एनल फिशर निचले एनल (मलाशय) में एक छोटा सा कट हो जाता है, जिसकी वजह से मल त्यागने में परेशानी होती है। मल त्यागने के पहले, बाद में या फिर इस दौरान ब्लीडिंग, दर्द या बहुत तेज दर्द हो सकता है। शुरूआती दौर में एनल फिशर की समस्या होने पर एनल में हल्का कट होता है जो प्रायः जल्दी ठीक हो जाता है लेकिन, यही कट अगर ज्यादा दिनों तक ठीक न हो तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

हेल्थ से जुड़ी यह समस्या सामान्य है। एनल फिशर उम्र के किसी भी पड़ाव पर हो सकता है। इसका इलाज ठीक तरह से करवाने पर संभव है। बेहतर होगा की जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क किया जाए।
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ऊपर दिए गए लक्षणों के अलावा और भी लक्षण हो सकते हैं। यदि आपको किसी लक्षण के बारे में कोई चिंता है, तो कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
यदि आपको कोई संकेत या लक्षण नजर आते हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि हर किसी का शरीर अलग तरह से कार्य करता है। इसलिए डॉक्टर से मिलना और बीमारी के बारे में सझना बेहतर होगा।
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एनल फिशर के सामान्य कारणों में शामिल हैं:
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एनल फिशर बढ़ने के कुछ खास कारण:
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एनल फिशर बढ़ने के कारण:
दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
एनल फिशर का निदान कैसे किया जा सकता है?
आपके डॉक्टर आपसे बेहतर इलाज के लिए लक्षण समझकर एनल फिशर की जांच कर सकते हैं। डॉक्टर डिजिटल रेक्टल की मदद से एनल कैनाल की जांच कर इलाज शुरू कर सकते हैं। हालांकि इस जांच के दौरन अगर मरीज को ज्यादा दर्द या तकलीफ होती है तो डॉक्टर फिशर ठीक होना का इंतजार भी कर सकते हैं।
इस दौरान डॉक्टर यह भी ध्यान रखते हैं की मरीज किसी क्रोनिक बीमारी या फिर किसी और बीमारी से पीड़ित तो नहीं है।
फ्लेक्सिबल सिग्मोइडोस्कोपी: यह टेस्ट तब किया जा सकता है यदि आप 50 वर्ष से कम उम्र के हैं और आंतों के रोग या पेट का कैंसर हो।
क्लोनोस्कोपी: यह टेस्ट तब किया जा सकता है जब आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक हो या आपको पेट का कैंसर, अन्य स्थितियों के लक्षण या पेट दर्द या दस्त जैसे अन्य लक्षणों के होने पर।
एक्यूट एनल फिशर अक्सर आपके खाने की आदतों को बदलकर कुछ हफ्तों के भीतर ठीक हो सकता है, जैसे कि फाइबर और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना। ऐसा करने से कब्ज की समस्या भी ठीक होगी। लेकिन, अगर आपके लक्षण बने रहते हैं, तो आपको आगे इलाज की आवश्यकता होगी:
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एनल फिशर को रोक पाना आसान नहीं है। हालांकि, आप चाहे तो इसके होने की आशंका को कम कर सकते हैं। इसके लिए निम्न प्रकार के परहेज अपनाएं –
निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको एनल फिशर से निपटने में मदद कर सकते हैं:
इस आर्टिकल में हमने आपको एनल फिशर से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।
अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।