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Leukemia Radiation therapy: जानिए ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

Leukemia Radiation therapy: जानिए ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी!

ल्यूकेमिया एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे लोगों को अपना शिकार बनाती है। बीमारी के शुरुआत के कुछ दिनों के बाद ही शरीर में वाइट ब्लड सेल्स (WBC) की संख्या बढ़ना और रेड ब्लड सेल्स (RBC) का कम होना शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। ल्यूकेमिया की समस्या क्रोनिक या एक्यूट हो सकती है। दरसअल एक्यूट ल्यूकेमिया (Acute Leukemia) तेजी से फैलने वाले कैंसर की लिस्ट में शामिल है। वैसे ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy for Leukemia) का इस्तेमाल किया जाता है जिससे मरीज को लाभ मिल सकता है। इसलिए आज इस आर्टिकल में रेडिएशन थेरिपी से ल्यूकेमिया का इलाज (Radiation therapy for Leukemia treatment) और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातों को समझेंगे।

  • ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी कैसे किया जाता है?
  • ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी कैंसर के किस स्टेज में दी जा सकती है?
  • ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी की डोज क्या है और इस दौरान कितना वक्त लगता है?
  • ल्यूकेमिया रेडिएशन थेरिपी के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
  • ल्यूकेमिया रेडिएशन थेरिपी के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  • ल्यूकेमिया की समस्या से बचने के लिए क्या करें?

चलिए ल्यूकेमिया के इलाज के लिए रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy for Leukemia treatment) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

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ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी कैसे किया जाता है? (About Radiation therapy for Leukemia treatment)

ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy for Leukemia)

रेडिएशन थेरिपी कैंसर सेल्स को डैमेज करने का काम करते हैं, जिससे कैंसर सेल्स के फैलने की गति धीरे हो जाती है। ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी से कैंसर सेल्स को तो नष्ट किया जाता है, लेकिन इस दौरान आसपास के सेल्स को भी नुकसान पहुंचता है। हालांकि कुछ समय में हेल्दी सेल्स अपने आप ठीक होने लगते हैं। ल्यूकेमिया के इलाज के लिए एक्स्टर्नल बीम रेडिएशन (External beam radiation) की मदद ली जाती है। एक्स्टर्नल बीम रेडिएशन थेरिपी (EBRT) सामान्य है और इस थेरिपी की मदद से शरीर के बाहरी हिस्से पर रेडिएशन दी जाती है, जिससे ल्यूकेमिया का इलाज किया जाता है।

ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी कैंसर के किस स्टेज में दी जा सकती है? (When Radiation therapy is required)

ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी कैंसर के अर्ली स्टेज या फिर कैंसर के फैलने पर भी किया जा सकता है। वहीं कुछ केसेस में रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy) के साथ-साथ कीमोथेरिपी (Chemotherapy) भी दी जा सकती है। हालांकि थेरिपी का निर्णय ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर पेशेंट की हेल्थ कंडिशन (Health Condition) और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखकर ल्यूकेमिया रेडिएशन थेरिपी (Leukemia Radiation therapy) दी जा सकती है।

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ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी की डोज क्या है और इस दौरान कितना वक्त लगता है? (Dose and time for Leukemia Radiation therapy)

ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी की डोज ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा तय किया जाता है। दरअसल रेडिएशन थेरिपी देने के पहले ऑन्कोलॉजिस्ट पेशेंट के हेल्थ अच्छी तरह मॉनिटर करते हैं और फिर डोज तय करते हैं। कुछ केसेस में ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी के लिए एक दिन हॉस्पिटल में एडमिट भी किया जा सकता है। रेडिएशन थेरिपी एक्स-रे की तरह होता है। वहीं अमेरिकन कैंसर सोसाइटी (American Cancer Society) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार 5 से 6 सप्ताह तक दी जा सकती है। हालांकि थेरिपी 5 से 6 सप्ताह से कम या ज्यादा भी हो सकती, क्योंकि यह पेशेंट की कंडिशन पर निर्भर होता है। रेडिएशन थेरिपी के दौरान 10 से 15 मिनट का वक्त लगता है।

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ल्यूकेमिया रेडिएशन थेरिपी के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं? (Side effects of Leukemia Radiation therapy)

ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy for Leukemia)

नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) एवं अमेरिकन कैंसर सोसायटी (American Cancer Society) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी (Stomach cancer Radiation therapy) के बाद निम्नलिखित परेशानी देखी या महसूस की जा सकती है। जैसे:

  • त्वचा में खुजली होना। ऐसा उन हिस्सों में हो सकता है जहां रेडिएशन बीम दी गई हो। कुछ केसेस में स्किन रेड हो जाती है या ब्लिस्टर या स्किन निकलने लगती है।
  • सर्जरी से पहले अगर रेडिएशन थेरिपी दी गई है तो घाव भरने में वक्त लग सकता है।
  • उल्टी आने की समस्या हो सकती है।
  • डायरिया (Diarrhea) की समस्या होना।
  • अत्यधिक थकान (Fatigue) महसूस होना
  • बाल झड़ने (Hair loss) की समस्या होना।
  • सिरदर्द (Headaches) की समस्या होना।
  • ब्लड सेल्स काउंट (Blood Cell Counts) कम होना, जिसकी वजह से अत्यधिक थकान (Fatigue) महसूस होना और सांस लेने में कठिनाई महसूस (Shortness of breath) होना।
  • कम हुए ब्लड सेल्स काउंट की वजह से इंफेक्शन (Infection) का खतरा बढ़ना।

रेडिएशन थेरिपी के बाद ऊपर बताई गई परेशानी हो सकती है। इसलिए आइए स्थिति होने पर रेडिएशन एक्सपर्ट एवं ऑन्कोलॉजिस्ट को इसकी जानकारी जरूर दें।

हैकेंसैक मेरिडियन हेल्थ (Hackensack Meridian Health) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार इन साइड इफेक्ट्स को मेडिकेशन से कम करने में मदद मिल सकती है।

नोट: ल्यूकेमिया के लिए रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy for Leukemia) की वजह से अगर आपको कोई साइड इफेक्ट्स नजर आये या पेशेंट महसूस करते हैं, तो अपनी मर्जी से किसी भी दवाओं का सेवन ना करें। साइड इफेक्ट्स के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और उनके द्वारा प्रिस्क्राइब की गई दवा और सलाह का ही पालन करें।

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​​रेडिएशन थेरिपी से ल्यूकेमिया का इलाज (Radiation therapy for Leukemia treatment) के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Tips to follow after Leukemia radiation therapy)

रेडिएशन थेरिपी के बाद निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना अत्यधिक जरूरी है। जैसे:

  • रेडिएशन थेरिपी (Radiation therapy) के बाद ज्यादा से ज्यादा आराम करें।
  • पेशेंट के केयर टेकर को पेशेंट के हाइजीन का ध्यान रखते हुए उनके आसपास की जगहों में भी साफ सफाई का ध्यान रखें
  • पानी का सेवन करें। अगर पेशेंट कम पानी पिएंगे, तो डिहाइड्रेशन (Dehydration) का खतरा बढ़ सकता है।
  • पेट्स (Pets) से डिस्टेंस मेंटेन करें।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Public transport) में ट्रेवल ना करें।
  • कुछ समय के लिए बच्चों (Kids) और गर्भवती महिलों (Pregnant lady) से डिस्टेंस मेंटेन करें।
  • किसिंग (Kissing) एवं सेक्शुअल (Sexual) एक्टिविटी से दूर रहें।

नोट: रेडिएशन थेरिपी के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का ध्यान पूर्वक पालन करें। ऐसा करने से बीमारी से लड़ना और उसे हराना ज्यादा आसान हो जाता है। अगर रेडिएशन थेरिपी के बाद (After Radiation therapy) पेशेंट को कोई परेशानी महसूस होती है, तो इसकी जानकारी डॉक्टर की जरूर दें।

और पढ़ें: Metastatic lung cancer: मेटास्टेटिक लंग कैंसर क्या हैं? जानिए मेटास्टेटिक लंग कैंसर के लक्षण और इलाज से जुड़ी प्रमुख जानकारियां!

ल्यूकेमिया की समस्या से बचने के लिए क्या करें? (Leukemia Prevention tips)

ल्यूकेमिया की समस्या से बचने के लिए निम्नलिखित टिप्स अपनाये जा सकते हैं। जैसे:

  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • नियमित व्यायाम, योगासन या फिर वॉक करें।
  • तनाव से दूर रहें।
  • रेडिएशन की हाई डोज से बचें।
  • जहरीले रसायन जैसे बेंजीन से खुद को सुरक्षित रखें।
  • धूम्रपान या तंबाकू का सेवन ना करें।
  • रोजाना पूरी नींद लें।
  • खुद को और बॉडी को रिलैक्स करें।

ल्यूकेमिया की समस्या से बचने के लिए ऊपर बताई गई टिप्स लाभकारी हो सकते हैं।

अगर आप ल्यूकेमिया रेडिएशन थेरिपी (Leukemia Radiation therapy) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों के जवाब जल्द से जल्द देने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि अगर आप ल्यूकेमिया की समस्या से पीड़ित है, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपके हेल्थ कंडिशन (Health Condition) को ध्यान में रखकर इलाज शुरू करेंगे और पेट के कैंसर के लिए रेडिएशन थेरिपी पर विचार करेंगे।

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड