home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

डिलिवरी के बाद बॉडी को शेप में लाने के लिए महिलाएं करती हैं ये गलतियां

डिलिवरी के बाद बॉडी को शेप में लाने के लिए महिलाएं करती हैं ये गलतियां

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ता है जो कि जरूरी भी होता है। अक्सर शिशु को जन्म देने के बाद महिलाएं अपनी बॉडी को पुराने शेप में लाने की कोशिश करती हैं। उनकी कोशिश होती है कि जल्द से जल्द वेट लॉस करके प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ा पेट वापस स्लिम और टोन्ड हो जाए। कुछ मामलों में वेट लॉस के प्रयासों का तरीका गलत होता है। इसकी वजह से वे अपने मनमाफिक रिजल्ट हासिल करने में नाकामयाब होती हैं। आज हम इस आर्टिकल में कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में बताएंगे जो महिलाएं डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के चक्कर में करती हैं। साथ ही, डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के लिए आपको क्या करना चाहिए, इसके लिए आपको हम जानकारी देने वाले हैं।

और पढ़ें: स्तनपान क्या ब्रेस्ट साइज को प्रभावित कर सकता है? जानें मिथ्य और फैक्ट्स

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के चक्कर में की जाने वाली सबसे बड़ी गलतियां

गलत तरीके से या गलत एक्सरसाइज करना

इस पर हमने पंजाब के बटाला में स्थित शिव शक्ति आयुकेर क्लीनिक की डॉक्टर सुनीता कुंद्रा से खास बातचीत की। 15 वर्षों से अधिक समय का अनुभव रखने वालीं फैमिली फिजिशियन डॉक्टर सुनीता कुंद्रा बीएएमएस हैं। उन्होंने दिल्ली के सफदरजंग, हिंदु राव और एयूटीसी हॉस्पिटल के साथ काम किया है।

डॉक्टर सुनीता के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के बाद 40 दिनों तक किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज करने की मनाही होती है। कुछ महिलाओं के दिमाग में प्रेग्नेंसी के बाद जल्द से जल्द एक्सरसाइज शुरू करने की चाह होती है। जोकि पूरी तरह गलत है। प्रेग्नेंसी में इस अवधि को पूरा करने के बाद ही एक्सरसाइज शुरू करनी चाहिए। डिलिवरी सिजेरियन हो या नॉर्मल दोनों ही मामलों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

डॉक्टर कुंद्रा ने कहा कि स्तनपान कराने से बॉडी में अतिरिक्त फैट का मैटाबॉलिज्म शुरू हो जाता है। महिलाओं के लिए ब्रेस्ट फीडिंग भी एक प्रकार से एक्सरसाइज का काम कर सकती है लेकिन, कुछ मामलों में हार्मोंस के असंतुलन के चलते ऐसा नहीं होता।

एक्सरसाइज की महत्ता पर जोर देते हुए डॉक्टर सुनीता ने कहा, ‘प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को ऐरोबिक्स (कार्डियो) एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए क्योंकि, डिलिवरी में मसल्स पहले ही ढीली हो जाती हैं। ऐसे में यदि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जानी चाहिए।’ फैट कम करने के लिए महिलाएं अक्सर कार्डियो एक्सरसाइज को घंटों तक करती रहती हैं। जोकि गलत है।

उन्होंने बताया, आयुर्वेद में सुबह-सुबह एक्सरसाइज करनी सलाह दी जाती है। हालांकि, शिशु के साथ व्यस्तत्ता के चलते अब इसे अमल में लाना मुश्किल हो गया है। उनके मुताबिक, प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को अधिकतम आधे घंटे से ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। यह एक्सरसाइज बिलकुल हल्के वजन पर की जानी चाहिए। यदि महिला ने खाना खाया हो तो एक्सरसाइज में तीन से चार घंटों का अंतराल होना चाहिए।

शेड्यूल में गलती

डॉक्टर कुंद्रा ने कहा कि डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के चलते कुछ महिलाएं अक्सर अपना शेड्यूल बनाने में गलतियां करती हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी के बाद शिशु की देखरेख में महिलाओं को ज्यादा समय खर्च करना होता है लेकिन, अपने खाली समय के हिसाब से वो एक्सरसाइज या किसी भी फिजिकल एक्टिविटी को प्लान कर सकती हैं। डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के लिए शेड्यूलिंग में सही समय पर एक्सरसाइज करने से लेकर डायट लेना शामिल है। महिलाएं अपनी डायट के शेड्यूल को तो फॉलो कर रही हैं लेकिन, उचित समय पर एक्सरसाइज नहीं करतीं। इससे बॉडी में फैट घटने के बजाय बढ़ जाता है। फैट लॉस में रोजाना की दिनचर्या की शेड्यूलिंग बेहद जरूरी है।

और पढ़ें: क्या स्तनपान का प्रभाव फर्टिलिटी पर भी पड़ता है ?

डायट में गलती

इस पर डॉक्टर सुनीता कुंद्रा ने कहा, ‘प्रेग्नेंसी के बाद ज्यादातर महिलाएं घी खाना बंद कर देती हैं। इस स्थिति में वो पेट की अग्नि को शांत करने के लिए कार्बोहाइड्रेट ज्यादा खाती हैं। घी का पाचन धीरे-धीरे होता है। यह धीरे-धीरे हमारी बॉडी में एनर्जी को रिलीज करता है। इस स्थिति में आपको पेट के भरे होने का अहसास होता है, जिससे आप गलत चीजें खाने से बचते हैं।’

उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के सामने दो चुनौतियां होती हैं। पहली यूटरस को पुराने आकार में लाना और प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी में जमा हुए अतिरिक्त फैट को बर्न करना। घी मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी डायट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को सीमित करके प्रोटीन और फैट को बढ़ाना चाहिए। डॉक्टर कुंद्रा के मुताबिक, रोटियों के बजाय दालों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई बार प्रेग्नेंसी के बाद महिलाएं तनाव में चली जाती हैं। इस दौरान उनकी मनोस्थिति में बदलाव आता है। वे अपनी बॉडी की अधिक चिंता करने लगती हैं। नतीजतन जरूरत से ज्यादा फूड लेने लगती हैं। बॉडी के हिसाब से डायट प्लान करना बेहद जरूरी है।

और पढ़ें: वजन कम करने में फायदेमंद हैं ये योगासन, जरूर करें ट्राई

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के लिए क्या करें?

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस बनाने के लिए महिलाएं निम्न बातों का ध्यान रख सकती हैं, जिसमें शामिल हैंः

नैचुरल फैट बर्न करने का कार्य करता है शिशु को ब्रेस्टफीडिंग

अक्सर महिलाओं में यह गलत धारणा देखीं जाती है कि शिशु को स्तनपान कराने से उनके फिगर का शेप खराब हो सकता है या उनके ब्रेस्ट पहले के मुकाबले कम सुडौल हो सकते हैं। लेकिन, स्तनों के ढीलेपन की समस्या और पहली या दूसरी प्रेग्नेंसी में नहीं हो सकती है। इस बात का भी ध्यान रखें कि एक्सरपर्ट के मुताबिक, शिशु के जन्म के अगले छह माह तक ही उसे सिर्फ आपके ब्रेस्ट मिल्क का सेवन करना होता है। इसके बाद आप धीरे-धीरे शिशु के विकास के साथ-साथ उसके आहार में भी बदलाव कर सकते हैं। सामान्य तौर पर देखा जाए, तो अक्सर महिलाएं दूसरे बच्चे की प्लानिंग पहले शिशु के दो से पांच साल की उम्र होने पर ही करती हैं। ऐसे में ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आपके स्तनों में जो भी फर्क आया होता है, वो भी रिकवरी कर लेता है। वहीं, स्तनपान करवाने से महिला के शरीर पर जमी चर्बी भी कम होती है। क्योंकि जब शिशु स्तनपान करता है, तो इसके कारण महिला के शरीर की कैलोरी बर्न होती है। इसीलिए शिशु को हमेशा स्तनपान करवाएं।

नियमित तौर पर वॉक करें

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस के लिए आप वॉक कर सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स डिलिवरी के अगरे 40 दिनों तक किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से मना करते हैं। जिसका ध्यान रखते हुए आप डिलवरी के कुछ ही हफ्तों बाद वॉक शुरू कर सकती हैं। वॉक करने के लिए आपको घर से कहीं बाहर जाने की जरूरत भी नहीं हो सकती हैं। आप चाहें तो बच्चे को सुलाने या वो जब भी रो रहा हो, तो उसे चुप कराने के लिए आप कमरे या घर में ही इधर-ऊधर घूम सकती हैं। इससे बच्चा सो भी जाएगा और आपकी वॉक भी हो जाएगी। थोड़ी देर वॉक करने से महिलाओ के शरीर को आराम भी मिलता है और यह वजन घटाने में भी मदद कर सकता है।

इस तरह के एक्सरसाइज से करें शुरूआत

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस का ध्यान रखने के लिए आप लगभग 40 दिनों के बाद यानी कम से कम छह हफ्ते के बाद ही हर तरह की एक्सरसाइज शुरू करनी चाहिए। इस दौरान आपको शुरू में कुछ हल्के एक्सरसाइज का ही चुनाव करना चाहिए, जिसमें में आप अपने लिए जॉगिंग, तैराकी, बाइकिंग आदि कर सकती हैं। हालांकि, सामान्य स्थिति के मुकाबले इनके करने का समय थोड़ा कम कर दें। धीरे-धीरे शरीर के रिकवरी के साथ-साथ आप इनका समय भी बढ़ा सकती हैं और अपने लिए तरह-तरह की एक्सरसाइज भी चुन सकती हैं।

और पढ़ेंः डिलिवरी के बाद अवसाद की समस्या से कैसे पाएं छुटकारा

बैली रैप की मदद लें

सिजेरियन डिलिवरी के बाद अक्सर महिलाओं को पीठ दर्द की समस्या होती है। जिससे राहत पाने के लिए उन्हें उनके डॉक्टर बैरी रैप की सलाह दे सकते हैं। डिलीवरी के बाद बॉडी फिटनेस में बैली रैप का इस्तेमाल करने से भी आपको फिट रहने में मदद मिल सकती है। यह खास करके पेट की चर्बी को कम करने के लिए, गर्भाशय के उत्तकों और मांसपेशियों को फिट करने में मदद कर सकता है और इसका इस्तेमाल नार्मल डिलिवरी वाली महिलाएं भी अपने डॉक्टर की सलाह पर कर सकती हैं।

डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस बनाने के दौरान ब्रा का साइज रखें ध्यान

मान लिजिए, गर्भावस्था से पहले आपके ब्रा का साइज 32 था। जो गर्भावस्था के दौरान 34-36 हो गया हो। हो सकता है कि, बच्चे के जन्म के बाद आपके ब्रा का साइज फिर से बढ़ जाए और अगले एक-डेढ़ सालों में वापस आपके 32 साइज पर आ जाए। इसलिए, गर्भावस्था के शुरूआती चरणों से लेकर शिशु के एक-दो साल तक होनो तक अपने स्तनों के बदलते आकार के अनुसार ही ब्रा का सही साइज चुनें। जो आपके अपर बॉडी के फिगर को बनाए रखने में आपकी काफी मदद कर सकता है।

अंत में हम यही कहेंगे कि डिलिवरी के बाद बॉडी फिटनेस या वजन कम करने के लिए सही एक्सरसाइज, शेड्यूलिंग और डायट जरूरी है। किसी एक चीज के गड़बड़ाने से आपको मेहनत का नतीजा नहीं मिलता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर की उचित सलाह लें।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

सायकल की लेंथ

(दिन)

28

ऑब्जेक्टिव्स

(दिन)

7

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Losing weight after pregnancy. https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000586.htm. Accessed on 13 August, 2020.

Exercise after pregnancy: How to get started. https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/labor-and-delivery/in-depth/exercise-after-pregnancy/art-20044596. Accessed on 13 August, 2020.

Summary of International Guidelines for Physical Activity Following Pregnancy. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4134098/. Accessed on 13 August, 2020.

Healthy Pregnant or Postpartum Women. https://www.cdc.gov/physicalactivity/basics/pregnancy/index.htm. Accessed on 13 August, 2020.

postnatal exercise. https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/postnatal-exercise. Accessed on 13 August, 2020.

postnatal exercise sample workout. https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/HealthyLiving/postnatal-exercise-sample-workout. Accessed on 13 August, 2020.

लेखक की तस्वीर
Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/08/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x