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विटामिन-बी की कमी होने पर खाएं ये चीजें

हमारे शरीर को सही ढंग से काम करने के लिए कई विशेष प्रकार के विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है। ऐसे में शरीर को चलाने के लिए विटामिट-बी सबसे जरूरी तत्वों में से एक है। भूख न लगना या कुछ भी खा लो लेकिन, शरीर को न लगना, इन सारी समस्याओं की जड़ है, शरीर में विटामिन-बी की कमी का होना। यह हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है, जितना प्रोटीन और वसा। इसकी कमी कई कारणों में से एक है, आपके खाने में विटामिन-बी से भरपूर तत्वों का न होना। अगर आपके खानपान में इसकी कमी होगी, तो इसका सीधा असर शरीर के कार्य क्षेत्र पर पड़ेगा और बीमारिया होने की संभावना बढे़गी।

विटामिन-बी की कमी होने पर खाएं ये चीजें

यदि आप विटामिन-बी की कमी की समस्या से जुझ रहे हैं, तो ये लेख खासतौर पर आपके लिए है। हम आपको विटामिन-बी से भरपूर खाने पीने की चीजों के बारे में बताएंगे, जिनका सेवन करके आप शरीर में इसकी कमी को पूरा कर सकते है। कुछ फल, सब्जियों और आनाज के सेवन के बारे में हम आपको बताएंगे, जिनके नियमित सेवन से आप शरीर में इसकी कमी को पूरा कर सकते हैं। डॉक्टरी सलाह से आप इसके लिए बाजार में मौजूद इसकी गोलिया या सप्लिमेंट भी ले सकते हैं। यह विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों जैसे मांस, साबुत अनाज और फलों में पाया जाता है। आप अपनी डायट में थोड़ा सा बदलाव करके भी इसकी कमी को दूर कर सकते हैं।

और पढ़ें : 7 फूड्स, जो विटामिन ‘के’ की कमी को पूरा करते हैं

आठ प्रकार के विटामिन-बी मौजूद हैं, इन्हें सामूहिक रूप से बी कॉम्प्लेक्स विटामिन कहा जाता है। वे थायमिन (बी 1), राइबोफ्लेविन (बी 2), नियासिन (बी 3), पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), पायरीडॉक्सिन (बी 6), बायोटिन (बी 7), फोलेट (बी 9) और कोबालामिन (बी 12) हैं। हालांकि, इनमें से हर विटामिन के अपने अपने अद्वितीय कार्य हैं। वे आमतौर पर आपके शरीर को ऊर्जा का उत्पादन करते है साथ ही आपकी कोशिकाओं में महत्वपूर्ण अणु बनाने में मदद करते हैं।

“विटामिन-बी के विषय में हैलो स्वास्थ्य से बात करने के दौरान डॉ. श्रुति श्रीधर (एम.डी. होम्योपैथी, क्लिनिकल न्यूट्रिशिनिस्ट) ने बताया कि यह पानी में घुलनशील होने के कारण इसकी अधिक मात्रा से भी शरीर को कोई विशेष नुकसान नहीं पहुंचता। ध्यान देने वाली बात है कि बी 12 के अलावा, आपका शरीर बाकी विटामिनों को लंबे समय तक स्टोर नहीं कर सकता है। इसलिए, आपको खाने के अलावा विटामिन-बी के सप्लिमेंट भी लेते रहना चाहिए। डॉक्टरी सलाह से आप विटामिन-बी के सप्लिमेंट ले सकते हैं,ताकी शरीर को विटामिन-बी की पूरी खुराक मिलती रहे’।

विटामिन-बी की कमी से होने वाली समस्या

विटामिन-बी हमारे पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में एक ईंधन का काम करता है। इसकी कमी से आपको खून की कमी, त्वचा के विकार जैसे कि सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस, मुंह की सूजन, मुंह के छाले, हाथ और पैर में झुनझुनी या सुन्न हो जाना, चिड़चिड़ापन, भ्रम और अवसाद जैसी कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप ऐसी किसी भी समस्या या स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से सलाह लें।

और पढ़ें : विटामिन ए के लिए करें इन 7 चीजों का सेवन

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विटामिन-बी से भरपूर खाद्य पदार्थ

सालमन मछली

सालमन मछली विटामिन-बी का अच्छा स्त्रोत है। इसमें टमाइलीसाइड के रूप में ओमेगा-3 जैसे फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं। 100 ग्राम सालमन मछली में 18% थायमिन (बी 1), 29% राइबोफ्लेविन (बी 2), 50% नियासिन (बी 3), 19% पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), 47% पायरीडॉक्सिन (बी 6) और 51% कोबालामिन (बी 12) होता है।

लिवर

यदि आप बीफ, पॉर्क, लैम्ब या चिकन खाते हैं तो बता दें इनके लिवर में विटामिन-बी की खान होती है। 100 ग्राम बीफ लिवर में 12% थायमिन (बी 1), 201% राइबोफ्लेविन (बी 2), 87% नियासिन (बी 3), 69% पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), 51% पायरीडॉक्सिन (बी 6), 138% बायोटिन (बी 7), 65% फोलेट (बी 9) और 1386% कोबालामिन (बी 12) हैं।

दूध

दूध भी विटामिन-बी का अच्छा स्त्रोत है। 240 मिलीलीटर दूध में 7% थायमिन (बी 1), 26% राइबोफ्लेविन (बी 2), 9% पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), 18% कोबालामिन (बी 12) होता है।

अंडे

अंडों में भी छोटी मात्रा में विटामिन-बी पाया जाता है। 50 ग्राम पके हुए अंडे में 15% राइबोफ्लेविन (बी 2), 7% पैंटोथेनिक एसिड (बी 5), 33% बायोटिन (बी 7), 5% फोलेट (बी 9) और 9% कोबालामिन (बी 12) होता है।

फलियां (Legumes)

फलियां फोलेट से भरपूर होती हैं। इसमें कम मात्रा में विटामिन-बी भी होता है। आधे कप फलियों में इस प्रकार फोलेट होता है।

ब्लैक बीन्स: आरडीआई का 32%

चिकपीस: आरडीआई का 35%

हरी मटर: आरडीआई का 12%

राजमा: आरडीआई का 29%

दाल: आरडीआई का 45%

भुना हुआ सोया नट: आरडीआई का 44%

और पढ़ें: Osteomalacia : ओस्टियोमलेशिया क्या है ?

विटामिन-बी की कमी को दूर करने के डायट में शामिल करें ये चीजें:

  • साबुत अनाज (Whole Grain)
  • ब्राउन चावल (Brown Rice)
  • जौ (Barley)
  • बाजरा (Millet)
  • लाल मांस (Red Meat)
  • मुर्गी (Chicken)
  • मछली (Fish)
  • अंडे और डेयरी उत्पाद (Egg or dairy products)
  • दूध (Milk)
  • पनीर (Cheese)
  • फलियां (बींस, दाल) Legumes (beans, lentils)
  • बीज और नट्स (सूरजमुखी के बीज, बादाम) Seeds and nuts (sunflower seeds, almonds)
  • डार्क, पत्तेदार सब्जियां (ब्रोकली, पालक) Dark, leafy vegetables (broccoli, spinach)
  • फल (खट्टे फल, एवोकाडो, केले) Fruits (Citrus, Avocado, Banana)
  • ठोस अनाज (Solid Grain)

ब्राउन चावल, जाै, बाजरा, मांस, अंडे का सेवन कर आप अपने शरीर नें इस खास विटामिन की कमी को पूरा कर सकते हैं। अगर आप शाकाहारी हैं, तो आप पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू आदि का सेवन कर सकते हैं।

विटामिन-बी हमारे शरीर के लिए एक ईंधन के रूप में कार्य करता है। ये जरूरी है कि हम शरीर को उचित मात्रा में विटामिन-बी की खुराक देते रहें। अच्छी सेहत का राज यही है कि शरीर को सही मात्रा में खनिज और पोषक तत्व मिलते रहे। विटामिन-बी की कमी को कभी भी अनदेखा न करें और जब भी आपके शरीर में विटामिन-बी की कमी हो, तो तुरंत ही न्यूट्रिशिनिस्ट से मिलें या डॉक्टर से परामर्श करें।

विटामिन बी के अलावा हमारे शरीर के लिए जरूरी अन्य विटामिन्स कौन से हैं?

विटामिन बी के साथ ही, हमारे शरीर को अन्य विटामिन्स जैसे, विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ई की भी उचित मात्रा में आवश्यकता हो सकती है। जिनके कार्य और कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है, यहां नीचे आप जान सकते हैं।

विटामिन- ए

विटामिन-ए दो फार्म में पाए जा सकते हैं। जिसमें एक रेटिनॉल और दूसरा कैरोटीन है। विटामिन ए आंखों के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। साथ ही, यह त्वचा, बालों, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूड़ों और हड्डी के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अहम माना जाता है। विटामिन ए की कमी से अक्सर आंखों की बीमारियां हो सकती हैं।

विटामिन ए की कमी न होने पर क्या खाएं?

विटामिन ए की कमी होने पर आप निम्न आहार खा सकते हैंः

  • चुकंदर
  • गाजर
  • पनीर
  • दूध
  • टमाटर
  • हरी सब्जियां
  • पीले रंग के फल।

विटामिन-सी

विटामिन-सी शरीर में तंत्रिकाओं तक संदेश पहुंचाने और कोशिकाओं तक ऊर्जा प्रवाहित करने का कार्य करता है। यह एक एस्कॉर्बिक अम्ल होता है जो नींबू, संतरा, अमरूद, मौसमी फलों में पाया जा सकता है। शरीर में विटामिन-सी की कमी के कारण स्कर्वी रोग होने का जोखिम बढ़ सकता है।

विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए आप खट्टे फलों के सेवन को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

डॉ. हेमाक्षी जत्तानी
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानीडेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist
Smrit Singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 17/03/2021