हुक्का पीने के नुकसान जो आपको जानना है बेहद जरूरी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों में भी हुक्का बार का क्रेज काफी बढ़ रहा है। आप अगर किसी भी युवा से यह सवाल करेंगे कि “सिगरेट या हुक्का में कौन-सा सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदेह है?” तो यकीनन आपको इसका जवाब सिगरेट ही मिलेगा। हालांकि, सिगरेट हुक्का पीने के मुकाबले ज्यादा नुकसानदेह होता है यह सिर्फ एक मिथक है। सच्चाई तो यह है कि हुक्का पीने के नुकासन सिगरेट पीने के मुकाबले 200 गुना अधिक होते हैं। हुक्का को शीशा, हबल-बबल, गोजा भी कहा जाता है।

हुक्का पीने के नुकसान से पहले जानें हुक्का क्या है?

हुक्का का इस्तेमाल पुराने दौर से किया जा रहा है। पहले जहां हुक्के में कच्ची तम्बाकू भरकर पी जाती थी, तो वहीं आज इसकी जगह फ्लेवर्ड तम्बाकू ने ले ली है। इसमें मिंट, कोला, चेरी, लाइम लेमन, कॉफी, चॉकलेट, नारियल, सेब, लिकोरिस और अन्य मिश्रणों के रूप में अलग-अलग फ्लेवर दिया जाता है। आमतौर पर हुक्के में पानी भरा होता है और इसके ऊपर एक कटोरा होता है जिसमें तम्बाकू होता है और इसके ऊपर कोयला यानी चारकोल भरा जाता है। इसके अलावा, हुक्के की राख को इकट्ठा करने के लिए एक स्ट्रे होती है और धुएं को खींचने के लिए हुक्के के मुंह पर एक पाइप लगी होती है। इसके लिए हुक्के को दो भागों में बांटा गया होता है। इसका ऊपर वाला हिस्सा तम्बाकू और फ्लेवर को जलाने के लिए होता है और नीचे वाला भाग पानी के जरिए उसके धुएं को फिल्टर करता है, जिससे तम्बाकू का फ्लेवर मुंह में आता है।

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हुक्का पीने के नुकसान हैं कई, फिर भी बढ़ा पीने का ट्रेंड

सबसे पहला कारण तो यही है कि लोगों में मिथक है कि हुक्का पीने के नुकसान सिगरेट से कम ही होते हैं। इसकी वजह से बीते कुछ समय में हुक्का बार और हुक्का पीने वालों की संख्या में भी काफी तेजी से इजाफा हुआ है, जिसके चलते हुक्का पीना आज एक ‘ट्रेंड’ बन चुका है। हुक्के में इस्तेमाल होना वाले तम्बाकू में कई केमिकल मिलाकर उसे एक अलग फ्लेवर दिया जाता है, इससे हुक्के का स्वाद मीठा हो जाता है और शायद यही कारण भी हो सकता है कि हुक्का पीना पॉपुलर बन रहा है।

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हुक्का पीने के नुकसान किस तरह से हो सकते हैं?

हुक्के में कई तरह के विषाक्त पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। सिगरेट पीने और हुक्का पीने के नुकसान लगभग एक समान ही हो सकते हैं। हुक्के के धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड, टार, आर्सेनिक, क्रोमियम, कोबाल्ट, कैडमियम, फॉर्मेल्डिहाइड, एसीटैल्डिहाइड, एक्रोलीन, लेड, पोलोनियम 210 नामक रेयिडोधर्मी आइसोटोप पाया जाता है। जिस वजह से हुक्का पीने के नुकसान और स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

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1.कैंसर का कारण भी बन सकता हुक्का पीना

सिगरेट से ज्यादा जहरीला होता है हुक्का पीना। ऐसा दावा किया जाता है सिगरेट में पाया जाने वाला टार हुक्के में नहीं होता है। जबकि, टार एक ऐसा तत्व है जो तम्बाकू को जलाने के बाद बनता है। यह तम्बाकू के धुएं में पाया जाता है। इसके अलावा हुक्के के तम्बाकू को गर्म करने के लिए चारकोल का इस्तेमाल किया है, जिसमें कार्बन मोनोऑक्साइड, कई तरह के मेटल्स और अन्य कैंसर उत्पादक एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है। कई रिसर्च इसका दावा भी कर चुके हैं कि, हुक्का पीने के नुकसान में सबसे बड़ा कारण कैंसर का जोखिम हो सकता है। हुक्का पीने वाले लोगों में फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, दिल की बीमारियां जैसे गंभीर स्वास्थ्य स्थितियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

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2.हुक्के का एक सेशन = 200 सिगरेट पीना

सामान्य तौर पर हुक्का पीने का एक सेशन 30 से 40 मिनट तक का हो सकता है। इस दौरान हुक्का पीने वालों के फेफड़ों में 100 से 200 सिगरेट बराबर धुआं जाता है। इसके अलावा सिगरेट के मुकाबले हुक्का पीने में अधिक गहराई से सांस लेनी होती है, जिसका मतलब है फेफड़ों में और अधिक धुंआ जाना।

3.‘फ्रूट फ्लेवर’ बच्चों के लिए घातक

हुक्का अपने अलग-अलग स्वाद के कारण लोगों को आकर्षित करता है। वहीं, हुक्के का फ्रूट फ्लेवर कम उम्र के बच्चों का पसंदीदा माना जाता है। हुक्के का स्वाद बढ़ाने के लिए सेब, कॉफी, स्ट्राबेरी, अंगूर, और चैरी जैसे बहुत से बहुत से फ्लेवर आते हैं। इसके साथ ही, हुक्के का नाम हुक्के के फ्लेवर पर ही रखा जाता है, जिससे लोगों के दिमाग में हुक्का पीने के नुकसान का ख्याल आता ही नहीं है। दरअसल, हुक्के के तम्बाकू को इन फ्लेवर का स्वाद देने के लिए कृत्रिम तौर पर इनका इस्तेमाल किया जाता है। जिसे बनाने के लिए कई अलग-अलग रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है।

4.टीबी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण

हुक्का चाहे अकेले में पीएं या ग्रुप के साथ, उससे पहले भी उसी हुक्के का इस्तेमाल कई अन्य लोगों द्वारा किया जा चुका होता है। जो संक्रमित बीमारियों, जैसे- ट्यूबरक्लोसिस (टीबी), हेपेटाइटिस और हर्पीस वायरस के जोखिम को बढ़ाता है।

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5.हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है हुक्का पीना

हुक्का न सिर्फ पीने वाले के लिए बल्कि, उसके आस-पास बैठ लोगों के लिए जखिम भरा हो सकता है। हुक्के के धुएं में कई अलग-अलग तरह के रसायन होते हैं जिसके कारण धमनियां ब्लॉक हो सकती हैं जो हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकता है।

हुक्का पीने के नुकसान पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

अमेरिका के चिल्ड्रन हॉस्पिटल एडोलेसेंट मेडिसिन स्पेशलिस्ट, एमडी, एमपीएच, एलेन रोम का कहना है कि, एक सिगरेट के मुकाबले एक हुक्का लोगों के बीच ज्यादा शेयर किया जाता है।  इसके अलावा हुक्का पीने से पहले लोग इसके पाइप पर मुंह लगाकर बुदबुदाते हैं, जो ओरल इंफेक्शन और ओरल कैंसर को सीधे तौर पर न्यौता देने के ही समान होता है। इसके अलावा, ऐसा करने से कई तरह के संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत ही आसानी से फैल सकते हैं। साथ ही पेट के अल्सर की समस्या भी हुक्का पीने के नुकसान का सबसे आम कारण माना जा सकती है।

हुक्का पीने के नुकसान से कैसे करें बचाव

हुक्का पीने की लत अगर किसी को है, तो इसकी आदत से छुटकारा पाना आसान नहीं होता है। अगर आपको या किसी और को हुक्का पीने की लत है, तो निम्नलिखित उपायों से हुक्का पीने की लत और हुक्का पीने के नुकसान से बचाव किया जा सकता हैः

1.शरीर को हाइड्रेटेड रखें

शरीर को हाइड्रेटेड रखना हर स्थिति में बहुत जरूरी होता है। हमारा शरीर कम से कम 65 फीसदी पानी से बना होता है और शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों को ठीक से कार्य करने के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। शरीर में पानी की कमी के कारण शरीर के अंगों के कार्य करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। जिसके कारण आपको थकान या सिरदर्द की समस्या हो सकती है। अगर आप स्मोकिंग करते हैं या हुक्का पीते हैं, तो ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें। एक औसत वजन वाले व्यक्ति को प्रति दिन कम से कम दो लीटर पानी पीना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी की मात्रा हर बार थोड़ी-थोड़ी करके पीना चाहिए।

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2.योग करें

हुक्का पीने की क्रेविंग को खत्म करने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। साथ ही, मन को शांत बनाए रखने के लिए ध्यान भी कर सकते हैं। इससे आपका मन शांत हो जाएगा और हुक्का पीने की क्रेविंग भी कम हो जाएगी।

3.क्विट स्मोकिंग ग्रुप का हिस्सा बनें

अगर आपको हुक्का पीने की लत है तो जितनी जल्दी हो सके इसके छोड़ने के बारे में विचार करें। इसके लिए आप स्मोकिंग क्विट ग्रुप का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे कई संस्थान हैं जो लोगों के सिगरेट पीने, दारू पीने या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की आदत छुड़ाने में उनकी मदद करते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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