हर्पीस (Herpes) इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है, अपनाएं ये सावधानियां

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Update Date जनवरी 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हर्पीस इंफेक्शन (Herpes infection) से होने वाली बीमारी है जो हर्पीस सिम्प्लेक्स नामक वायरस के कारण होती है। हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस  HSV-1   और हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस HSV-2 दो प्रकार के वायरस होते हैं। वायरस के कारण इंसान के शरीर में संक्रमण फैल जाता है। एचएसवी -1 का संक्रमण ज्यादातर लोगों में पाया जाता है। एचएसवी -2 प्रकार के इंफेक्शन में पानी से भरे दाने या फोड़े जननांग क्षेत्र में या गुदा के पास पाए जाते हैं।  एचएसवी -1 वायरस मुंह में लार से उपस्थित होता है और इंफेक्शन का कारण बन सकता है। संक्रमित व्यक्ति का अगर कोई टूथब्रश या झूठा सामान खाता है तो लार के माध्यम से वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता है।

वहीं, एचएसवी -2 से संक्रमित व्यक्ति जब यौन संबंध बनाता है तो इस बीमारी का संक्रमण दूसरे व्यक्ति में भी फैलने का खतरा अधिक रहता है। एचएसवी -2 (HSV-2) भी यौन संचारित संक्रमण – एसटीआई समूह में शामिल है। ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के घाव के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। लंबे समय से इस रोग से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को अगर एचएसवी -2 है, तो उन्हें अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करना चाहिए। ये इसलिए जरूरी है, क्योंकि जन्म के समय बच्चे को भी यह संक्रमण फैल सकता है। ये बात ध्यान रखें कि एचएसवी -1 और एचएसवी -2 वायरस शरीर में कहीं भी खुला  घाव होने पर फैल सकते हैं।

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एचएसवी -1 वायरस (Herpes) के लक्षण क्या हैं?

एचएसवी -1 मुंह के बाहर या होंठ पर, मुंह के अंदर या बाहर छाले के रूप में दिखाई देता है। संक्रमित शरीर के अंगों में आंख (पेरिओरिबिटल एरिया) के पास की त्वचा शामिल होती है और यह कॉर्निया और कंजंक्टिव को भी प्रभावित कर सकता है। इसे केराटाइटिस और कंजंक्टिवाइटिस के रूप में जाना जाता है। इस बीमारी के लक्षण लगभग 3-5 दिनों के लिए दिखाई देते हैं। आमतौर पर पहले घाव के बाद नए घाव दिखना शुरू हो जाते हैं। संक्रमण के कुछ लक्षण हम नीचे बताने जा रहे हैं। यह लक्षण इस प्रकार हैं :

  • खाते और निगलते समय दर्द होना इसके लक्षणों में से एक है।
  • घावों की खुजली होना भी इसके लक्षण हैं।
  • गले में खराश होना हर्पीस के लक्षण हो सकते हैं।
  • पानी पीने में दिक्कत होना भी हर्पीस के लक्षणों में से एक हो सकता है।

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एचएसवी – 2 (HSV 2) के लक्षण क्या हैं?

एचएसवी – 2 आमतौर पर 3-5 दिनों के भीतर गायब हो जाते हैं। इस इंफेक्शन में भी दाने में पानी भरा होता है, लेकिन ये कम गंभीर होते हैं। जननांग दाद होने पर निम्न लक्षण नजर आते हैं, जैसे :

  • आंतरिक या बाहरी घाव
  • एक जगह में छाले आ जाना
  • जननांग में खुजली
  • पैर, नितंब या जननांग क्षेत्र में दर्द
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • अस्पष्टीकृत योनि स्राव

हर्पीस (Herpes) की बीमारी से किस तरह का खतरा हो सकता है?

हर्पीस एक ज्ञात वायरल बीमारी है। कुछ कारणों से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। असुरक्षित यौन संबंध से एचएसवी -2 का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर यौन संबंधों के माध्यम से ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। योनि में संक्रमण भी वायरस का कारण बनता है। एचएसवी -1 संक्रमण सेक्स के कारण भी हो सकता है। कुछ अन्य कारण जैसे एचएसवी -1 वायरस से संक्रमित व्यक्ति टूथब्रश या एक तौलिया का उपयोग करके भी संक्रमित हो सकता है। किसी और की लिपिस्टिक, लिप ग्लॉस या लिप बाम का प्रयोग करने से भी ये समस्या हो सकती है। ऐसे उत्पादों में नमी होती है इस कारण से वायरस आसानी से उनसे चिपक जाते हैं।

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हर्पीस के बारे में जरूरी सुझाव

इस की बीमारी से निपटने के लिए और इसके दर्द को कम करने के लिए निम्न सुझाव अपनाएं जा सकते हैं,

  1. अगर आपके मुंह और जननांगों के आसपास पानी से भरे दाने हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  2. घावों को छूने से बचें।
  3. अपने जीवनसाथी से बात करें और हमेशा कंडोम का उपयोग करें।
  4. आप दानों में बर्फ का उपयोग कर सकते हैं।
  5. फोड़े को सूखा और साफ रखें।

अगर आपको हर्पीस की बीमारी हो जाती है, तो ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखें। इससे इसके जल्दी ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी।

हर्पीस से बचने के उपाय क्या हैं?

इस रोग के वायरस हमारे आस-पास के वातावरण में मौजूद होते हैं। ये संक्रमण उसी तरह से हो सकता है, जिस तरह से जुकाम हो जाता है। इस संक्रमण से बचने के लिए इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने की जरूरत है। आप कुछ उपाय करके इम्यून सिस्टम को मजबूत बना सकते हैं।
•  संतुलित आहार लें। ऐसा करने से यह समस्या ठीक होने में मदद मिलेगी।
नियमित व्यायाम करें। ऐसा करने से यह समस्या ठीक होने में मदद मिलेगी।
• समय पर सोएं और अच्छी नींद लें। ऐसा करने से यह समस्या ठीक होने में मदद मिलेगी।
• मन को तनाव मुक्त रखें। ऐसा करने से यह समस्या ठीक होने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में टीके पर कई प्रयोग चल रहे हैं जो एचएसवी वायरस को रोक सकते हैं। हालांकि, उन प्रयोगों में से कोई भी अभी तक अनुमोदित नहीं किया गया है।

हर्पीस (Herpes) से जुड़ी ये जरूरी जानकारिया हमारे मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दी गई है, तो अगर आपको ऐसी कोई समस्या होती है तो हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में दी गई जानकारियों का सहारा ले सकते हैं। लेकिन, हैलो हेल्थ फिर भी आपको यही कहेगा कि समस्या होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। क्योंकि हर एक की मेडिकल कंडिशन अलग हो सकती है, जिसका उपचार डॉक्टर सामने से रोगी को देखकर ही शुरू करते हैं। तो अगर आपको ऐसी कोई समस्या होती है, तो अपने डॉक्टर के पास तुरंत जाएं। डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर सही उपचार शुरू करेंगे।

उम्मीद है आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने आपको हर्पीस के लक्षण, हर्पीस के कारण के साथ-साथ हर्पीस का इलाज तक बताने की कोशिश की है। अगर इससे संबंधित आपके मन में कोई और सवाल है, तो हमसे हमारे सोशल मीडिया पेज पर जरूर पूछें। हम आपके सभी सवालों के जवाब एक्सर्ट्स के जरिए देने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है, तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें, ताकि ये जरूरी जानकारी सभी लोगों तक पहुंच सके।

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