चेहरे की त्वचा का पील होना (Peeling skin on face) कई कारणों से हो सकता है। इसके कारण के आधार पर कई प्रकार के असरकारक ट्रीटमेंट और बचाव के उपाय उपलब्ध हैं। रूखी त्वचा, स्किन केयर प्रोडक्ट्स से एलर्जी कुछ स्किन कंडिशन जैसे कि एक्जिमा, सोरायसिस भी चेहरे की त्वचा का पील होने का कारण बन सकती हैं। इस आर्टिकल में चेहरे की त्वचा का पीला होना, उससे जुड़े कारण और इससे निजात कैसे पाई जा सकती है इसके बारे में जानकारी दी जा रही है।
चेहरे की त्वचा का पील होना (Peeling skin on face) और इसके लक्षण
चेहरे की त्वचा का पील होने के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं जो कि अंडलाइन कंडिशन और डिसऑर्डर जो स्किन लॉस के लिए जिम्मेदार होते हैं पर भी निर्भर कर सकते हैं। इसके लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं।
चेहरे की त्वचा पील होना : क्या हो सकते हैं इसके कारण
कई कंडिशन, डिसऑर्डर्स और बीमारियां स्किन पील होने का कारण बन सकती हैं। ऐसा अक्सर इंजरी के हीलिंग फेज में होता है।
निम्नलिखित में से किसी के संपर्क में आने के तुरंत बाद या यदि आपको सूचीबद्ध विकारों में से किसी पर भी संदेह है तो एक चिकित्सक द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए। त्वचा की चोटों के उदाहरणों में शामिल हो सकते हैं:
- थर्मल बर्न- गर्म तरल या सतह के संपर्क में आने या आग के संपर्क में आने के बाद त्वचा को नुकसान होने पर थर्मल बर्न होता है
- कैमिकल बर्न- जब कोई रसायन त्वचा के सीधे संपर्क में आता है, तो त्वचा को नुकसान होने पर जलन होती है। घरेलू क्लीनर और सौंदर्य उत्पाद या कार्यस्थल में उपयोग किए जाने वाले रसायन जलने का कारण बन सकते हैं।
- सनबर्न- सनबर्न जलन का सबसे आम प्रकार है। यह सूरज या कृत्रिम स्रोतों (जैसे टैनिंग बेड) से यूवी विकिरण के लंबे समय तक संपर्क के कारण होता है।
कॉस्मेटिक प्रॉसीजर या ट्रीटमेंट्स (Cosmetic procedures or treatments)
मेडिकल कंडिशन्स और ट्रीटमेंट (Medical conditions or treatment side effects)
- एक्जिमा (एटोपिक डर्मेटाइटिस): यह इंफ्लामेटरी कंडिशन लालिमा, पीलिंग और खुजली वाली त्वचा का कारण बनती है। त्वचा पपड़ीदार हो सकती है और फट सकती है या छोटे-छोटे घाव विकसित हो सकते हैं जो जिसमें फ्लूइड भर सकता है।
- फेशियल सोरायसिस: एक और इंफ्लामेटरी कंडिशन, यह त्वचा के लाल, सूखे, पपड़ीदार पैच का कारण बन सकती है। जिसमें खुजली और संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।
- एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्माटाइटिस (Allergic contact dermatitis)
यह किसी सब्टैंस का एलर्जिक रिएक्शन है। जैसे कि स्किन केयर प्रोडक्ट में कैमिकल का होना। इसकी वजह से त्वचा में लालिमा, खुजली और चकत्ते हो सकते हैं।
सूखी त्वचा स्किन पीलिंग का बन सकती है। यह पानी और तेल की कमी के कारण होता है।
शुष्क त्वचा वाले लोग भी अनुभव कर सकते हैं:
- स्किन का डल होना या इसमें क्रेक आना
- फटे हुए होंठ
- खुजली होना
चेहरे पर शुष्क त्वचा विभिन्न मुद्दों के परिणामस्वरूप हो सकती है, जिनमें निम्न शामिल हैं:
- शुष्क जलवायु
- ठंड का मौसम
- स्विमिंग पूल में क्लोरीन
- दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव
- त्वचा उत्पाद जो त्वचा को शुष्क या परेशान करते हैं
- चिकित्सीय स्थितियां, जैसे सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस, एक्जिमा, या सोरायसिस
चेहरे की त्वचा का पील होना : इसका इलाज कैसे करें?
चेहरे की त्वचा की पील होना अगर परेशानी का कारण बन गया है, तो यहां बताए गए उपायों की मदद से इस स्थिति से राहत प्राप्त की जा सकती है।
मॉश्चराइजर का उपयोग करें (Use moisturizer)
चेहरे को धोने और सुखाने के तुरंत बाद मॉश्चराइजर का उपयोग नमी को लॉक करने में मदद करता है। ऐसा करने से पीलिंग स्किन का इलाज किया जा सकता है। फ्रेगरेंस फ्री मॉश्चराइज का उपयोग करना सही होगा। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, मॉइस्चराइज़र जिनमें निम्नलिखित में से एक या अधिक तत्व होते हैं, शुष्क त्वचा को शांत करने में मदद कर सकते हैं:
यदि किसी व्यक्ति को सनबर्न है, तो उन्हें मॉश्चराइजर और अन्य उत्पादों का उपयोग करने से बचना चाहिए जिनमें तेल या पेट्रोलियम होता है। ये त्वचा के भीतर गर्मी को रोक सकते हैं। जिन त्वचा देखभाल उत्पादों में तेल होता है, वे भी मुंहासे के बनने में योगदान कर सकते हैं। ऐसे चेहरे के उत्पादों का प्रयोग करें जो गैर-कॉमेडोजेनिक और तेल मुक्त हों।
सौम्य और खुशबू रहित क्लींजर का उपयोग करें (Use a gentle and fragrance-free cleanser)
साबुन मुक्त, माइल्ड क्लींजर पर स्विच करने से फेस स्किन के पील होने को ठीक करने में मदद मिल सकती है। जीवाणुरोधी या सुगंधित क्लींजर का उपयोग करने से बचें, क्योंकि ये त्वचा का रूखापन बढ़ा सकते हैं।
ऐसे प्रोडक्ट्स को अवॉइड करें जो स्किन को ड्राय करते हैं

जब चेहरे की त्वचा का पील होना (Peeling skin on face) जैसी समस्या हो रही हैं, तो ध्यान रखें कि ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें जिनसे त्वचा का तेल न हटे। एस्ट्रिंजेंट या ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से बचें जिनमें:
- शराब
- अल्फा हाइड्रॉक्सिल एसिड
- बेंजॉईल पेरोक्साइड
- टॉपिकल रेटिनोइड्स भी सूखापन में योगदान कर सकते हैं। रेटिनोइड्स विटामिन ए के सिंथेटिक संस्करण हैं, और वे अक्सर त्वचा देखभाल उत्पादों में होते हैं।
कम शक्तिशाली रेटिनोइड वाले उत्पाद पर स्विच करना या रेटिनोइड्स का कम बार-बार उपयोग करना उन्हें त्वचा को सूखने से रोक सकता है। धोने के बाद, थपथपाएं – रगड़ें नहीं – एक मुलायम तौलिये से चेहरा सुखाएं। यह विनम्र दृष्टिकोण आगे त्वचा के पील होने या दर्द को रोकने में मदद कर सकता है।
और पढ़ें: Clear Skin: साफ त्वचा की रखते हैं चाहत, तो जानिए स्किन टाइप और स्किन केयर टिप्स
हल्के गुनगुने पानी से नहाएं (Take a lukewarm bath)
शॉवर या नहाने के लिए समय 5-10 मिनट तक सीमित करने से त्वचा को और अधिक सूखने से रोकने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, गर्म पानी के बजाय गर्म या गुनगुने पानी का उपयोग करने का प्रयास करें। गर्म पानी के उपयोग से त्वचा से तेल जल्दी निकल सकता है। ठंडे पानी से नहाने से सनबर्न से होने वाले दर्द से राहत मदद मिल सकती है।
किसी भी प्रकार के प्रोडक्ट या ट्रीटमेंट का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर चेहरे पर कुछ अप्लाई करना चाह रहे हैं तो पहले उसका पैच टेस्ट जरूर करें यानी उसे हाथ या किसी बॉडी के हिस्से पर लगाकर देखें या जलन या कोई सेंसेशन महसूस हो तो उसे चेहरे पर अप्लाई ना करें।
उम्मीद करते हैं कि आपको चेहरे की त्वचा का पील होना (Peeling skin on face) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।