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प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी है पत्नी को खुश रखना, ये टिप्स आ सकती हैं काम

    प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी है पत्नी को खुश रखना, ये टिप्स आ सकती हैं काम

    इसमें कोई दो राय नहीं कि गर्भावस्था कई महिलाओं के लिए खुशियां लाने के साथ-साथ कई तरह की समस्याएं भी लेकर आती है। जैसे – मतली, थकान, सूजन आदि। इसलिए कई महिलाएं गर्भवती होने के बाद सकारात्मक महसूस नहीं करती। प्रेग्नेंसी के दौरान भावनात्मक असंतुलन आपके बच्चे के मनोवैज्ञानिक और न्यूरोलॉजिकल विकास को सीधे प्रभावित करता है। इसलिए इस दौरान गर्भवती महिला का खुश रहना आवश्यक है। प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि वह इस समय अपनी पत्नी का पूरा ध्यान रखें। अध्ययनों से पता चला है कि जो गर्भवती महिलाएं खुश होती हैं वे स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं।

    पुरुषों को गर्भावस्था के दौरान एक असहाय साथी की तरह महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि आप इस समय को पार्टनर के लिए सकारात्मक और यादगार बनाने के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के समय पति की जिम्मेदारी क्या-क्या है? और उन्हें इसे कैसे पूरा करना चाहिए।

    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि वह पत्नी को बताएं कि वह खूबसूरत लग रही है

    हर महिला को यह सुनना बहुत अच्छा लगता है। गर्भवती महिला के कानों के लिए यह संगीत की तरह है। गर्भावस्था के सभी लक्षणों और दुष्प्रभावों जैसे सूजे हुए पैर, बेडौल स्तन, स्ट्रेच मार्क्स की समस्या और वैरिकोज (Varicose) नसों के कारण आपकी पत्नी गर्भावस्था के दौरान अच्छा महसूस नहीं कर रही होगी। अपनी गर्भवती पत्नी से बोलते रहें कि वह खूबसूरत लग रही हैं। प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी हे कि वह रोजाना सुबह दिन की शुरुआत तारीफ के साथ करे और उसे आश्वस्त करें कि वे उससे पहले से ज्यादा प्यार करते हैं। इससे वह बेहतर महसूस करेगी।

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    प्यार से पत्नी के लिए कुछ बनाएं

    गर्भवती महिलाओं को बहुत भूख लगती है। इसलिए आप उनके लिए हेल्दी फूड्स बना सकते हैं। ऐसा करने से पत्नी की नजर में आपका कद बढ़ जाएगा। गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के लक्षणों जैसे कि मतली, थकान की समस्या से रोज निपटती हैं, इसलिए वे हर दिन बीमार या थकी हुईं हो सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान जितना वे स्वस्थ रहती है उतनी ही सकारात्मक सोच होती है और हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है कि उनके खान-पान का ध्यान रखें। प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि अपनी प्रेग्नेंट वाइफ के लिए ताजा और हेल्दी खाना बनाएं जो पोषक तत्वों से भरपूर हो। इससे उनको फिट रहने में मदद मिलेगी औ यह प्रेग्नेंसी में खुश रहने में मदद करेगा।

    प्रेग्नेंसी को यादगार बनाएं

    प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाएं एलबम, फोटो डेकोरेट आदि करती हैं। आप भी इस समय की यादों को हमेशा संजोए रखने में उनकी मदद कर सकते हैं। ऐसा करना जाहिर तौर पर उन्हें स्पेशल फील कराएगा और वे अंदर से अच्छा अनुभव करेंगी। इसलिए प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी है कि पत्नी की खुशी के लिए प्रेग्नेंसी के हर एक अनुभव को कैद करें। फिर चाहे वह उनके फोटोज लेना हो या फिर कोई फोटो फ्रेम करवाकर देना।

    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि पत्नी को पैंपर करते रहें

    गर्भावस्था के दौरान गर्भवती पत्नी को खुश करने का यह सबसे अच्छा तरीका है। गर्भावस्था के दौरान उनका शरीर बहुत तकलीफों से गुजरता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि उनके पैरों और पीठ को सहलाकर पैंपर करें। पेडीक्योर करवाने के लिए ले जाएं । वह गर्भावस्था के दौरान थकी हुई रहती हैं। इसलिए स्थानीय स्पा में ले जाना भी आराम करने में मदद करेगा। आप घर पर हों या ऑफिस में फूलों का बुके या उनकी पसंद की कोई चीज भेज सकते हैं। इन तरीकों से प्यार जताना उनके लिए बहुत मायने रखता है।

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    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि पत्नी की पसंदीदा चीजों का ध्यान रखें

    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी पत्नी की पंसदीदा चीजों का ध्यान रखना भी है। जैसे यदि गर्भवती पत्नी को संगीत सुनना पसंद है तो उसे सुने, पेंटिंग करना पसंद है तो पेटिंग करने में उनकी मदद करें, बुक्स पढ़ना पसंद है तो उनकी पसंदीदा राइटर्स की किताबें लेकर आएं। प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी है कि इन सब में उनके सहभागी बनें। यदि अपनी पसंद का वे कुछ भी प्रेग्नेंसी में करेंगी तो इससे उनका मन बहलेगा और खुशी मिलेंगी।

    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी, पेरेंटल क्लाज ज्वॉइन करें

    प्रेग्नेंसी के दौरान कपल पेरेंटल क्लास ज्वॉइन कर सकते हैं। पेरेंटल एजुकेशन सिर्फ पहली बार बन रहे माता-पिता के लिए ही नहीं बल्कि जो कपल पेरेंट्स बन चुके हैं उनके लिए भी पेरेंटल क्लास ज्वॉइन करना बेहतर माना जाता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो हर एक प्रेग्नेंसी अपने आप में नई होती है। शिशु से जुड़ी हर शिक्षा पेरेंटल क्लास से मिल जाती है और आप बेहतर तरह से अपने आपको ट्रेन कर पाते हैं। इससे प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली चिंताएं जैसे बच्चे का ध्यान कैसे रखेंगे? उसे दूध कैसे पिलाना होगा? इसको पकड़ने का सही तरीका क्या है? से राहत मिल जाएगी।

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    प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि पत्नी को घुमाने ले जाएं

    मूड ठीक करने का सबसे आसान तरीका घूमना-फिरना होता है। गर्भावस्था के दौरान ट्रिप पर जाएं। बेबी बंप के साथ आउटडोर ट्रिप एंजॉय किया जा सकता है। बेबी डिलिवरी के बाद कुछ समय के लिए बाहर जाना संभव नहीं हो पाता है, लेकिन इस वक्त को कपल बेबी बंप के साथ मेमोरेबल बना सकते हैं। इसलिए अपना बेबीमून प्लान करें और ट्रिप पर जाएं।

    अब यहां तो बात हुई प्रेग्नेंसी में पति की रिस्पॉन्सिबिलिटी की। अब हम आपको कुछ ऐसी बाते बता रहे हैं जो पत्नी खुद अपनाकर खुश रह सकती हैं। जानते हैं उनके बारे में।

    • पत्नियां प्रेग्नेंसी के दौरान खुश रहने के लिए कुछ चीजें ट्राई कर सकती हैं। इनमें सबसे पहले आती है शॉपिंग। ऐसा मत सोचिए कि अब वजन बढ़ चुका है तो मुझ पर कुछ अच्छा नहीं लगेगा। आजकल मार्केट में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कपड़ों की कई वैराइटी मौजूद है। जिन्हें आप ट्राई कर सकती हैं और एक अच्छा सा बेबी बंप फोटो शूट करवा सकती हैं। फोटोशूट का मतलब किसी प्रोफेशनल की मदद लेने से नहीं है। आप खुद के मोबाइल कैमरे से भी यह शूट करवा सकती हैं।
    • इसके अतिरिक्त आप ब्यूटी पार्लर जाकर स्पा, मसाज और फेशियल करवा सकती हैं।
    • घर में हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करके भी खुद को फिट और मेंटली स्ट्रॉन्ग रखा जा सकता है। नियमित रूप से वॉक करें और गर्भावस्था में योगा भी करेंप्रेग्नेंसी के दौरान डांस गर्भवती महिला को फिट और एक्टिव दोनों रखने में मददगार होता है। एक्टिव रहना इस दौरान होने वाली परेशानी जैसे मॉर्निंग सिकनेस या कोई अन्य शारीरिक परेशानी से बचाने में सहायक है।
    • आप मूड चेंज करने के लिए हाथों और पैरों में मेंहदी वगैरह भी लगवा सकती हैं।

    इन टिप्स के अलावा नीचे कुछ अन्य टिप्स भी दिए जा रहे हैं जिन्हें फॉलो करके आप परफेक्ट बर्थ पार्टनर बन सकते हैं।

    परफेक्ट बर्थ पार्टनर कैसे बनें?

    परफेक्ट बर्थ पार्टनर बनने के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान रखें।

    1. लब्जों का ख्याल रखें

    हमेशा ध्यान रखें कि आप किस तरह से बात कर रहें है? ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें जिससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचे। प्रेग्नेंसी के दौरान और बाद में महिलाएं इमोशनल हो जाती हैं साथ ही उनके दिमाग में कई तरह की उथल-पुथल चलती रहती है। ऐसे में ध्यान रखें कि जाने- अनजाने में ऐसा कुछ न कहे जिससे उन्हें ठेस पहुंचे। मेरा, तुम्हारा बोलने की बजाय हमारा बेबी, हमारा बच्चा जैसे शब्दों का प्रयोग करें।

    2. बात करें

    शिशु के जन्म से जुड़ी बातें करें। अगर आपकी लाइफ पार्टनर आपसे शिशु से जुड़ी या कोई अन्य बात करती हैं तो उन्हें सुने न कि अनसुना कर दें। उनकी बात समझने की कोशिश करें और दोनों एक-दूसरे से सलाह लें।

    3. उनकी जरूरतों का ख्याल रखें

    गर्भावस्था और डिलिवरी के दौरान भी गर्भवती महिला का विशेष ख्याल रखें। उन्हें किन-किन चीजों की जरूरत पड़ सकती है और इस दौरान उनके पास क्या होना चाहिए? ये हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर समझें। आप अपनी लाइफ पार्टनर से यह जानने की कोशिश जरूर करें की उन्हें इस दौरान क्या चाहिए?

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    4. प्रेग्नेंसी और लेबर पेन के बारे में जानें

    गर्भावस्था की जानकारी मिलने के साथ ही इससे जुड़े बातों को समझें। इंटरनेट, किताबों और हेल्थ एक्सपर्ट से प्रेग्नेंसी और लेबर पेन के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानें। जितनी ज्यादा जानकारी होगी उतनी अधिक आप अपनी लाइफ पार्टनर की मदद आसानी से कर सकेंगे।

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    5. इंतजार करना सीखें

    डिलिवरी की डेट के अनुसार कभी-कभी शिशु का जन्म पहले भी हो जाता है, लेकिन अगर डेट से थोड़ी देरी हो रही है या लेबर पेन ज्यादा देर तक हो रहा है तो ऐसी स्थति में परेशान न हों। क्योंकि आपकी परेशानी गर्भवती महिला की परेशानी और ज्यादा बढ़ा सकती है।

    6. आई कॉन्टेक्ट

    प्रेग्नेंसी और खासकर डिलिवरी के दौरान परिवार के अन्य सदस्य और बड़े-बुजुर्ग साथ होते हैं। ऐसे में कपल के लिए खुलकर बात कर पाना आसान नहीं होता है। इसलिए दोनों (कपल) आई कॉन्टेक्ट रखना चाहिए। यकीन मानिए इससे दोनों को ही फायदा होगा और आप दोनों एक दूसरे के करीब न होते हुए भी बेहद करीब महसूस करेंगे।

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    7. इमोशनल सपोर्ट

    लेबर पेन के दौरान मां बनने जा रही महिला को इमोशनल सपोर्ट की अत्यधिक जरूरत होती है। इसलिए इन 9 महीनों के साथ-साथ डिलिवरी के दौरान और डिलिवरी के बाद भी इमोशनल सपोर्ट बनाएं रखें।

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    8. फ्लेक्सिबल बनें

    वाइफ का ध्यान रखते-रखते और ऑफिस के काम को मैनेज करते-करते शायद आप परेशान हो जाएं, लेकिन अपने आपको फ्लेक्सिबल बनाएं रखें। डिलिवरी के दौरान बिजी शेड्यूल न रखें और अपना पूरा समय वाइफ को दें।

    नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान बर्थ पार्टनर परफेक्ट होने से डिलिवरी के दौरान परेशानी कम महसूस हो सकती है। इन टिप्स को अपनाकर परफेक्ट बर्थ पार्टनर बन सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान आपको वाइफ का सपोर्ट कैसे करना चाहिए? इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

    हम उम्मीद करते हैं कि प्रेग्नेंसी में पति की जिम्मेदारी के बारे में और परफेक्ट बर्थ पार्टनर विषय पर लिखा यह आर्टिकल आपको पंसद आया होगा। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से जरूर बात करें।

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    ड्यू डेट कैलक्युलेटर

    अपनी नियत तारीख का पता लगाने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें। यह सिर्फ एक अनुमान है - इसकी गैरेंटी नहीं है! अधिकांश महिलाएं, लेकिन सभी नहीं, इस तिथि सीमा से पहले या बाद में एक सप्ताह के भीतर अपने शिशुओं को डिलीवर करेंगी।

    सायकल लेंथ

    28 दिन

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    सूत्र

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    Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/07/2020 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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