कोरोना वायरस की ग्लोसरी: आपने पहली बार सुने होंगे ऐसे-ऐसे शब्द

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Update Date जून 3, 2020 . 8 मिनट में पढ़ें
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कोविड-19 से संक्रमित होने की शंका पर व्यक्ति को क्वारंटाइन किया जाता है, आइसोलेशन में रखा जाता है और संक्रमण की पुष्टि होने पर तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज किया जाता है। ऐसी खबरें आप रोज सुनते होंगे, लेकिन क्या साल 2019 में कोविड-19 की पहचान होने और दुनिया भर में इस बीमारी के फैलने से पहले कभी आपने क्वारंटाइन या आइसोलेशन जैसे शब्दों को सुना था। उम्मीद है कि आपने नहीं सुना होगा।

कोरोना वायरस के संक्रमण के इस दौर में डॉक्टर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, सरकारें प्रायः अनेक तरह से शब्दों इस्तेमाल करते हैं, जिनका इस्तेमाल कोविड-19 के संक्रमित होने से लेकर इलाज तक की प्रक्रिया के बीच किया जाता है। आप इनके बारे में पक्का नहीं जानते होंगे। मेडिकल भाषा में इसे कोरोना वायरस की ग्लोसरी कहा जाता है। आइए आज आपको ऐसे कई नए शब्दों की जानकारी देते हैं।

कोरोना वायरस की ग्लोसरी-Corona virus glossary
कोरोना वायरस की ग्लोसरी-Corona virus glossary

1.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का पहला शब्द है कंटेनमेंट

Containment (कंटेनमेंट या रोकथाम)- कोविड-19 शब्दकोष का पहला शब्द है कंटेनमेंट। जब कोई संक्रामक बीमारी समाज में फैलती है, तो कंटेनमेंट का प्रयोग किया जाता है। प्रायः कंटेनमेंट शब्द का प्रयोग बीमारी की शुरुआती स्थिति में ही किया जाता है। कोई वायरस किसी समुदाय या समाज में फैला है कि नहीं, अगर फैल गया है तो बीमारी का कितना प्रसार हुआ है? इस बात का पता लगाने के लिए कंटेनमेंट शब्द का प्रयोग किया जाता है। इसके बाद की प्रक्रिया में क्वारंटाइन या आइसोलेशन जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है। कोविड-19 महामारी के कारण आज इस शब्द का बहुत इस्तेमाल किया जा रहा है।

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कंटेनमेंट के तहत कोरोना वायरस की रोकथाम करने के लिए रणनीति तैयार की जाती है। बीमारी किस तरह से फैल रही है, किन लोगों में फैल रही है, कितनी मात्रा में बीमारी का प्रसार हो रहा है। इन बातों की समीक्षा करके रोकथाम की नीति बनाई जाती है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

793,802

कंफर्म केस

495,516

स्वस्थ हुए

21,604

मौत
मैप

2.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का दूसरा शब्द है कोविड-19

COVID-19 (कोविड-19)- कोविड-19 शब्दकोष का दूसरा शब्द है कोविड-19। इसे कोविड-19 भी कहा जाता है। यह SARS-CoV-2 के कारण होने वाला एक श्वसन रोग है। कोविड-19 नए कोरोना वायरस का एक तकनीकी नाम है। यह कोरोनो वायरस समूह की एक बीमारी है। कोविड-19 महामारी के कारण व्यक्ति को सामान्य रूप से सर्दी, खांसी और सांस लेने जैसी परेशानियां होने लगती हैं। शुरुआत में ये परेशानियां निमोनिया जैसी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे बीमारी गंभीर हो जाती है और जानलेवा साबित होती है।

पहली बार कोविड-19 की पहचान साल 2019 के अंत में चीन के वुहान शहर में की गई। इस बीमारी का पहला मरीज चीन में और फिर अमेरिका के वाशिंगटन में मिला। डॉक्टर के अनुसार, कोविड-19 से सभी लोगों को गंभीर बीमारी नहीं होती, बल्कि छोटे बच्चों या बुजुर्ग लोगों के लिए यह बहुत खतरनाक माना जाता है। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि कोविड-19 से संक्रमण के बाद करीब 80% लोग अपने आप ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन करीब 20% लोगों को इसके गंभीर बीमारी हो सकती है।

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3.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का तीसरा शब्द है मोर्टेलिटी रेट (मृत्यु दर)

Mortality Rate (मृत्यु दर)- कोविड-19 शब्दकोष के तीसरे शब्द के रूप में डॉक्टर फेटेलिटी रेट का इस्तेमाल करते हैं। इसे फेटेलिटी रिस्क भी बोला जाता है। कोरोना वायरस के कारण कितने लोग संक्रमित हुए, कितने लोगों का इलाज किया गया और कितने मरीजों की मृत्यु हुई। फेटेलिटी रेट (मृत्यु दर) के तहत इन लोगों का आंकलन किया जाता है।

शुरुआत में जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल रहा था, तो विशेषज्ञों ने यह अंदाजा लगाया कि इससे मरीजों की मृत्यु दर 2 से 3.4 प्रतिशत तक हो सकती है, लेकिन बाद में विशेषज्ञों का यह अंदाजा गलत साबित हुआ। चीन के वुहान शहर में कोविड-19 महामारी के कारण मरने वाले लोगों की समीक्षा की गई तो पता चला कि मृत्यु दर 1.4 था।

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4.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का चौथा शब्द है फ्लैटनिंग द कर्व

Flattening the curve (फ्लैटनिंग द कर्व)- कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने और उससे लोगों के बीमार होने की समीक्षा को जब एक ग्राफ के रूप में देखा जाता है, तो विशेषज्ञ फ्लैटनिंग द कर्व शब्द का इस्तेमाल करते हैं। कोविड-19 शब्दकोष का यह चौथा शब्द है। इसके तहत विशेषज्ञों ने यह पता लगाया कि कोविड-19 के संक्रमण के बहुत ही कम समय या कुछ ही दिनों में बीमार लोगों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई।

Coronavirus Glossary in Hindi-कोरोना वायरस की ग्लोसरी
Coronavirus Glossary in Hindi-कोरोना वायरस की ग्लोसरी

इटली में कोविड-19 महामारी के कारण आज हजारों लोगों की मृत्यु हो चुकी है और लाखों लोग संक्रमित हैं। हर तरफ कोरोना वायरस की रोकथाम की जा रही है। विशेषज्ञों ने इस ग्राफ से ही इटली की स्थिति का आंकलन किया। इसके तहत इस बात की समीक्षा भी की जाती है कि जितने लोग बीमार हुए, उनमें से कितनों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत महसूस हुई। कितने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और सुरक्षा उपकरण दिए गए। 

अमेरिका सहित अन्य देशों ने फ्लैटनिंग द कर्व के तहत की गई अपनी समीक्षा में इस बात का पता लगाया कि अगर सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन किया जाए, तो कोरोना वायरस के फैलाव को कम किया जा सकता है। इसी के बाद, लगभग हर देश में क्वारंटाइन, आइसोलेशन, सामाजिक दूरी और लॉकडाउन जैसे कदम उठाने लगे।

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5. कोरोना वायरस की ग्लोसरी का पांचवां शब्द है इनक्यूबेशन 

Incubation (इनक्यूबेशन)- कोविड-19 की ग्लोसरी का यह पांचवां शब्द है। जब इस बात की पुष्टि हो जाती है कि कोई व्यक्ति कोविड-19 वायरस से संक्रमित हो गया, तब उसमें बीमारी के लक्षण के उभरने में जितना समय लगता है, उसे इनक्यूबेशन पीरियड कहा जाता है। इनक्यूबेशन पीरियड में वैज्ञानिक यह पता लगाते हैं कि संक्रमण के कितने दिनों बाद रोगी को लक्षण महसूस होने लगे और बीमारी कब फैल सकती है, भले ही मरीज को कोई लक्षण महसूस न होता हो।

6.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का छठा शब्द है आइसोलेशन

Isolation (आइसोलेशन) – कोरोना वायरस की ग्लोसरी के छठे शब्द के रूप में डॉक्टर आइसोलेशन शब्द का इस्तेमाल करते हैं। कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि होने के बाद रोगी को आइसोलेशन में रहने के लिए कहा जाता है। रोगी की बीमारी के अनुसार उसे घर पर या हॉस्पिटल में आइसोलेशन में भी रखा जा सकता है। आइसोलेशन का मतलब है कि बीमार लोगों को स्वस्थ लोगों से दूर रखा जाना, ताकि स्वस्थ लोगों में संक्रमण न फैले।

विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसके मुंह से हवा में सलाइवा (ड्राफलेट) निकलता है। सलाइवा  छोटी-छोटी बूंदों जैसी होता है, जिसमें वायरस होता है। इस वायरस के संपर्क में आने के बाद स्वस्थ लोग भी बीमार हो सकते हैं। इसलिए रोगी को आइसोलेशन में रखा जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि आइसोलेशन में रहने और दूसरे लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए रोगी को हमेशा मास्क और सेनिटाइजर जैसे सुरक्षात्मक उपकरण को उपयोग करना जरूरी है। 

डॉक्टर के अनुसार, अगर किसी रोगी को घर में ही आइसोलेट किया जा रहा है, घर वालों को संक्रमण से बचने के लिए पूरी रह सावधानी बरतनी चाहिए। रोगी से मिलते समय चेहरे पर मास्क पहनना चाहिए। अगर संभव हो, तो रोगी के लिए अलग कमरे और अलग बाथरूम की व्यवस्था करनी चाहिए। दरवाजे की कुंडी, रोगी द्वारा छूने वाले सामान या अन्य वस्तु को सेनिटाइजर से साफ रखना चाहिए।

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7. कोरोना वायरस की ग्लोसरी का सांतवां शब्द है मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम

Middle East respiratory syndrome (मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम या MERS)- यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी का सांतवां शब्द है। इस शब्द की भी आ बहुत चर्चा हो रही है। कोरोना वायरस की तरह लोग इससे भी लोग संक्रमित होते हैं। MERS एक जूनोटिक वायरस है, जो इंसानों ने MERS जानवर, जैसे ऊंट से फैलता है। पहली बार MERS की पहचान साल 2012 में सऊदी अरब में की गई। यह बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचता है और इससे लोगों में संक्रमण फैलने की संभावना कम होती है। इसके बाद भी MERS से अब तक 2,494 लोग संक्रमित होने और 858 मौत हो चुकी हैं।

8.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का आठवां शब्द है पेनडेमिक

8.Pandemic (महामारी)- यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी का आंठवां शब्द है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 11 मार्च, 2020 को कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया। यह विश्व की पहली घटना है, जब किसी वायरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी को महामारी घोषित किया गया हो। 

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9.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का नौवां शब्द है सामाजिक दूरी

Physical distancing, or social distancing  (शारीरिक दूरी या सामाजिक दूरी)- आमतौर पर शारीरिक दूरी को ही सामाजिक दूरी भी बोला जाता है। कोरोना वायरस के संक्रमण के इस समय में शारीरिक दूरी या सामाजिक दूरी, सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाने वाला शब्द है। सामाजिक दूरी कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए अपनाया जाता है। चूंकि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में केवल बात करने या छूने आदि से भी फैल सकता है, इसलिए डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ सामाजिक दूरी अपनाने की सलाह देते हैं। 

Coronavirus Glossary in Hindi : कोरोना वायरस की ग्लोसरी
Coronavirus Glossary in Hindi : कोरोना वायरस की ग्लोसरी

सामाजिक दूरी के तहत स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से कम से कम छह फीट की दूरी बनानी चाहिए। इससे कोरोना वायरस के फैलने की संभावना कम हो जाती है। यह भी सलाह है कि लोगों को सार्वजनिक समारोह, जैसे सम्मेलनों, पार्टी-शादी और खेल आयोजनों में नहीं जाना चाहिए। अगर जाने की मजबूरी हो, तो सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए। यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी का नौवां शब्द है।

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10.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का दसवां शब्द है आर-नाउट

R-naught or R0 (आर-नाउट)- हर वायरस का अपना एक प्रजनन संख्या होता है, जिसे R0 कहते हैं। किसी रोगी से कितने लोग संक्रमित हो सकते हैं, यह R0 से पता लगाया जाता है। संक्रमित लोगों की संख्या इस बात पर भी निर्भर करती है कि वायरस कितना संक्रामक है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार, COVID-19 महामारी का R0 2 और 2.5 के बीच है। R0 जितना अधिक होता है, बीमारी उतनी ही खतरनाक मानी जाती है। मौसमी फ्लू का R0 1.3 होता है, जो हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करता है जबकि SARS का R0 2 और 5 के बीच था, जिससे कुल 8,000 लोग संक्रमित हुए थे। यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी का दसवां शब्द है।

11.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का ग्यारहवां शब्द है क्वारंटाइन

Self-quarantine (सेल्फ क्वारंटाइन)- कोरोना वायरस से संक्रमण की संभावना के बाद, जब लोगों को आइसोलेशन में रखा जाता है, तो हमेशा यह जानना आसान नहीं होता है कि व्यक्ति संक्रमित हुआ है या नहीं। अगर व्यक्ति किसी ऐसे स्थान की यात्रा करते लौटा है, जहां कोरोना वायरस का प्रकोप फैला हुआ है तो संभवना ज्यादा होती है कि यात्री को भी इससे संक्रमण हुआ हो। इस बात का पता लगाने के लिए व्यक्ति को अपने आपको 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी जाती है।

इस दौरान व्यक्ति को रोजमर्रा के कामकाज करने की मनाही होती है, व्यक्ति पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं, भले ही उसमें वायरस के कोई लक्षण दिखे या न दिखे। सामुदायिक स्तर पर बीमारी को फैलने के लिए ऐसा करना बहुत जरूरी है। यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी के ग्यारहवें शब्द सेल्फ क्वारंटाइन में व्यक्ति को इन बातों की मनाही होती हैः-

  • व्यक्ति किसी आगंतुक से नहीं मिल सकता है।
  • किसी व्यक्ति का उपयोग किया तौलिया या बर्तनों का इस्तेमाल नहीं कर सकता है।
  • दूसरे लोग व्यक्ति का इस्तेमाल किए गए किसी वस्तु का उपयोग नहीं कर सकता है।
  • व्यक्ति को बार-बार हाथ धोना पड़ता है।
  • अपने घर के अन्य लोगों से कम से कम छह फीट दूरी बनाए रखनी पड़ती है।

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12.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का बारहवां शब्द है सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम

Severe acute respiratory syndrome (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम या SARS)- एशिया में साल 2003 में वायरल रेस्पिरेटरी कोरोना वायरस की पहचान की गई। यह वायरस साल 2003 में 29 देशों में फैल गया। इससे संक्रमित रोगी को प्रायः बुखार, ठंड लगना और शरीर दर्द जैसे लक्षण महूसस होते हैं। यह धीरे-धीरे निमोनिया में बदल जाता है, जिससे उस समय कुल 8,096 लोग संक्रमित हुए थे और कुल 774 लोगों की मौत हुई थी। बीमारी की रोकथाम की गई और साल 2004 के बाद से वायरस से संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इसे कोरोना वायरस की ग्लोसरी का बारहवां शब्द कहा जा सकता है।

13.कोरोना वायरस की ग्लोसरी का तेरहवां शब्द है इमरजेंसी

State of emergency (आपातकाल की स्थिति)- अमेरिकी सरकार ने 13 मार्च को कोरोनो वायरस को लेकर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी। यह लोगों को बीमारी से बचाने के लिए किया जाने वाला आपातकाल है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्टाफ़र्ड एक्ट के साथ राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की, जो प्रायः बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय किया जाता है।

इसके तहत देश में पैदा होने वाली समस्या की रोकथाम करने की कोशिश की जाती है। अमेरिका ने कोविड-19 के प्रकोप से देश के नागरिकों को बचाने और संक्रमण की स्थिति में नुकसान को कम से कम करने के लिए सारी तैयारी शुरू कर दी है। डॉक्टर, हॉस्पिटल, स्वास्थ्य उपकरण आदि को बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है। इस समय प्रयोग किया जाने वाला यह कोरोना वायरस की ग्लोसरी का तेरहवां शब्द है।

Coronavirus Glossary in Hindi : कोरोना वायरस की ग्लोसरी
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14. कोरोना वायरस की ग्लोसरी का चौदहवां शब्द है लॉकडाउन

Lockdown (लॉकडाउन)– लॉकडाउन कोरोना वायरस की ग्लोसरी का चौदहवां शब्द है, जिसके बारे में पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया है। लॉकडाउन की स्थिति में सभी लोगों को अपने-अपने घरों में ही बंद होकर रहना पड़ रहा है। इसलिए आपको इन बातों का ध्यान देना जरूरी है।

  • लॉकडाउन लागू करने का मकसद यह है कि इससे लोग अपने-अपने घरों में बंद रहेंगे। बाहर नहीं निकलेंगें।
  • बाहर नहीं निकलने से संक्रमित व्यक्ति से मुलाकात नहीं होगी और बीमारी का प्रसार नहीं होगा।
  • लॉकडाउन में बाजार, मॉल, दुकानें, सिनेमा लॉल, ट्रेन, मेट्रो, एयरपोर्ट, हवाई सेवा आदि बंद कर दिए गए हैं।
  • आप केवल स्वास्थ्य सेवाओं, खान-पान की चीजों और मीडिया संस्थानों के काम से ही बाहर जा सकते हैं।

कोरोना वायरस की ग्लोसरी के रूप में आज इन सभी शब्दों का बहुत इस्तेाल हो रहा है। उम्मीद है कि इससे आपको और अधिक जानकारी मिली होगी।

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