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पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं ये टिप्स फॉलो करना

पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं ये टिप्स फॉलो करना

आपका पाचन तंत्र उन खाद्य पदार्थों को प्रोसेस करता है, जिन्हें आप अपने शरीर के जरूरी पोषक तत्वों के लिए खाते हैं। यदि आप अपने पाचन तंत्र के स्वास्थ्य की तरफ ध्यान नहीं देते हैं, तो आपका शरीर उन आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने की समस्याओं में घिर सकता है। आपके द्वारा खाया जाने वाला भोजन और जीवनशैली आपके डायजेस्टिव सिस्टम पर सीधा प्रभाव डालती है। इसलिए पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके यहां बताए जा रहे हैं, ताकि आपका पाचन तंत्र अधिक कुशलता से कार्य कर सके और आपके स्वास्थ्य में सुधार हो।

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके ( Best Ways to Improve Your Digestion Naturally)

अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है, तो आपको अपनी डायट में बदलाव की जरूरत है। डायजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें –

इनसे बनाए मीलों की दूरी

रिफाइंड कार्ब्स में उच्च, संतृप्त वसा और फूड एडिटिव्स पाचन विकारों के विकास के जोखिम को बढ़ाते हैं। ग्लूकोज, नमक और अन्य रसायनों से युक्त खाद्य पदार्थों से आंत की सूजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। ट्रांस फैट कई प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। ये दिल की सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं और अल्सरेटिव कोलाइटिस की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

प्रोसेस्ड फूड्स जैसे कम कैलोरी वाले पेय पदार्थ और आइसक्रीम में अक्सर आर्टिफीशियल स्वीटनर्स पाए जाते हैं, जिससे पाचन समस्याएं हो सकती हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि 50 ग्राम आर्टिफीशियल स्वीटनर्स खाने से 70% लोगों में ब्लोटिंग और दस्त की समस्या हो सकती है। साथ ही आर्टिफीशियल स्वीटनर्स बैड बैक्टीरिया की संख्या भी बढ़ा सकती है।

वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि पोषक तत्वों में उच्च आहार पाचन रोगों से बचाता है। इसलिए पूरे खाद्य पदार्थों पर आधारित आहार खाने और खाद्य पदार्थों (जैसे-ब्रेड, केक, कुकीज आदि) के सेवन को सीमित करना पाचन के लिए सबसे अच्छा रहता है।

और पढ़ें : अल्सरेटिव कोलाइटिस के पेशेंट्स हैं, तो जानें आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके : फाइबर (Fiber) लें भरपूर

यह सभी को पता है कि फाइबर अच्छे पाचन के लिए फायदेमंद है। एक हाई फाइबर डाइट पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने के साथ कब्ज की संभावना को भी कम करती है। फलियां, नट, सब्जियां, साबुत अनाज आदि में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। एक हाई फाइबर डाइट अल्सर, बवासीर (hemorrhoids), डायवर्टीकुलिटिस (diverticulitis) जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करती है।

एक अन्य प्रकार का फाइबर है, जो आपके डाइजेशन को दुरुस्त करने में मदद कर सकता है। अकेडमी ऑफ नुट्रिशन एंड डायटेटिक्स के अनुसार, आंत में हेल्दी बैक्टीरिया को सपोर्ट करने में प्रोबायोटिक्स मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्स विभिन्न प्रकार के कच्चे फलों, सब्जियों और साबुत अनाज में पाए जाते हैं जिनमें केला, जई, प्याज और फलियां शामिल हैं।

और पढ़ें : जानिए लो फाइबर डायट क्या है और कब पड़ती है इसकी जरूरत

अपने आहार में स्वस्थ वसा (Healthy Fats) शामिल करें

पाचन तंत्र मजबूत करने के उपाय ढूंढ रहे हैं, तो आपको बता दें कि अच्छे पाचन के लिए हेल्दी फैट की आवश्यकता होती है। वसा आपको भोजन के बाद संतुष्ट महसूस करने में मदद करता है और उचित पोषक तत्व के अवशोषण के लिए भी इसकी आवश्यकता होती है। अध्ययनों से पता चला है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड अल्सरेटिव कोलाइटिस के विकास के जोखिम को कम कर सकता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड में उच्च खाद्य पदार्थों में फ्लैक्स सीड्स, चिया सीड्स, नट्स (विशेष रूप से अखरोट), साथ ही वसायुक्त मछली जैसे सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन शामिल हैं।

और पढ़ें : स्वस्थ बच्चे के लिए हेल्दी फैटी फूड्स

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके : हायड्रेटेड (Hydrated) रहें

तरल पदार्थ का कम सेवन कब्ज का कारण बनता है। विशेषज्ञ कब्ज को कम करने के लिए प्रति दिन 50-66 औंस (1.5-2 लीटर) गैर-कैफीन युक्त तरल पदार्थ पीने की सलाह देते हैं। हालांकि, आपको इसकी अधिक मात्रा की भी आवश्यकता भी हो सकती है, यदि आप गर्म जलवायु में रहते हैं। पानी के अलावा, आप हर्बल चाय, गैर-कैफीन युक्त पेय पदार्थ, नारियल पानी आदि का भी सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे फलों और सब्जियों एक सेवन भी ज्यादा करें, जिनमें पानी की मात्रा उच्च होती है, जैसे; ककड़ी, टमाटर, खरबूजे, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, तरबूज आदि।

और पढ़ें : जानें बॉडी पर कैफीन के असर के बारे में, कब है फायदेमंद है और कितना है नुकसान दायक

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके : भोजन को चबाएं

पाचन की क्रिया आपके मुंह से शुरू हो जाती है। आपके दांत भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं, ताकि पाचन तंत्र में मौजूद एंजाइम्स इसे और बेहतर तरीके से तोड़ सकें। देखा गया है कि खाने को कम चबाकर खाना, पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी का कारण बन सकता है। खाने को चबाने से लार का उत्पादन होता है, और जितनी देर आप खाना चबाते हैं, उतनी अधिक लार बनती है। लार आपके भोजन में कुछ कार्ब्स और फैट को तोड़कर आपके मुंह में पाचन प्रक्रिया शुरू करने में मदद करती है।

भोजन को अच्छी तरह से चबाना यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास डाइजेशन के लिए बहुत अधिक लार है। यह अपच और हार्ट बर्न जैसे लक्षणों को रोकने में मदद कर सकता है।

और पढ़ें : गाय, भैंस ही नहीं गधे और सुअर जैसे एनिमल मिल्क में भी छुपा है पोषक तत्वों का खजाना

आंतों की हेल्थ के लिए पोषक तत्वों को शामिल करें

  • प्रोबायोटिक्स : प्रोबायोटिक्स फायदेमंद बैक्टीरिया होते हैं। ये गुड बैक्टीरिया अपचनीय फाइबर्स (indigestible fibers) को तोड़कर पाचन में सहायता करते हैं। प्रोबायोटिक्स कब्ज और दस्त के लक्षणों में सुधार कर सकते हैं। ये फेर्मेंटेड खाद्य पदार्थों के साथ-साथ योगर्ट में पाए जाते हैं।
  • ग्लूटामाइन : यह एक एमिनो एसिड है जो आंत के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। सोयाबीन, अंडे और बादाम जैसे खाद्य पदार्थ खाकर अपना ग्लूटामाइन स्तर बढ़ा सकते हैं।
  • जिंक: यह मिनरल हेल्दी आंतों के लिए महत्वपूर्ण है। शरीर में इसकी कमी से कई तरह के गैस्ट्रोइंटेस्टिनल विकार (gastrointestinal disorders) हो सकते हैं। दस्त, कोलाइटिस और अन्य पाचन की समस्याओं के इलाज में जिंक सप्लीमेंट फायदेमंद पाया गया है। जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों में बीफ और सूरजमुखी के बीज शामिल हैं।

और पढ़ें : क्या पुरुषों के लिए हानिकारक है सोयाबीन?

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके : निश्चित शेड्यूल पर खाएं

नियमित समय पर भोजन और हेल्दी स्नैक्स का सेवन आपके पाचन तंत्र को मजबूत करने के उपाय में सबसे टॉप पर है। इसलिए हर दिन एक ही समय पर ब्रेकफास्ट, लंच, स्नैक्स और डिनर करना सुनिश्चित करें।

नियमित रूप से व्यायाम करें

नियमित व्यायाम आपके पाचन तंत्र के खाद्य पदार्थों को मूव करने में मदद करता है, जिससे कब्ज कम करने में मदद मिलती है। साथ ही सक्रिय रहने से आपको स्वस्थ वजन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है, जो आपके पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। इसलिए नियमित व्यायाम को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।

और पढ़ें : Lack of excercise- व्यायाम की कमी से स्वास्थ्य पर पड़ता असर

पाचन तंत्र सुधारने के प्राकृतिक तरीके : स्ट्रेस को करें मैनेज

तनाव आपके पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है। यह पेट के अल्सर, दस्त, कब्ज और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से संबंधित है। दरअसल, स्ट्रेस हॉर्मोन सीधे आपके पाचन को प्रभावित करते हैं। कई स्टडीज में पाया गया है कि स्ट्रेस मैनेजमेंट टेक्निक जैसे मेडिटेशन, योग आदि इर्रिटेबल बाउल डिजीज वाले लोगों में लक्षणों को कम करती हैं। इसलिए तनाव प्रबंधन तकनीकों को शामिल करना, जैसे कि गहरी सांस लेना, ध्यान या योग, न केवल आपकी मेंटल हेल्थ बल्कि आपके पाचन में भी सुधार करते हैं।

और पढ़ें : Digestive Disorder: जानिए क्या है पाचन संबंधी विकार और लक्षण?

बुरी आदतों को छोड़ दें

धूम्रपान, अत्यधिक कैफीन और शराब आपके पाचन तंत्र के फंक्शन को बाधित कर सकते हैं और पेट के अल्सर और हार्ट बर्न जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। इसलिए, डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि इन बुरी आदतों से आप दूर रहें।

यदि आप कभी-कभार पाचन संबंधी लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आहार और जीवनशैली में बदलाव आपके पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। फाइबर, स्वस्थ वसा और पोषक तत्वों में उच्च-आहार वाले आहार का सेवन करना अच्छे पाचन की ओर पहला कदम है। साथ ही बुरी आदतों से दूर रहना आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को और भी मजबूत बना सकता है। इसलिए, हेल्दी फ़ूड और हेल्दी लाइफस्टाइल को ही अपना लक्ष्य बनाएं और पाचन संबंधी परेशानियों से दूर रहें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Long-term intake of dietary fat and risk of ulcerative colitis and Crohn’s disease. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/23828881/. Accessed On 11 Sep 2020

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Zinc and gastrointestinal disease. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25400994/. Accessed On 11 Sep 2020

Efficacy of glutamine-enriched enteral feeding formulae in critically ill patients: a systematic review and meta-analysis of randomized controlled trials. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/27440684/.Accessed On 11 Sep 2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shikha Patel द्वारा लिखित
अपडेटेड 11/09/2020
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