आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

स्किन की सबक्यूटेनियस लेयर क्या करती है काम, जानिए

    स्किन की सबक्यूटेनियस लेयर क्या करती है काम, जानिए

    हायपोडर्मिस (Hypodermis) शरीर की स्किन के बॉटम लेयर को कहा जाता है। इसके कई फंक्शन्स हैं, जैसे शरीर को इंसुलेट करना, शरीर को नुकसान से बचाना, एनर्जी को स्टोर करना और स्किन को मसल्स व हड्डियों से जोड़ना आदि। हायपोडर्मिस को सबक्यूटेनियस टिश्यू (Subcutaneous tissue) या सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) के नाम से भी जाना जाता है। आज हम इसी लेयर के बारे में आपको बताने वाले हैं। आइए, जानें क्या है यह लेयर और क्या हैं इसके फंक्शन्स?

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) किसे कहा जाता है?

    हमारी स्किन की तीन मुख्य लेयर्स हैं जिन्हें सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer), डर्मिस (Dermis) और एपिडर्मिस (Epidermis) के नाम से जाना जाता है। सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) स्किन की सबसे इनरमोस्ट लेयर है। डर्मिस (Dermis) मिडल लेयर को कहा जाता है और सबसे बाहरी लेयर को एपिडर्मिस (Epidermis) के नाम से जाना जाता है। सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) के मुख्य फंक्शन्स इस प्रकार हैं:

    • कनेक्शन (Connection): सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) डर्मिस लेयर (Dermis layer) को मसल्स और हड्डियों से कनेक्ट करती है
    • इंसुलेशन (Insulation): यह लेयर हमारे शरीर को इंसुलेट करती है, ताकि हमारे शरीर की कोल्ड से प्रोटेक्शन हो सके और यह तापमान को नियंत्रित करने में मददगार है, जिससे हम गर्मी से बच सकते हैं।
    • शरीर को सुरक्षित रखे (Protecting your body): हायपोडर्मिस (Hypodermis) स्किन को उसके नीचे के टिश्यूज और मसल्स के ऊपर स्मूदली मूव करने में मदद कर सकती है। इस लेयर के बिना स्किन इन टिश्यूज और मसल्स के साथ रब हो सकती हैं। इसके अलावा यह लेयर आपके अंगों, मांसपेशियों और हड्डियों को नुकसान से बचाने के लिए शॉक एब्जॉर्बर के रूप में भी काम करती है।
    • एनर्जी स्टोर करें (Storing energy): यह लेयर फैट सेल्स को प्रोड्यूज करती है, जो एनर्जी को स्टोर करती है। अब जानते हैं कि यह लेयर किन चीजों से बनी होती है?

    और पढ़ें: सबक्यूटेनियस एम्फिसीमा : चोट बन सकती है वातस्फीति के इस प्रकार का कारण!

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) किन चीजों से बनी होती है?

    स्किन की अन्य लेयर्स के साथ मिल कर यह लेयर स्केलेटल सिस्टम, ऑर्गन, मसल्स और टिश्यूज को नुकसान से बचाती है। इस लेयर की थिकनेस शरीर में हर जगह अलग होती है। अगर आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक है, तो सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) पेट, बाजू, लोअर बैक और कंधों आदि में थिक हो सकती है। अगर किसी के शरीर में एस्ट्रोजन अधिक मात्रा में होता है, तो यह लेयर कूल्हे या थाई में थिक हो सकती है। इस लेयर में यह सब शामिल होता है:

    एडिपॉज टिश्यू (Adipose tissue)

    एडिपॉज टिश्यू वो फैटी टिश्यू हैं जिसमें ज्यादातर एडिपोसाइट्स ( Adipocytes) होते हैं।

    ब्लड वेसल्स (Blood vessels)

    ब्लड वेसल्स में आर्टरीज, कैपिलरीज और वेन्स आदि शामिल होती हैं। यह शरीर में ब्लड को सर्कुलेट करते हैं, जरूरी अंगों तक ऑक्सीजन डिलीवर करते हैं और वेस्ट प्रोडक्ट्स को रिमूव करते हैं।

    और पढ़ें: बढ़ती उम्र के साथ आपमें क्रेपी स्किन की समस्या देखने को मिल सकती है, जानिए उपचार यहां..

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer): बर्सा (Bursa)

    बर्सा शरीर में एक स्मॉल, स्लिपरी और फ्लूइड-फिल्ड सैक होते हैं। यह कुशन और लुब्रिकेंट के रूप में काम करते हैं। यह हड्डियों को टेंडॉन्स, मसल्स और स्किन के साथ रबिंग या स्लाइडिंग से बचाते हैं।

    कनेक्टिव टिश्यू (Connective tissue)

    प्रोटीन कोलेजन और इलास्टिन शरीर में कनेक्टिव टिश्यूज को बनाते हैं। यह शरीर में सभी स्ट्रक्चरस को कनेक्ट करते हैं और हायपोडर्मिस (Hypodermis) के अन्य कंपोनेंट्स के लिए एक सपोर्ट स्ट्रक्चर प्रदान करते हैं।

    और पढ़ें: फॉर्मिकेशन (Formication) यानी स्किन पर कीड़े के रेंगने का एहसास, क्या आपको भी होता है ऐसा महसूस

    फाइब्रोब्लास्ट (Fibroblast)

    फाइब्रोब्लास्ट कनेक्टिव टिश्यू में एक प्रकार के सेल हैं। वे कोलेजन रिलीज करते हैं, जो कनेक्टिव टिश्यूज को बनाने में मदद करता है।

    सबक्यूटेनियस लेयर ,Subcutaneous layer

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer): हेयर फॉलिकल्स (Hair follicles)

    हेयर फॉलिकल्स एपिडर्मिस और डर्मिस (Dermis) के एरियाज हैं, जो ट्यूब के जैसे स्ट्रक्चर को क्रिएट करने के लिए एक साथ फोल्ड होते हैं। ये स्ट्रक्चर हाइपोडर्मिस में एक्सटेंट हुए हैं, जहां बाल ग्रो होते हैं।

    और पढ़ें: फॉर्मिकेशन (Formication) यानी स्किन पर कीड़े के रेंगने का एहसास, क्या आपको भी होता है ऐसा महसूस

    लिम्फेटिक वेसल्स (Lymphatic vessels)

    लिम्फेटिक वेसल्स कैपिलरीज (Capillaries) का नेटवर्क और पूरे शरीर में मौजूद ट्यूब्स का एक बड़ा नेटवर्क है, जो टिश्यूज से वेस्ट प्रोडक्ट्स को बाहर ट्रांसपोर्ट करते हैं।

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer): नर्वज (Nerves)

    नर्वज पूरे शरीर में अन्य सेल्स, ग्लैंड्स और मसल्स तक इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को सेंड करते हैं। वे हमारे आसपास की दुनिया से जानकारी प्राप्त करते हैं और फिर जानकारी को इंटरप्रेट करते हैं और फिर रिस्पांस को नियंत्रित करते हैं।

    स्वेट ग्लैंड्स (Sweat glands)

    स्वेट ग्लैंड्स वार्म एनवायरनमेंट या काम करते हुए हमारे शरीर के टेम्प्रेचर को 98.6 डिग्रीज फारेनहाइट के आसपास बनाए रखते हैं। यह तो थे सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) के विभिन्न पार्ट्स के बारे में जानकारी। अब जानिए इस लेयर से जुडी सामान्य कंडिशंस और डिसऑर्डर्स के बारे में।

    और पढ़ें: White Spots On Face: चेहरे पर सफेद धब्बे एक नहीं, बल्कि 5 अलग-अलग तरह के स्किन प्रॉब्लेम के हो सकते हैं संकेत!

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) की कंडिशंस और डिसऑर्डर्स

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) की एक खास बात यह भी है कि यह रंग में पीली होती है। हमारे शरीर में हाइपोडर्मिस (Hypodermis) में कैरोटीन नामक पिगमेंट की मात्रा के आधार पर, यह गहरा पीला या हल्का पीली हो सकती है। अब जानते हैं कि ऐसी कंडिशंस और डिसऑर्डर्स के बारे में, जो इस लेयर को प्रभावित कर सकती हैं। यह कंडिशंस और डिसऑर्डर्स इस प्रकार हैं:

    • बेडसोर (Bedsore)
    • हायपोथर्मिया (Hypothermia)
    • पैनिक्युलिटिस (Panniculitis)
    • सारकॉइडोसिस (Sarcoidosis)
    • थर्ड-डिग्री बर्न (Third-degree burn)
    • ट्यूमर (Tumor)

    इसके साथ ही जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है हायपोडर्मिस (Hypodermis) यानी सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) थिन होने लग जाती है। इसके परिणामस्वरूप, लेस कनेक्टिव टिश्यू आपके डर्मिस (Dermis) को आपकी मसल्स, टिश्यू और हड्डियों से जोड़ते हैं और आपकी त्वचा शिथिल होने लगती है। अब जानते हैं कि इस लेयर को कैसे हेल्दी रखा जा सकता है?

    और पढ़ें: डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा (Dermatitis neglecta) : हायजीन न रखने के कारण होती है ये स्किन कंडिशन!

    सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) को कैसे हेल्दी रखें?

    कुछ लाइफस्टाइल टिप्स इस लेयर को हेल्दी और सुरक्षित बनाने रखने में मदद कर सकते हैं। यह टिप्स इस प्रकार हैं:

    घाव का सही उपचार

    अगर आपको कोई ओपन घाव हो, तो उसका सही उपचार करें। इस घाव को साफ पानी या साबुन से अच्छे से धोएं, ताकि इंफेक्शंस से बचा जा सके। इसके बाद आप थोड़ी मात्रा में पेट्रोलियम जेली (petroleum jelly ) या स्किनकेयर ऑइंटमेंट (skincare ointment) का इस्तेमाल इन घावों पर कर सकते हैं। अब इसे एडहेसिव बेंडेज से इसे कवर कर दें। ताकि इसमें बैक्टीरिया या धूल-मिटटी न चली जाए। सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) के बचाव के लिए यह पॉइंट बेहद महत्वपूर्ण है।

    सन डैमेज को नजरअंदाज करें

    अधिक देर तक स्किन को स्किन डैमेज से बचाना जरूरी है। अपनी त्वचा पर कम से कम 30 SPF वाले सनस्क्रीन क्रीम (Sunscreen) का इस्तेमाल करें और त्वचा को पूरी तरह से कवर करें।

    और पढ़ें: Red Circle On the Skin: त्वचा पर लाल चकत्ते सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई स्किन डिजीज की ओर इशारा कर सकते हैं!

    बर्न्स से बचने के लिए प्रीकॉशन्स बरतें

    बर्न्स से बचने के लिए खास सावधानियों को बरतें। जैसे अपने वाटर हीटर को 120 डिग्री फारेनहाइट से नीचे सेट करें। स्टोव, केमिकल्स, लाइटर और माचिस आदि का इस्तेमाल ध्यान से करें।

    अपने शरीर को गर्म रखें

    हायपोथर्मिया से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें, अपने घर के तापमान को कम करें। जब आपको ठंड लगे तो घूमें और जब भी आप ठंड के मौसम में बाहर निकलें, तो वार्मअप करना न भूलें।

    और पढ़ें: डेमोडेक्स फॉलिकलोरम (Demodex folliculorum) : स्किन में रहने वाले इन पैरासाइट के बारे में जानते हैं आप?

    यह तो थी जानकारी सबक्यूटेनियस लेयर (Subcutaneous layer) के बारे में। यह शरीर में स्किन की बॉटम लेयर को कहा जाता है। इसके कई महत्वपूर्ण फंक्शन्स हैं जैसे एनर्जी स्टोर करना, डर्मिस लेयर (Dermis layer) को मसल्स और हड्डियों के साथ कनेक्ट करना, शरीर को इंसुलेट करना आदि। यह अधिकतर फैट सेल्स और कनेक्टिव टिश्यूज से बनी होती है और इसमें हमारे शरीर का अधिकतर फैट यहां स्टोर होता है। अगर इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है, तो अपने डॉक्टर से इसे अवश्य जानें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    लेखक की तस्वीर badge
    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/06/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
    Next article: