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लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम के दौरान कहीं ज्यादा खाना तो नहीं खा रहे आप?

लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम के दौरान कहीं ज्यादा खाना तो नहीं खा रहे आप?

लॉकडाउन के समय घर के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। ऐसे में जब सब लोग घर के अंदर हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखने से अनहेल्दी आदतों से बचा जा सकता है। लॉकडाउन के दौरान ऐसा नहीं है कि सभी लोग घर के अंदर सिर्फ बंद होकर बैठे हुए हैं। ऐसे लोग भी हैं जो बिना छुट्टी लिए वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। अब जबकि वर्क फ्रॉम होम के वक्त कई घंटों तक बैठ के काम करना पड़ता है, तो एक प्रकार का स्ट्रेस फील हो सकता है। घंटों काम करने के दौरान न तो रिलेक्स मिल पाता है और न ही सही से खानपान हो पाता है। लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग एक समस्या के रूप में नजर आ रहा है। स्ट्रेस इंटिंग का मतलब होता है, चिंता के कारण अधिक खाना। यानी सही टाइम में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर न लेकर दिनभर कुछ न कुछ खाते रहने की आदत। भले ही आपको इस दौरान ओवर ईटिंग की आदत ठीक लग रही हो, लेकिन इस कारण से आपके शरीर को अधिक नुकसान भी हो सकता है और आप मोटापे का शिकार भी हो सकते हैं।

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लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग ( Stress Eating) क्यों बढ़ रहा है ?

लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग कोई भी व्यक्ति कर सकता है। स्ट्रेस ईटिंग से मतलब है कि घबराहट या चिंता के कारण ज्यादा भूख लगने पर ज्यादा खाना। आपको स्ट्रेस ईटिंग और डिसऑर्डर ईटिंग के बीच के अंतर को समझना होगा। अगर आपको डिसऑर्डर ईटिंग प्रॉब्लम है तो इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना पड़ सकता है, जबिक लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग कुछ समय की समस्या है, जिसमे कुछ बातों का ध्यान रखकर समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग की समस्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि लोगों के मन में कोरोना वायरस को लेकर डर बैठ गया है। ऐसे में घर में दिन भर रहने और साथ ही पूरा दिन ऑफिस के काम में लगे रहने के कारण लोगों को चिंता सता रही है। चिंता और डर के कारण ही बिना जानकारी के लोग ज्यादा खा जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं लगता है। ये कहना गलत नहीं होगा कि आपका वजन 21 दिनों में अचानक से बढ़ सकता है।

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पहले समझें कि लॉकडाउन में ओवर ईटिंग ( Over Eating) क्यों हो सकती है?

अगर आप ज्यादा खाने की आदत से परेशान हैं तो आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। ऐसे कई कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से आप ज्यादा खा रहे हो। स्ट्रेस या फिर बोरिंग फील करने पर भी लोग अधिक खाते हैं। क्या आप अकेलेपन की वजह से ज्यादा खा रहे हैं या फिर पोषण की कमी महसूस करने पर अधिक खा रहे हैं। अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो आपको आसानी से जवाब मिल जाएगा। अगर आप ऐसा केवल लॉकडाउन के समय ही फील कर रहे हैं तो यकीनन आपका वेट बढ़ जाएगा, लेकिन अगर ये आपकी पहले से ही आदत है तो इसे ईटिंग डिसऑर्ड का लक्षण भी कहा जा सकता है।

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लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचना है तो अपनाएं ये आदतें

टेम्पटेशन करें दूर

कुछ लोगों की आदत होती है कि वो खाने का सामान अपनी काम करने वाली टेबल में ही रख लेते हैं। ऐसा करने से बार-बार खाने का ख्याल मन में आता है। इसी वजह से लोग ज्यादा खा लेते हैं। बेहतर होगा कि काम करने वाली टेबल में खाने का सामान बिल्कुल न रखें। खाने की टाइमिंग तय कर लें। ऐसा करने से आप ओवर ईटिंग से बच जाएंगे। खाने काे सामने देख कर क्रेविंग ज्यादा होने लगती है। फिर माइंड भी भूख को अधिक उकसाने लगता है। इन सबसे बचने के लिए खाने के सामान को अपनी आंखों से दूर ही रखें।

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लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाएं

लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाना बहुत जरूरी है। भले ही आप घर में रह रहे हो, लेकिन आपको पोषक आहार जरूर लेना चाहिए। कम खाने से आपके शरीर में बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बेहतर रहेगा कि दिन में चार से पांच बार खाने के हिसाब से हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाएं। ऐसा करने से आप अनहेल्दी खाने से बच जाएंगी। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को हेल्दी फूड खाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में आप खाने में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड को शामिल कर सकते हैं

लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए फिजिकल एक्टीविटी पर दें ध्यान

रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग रेगुलर फिजिकल एक्टीविटी करते हैं, उन्हें स्ट्रेस की कम समस्या होती है। अगर आप घर में रहकर काम कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि फिजिकल एक्टीविटी पर भी ध्यान दें। एक ही जगह में घंटो बैठे रहने से ओवर ईटिंग की समस्या के साथ ही वेट गेन की भी समस्या हो सकती है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि जो लोग सही मात्रा में पानी पीते हैं , उन्हें ओवर ईटिंग की समस्या से नहीं जूझना पड़ता है। सही मात्रा में पानी पीने से मोटापे का रिस्क भी कम हो जाता है। आप चाहे तो तरल पदार्थ के रूप में जूस भी ले सकते हैं।

  • अगर आपको बोर फील हो रहा है तो खाने के बजाय अपने दोस्तों से बाते करें।
  • अगर स्ट्रेस फील हो रहा है काम से कुछ समय निकाल कर योगा करें।
  • अगर आप थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो काम के बीच में थोड़ा सा समय निकाल कर रेस्ट करें।
  • आपने जो भी टाइम शेड्यूल किया है, उसके अनुसार ही खाएं।

लॉकडाउन में खाने की आदतों के साथ इन चीजों का भी रखें ध्यान

  1. भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क लगा रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  2. अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोएं
  3. आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  4. छींक या खांसी के दौरान मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर की मदद या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें।
  5. अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  6. अगर आप के अंदर कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  7. अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  8. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें।
  9. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  10. इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।
  11. बेवजह लोगों से न मिलने से बचें, कहीं भीड़ न लगाएं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 07/04/2020
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