Dry Skin: रूखी त्वचा कहीं इंफेक्शन का कारण ना बन जाए!

    Dry Skin: रूखी त्वचा कहीं इंफेक्शन का कारण ना बन जाए!

    रूखी त्वचा (Dry Skin) भारतीय महिलाओं में त्वचा से जुड़ी हुई सबसे सामान्य परेशानी है। एक बॉडी लोशन द्वारा भारत में साल 2019 में किये गए सर्वे के अनुसार रूखी त्वचा की समस्या से 40 प्रतिशत दक्षिण भारतीय और 25 प्रतिशत पश्चिम भारत के लोगों में देखी गई है। रूखी त्वचा की वजह से स्किन डैमेज का खतरा भी बढ़ जाता है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि स्किन केयर से जुड़ी जानकारी होने के बावजूद 75 प्रतिशत महिलाओं में 31 प्रतिशत महिलाएं स्किन केयर (Skin care) नहीं करती हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है त्वचा के प्रति लापरवाही रूखी त्वचा (Dry Skin) और स्किन से जुड़ी अन्य परेशानियों को इन्वाइट करने में सक्षम होती है। आज हम आपको रूखी त्वचा के कारण, रूखी त्वचा से बचाव एवं इससे जुड़े सवालों का जवाब रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर आपके साथ शेयर करेंगे, जिससे आप समझकर और उसे फॉलो कर त्वचा को जवां बनाये रखने और स्कार फ्री रखने में सफल हो सकती हैं।

    • रूखी त्वचा क्या है?
    • रूखी त्वचा के लक्षण क्या हैं?
    • रूखी त्वचा के कारण क्या हैं?
    • ड्राय स्किन का निदान कैसे किया जाता है?
    • रूखी त्वचा का इलाज कैसे किया जाता है?
    • रूखी त्वचा से बचाव कैसे संभव है?
    • डॉक्टर से कब कंसल्ट करना चाहिए?

    ड्राय स्किन की समस्या सामान्य है, लेकिन अगर लापरवाही बरती गई तो धीरे-धीरे तकलीफ बढ़ भी सकती है। इसलिए ऊपर बताये सवालों का जवाब जानेंगे जिससे स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाये रखने में मदद मिलेगी।

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    रूखी त्वचा (Dry Skin) क्या है?

    रूखी त्वचा (Dry Skin)

    रूखी त्वचा को अगर कम शब्दों में समझें तो अक्सर सर्दियों के मौसम ड्राय स्किन की समस्या ज्यादातर लोगों को होती है, जिससे हम सभी परिचित हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स (Cleveland Clinic of United States) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ड्राय स्किन की समस्या अगर ज्यादा गंभीर हो जाए, तो त्वचा पर दरार पड़ने के साथ-साथ ब्लीडिंग की भी हो सकती है। इसलिए रूखी त्वचा के लक्षण को समझना जरूरी है, जिससे त्वचा सॉफ्ट और हेल्दी रहे।

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    रूखी त्वचा के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Dry Skin)

    रूखी त्वचा (Dry Skin)

    रूखी त्वचा के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • त्वचा पर धब्बे (Patches) नजर आना।
    • स्केली त्वचा (Scaly skin) होना।
    • खुरदरी त्वचा (Rough texture) होना।
    • त्वचा पर दरार (Cracks) पड़ना।
    • त्वचा पर चुभन (Stings) या जलन (Burns) महसूस होना।
    • त्वचा लूज (Loose) पड़ना।
    • कम उम्र में झुर्रियां (Wrinkled) नजर आना
    • स्किन की परत (Peeling skin) निकलना।

    रूखी की त्वचा के लक्षणों में शामिल ये सभी सामान्य हैं और ये रूखी त्वचा के लिए घरेलू उपाय से ठीक हो सकते हैं, लेकिन कभी-कभी ड्राय स्किन के लिए ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में रूखी त्वचा के कारण को समझें, जिससे ड्राय स्किन की समस्या ना हो।

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    रूखी त्वचा के कारण क्या हैं? (Cause of Dry Skin)

    अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एसोसिएशन (American Academy of Dermatology Association) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ड्राय स्किन की समस्या निम्नलिखित स्थितियों में हो सकती है। जैसे:

    • 40 साल से ज्यादा उम्र होना। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ-साथ त्वचा नैचुरल तरीके से ऑयल कम सीक्रिट करने लगती है, जिसकी वजह से रूखी त्वचा की समस्या शुरू हो जाती है।
    • स्मोकिंग (Smoking) करना
    • ठण्डे (Cold) वातावरण में रहना।

    इन कारणों की वजह से ड्राय स्किन की समस्या शुरू हो सकती है, लेकिन कभी-कभी शारीरिक परेशानियों या पोषक तत्वों की कमी की वजह से ड्राय स्किन की समस्या शुरू हो सकती है। इन कारणों में शामिल है-

    • डीहायड्रेशन (Dehydration)- बॉडी को ठीक तरह से फंक्शन के लिए हाइड्रेट (Hydrate) रहना अत्यधिक जरूरी है। शरीर में पानी की कमी या पानी की मात्रा ज्यादा होना ड्राय स्किन की समस्या इन्वाइट कर सकता है।
    • एक्जिमा (Eczema)- एक्जिमा की समस्या होने पर त्वचा पर खुजली की समस्या, सूजन और ड्राय स्किन की समस्या शुरू हो सकती है।
    • डायबिटीज (Diabetes)- ब्लड शुगर लेवल इम्बैलेंस होने की वजह से शुगर ब्लड में ठीक तरह से रेगुलेट नहीं हो पाता है। वहीं अगर ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) अत्यधिक बढ़ने पर रूखी त्वचा की समस्या हो सकती है।
    • किडनी डिजीज (Kidney disease)- किडनी के कई फंक्शन होते हैं और उन्हीं में से एक है शरीर के वेस्ट और एक्सेस फ्लूइड को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालना। अगर किडनी ठीक तरह से अपना काम ना करे, तो शरीर में वॉटर, मिनिरल और न्यूट्रिशन लेवल बिगड़ सकता है और ड्राय स्किन जैसी तकलीफ भी देखी जा सकती है।
    • एनोरेक्सिया (Anorexia)- जिन लोगों में ईटिंग डिसॉर्डर (Eating Disorder) की समस्या होती है, उनमें मालन्यूट्रिशन की समस्या हो सकती है और ये रूखी त्वचा का कारण बन सकती है।
    • एचआईवी (HIV)- नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट अनुसार HIV से पीड़ित लोगों में इम्यून सिस्टम (Immune system) ठीक तरह से अपना काम नहीं कर पाती है, जो ड्राय स्किन का कारण बन सकती है।
    • मेडिकेशन (Medications)- ड्यूरेटिक्स(Diuretics), लैक्सटिव (Laxatives), एंटासिड (Antacids), एंटीहिस्टामाइन (Antihistamines), ब्लड प्रेशर (Blood pressure) की दवाओं के सेवन से भी ड्राय स्किन की समस्या हो सकती है।

    इन्हीं अलग-अलग कारणों से रूखी त्वचा की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे इग्नोर करना परेशानी को बढ़ा सकता है। इसलिए डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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    ड्राय स्किन का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Dry Skin)

    रूखी त्वचा के निदान के लिए डॉक्टर पेशेंट की हेल्थ कंडिशन और मेडिकल हिस्ट्री को समझते हैं। इसके साथ ही पेशेंट की स्किन को देखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy), एलर्जी टेस्ट (Allergy test) या ब्लड टेस्ट (Blood test) की सलाह देते हैं और फिर रूखी त्वचा का इलाज शुरू करते हैं।

    रूखी त्वचा का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Dry Skin)

    क्लीवलैंड क्लिनिक ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स (Cleveland Clinic of United States) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार रूखी त्वचा का इलाज मॉश्चरइजर एवं दवाओं से किया जाता है। मॉश्चराइजिंग प्रॉडक्ट्स जैसे ऑइंटमेंट (Ointments), क्रीम (Creams), लोशन (Lotions) या ऑयल (Oils) के इस्तेमाल से स्किन को सॉफ्ट रखने में मदद मिलती ही। वहीं रूखी त्वचा की तकलीफ को दूर करने के लिए टॉपिकल स्टेरॉयड (Topical steroid) या अन्य दवाओं को प्रिस्क्राइब कर सकते हैं, जिससे खुजली, रैश, सूजन को कम किया जा सकता है। कुछ पेशेंट्स में अगर रूखी त्वचा की तकलीफ ज्यादा होने पर मेडिसिन इंजेक्ट भी किये जा सकते हैं।

    नोट: आप अपनी मर्जी से किसी भी मेडिकेटड क्रीम या दवा का सेवन ना करें और डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब्ड डोज ही फॉलो करें।

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    रूखी त्वचा से बचाव कैसे संभव है? (Tips to prevent Dry Skin)

    अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एसोसिएशन (American Academy of Dermatology Association) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार रूखी त्वचा से बचाव के लिए निम्नलिखित घरेलू उपाय में शामिल किये जा सकते हैं। आप इनका इस्तेमाल अपने त्वचा पर कर सकते हैं, लेकिन अगर आपको इनमें से किसी भी ऑयल से एलर्जी है तो इनके इस्तेमाल से बचें।

    • जोजोबा ऑयल (Jojoba oil)
    • डाइमेथिकोन (Dimethicone)
    • ग्लिसरीन (Glycerin)
    • लैक्टिक एसिड (Lactic acid)
    • लेनोलिन (Lanolin)
    • मिनिरल ऑयल (Mineral oil)
    • वेसिलीन (Petrolatum)
    • शीया बटर (Shea butter)

    नोट: अगर ड्राय स्किन की समस्या को ज्यादा दिनों तक इग्नोर किया जाए तो इंफेक्शन, स्किन पर पैच या दाग-धब्बे की समस्या बनी रह सकती है।

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    डॉक्टर से कब कंसल्ट करना आवश्यक है?

    • स्किन पर खुजली ज्यादा होना।
    • त्वचा पर सूजन आना।
    • त्वचा पर लाल निशान पड़ना।
    • त्वचा गर्म महसूस होना।
    • छूने पर दर्द महसूस होना।
    • रैश पड़ना।

    अगर ऐसी स्थिति नजर आ रही है या आप तकलीफ महसूस कर रहें हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

    रूखी त्वचा (Skin) से जुड़ी ये जानकारी उम्मीद करते हैं आपके लिए सहायक होंगी। इसलिए थोड़ा वक्त निकालकर स्किन केयर करें और त्वचा को हेल्दी बनाये रखें।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 14/01/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड