क्या होंठो के रंग से सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है ?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 1, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

साल 2016 के कांस फिल्म फेस्टिवल में भारतीय अभिनेत्री और विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय अपनी जिस पर्पल लिपस्टिक की वजह से आकर्षण का केंद्र बनीं उसी लिपस्टिक की वजह से भी वो जमकर ट्रोल हुई थीं। कुछ लोगों ने उनकी पर्पल लिपस्टिक का मजाक उड़ाते हुए ये तक कह दिया था कि ऐसा लग रहा था कि एश्वर्या खूब सारा जामुन खाकर आई हों। तो क्या हम इस उदाहरण से ये मान सकते हैं कि लिपस्टिक के रंग से जिस तरह लोग आपको जज कर सकते हैं, ठीक उसी तरह होंठो के रंग से आपकी सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है? जानए यहां…

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार आपके होंठ का रंग आपके शरीर के अंदर चल रही गतिविधि जैसे ब्लड लेवल, बॉडी फंक्शन और यहां तक ​​कि आपके शरीर का तापमान भी बता सकता है। अगर आपके होंठो के रंग में अचानक बदलाव नजर आए, तो इसे भूलकर भी नजरअंदाज नहीं कना चाहिए।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

और पढ़ें : किसिंग से जुड़े मजेदार फैक्ट्स

क्या कहते हैं होंठो के रंग?

यूं तो हर व्यक्ति के होंठो के रंग जन्म से अलग-अलग होता है। लेकिन अगर सामान्य रंग के अलावा होंठो के रंग में बदलाव नजर आने लगे तो भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये आपकी सेहत से जुड़े कई तरह के संकेत देता है।

हल्के गुलाबी, सफेद होंठ

अगर होंठ पेल पिंक, वाइट या ग्रे हो जाएं तो आपको इसे नजअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसा होने पर आप हाथ और पैर दोनों में ठंडापन महसूस कर सकते हैं । पेल पिंक, व्हाइट या ग्रे लिप्स एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। आपको अपने आहार में आयरन से भरपूर जैसे हरी सब्जी, खजूर या मीट का सेवन करना चाहिए।

त्वचा और बालों की समस्या से निजात पाने के लिए वीडियो देख लें एक्सपर्ट के टिप्स

गहरा लाल रंग या काले होंठ

प्रायः स्मोकिंग की वजह से होंठो का रंग अगर गहरा लाल या काला हो जाता है। लेकिन, अगर आप स्मोकिंग नहीं करते हैं और ऐसी स्थिति में भी आपके होंठ गहरे लाल रंग या काले हैं, तो आपको ऐसा पाचन तंत्र के ठीक से काम नहीं करने की वजह से भी होता है। आप डायरिया एसिडिटी या कब्ज की परेशानी महसूस कर सकते हैं। इस परेशानी से उबरने के लिए आपको प्रोटीन से भरपूर आहार जैसे चिकेन, दूध, अंडा या दही अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों में जन्म से ही ऐसा रंग होता है।

और पढ़ें : लाफ लाइंस से छुटकारा दिलाएंगी ये एक्सरसाइज

होंठो के रंग का लाल होना 

होंठो का रेड (लाल) होना अच्छा माना जाता है। लेकिन, अचानक हाेंठ लाल होना कई बार ये लिवर की समस्या को भी दर्शाता है। ऐसी स्थिति में आपको बार-बार खाने की भी इच्छा हो सकती है। बार-बार खाने की वजह से शरीर का वजन भी बढ़ सकता है। इसलिए परेशानी के शुरुआत में ही डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होगा।

और पढ़े:जानिए साबूदाना क्यों है सबसे अच्छा नाश्ता !

होंठो के रंग का बैंगनी या हरे रंग का होना

ऐसा ठंड की वजह से होता है। लेकिन, ठंड के बाद भी होंठ का रंग ऐसा ही रहता है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। होंठ के रंग में बदलाव होना और बैंगनी होना दिल या सांस से जुड़ी परेशानी को दर्शाता है। इसलिए होंठ का विशेष ख्याल रखें।

होंठ ड्राई (सूखे) होना 

होंठो का सूखना डिहाइड्रेशन का संकेत होता है। ड्राई होंठ अगर लंबे वक्त से हैं, तो हाइपोथायरॉइड की समस्या हो सकती है। हाइपोथायरॉइड के लक्षणों में कमजोरी, खांसी, वजन बढ़ना जैसी कई अन्य परेशानी हो सकती है। इसलिए ज्यादा वक्त से अगर होंठ ड्राई हैं, तो इसका इलाज करवाना बेहतर होगा।

होंठो के रंग का नेचुरल या नेचुरल गुलाबी (Natural Pink) होना 

नेचुरल या नेचुरल पिंक होंठ आपकी फिटनेस का संकेत है। नेचुरल पिंक अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है।

होंठो को स्वस्थ कैसे बनाएं जिससे आप भी फिट रहें

निम्नलिखित घरेलू उपाए से अपने होंठो को बनाएं स्वस्थ:

  • एक दिन में 2 से 3 लीटर पानी पिएं। ऐसा रोजाना करें और जहां कहीं भी जायें अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें।
  • नारियल पानी पिएं। दरअसल मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर नारियल पानी प्राकृतिक रूप से शुद्ध और मीठा होता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में लिपिड मेटाबॉलिज्म का लेवल कंट्रोल में रहता है, जिससे हार्ट अटैक होने की आशंका कम होती है। इसके साथ ही डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होती है।
  • आहार में सलाद और विटामिन-सी युक्त फलों जैसे कीवी, संतरा या स्ट्रॉबेरी का सेवन करें।
  • लिपस्टिक लगाने के पहले पेट्रोलियम जेली लगाएं। अगर पेट्रोलियम जेली नहीं है तो आप नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल रोजाना करना चाहिए।
  • घी, दूध की मलाई, आलमंड ऑयल और नारियल तेल का इस्तेमाल नियमित करने से होंठ अच्छे होते हैं।
  • रात को सोने से पहले होंठो पर लगा लिपस्टिक मेकअप रिमूवर से अच्छी तरह निकालें और फिर ताजे पाने से फेस के साथ-साथ होंठो को भी साफ करें। सोने से पहले आप पेट्रोलियम जेली, नरियल तेल या लिप बाम का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • अगर आप स्मोकिंग करती हैं तो ऐसा न करें। क्योंकि स्मोकिंग की वजह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा तो रहता है साथ ही स्मोकिंग की वजह से होंठ के रंग भी बदल जाती हैं।
  • अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है, तो इसका ठीक से इलाज करवायें। कब्ज की वजह से भी होंठ ड्राई होते हैं।
  • कई बार होंठ के आसपास झुर्रियां (रिंकल) हो जाती हैं, जो आपकी सुंदरता को कम कर सकता है। दरअसल होंठ के आसपास झुड्डियां बढ़ते प्रदूषण, बढ़ती उम्र या फिर स्मोकिंग के कारण आती है। इसलिए होंठ की देखभाल हमेशा करें और विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन करें।
  • अगर आप लिपस्टिक का इस्तेमाल करती हैं, तो इसकी क्वॉलिटी पर ध्यान दें। कई बार लिपस्टिक की क्वॉलिटी अच्छी नहीं होने पर इसका नकारात्मक प्रभाव होंठ पर पड़ते हैं और होंठो के रंग में बदलाव के साथ-साथ होंठ बेजान भी हो जाते हैं।

होंठों का रंग बदलने का ट्रीटमेंट

होंठों का रंग बदलने के लिए या फिर बदले हुए होंठों का रंग को ठीक करने के लिए मौजूदा समय में मेडिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध है। इस ट्रीटमेंट को आजमाकर समस्या से निजात पा सकते हैं। यदि होंठों का रंग दवा का सेवन करने की वजह से बदले तो ऐसे में आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। स्किन डिकलरेशन के लिए इन ट्रीटमेंट का किया जाता है इस्तेमाल, जैसे

  • लेजर थेरेपी
  • इंटेंस पल्स लाइट
  • क्रायोथेरेपी
  • फोटोडायनेमिक थेरेपी
  • सर्जरी
  • टॉपिकल मेडिकेटेड एजेंट

इन उपाय को आजमाकर कर सकते हैं बचाव

कारणों का पता करके होठों के बदले रंग को ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आप चाहें तो होम स्किन सॉल्यूशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप चाहें तो इन तरीकों को आजमा सकते हैं, जैसे 

  • स्मोकिंग को छोड़कर : कई लोगों के लिए स्मोकिंग छोड़ना मुश्किन हो सकता है, लेकिन इसे छोड़कर आप होठों के रंग बदलने की समस्या से निजात पा सकते हैं। इसके लिए चाहें तो डॉक्टर की सलाह भी ले सकते हैं। 
  • सू्य की रौशनी में कम से कम संपर्क में आएं : होठों का रंग सूर्य की रौशनी में ज्यादा समय बिताने की वजह से भी हो सकता है, ऐसे में लोगों की कोशिश होनी चाहिए कि वो सूर्य की रौशनी के संपर्क में कम से कम आए। इसके लिए आपको होठों व चेहरे को सूर्य की रौशनी से बचाकर रखना चाहिए। 

एक्सपर्ट की लें सलाह

यदि आपके होठों का रंग बदले तो बेहतर यही होगा कि आप डॉक्टर के साथ डेंटिस्ट की सलाह लें। यदि होठों का रंग बदलने की वजह से आपको सांस लेने में परेशानी हो रही है तो ऐसे में इमरजेंसी को संपर्क करना चाहिए और तत्काल डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि यह कंडीशन जानलेवा भी हो सकता है। 

चेहरे और शरीर के साथ-साथ होंठो को भी मॉश्चराइज करने की जरूरत पड़ती है। इसलिए ग्लिसरीन, विटामिन-ई और आलमंड ऑयल से आप अपने लिप्स को मॉश्चराइज कर सकती हैं और होंठो की नमी को बनाये रख सकती हैं। कभी-कभी किसी दवाओं के सेवन से भी होंठो के रंग में बदलाव आता है लेकिन, ये सिर्फ कुछ दिनों के लिए होता है। अगर आप परफेक्ट बर्थ पार्टनर बनने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

जानें बच्चों में अंधापन क्यों होता है?

जानिए बच्चों में अंधापन के क्या हैं कारण? Kids Blindness की समस्या को कैसे दूर करें? पेरेंट्स को ऐसे में क्या करना चाहिए?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
पेरेंटिंग टिप्स, पेरेंटिंग अप्रैल 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Gravel Root: ग्रेवेल रुट क्या है?

ग्रेवेल रुट नार्थ अमेरिका, साउथर्न कनाडा आदि में पाया जाता है। अंदरूनी प्रयोग के लिए यह बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। इसका प्रयोग सावधानी से करना चाहिए।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Anu sharma

केमिकल और फिजिकल सनस्क्रीन क्या है? सनस्क्रीन के टाइप के बारे में भी जान लें

सनस्क्रीन के टाइप की जानकारी in hindi. आपके स्किन के लिए सनस्क्रीन का कौन सा टाइप सही है जो ज्यादा इफेक्टिव हो। इसके साथ ही जानें केमिकल और फिजिकल सनस्क्रीन के टाइप में क्या प्रमुख अंतर है। types of sunscreen

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया indirabharti
स्वास्थ्य ज्ञान A-Z मार्च 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

कैसे करें वजायना की देखभाल?

जानिए वजायना की देखभाल के टिप्स in hindi. वजायना की देखभाल क्यों है जरूरी? हेल्दी pH लेवल कितना होना चाहिए? वजायना में इंफेक्शन के क्या कारण हो सकते हैं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
महिलाओं का स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवन मार्च 16, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

बार-बार तेल गर्म करना

बार-बार तेल गर्म करना पड़ सकता है सेहत पर भारी, जानें कैसे?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जुलाई 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
UPPER LIP HAIR, ऊपरी होठों के बाल हटाना

ऊपरी होंठो के बालों को हटाना परेशानी का काम नहीं है, जानिए कैसे इनसे पा सकते हैं छुटकारा

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ मई 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
होंठों पर पिंपल्स का इलाज

होंठों पर पिंपल्स का इलाज ढूंढ रहे हैं? तो ये आर्टिकल कर सकता है आपकी मदद

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Smrit Singh
प्रकाशित हुआ मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
बोटोक्स और डर्मल फिलर्स में अंतर

झुर्रियों से निजात पाने का ट्रीटमेंट कराने से पहले जान लें बोटोक्स और डर्मल फिलर्स में अंतर

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ अप्रैल 17, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें