हर्बल सिगरेट क्या है, जानें इसके संभावित नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हर्बल सिगरेट वह होती हैं जिसमें तंबाकू या निकोटिन नहीं होता है। तंबाकू की जगह पर इसमें कई हर्ब जैसे तुलसी, लेमनग्रास, भाले के पत्ते, गुलाब की पंखुड़ियां, ग्रीन टी का मिश्रण होता है। बाजार में इन दिनों ये काफी ट्रेंड कर रही हैं। कई लोग मस्ती में तो कुछ लोग सिगरेट की लत को छुड़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

इस बात से हम सभी अच्छे से वाकिफ हैं कि सिगरेट पीने से कैंसर का खतरा अधिक होता है। जिन लोगों को धूम्रपान की लत होती है और वे इसे छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं होते हैं उन्हें अक्सर हर्बल सिगरेट लेने की सलाह दी जाती है। कहते हैं तंबाकू और निकोटिन से मुक्त ये सिगरेट सेहत के लिए सुरक्षित विकल्प है। बाजार में हर्बल सिगरेट तमाम ब्रांड उपलब्ध हैं। ज्यादातर कंपनियां इस बात का दावा करती हैं कि ये तंबाकू की लत छुड़वाने के साथ कोल्ड और कफ को दूर करने में भी फायदेमंद है। इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं हैं। आइए जानते हैं इसे लेकर विशेषज्ञों की क्या राय है…

कितना सुरक्षित है हर्बल सिगरेट का इस्तेमाल?

कई लोगों का मानना होता है कि हर्बल और नैचुरल चीजें हानिकारक नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है। कैंसर और सांस संबंधित परेशानियों के क्षेत्र में काम करने वाले कुछ डॉक्टर की टीम ने इस सिगरेट पर रिसर्च किया और उन्होंने इस सिगरेट को न खरीदने की सलाह दी। उनका कहना है कि लोग स्मोकिंग इसलिए करते हैं जिससे निकोटिन हिट कर सकें, लेकिन आपको इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि निकोटिन के साथ आपके शरीर में कई अन्य रसायन भी जा रहे हैं जो आपको नुकसान पहुंचाते हैं। चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन, पुणे के निदेशक डॉ सुदीप साल्वी ने एक अखबार से बातचीत में बताया, भले ही इन सिगरेट में तंबाकू नहीं है, लेकिन धूम्रपान करने पर कोई भी ऑर्गेनिक पदार्थ (कार्बन यौगिक), काला तार जारी करता है, जो फेफड़ों के लिए बहुत हानिकारक होता है।

हर्बल सिगरेट को लेकर कई शोध भी किए गए हैं। टोबैको कंट्रोल जर्नल में चेन्नई के अड्यार कैंसर संस्थान के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के प्रमुख डॉ अरविंद कृष्णमूर्ति द्वारा हर्बल सिगरेट को लेकर की गई स्टडी छपी है। इसमें उन्होंने हर्बल सिगरेट से होने वाले जोखिमों के बारे में पता लगाया है। इस शोध में पाया गया कि हर्बल सिगरेट से रिलीज होने वाला धुएं में तंबाकू उत्पादों के बराबर या उससे अधिक मात्रा में कार्सिनोजेन्स शामिल थे।

कोरिया का एक अन्य अध्ययन जो टॉक्सिकोलॉजिकल रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसके अनुसार हर्बल सिगरेट में महत्वपूर्ण मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड और अल्ट्रा-फाइन पार्टिकुलेट मैटर होते हैं।

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हर्बल सिगरेट में निम्नलिखित पदार्थ शामिल होते हैं:

हम में से ज्यादातर लोग इन हर्बल सप्लीमेंट्स को सुरक्षित मानते हैं। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसे किस तरह और कितनी मात्रा में ले रहे हैं। जैसे मुलैठी की जड़ को चार हफ्ते तक अत्यधिक मात्रा में लेने से कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। इसको अधिक मात्रा में लेने से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स होते हैं:

जो लोग साधारण सिगरेट से हर्बल सिगरेट को सुरक्षित मानते हैं उन्हें बता दें ऐसा बिलकुल नहीं है। कोई भी सिगरेट जिसमें स्मोक को इनहेल करना होता है वह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें तार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता है। ये रसायनिक गुण फेफड़ों के कैंसर, मुंह के कैंसर और एसोफैगल कैंसर को जन्म देता है।

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हर्बल सिगरेट को लेकर क्यों बरतनी चाहिए सावधानी

जैसे कि हमने हर्बल सिगरेट से होने वाले नुकसान के बारे में बताया, लेकिन इसके लेबल पर किसी तरह की कोई चेतावनी नहीं लिखी रहती है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के अनुसार सिगरेट के लेबल पर बिना चेतावनी के इसे बेचना अपराध है। हर्बल सिगरेट भी हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रिपोर्ट्स की मानें तो कई हर्बल सिगरेट तो साधारण सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक होती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें तंबाकू नहीं होता है। बहुत सारे लोगों में इसे लेकर गलतफहमी होती है कि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। बहुत सारे युवा हर्बल और ई सिगरेट की तरफ जाते हैं जिससे वह बाद में असल सिगरेट को ट्राय करने के लिए इच्छुक हो जाते हैं। इसलिए अपने बच्चों से स्मोकिंग के दुष्परिणामों को लेकर बात करते रहे।

फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के अनुसार, हर्बल सिगरेट तंबाकू के धुएं में पाए जाने वाले तार और कार्बन मोनोऑक्साइड सहित कई विषों का उत्पादन करती हैं। इसे देखते हुए अप्रैल 2000 में आयोग ने हर्बल सिगरेट के निर्माताओं को इसके पैकेट पर चेतावनी जोड़ने का आदेश दिया था।

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हर्बल सिगरेट से होने वाले खतरे

साधारण सिगरेट की तुलना में निकोटिन फ्री सिगरेट सुरक्षित नहीं होती हैं। कोई भी सिगरेट चाहे वो तंबाकू से बनी हो या हर्ब से उसमें तार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता ही है। इन केमिकल कंपाउंड को स्मोक करने से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। तंबाकू सिगरेट की तरह ही हर्बल सिगरेट भी हृदय रोग होने के खतरे को बढ़ाती हैं। इसे पीने से सांस संबंधित परेशानियां और ब्रेन डैमेज होने की संभावना रहती है। हर्बल सिगरेट को पीने से निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं:

  • ब्रेन डैमेज (Brain damage)
  • हृदय रोग (Heart disease)
  • सिरदर्द (Headaches)
  • पेट खराब (Upset stomach)
  • सांस लेने में दिक्कत होना (Breathing problems)
  • फेफड़े, एसोफैगल और मुंह में कैंसर होना (Lung, esophageal and mouth cancers)

कुछ लोगों को इसमें इस्तेमाल होने वाली किसी हर्ब से भी एलर्जी हो सकती है। हर्बल सिगरेट के लेबल पर लिखा रहता है कि इनका इस्तेमाल करके स्मोकिंग की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं है। कोई भी इंसान स्मोक करके स्मोकिंग की लत को नहीं छोड़ सकता। इस उत्पाद को लेकर दावा किया जाता है कि ये पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि इसमें निकोटीन नहीं है। हालांकि इसमें कई ऐसे रसायन हैं जिनसे कैंसर होने की संभावना अधिक रहती है।

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