लौंग से केले तक, ये 10 चीजें हाइपर एसिडिटी (Hyperacidity) में दे सकती हैं राहत

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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भारतीय भोजन में कई मसालों समावेश है। यह सारे मसाले खाद्य पदार्थ को स्वादिष्ट बनाते हैं। पूरी दुनिया में भारत इन मसालों को निर्यात करता है लेकिन, इसी के साथ यह भी सच है कि, यही मसाले एसिडिटी और हाइपर एसिडिटी का कारण बनते हैं। इसके साथ ही खाने का समय निश्चित न होना, रात को देर से खाना खाना और बहुत देर तक खाली पेट रहना भी एसिडिटी का कारण है। कभी-कभी हाइपर एसिडिटी इतनी बढ़ जाती है कि सिर में दर्द होने लगता है। तो ऐसे में आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जो आपको इससे राहत दिलाने में मदद करे।  आइए जानते हैं कि एसिडिटी या हाइपर एसिडिटी होने पर आप किन पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। लेकिन पहले जानिए कि हाइपर एसिडिटी किन कारणों से होती है।

हायपर एसिडिटी (Hyperacidity) के क्या कारण हैं?

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जब इसोफेगस की परत से होकर गुजरता है तो सीने या पेट मे जलन महसूस होने लग जाती है क्योंकि ये परत हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के लिए नहीं बनी है। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • गर्भावस्था में भी एसिड रिफ्लक्स हो जाता है और अधिक खाने की वजह से भी एसिडिटी हो सकती है।
  • हमारे अनियमित खान पान के कारण एसिडिटी हो सकती है।
  • बार-बार होने वाली एसिडिटी की समस्या को गर्ड (एसिड भाटा रोग या GERD) कहा जाता है।
  • अधिक तले हुऐ खाद्य पदार्थ भी एसिडिटी का कारण बन सकते हैं। वसा भोजन को आंतों तक जाने की गति को धीमा कर देती है। इससे पेट में अम्ल बनने लगता है और एसिडिटी हो जाती है।

हाइपर एसिडिटी के लक्षण क्या हैं?

इसके कई लक्षण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • उल्टी होना
  • गले में जलन
    स्वाद खराब
  • मुंह में खट्टा पानी आना
  • सीने या छाती में जलन और दर्द
  • कब्ज
  • गले में लंबे समय से दर्द।
  • निगलने में कठिनाई या दर्द।
  • छाती या ऊपरी पेट में दर्द
  • ब्लैक स्टूल (काली पॉटी) या स्टूल में खून आना।
  • लगातार हिचकी आना।
  • अपच
  • बिना किसी कारण के वजन घटना।

हाइपर एसिडिटी (Hyperacidity) दूर करने के लिए क्या चीजें खाएं?

अगर आप हाइपर एसिडिटी के शिकार हैं, तो कुछ चीजें खा सकते हैं, जिससे आपको राहत मिल सकती है। नीचे हम इन्हीं चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं। जानिए हाइपर एसिडिटी में क्या खाएं :

1. केले का करें सेवन

केले में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है।  इसलिए यह आंत और पेट के लिए बेहद फायदेमंद है। यह पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। इसमें पोटैशियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह पेट में बलगम (म्यूकस) के उत्पादन को बढ़ाते हैं जो अतिरिक्त एसिड को रोकता है और हाइपर एसिडिटी से लड़ता है। एक पका हुआ केला एसिडिटी में लाभदायक है।

और पढ़ें : पेट दर्द के ये लक्षण जो सामान्य नहीं हैं

2. ठंडा दूध हो सकता है फायदेमंद

दूध में अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों के लिए सुपरफूड का काम करता है लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यही कारण है कि ठंडा दूध एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स के दौरान होने वाली जलन से तुरंत राहत दिला सकता है।

3. छाछ का करें इस्तेमाल

ठंडा छाछ एक और उपयोगी एंटीडोट है।  यह एक स्वाभाविक प्रोबॉयोटिक  भी है। अच्छे पाचन के लिए प्रोबॉयोटिक्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसीलिए कई डॉक्टर इसे लेने की सलाह देते हैं। प्रोबॉयोटिक में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया गैस के निर्माण और सूजन को रोकते हैं जो अक्सर एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता है। अगली बार जब आप मसालेदार या भारी भोजन करें तो इसके साथ छाछ जरूर लें।

4. सौंफ दिलाएगी राहत

सौंफ के बीज में एनेथोल नामक पदार्थ होता है जो पेट के लिए फायदेमंद है। यह ऐंठन और पेट फूलना रोकता है। सौंफ विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर है जो अच्छे पाचन में सहायता करती है। चूंकि इसमें एंटी-अल्सर गुण भी होते हैं इसलिए यह पेट को ठंडा करती है और हाइपर एसिडिटी से भी राहत दिलाने में मदद करती है।

और पढ़ें: पेट दर्द के सामान्य कारण क्या हो सकते हैं?

5. तुलसी के पत्ते खाएं

हाइपर एसिडिटी को कम करने के लिए 2-3 तुलसी के पत्तों को चबाएं। तुलसी के पत्तों में ऐसे गुण होते हैं जो गैस्ट्रिक एसिड के प्रभाव को कम करते हैं और गैस उत्पादन को रोकते हैं। तुलसी के पत्तों का रस और पाउडर भी अक्सर आयुर्वेदिक दवाओं में अपच के लिए उपयोग किया जाता है।

6. कच्चे बादाम का इस्तेमाल करें

एक और घरेलू उपाय जो एसिडिटी से राहत दिलाने में मदद करता है, वह है कच्चे बादाम। बादाम प्राकृतिक तेलों से भरपूर होते हैं जो पेट के एसिड को शांत करते हैं।

7. पुदीने के पत्ते खाएं

अपच या एसिडिटी होने पर पुदीने की पत्तियां भी मदद कर सकती हैं। उनमें जलन और दर्द को कम करने वाले गुण हैं जो अक्सर एसिडिटी और अपच को बेअसर करते हैं। पुदीना पेट के एसिड को कम करने में मदद करता है और पाचन में सुधार लाता है।

8.लौंग का सेवन करें

लौंग सूजन और पेट की ऐंठन में बहुत फायदेमंद साबित होती है। यह प्राचीन काल से भारतीय रसोई का हिस्सा रही है। लौंग पेट में एसिड के प्रभावों को दूर करने में मदद करती है। अगर आप हाइपएसिडिटी से परेशान हैं, तो नियमित रूप से लौंग का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

9.अदरक होगी फायदेमंद

अदरक हर घर में इस्तेमाल की जाती है। खासतौर पर अदरक वाली चाय के तो लोग दीवाने ही होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सेवन हाइपर एसिडिटी से राहत पहुंचाने के लिए भी किया जाता है? जी हां, अदरक में वे गुण होते हैं जो पाइलोरी बैक्टीरिया को ट्रिगर करने वाली एसिडिटी को नष्ट करते हैं। साथ ही सूजन को कम करते हैं और मतली को रोकते हैं। ये पेट को ठंडक प्रदान करते हैं।

10. लहसुन भी है फायदेमंद

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अपच ​की स्थिति में लहसुन एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार है। यह एसिडिटी के लिए एक एंटीडोट के रूप में भी उतना ही प्रभावी है। अगर आपको हाइपर एसिडिटी की समस्या है तो लहसुन का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

और पढ़ें: पेट की एसिडिटी को कम करने वाली इस दवा से हो सकता है कैंसर

तो अगर आप हाइपर एसिडिटी की समस्या से परेशान हैं और बिना दवाई के इसे ठीक करना चाहते हैं, तो आप ऊपर बताई गई खाने की चीजों का इस्तेमाल करें। ये चीजें इस समस्या से राहत दिलाने में काफी मदद करती हैं। उम्मीद है आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने आपको हाइपर एसिडिटी से राहत दिलाने के लिए खाने की चीजों के बारे में बताया है।

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