आप उसकी मदद करने के लिए कर सकते हैं।

पिता के लिए अन्य सलाह:

पहली बार पिता बन रहें हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे-

  • पार्टनर का हाथ थामें। इस दौरान आपके पार्टनर को सबसे ज्यादा जरूरत आपकी होती है। इसलिए अपने व्यस्त दिनचर्या में से वक्त निकाल कर अपनी वाइफ को अवश्य दें। 
  • सांस को धीमा करने में मदद करें।
  •  मालिश करें।
  • कूल्हों पर काउंटर प्रेशर करें।
  • कमरे में सही तापमान बनाएं रखें।
  • हर घंटे टॉयलेट का उपयोग करने के लिए याद दिलाएं ताकि महिला का ब्लैडर बच्चे के सिर पर न चढ़े।
  • एक गीले कपड़े से माथे और भौंह को पोंछें।

अगर आप पहली बार पिता बनने जा रहें हैं और इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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