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लिव इन रिलेशन के फायदे और नुकसान क्या हैं?

लिव इन रिलेशन के फायदे और नुकसान क्या हैं?

आज के अधिकतर युवा अपने साथी को करीब से जानने और समझने के लिए लिव इन रिलेशन में रहना पसंद करते हैं। लिव इन रिलेशन वही, जिसे देश की आधी से अधिक आबादी संस्कारों के खिलाफ मानती है। हालांकि, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने भी लिव-इन रिलेशनशिप को भारत में लीगल दर्जा दे दिया है। साथ ही इसे लेकर कई नियम भी बनाए हैं। लेकिन, बावजूद इसके बहुत-से लोग इसे अपनी परंपरा के खिलाफ मानते हैं। फिर भी अधिकतर युवा लिव इन रिलेशन की राह क्यों चुनते हैं? इस लेख में जानते हैं लिव इन रिलेशनशिप के फायदे क्या हैं? या इसके नुकसान क्या हो सकते हैं? आज इस आर्टिकल में इसी बारे में जानेंगे।

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जानिए लिव इन रिलेशनशिप के फायदे

  • शादी से पहले साथ में रहने से दोनों साथी एक-दूसरे के रिश्ते को बहुत अच्छे से समझ सकते हैं। ऐसे आप दोनों पार्टनर एक-दूसरे के बेहद करीब आ सकते हैं। दोनों को एक दूसरे की अच्छी और बुरी आदतों के बारे में जानकारी होती है।
  • अगर लिव इन के दौरान दोनों को लगता है कि उनके साथ उनका भविष्य नहीं चल सकता है, तो बिना किसी झगड़े के ब्रेकअप करके एक-दूसरे से अलग हुआ जा सकता है। इसमें उन्हें किसी तरह की कानूनी लड़ाई लड़ने की जरूरत नहीं होती है।
  • कई बार कपल्स लिव इन में होने का फैसला इसलिए लेते हैं जिससे कि वे शादी करने से पहले इसका एक्सपीरिएंस ले सकें। इससे वे एक दूसरे को ओर करीब से जान पाते हैं और उन्हें जिंदगी भर साथ रहने के फैसले को लेने में मदद होती है।
  • पार्टनर्स द्वारा लिया गया लिव इन रिलेशन में रहने का फैसला कई तरह से अच्छा साबित होता है। इससे दोनों को उन बातों के बारे में मालूम होता है जिस पर उन्हें काम करने की जरूरत होती है।
  • लिव इन रिलेशन में रहने पर अधिकतर कपल धोखा और बेवफाई जैसी चीजों से बेफिक्र रहते हैं।
  • इस दौरान, दोनों की साथी पूरी जिम्मेदारियों के साथ अपना-अपना रिश्ता निभा सकते हैं।
  • शादी के बाद, दोनों साथी को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां उठानी पड़ेगी, उन्हें इनकी समझ लिव इन रिलेशन में रहकर आ जाती है।
  • लिव इन से ब्रेकअप करने पर कोई भी साथी किसी दूसरे साथी पर आरोप नहीं लगा सकता है। बिना किसी बहस के बातचीत के जरिए ही इस रिश्ते को बहुत ही आसानी से खत्म किया जा सकता है।

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  • लिव इन रिलेशन में रहने के दौरान, दोनों साथी पूरी तरह से निजी रूप से आजाद होते हैं। उन पर सामाजिक या कानूनी तौर पर कोई बंधन नहीं रहता है।
  • दोनों घर खर्च की जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से बांट सकते हैं। किसे कितना अपने आगे के भविष्य में खर्चा करना चाहिए और कितना पैसा बचाना चाहिए। इसका अनुमान वो पहले ही लगा सकते हैं।
  • जो लोग शादी के बंधन व कमिटमेंट को हैंडल नहीं कर पाते उनके लिए भी लिव इन में रहना एक बेहतर विकल्प है।
  • लिव इन रिलेशन में रहने में कोई कानूनी परेशानियों का सामना नहीं करना होता है। यदि कपल्स की आपस में नहीं निभ रही तो वे बिना कोर्ट के चक्कर काटे अलग हो सकते हैं। डिवोर्स एक टाइम टेकिंग प्रोसेस है। आसान शब्दों में समझाए तो शादी एक भूलभुलैया है। एक बार यदि आपने इसमें प्रवेश कर लिया तो इससे बाहर आने में पैसा, समय और ऊर्जा लगती है। लिव इन में रहने वाले कपल्स को इन सब चीजों से नहीं गुजरना होता। उनके लिए अलग होने का फैसला लेना आसान होता है।

जानिए लिव इन रिलेशन में रहने के नुकसान

हालांकि, जहां लिव इन रिलेशन में रहने के फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। हमारी सोसायटी में लिव इन में रहने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन समाज में आज भी इसे टैबू माना जाता है। समाज में लिव इन में रहने वाले कपल्स को कई बार आलोचना का शिकार होना पड़ता है।

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  • लिव इन रिलेशनशिप का यह मतलब नहीं होता कि कपल्स अपने इस रिश्ते को शादी का अंजाम देंगे।
  • हो सकता है कि अगर लिव इन का रिश्ता सुनहरा न हो। आपके मन में नए रिश्ते के लिए भी डर लगने लग सकता है।
  • दोनों में से किसी एक साथी को अक्सर टूटे दिल का दर्द सहना पड़ सकता है।
  • पार्टनर कब आपको छोड़ दे, इस तरह का डर हमेशा बना रहता है।
  • लिव इन में रहने के दौरान पैदा हुए बच्चे पर बुरा असर पड़ता है। समाज उसे स्वीकार नहीं करता है। यदि कपल्स बादमें अलग होने का फैसला लेते हैं तो बच्चे की कस्टडी को लेकर कोई नियम नहीं है। मां को ही बच्चे की देखरेख करनी होती है।
  • कई बार एक दूसरे के वर्क स्टाइल या कल्चर को न समझ पाने के कारण भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
  • बहुत-से परिवार लिव इन रिलेशन में रहने के खिलाफ होते हैं, जिसकी वजह से अक्सर कपल्स को अकेले में ही रहना पड़ सकता है।

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  • कोई भी कभी भी किसी की तरफ आकर्षित हो सकता है। यदि लिव इन पार्टनर्स में से कोई एक किसी दूसरे की तरफ अट्रैक्ट होता है तो इससे भी दूसरे पार्टनर के लिए परेशानी हो सकती है।
  • दोनों साथी एक-दूसरे से बोर भी हो सकते हैं। दोनों पार्टनर में से कोई भी एक अगर रिश्ते में बोरियत महसूस करने लगे तो दूसरे के लिए यह काफी दुखदायी हो सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले कपल्स आसानी से इस रिश्ते से बाहर आ सकते हैं। यह जिस तरह फायदा है ठीक उसी तरह इसके कई नुकसान भी है। कई बार छोटी सी बात पर लड़ाई या किसी बात पर अलग अलग राय होने के कारण लोग रिलेशनशिप खतम कर देते हैं। इस बारे में हमें कई लोगों से बात की जो शादी से पहले अपने पार्टनर के साथ लिव इन में रहते थे। उन्होंने बताया कि एक कपल जो शादी के बंधन में बंधा होता है वह अपने रिश्ते को बचाने के लिए हर प्रयास करता है, लेकिन लिव इन रिलेशन में रहने पर कपल्स के ऊपर कोई पाबंदी नहीं होती है। कई बार छोटी छोटी बात पर वो अलग होने का फैसला ले लेते हैं। जबकि शादी में ऐसा नहीं होता है।
  • लिव इन रिलेशन में अगर रिश्ता वर्क नहीं करता तो इसमें महिलाएं सबसे ज्यादा दुख झेलती हैं। उन्हें जैविक, समाजिक और भावनात्मक रूप से परेशानियों का सामना करना होता है।

लिव इन रिलेशन में रहने का फैसला हर किसी का निजी फैसला होता है। इसके कुछ फायदे भी हैं, तो कुछ नुकसान भी। आप बस सोच समझकर फैसला लें और कोई भी कदम उठाने से पहले इसके फायदे और नुकसान के बारे में जान लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/08/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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