home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

क्या स्तनपान का फर्टिलिटी पर असर पड़ता है?

क्या स्तनपान का फर्टिलिटी पर असर पड़ता है?

पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे की प्लानिंग के दौरान अक्सर कुछ महिलाओं के मन में ये ख्याल आता है कि “क्या उसकी प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी पहली जैसी है या नहीं?” इस बारे में वाराणसी स्थित चंद्रा हॉस्पिटल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. कुसुम चंद्रा ने बताया कि “अगर कोई महिला चाहती है कि पहले बच्चे के तुरंत बाद दूसरे बच्चे को जन्म दे, तो ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि प्रसव के बाद से कम से कम तीन महीने तक महिला के शरीर में ओव्यूलेशन नहीं होता है। जिससे उसके पीरियड्स भी नहीं आते हैं। इसी से महिला की स्तनपान का फर्टिलिटी पर असर नहीं पड़ता है। एक बार पीरियड्स सही तरीके से शुरू हो जाए तो महिला दोबारा गर्भवती हो सकती है। लेकिन, दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए।”

और पढ़ें : शीघ्र गर्भधारण के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स

डिलिवरी के बाद प्रजनन क्षमता (Fertility) कब वापस आती है?

पहले बच्चे को जन्म देने के स्तनपान कराने से कई महीनों तक महिला के पीरियड्स भी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप अब दोबारा मां नहीं बन सकती है। स्तनपान के दौरान प्रेगनेंसी ना होने के लिए हॉर्मोंस जिम्मेदार होते हैं। मेडिकल साइंस की भाषा में हम इसे लैक्टेशन एमिनॉरिया मैथेड भी कहते है। एक बार पीरियड्स अगर नियमित आने लगे तो आपकी प्रजनन क्षमता फिर से पहले जैसी हो जाती है।

क्या है लैक्टेशन एमिनॉरिया मैथेड (LAM)?

लैक्टेशन एमिनॉरिया मैथेड को शॉर्ट में एलएएम कहते हैं। इसे स्तनपान गर्भनिरोधक विधि (स्तनपान का फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है ऐसा समझा जाता है) के तौर भी जाना जाता है। यह स्वतः होने वाली एक प्रक्रिया है। डिलीवरी के तुरंत बाद महिला के योनि से रक्तस्राव शुरू हो जाता है जो लगभग एक माह तक चलता रहता है। एक माह रक्तस्राव के बाद मां को आने वाले कुछ माह (लगभग पांच या छह महीने) तक पीरियड्स नहीं आते हैं। जिससे महिला गर्भवती नहीं हो पाती है।

और पढ़ें : 35 की उम्र में कर रहीं हैं प्रेग्नेंसी प्लानिंग तो हो सकते हैं ये रिस्क

क्यों जरूरी है अपनी फर्टिलिटी क्षमता को समझना?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दो बच्चों में लगभग 33 से 36 महीने का अंतर होना चाहिए। ऐसा करने से मां और बच्चे दोनों स्वस्थ रहेंगे। पहले बच्चे और दूसरे बच्चे में पर्याप्त अंतर रखने से महिला के शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से रिकवर करने का मौका मिल जाता है। अगर आप अपनी प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) के लिए जागरूक नहीं रहेंगी तो आप और गर्भ में पलने वाला बच्चा दोनों कमजोर होंगे। इसलिए पहला पीरियड आने के बाद आप गर्भनिरोधक उपायों को अपनाना शुरू कर दें, ताकि आप और आपका परिवार दोनों स्वस्थ रहें। इसके बाद दोबारा मां बनने का निर्णय आप पर है।

दो बच्चों के बीच अंतर कैसे रखें?

इसमें कोई दो राय नहीं है कि एक बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के बीच अंतर रखने जरूरी होता है। डॉक्टर्स की मानें तो दोनों बच्चों को बीच कम से कम दो साल का अंतर रखना जरूरी होता है। दोनों बच्चों के बीच अंतर रखने से न सिर्फ आपका शारीरिक स्वास्थ्य सही रहता है बल्कि आप दूसरे बच्चे के लिए मानसिक रूप से भी अच्छी तरह तैयार हो जाते हैं। यही नहीं, बच्चों में अंतर बनाए रखने से आप दोनों बच्चों की परवरिश भी ठीक से कर पाते हैं और उन दोनों पर ठीक से ध्यान दे पाते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर भी दो बच्चों के बीच अंतर बनाए रखने की सलाह देते हैं। वहीं जब बात आती है बच्चों में अंतर बनाए रखने के तरीकों पर, तो दो बच्चों के बीच अंतर बनाए रखने का सही तरीका है गर्भनिरोधक उपायों को अपनाना। अगर आप पहले बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तो गर्भनिरोधक गोलियां लेना आपके और बच्चे के लिए ठीक नहीं रहेगा। इसके अलावा बच्चों में अंतर बनाए रखने के और भी कई तरीके हैं, जैसे…

स्तनपान (Breastfeeding) भी है गर्भनिरोधक जैसा

डिलीवरी के बाद अगर लगातार और सही तरह से बच्चे को स्तनपान कराती है तो वह जल्दी गर्भवती नहीं हो सकती है। स्तनपान के दौरान उसके शरीर में प्रोलैक्टिन हॉर्मोन (Prolactine Hormone) बनते है। प्रोलैक्टिन हॉर्मोन बनने से ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन, फॉलिकल स्टिम्यूलेटिंग हॉर्मोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन नहीं बन पाते हैं। जिससे गर्भधारण नहीं होने की संभावना बढ़ जाती है।

और पढ़ें : इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल : जानें इसके इस्तेमाल से जुड़े मिथक

फर्टिलिटी और गर्भनिरोधक इंजेक्शन (Contraceptive injection)

कई महिलाएं गर्भधारण न करने के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्शन का भी सहारा लेती हैं। आप चाहें तो डॉक्टर की सलाह लेकर स्तनपान के दौरान गर्भनिरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल कर सकती हैं। इस इंजेक्शन का नाम डिपो मेड्रोक्सी प्रोजेस्ट्रॉन एसीटेट (DMPA) है। इस इंजेक्शन के प्रयोग से महिला को तीन माह गर्भ धारण होने का रिस्क नहीं रहता है।

फर्टिलिटी और आईयूडी (IUD (Intrauterine Device) )

गर्भधारण न करने का एक तरीका और है जिसे आईयूडी नाम से जाना जाता है। आईयूडी (IUD) का पूरा नाम इंट्रा यूटेराइन डिवाइस है। आईयूडी आकार में छोटा और पेपर क्लिप जैसा होता है। इसे लोग कॉपर-टी (Copper T) के नाम से भी जानते हैं। ये प्लास्टिक की होती है और इसमें से एक धागा निकला रहता है। आईयूडी से आप लगभग तीन से पांच साल कर अपनी योनि में रख सकती हैं। इसे आप डॉक्टर की मदद से अपने अंदर फिट करा सकती हैं। गर्भधारण न करने का ये तरीका भी काफी कारगर माना जा चुका है और इस तरीके को काफी महिलाओं ने अपनाया है और बेहतर परिणाम पाया है।

फर्टिलिटी और कंडोम (Condom)

गर्भधारण न करने का सबसे प्रभावी और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका माना जाता है। ये जितना प्रभावी होता है, उतना ही ज्यादा इसके इस्तेमाल को सुरक्षित माना जाता है। आप फर्टिलिटी बनाए रखते हुए कंडोम का इस्तेमाल कर अनचाही प्रेग्नेंसी से बच सकते हैं। कंडोम एक रबड़ का बना सबसे सुरक्षित गर्भनिरोधक उपाय है। जिससे सेक्स के दौरान शुक्राणु महिला के गर्भाशय में नहीं जा पाते हैं। कंडोम महिला और पुरुष दोनों के लिए आता है। इसके इस्तेमाल से गर्भधारण नहीं हो पाता है और आपकी फर्टिलिटी भी बनी रहती है।

इसके अलावा आपको खुद से तय करना होगा कि आप अपने परिवार को लेकर कितनी सजग हैं। आर्थिक रूप से भी क्या आप दो बच्चों की परवरिश कर सकेंगी या नहीं? ये सारी बातें सोचने समझने के बाद ही दूसरे बच्चे को जन्म देने का फैसला लें।

तो अगर आप भी गर्भनिरोधक उपाय अपनाना चाहते हैं, तो ऊपर बताए गए तरीके अपना सकते हैं। इस सब चीजों से आपकी फर्टिलिटी भी बनी रहती है और आप अनचाही प्रेग्नेंसी से भी बच जाती हैं। इसलिए फर्टिलिटी बनाए रखते हुए आप इन तरीकों को अपनाएं और प्रेग्नेंसी से बचें।

अगर आप स्तनपान का फर्टिलिटी पर असर पड़ने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Getting pregnant https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/getting-pregnant/in-depth/female-fertility/art-20045887 Accessed on 16/12/2019

The effect of lactation on ovulation and fertility. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/3549114 Accessed on 16/12/2019

The Effects of Lactation on Ovulation and Fertility https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0095510818307802 Accessed on 16/12/2019

The Effects of Lactation and Ovulation and Fertility https://www.perinatology.theclinics.com/article/S0095-5108(18)30780-2/fulltext Accessed on 16/12/2019

Breastfeeding and Fertility https://kellymom.com/ages/older-infant/fertility/ Accessed on 16/12/2019

https://www.webmd.com/sex/birth-control/iud-intrauterine-device Accessed on 16/12/2019

लेखक की तस्वीर
Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 14/08/2020 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x