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कोलोरेक्टल कैंसर में डिजिटल रेक्टल एक्जाम की क्या होती है अहम भूमिका?

कोलोरेक्टल कैंसर में  डिजिटल रेक्टल एक्जाम की क्या होती है अहम भूमिका?

डिजिटल रेक्टल एक्जाम की प्रोसीजर के दौरान डॉक्टर रेक्टम और अन्य इंटरनल ऑर्गन की जांच करते हैं। इस प्रोसीजर का इस्तेमाल पुरुषों की प्रोस्टेट हेल्थ की जांच करने के लिए किया जाता है। अगर पुरुषों में इलार्ज्ड प्रोस्टेट ग्लैंड की समस्या हो या फिर प्रोस्टेट कैंसर की समस्या हो, तो डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) की सहायता से इसकी जांच की जाती है। प्रोस्टेट का आकार अखरोट के आकार का होता है। ये मेन इजेकुलेशन के दौरान सीमन रिलीज करने का काम करता है। इंटरकोर्स के दौरान ये तरल पदार्थ ही स्पर्म को नरीश और प्रोटक्ट करने का काम करता है।डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) की हेल्प से प्रोस्टेट हेल्थ के बारे में जानकारी मिलती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) के बारे में जानकारी देंगे।

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डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) क्यों किया जाता है?

डिजिटल रेक्टल एक्जाम

डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) की सहायता से रेक्टम ट्यूमर की जांच की जाती है। प्रोस्टेट में होने वाले ट्यूमर के साइज के बारे में डिजिटल रेक्टल एक्जाम की हेल्प से जानकारी मिलती है और साथ ही इंफेक्शन के बारे में भी पता चलता है। इस एक्जाम की हेल्प से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग या फिर कोलन कैंसर(gastrointestinal bleeding or colon cancer) के बारे में भी जानकारी मिलती है। रेक्टल परिक्षण की सहायता से रेक्टल ब्लीडिंग के कारण भी पता चल जाते हैं। महिलाओं में इस परिक्षण की सहायता से वजायना रेक्टम के स्पेस भी पता चल जाता है। फीकल इनकॉन्टिनेंस (fecal incontinence) के दौरान भी डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) की सलाह दी जाती है।

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कैसे किया जाता है डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam)?

डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) के कुछ ही समय में हो जाता है। इस दौरान डॉक्टर फिंगर में लुब्रिकेंट लगाकर एनस के अंदर हाथ डालकर चेक करते हैं। ऐसा करने से उन्हें एब्नॉर्मलटी के बारे में जानकारी मिल जाती है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट (enlarged prostate) होने पर मलाशय की दीवार में उभार आ जाता है। जांच के दौरान डॉक्टर को उभार के बारे में जानकारी मिल जाती है। पुरुषों को टेस्ट के दौरान यूरिन लग सकती है। ऐसा प्रोस्टेट में प्रेशर के कारण महसूस होता है। डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) महिलाओं के साथ ही पुरुषों में भी किया जा सकता है और रूटीन फिजिकल एक्जाम में शामिल होता है। प्रोसीजर के दौरान महिलाओं और पुरुषों को थोड़ी दिक्कत महसूस हो सकती है लेकिन किसी प्रकार की गंभीर समस्या नहीं होती है। जिन लोगों को पाइल्स की समस्या (Piles problem) होती है, उन्हें जांच के दौरान ब्लीडिंग का आभास भी हो सकता है। अगर मल के साथ ब्लीडिंग हो रही है, तो ये कोलन कैंसर का लक्षण हो सकता है। डॉक्टर फीकल अकल्ट ब्लड टेस्ट (fecal occult blood test) भी कर सकते हैं।

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रेक्टल एक्जाम के लिए ऐसे करें खुद को प्रिपेयर

डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) के दौरान आपको नर्वस होने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर कुछ ही समय में ये परिक्षण पूरा कर लेते हैं। डॉक्टर हाथों में ग्लव्स पहनकर लुब्रिकेंट की सहायता से फिंगर को एनस के अंदर डालते हैं। ऐसे में आपको रिलेक्स फील करने की जरूरत है। अगर आप नर्वस हो जाएंगे, तो टेस्ट के दौरान परेशानी हो सकती है। आपको डॉक्टर जिस पुजिशन में लेटने के लिए कहेंगे, आपको बिना परेशानी के आराम से लेट जाना चाहिए। आपको टेस्ट के पहले यूरिन या स्टूल पास करने का अनुभव हो रहा है, तो बेहतर रहेगा कि आप खुद को पहले रिलेक्स कर लें ताकि टेस्ट के दौरान आपको अधिक दवाब का अनुभव न हो। फिर डॉक्टर कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक आपके निचले मलाशय का परिक्षण करेंगे। वे परीक्षा के दौरान आपके पेट के निचले हिस्से पर दबाव डाल सकते हैं।

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क्या डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) से पूरा हो जाता है परिक्षण?

डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) या रेक्टल परिक्षण के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होती है। ऐसे परिक्षण में किसी भी तरह के उपकरण की जरूरत नहीं होती है। डॉक्टर जांच से दौरान बढ़े हुए प्रोस्टेट (enlarged prostate), नोड्यूल या प्रोस्टेट की टेंडरनेस (nodules or tenderness of the prostate), ग्रॉस ब्लड, बवासीर, एनल फिशर और रेक्टल ट्यूमर जैसी चीजों का पता लगा लेते हैं। अगर डॉक्टर इस जांच के दौरान बीमारी का पता नहीं लगा पाते हैं, तो दूसरे टेस्ट कराने की जरूरत पड़ सकती है। आपको बायोप्सी ( biopsy), प्रोक्टोस्कोपी ( proctoscopy), सिग्मोइडोस्कोपी, या कोलोनोस्कोपी (colonoscopy) की जरूरत पड़ सकती है। अगर डॉक्टर को जरूरत पड़ेगी तो वो ब्लड का सैंपल ले सकते हैं। आपको इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कंसर्ट करना चाहिए।

रेक्टल परिक्षण के बाद क्या होता है?

अगर रेक्टल परिक्षण के बाद डॉक्टर को रेक्टल ट्यूमर की शंका होती है, तो डॉक्टर आपको अन्य जांचों के लिए कह सकते हैं। आप परिक्षण के तुरंत बाद घर जा सकते हैं क्योंकि इस परिक्षण में किसी तरह की समस्या नहीं होती है। अगर आपको पहले से बवासीर की बीमारी है, तो इस बारे में अपने डॉक्टर को जरूर बताएं। अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या होती है, तो बेहतर होगा कि आप ट्रीटमेंट के बारे में डॉक्टर से जानकारी लें।

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अगर आपको शरीर में किसी भी तरह का परिवर्तन नजर आए, तो उसे इग्नोर न करें। कैंसर के शुरुआती स्टेज में आमतौर पर लक्षण कम या फिर बिल्कुल नजर नहीं आते हैं। ऐसे में आपको किसी भी प्रकार की शंका होने पर डॉक्टर को जानकारी जरूर देनी चाहिए। कैंसर को शुरुआती स्टेज में रोका जा सकता है। कैंसर की स्टेज बढ़ने के साथ ही पेशेंट के ठीक होने की संभावना कम हो जाती है। कैंसर सेल्स तेजी से अपनी संख्या बढ़ाती हैं और पूरे शरीर में फैल जाती हैं। अगर कैंसर की शुरुआती स्टेज में परिक्षण कर लिया जाए, तो कीमोथेरिपी, सर्जरी या फिर रेडिएशन की हेल्प से कैंसर सेल्स को खत्म किया जा सकता है। भले ही कैंसर के ट्रीटमेंट से शरीर में दुष्प्रभाव पड़ते हो लेकिन ये कैंसर सेल्स खत्म करने का काम करती हैं।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता। इस आर्टिकल में हमने आपको हाय डिजिटल रेक्टल एक्जाम (Digital rectal exam) के संबंध में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

Accessed on 16/6/2021

Significance of serum total prostate specific antigen and digital rectal examination in the diagnosis of prostate cancer.
researchgate.net/publication/51774049_Significance_of_serum_total_prostate_specific_antigen_and_digital_rectal_examination_in_the_diagnosis_of_prostate_cancer

 Estimation of clinically significant prostate volumes by digital rectal examination: A comparative prospective study.
ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/22166330

digital rectal examination

https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/prostate-cancer/multimedia/digital-rectal-exam/img-20006434

 Predictive value of digital rectal examination for prostate cancer detection is modified by obesity. DOI:
doi.org/10.1038/pcan.2011.31

 Anatomical basis of digital rectal examination. DOI:
doi.org/10.1007/s00276-011-0832-8

 Why I cannot find the prostate? Behind the subjectivity of rectal exam. DOI:
doi.org/10.5402/2012/456821

 

Current Version

16/06/2021

Bhawana Awasthi द्वारा लिखित

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील

Updated by: Bhawana Awasthi


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के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

डॉ. प्रणाली पाटील

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित · अपडेटेड 16/06/2021

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