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खाना पैक करने के लिए आप भी करते हैं एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल, तो जान लें ये बातें

खाना पैक करने के लिए आप भी करते हैं एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल, तो जान लें ये बातें

एल्युमिनियम फॉयल लगभग सभी के किचन में आसानी से मिलने वाला सिल्वर (चांदी) के पेपर जैसा प्रोडक्ट है। एल्युमिनियम फॉयल एल्युमिनियम एलॉय से बनाई जाती है। इसमें 92 से 99 प्रतिशत तक एल्युमिनियम का इस्तेमाल किया जाता है। देखा जाए तो एल्युमिनियम फॉयल हमारी रोजमर्रा की लाइफ में आवश्यक बन चुकी है। कोई भी खाद्य पदार्थ को पैक करने में या पनीर, आलू, मछली या चिकन जैसे खाद्य पदार्थों को ग्रिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। रिसर्च और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका नुकसान बेहद कम होता है, लेकिन ज्यादा प्रयोग और गलत ढंग प्रयोग से नुकसान पहुंच सकता है।

मुंबई की रहने वाली 30 वर्षीय ऋचा चतुर्वेदी से हैलो स्वास्थ्य की टीम ने एल्युमिनियम फॉयल के इस्तेमाल के बारे में जानना चाहा, तो ऋचा कहती हैं “मैं रोजाना एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करती हूं क्योंकि इसमें पैक खाना कुछ देर तक नर्म और गर्म दोनों रहता है। इसके साथ ही यह थोड़ा आकर्षक भी दिखता है क्योंकि खाना चमचमाते चांदी जैसे लुक के साथ पैक होता है।” वहीं इस बारे में जब हमने हैदराबाद में रहने वाली 34 मोनिका मिश्रा से बात की तो, मोनिका कहती हैं “मैं एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल ज्यादा करती हूं क्योंकि यहां गर्मी होती है और खाना जल्दी खराब हो जाता है।”

मोनिका और ऋचा जैसे कई अन्य लोग रोजाना एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करते हैं। मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों के हर तीसरे घर में इसका इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को कवर करने के लिए करते हैं तो कुछ लोग ग्रिल करने के लिए।

क्या हैं एल्युमिनियम फॉयल से होने वाले साइड इफेक्ट्स और क्या इसके इस्तेमाल का सही तरीका है?

1. दूषित हो सकते हैं खाद्य पदार्थ

हम सभी रोजाना खाना पैक करने के दौरान एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन खाना पैक करते वक्त यह हमेशा ध्यान रखें कि एल्युमिनियम फॉयल पेपर में कभी भी खट्टे पदार्थ और सब्जियों को पैक नहीं करना चाहिए। क्योंकि एल्युमिनियम फॉयल खट्टे पदार्थ और मसालेदार सब्जियों के साथ केमिकल रिएक्शन कर लेता है, जिसका सीधा असर नर्वस सिस्टम पर नकारात्मक पड़ता है। इसलिए ध्यान रखें हेल्दी रहने के लिए खाने को खराब होने से बचाने के लिए एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करें लेकिन, खट्टी चीजें और मसाले वाले खाद्य पदार्थों को इसमें पैक न करें।

2. इनफर्टिलिटी

एक रिपोर्ट के अनुसार अगर कोई पुरुष लंबे वक्त तक एल्युमिनियम के बर्तन में बना खाना या एल्युमिनियम फॉयल में रैप किये हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करता है, तो इससे मेल इनफर्टिलिटी (बांझपन) का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए बाकायदा 60 लोगों पर रिसर्च भी की गई है। एल्युमिनियम फॉयल की वजह से स्पर्म की संख्या कम होने लगती है।

3. हड्डी और किडनी की परेशानी

अगर आप रोजाना एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल खाने को पैक करने के लिए कर रहीं हैं या करते हैं, तो ऐसा न करें। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार अगर इसका ज्यादा इस्तेमाल किया गया तो धीरे-धीरे इसकी वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इसके साथ ही इसका किडनी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

4. मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम

अगर आप रोजाना एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल खाने को बेहतर बनाए रखने के लिए करते हैं, तो आपको थोड़ा सतर्क हो जाना चाहिए। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार एल्युमिनियम फॉयल या एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बनाने से केमिकल रिएक्शन होता है। जिस वजह से अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी गंभीर मेंटल इलनेस की समस्या हो सकती है।

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एल्युमिनियम फॉयल की वजह से ऊपर बताई गई बीमारियों का खतरा क्यों होता है?

दरअसल ऐइन शेम्स यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च के अनुसार एल्युमिनियम अगर अत्यधिक गर्म होता है, तो इसका ऑक्सिकरण होने लगता है। ऐसी स्थति में खाने के माध्यम से यह हमारे शरीर में प्रवेश करने लगता है जिसका ह्यूमेन बॉडी सेल्स का विकास भी रुक सकता है। ऐसे में कई बीमारियां आसानी से दस्तक दे सकती हैं।

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रोजाना इस्तेमाल किये जाने वाला एल्युमिनियम फॉयल एक साइड से ज्यादा चमकीला होता है जबकि दूसरी साइड चमक थोड़ी कम होती है। ऐसे क्यों होता है?

दी एल्युमिनियम एसोसिएशन ( The Aluminum Association) के अनुसार एल्युमिनियम फॉयल का थिकनेस बेहद कम (0.2 mm) होता है। इसलिए जब इसे रोल किया जाता है, तो एक साथ दो फॉयल को रोल किया जाता है जिस वजह से एल्युमिनियम फॉयल एक ओर से ज्यादा चमकदार और दूसरी ओर से कम चमकदार होती है।

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एल्युमिनियम फॉयल को इस्तेमाल करने का क्या है सही तरीका?

अगर आप रोजाना फॉयल पेपर का इस्तेमाल करती हैं, तो इसका इस्तेमाल कम कर दें और निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे-

  • अत्यधिक गर्म खाने को एल्युमिनियम फॉयल में रैप न करें
  • एसिडिक या खट्टी चीजों के साथ-साथ मसालेदार खाद्य पदार्थों को एल्युमिनियम फॉयल में रैप न करें
  • कई लोग माइक्रोवेव या ओवन में कुकिंग के दौरान एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी ऐसा करती हैं, तो न करें। ऊपर बताई गई बातों का विशेष ख्याल रखें।
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क्या एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

एल्युमिनियम फॉयल इस्तेमाल न करें ऐसा किसी भी रिसर्च में नहीं लिखा गया है, लेकिन इसका इस्तेमाल कम से कम इसलिए करना चाहिए क्योंकि इसमें एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा होती है जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो जाती है। अगर आप एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बनाते हैं या बनाती हैं, तो ऐसा न करें क्योंकि इसका शरीर पर काफी हद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और कुछ बीमारियों का खतरा भी शुरू हो जाता है। इसलिए एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल कम से कम करें और एल्युमिनियम के बर्तनों में कुकिंग से बचें।

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आजकल बाजार में कई तरह के एल्युमिनियम फॉयल आसानी से मिल जाते हैं लेकिन, एल्युमिनियम फॉयल हमेशा अच्छी जगह से ही खरीदें। अगर आप इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद एल्युमिनियम फॉयल के इस्तेमाल से डर रहीं हैं, तो डरे नहीं बल्कि इसका इस्तेमाल कम से कम करना शुरू कर दें। संभव हो तो आप एल्युमिनियम फॉयल पेपर की जगह केले के पत्ते में भी खाने को रैप कर सकती हैं।

अगर आप एल्युमिनियम फॉयल से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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