डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स: शुगर कंट्रोल रखने का यह आइडिया भी है बेस्ट, लेकिन एक्सपर्ट के निगरानी में

    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स: शुगर कंट्रोल रखने का यह आइडिया भी है बेस्ट, लेकिन एक्सपर्ट के निगरानी में

    डायबिटीज की समस्या पहले जेनेटिकल मानी जाती थी यानी परिवार में अगर कोई डायबिटीज की समस्या का शिकार है, तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी ब्लड शुगर की बीमारी खतरा बना रहता है। हालांकि बदलते वक्त में और बदलती लाइफस्टाइल में डायबिटीज की समस्या भी लाइफस्टाइल डिजीज की लिस्ट में शामिल हो चुकी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार अगर हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो की जाए तो डायबिटीज की समस्या से बचा जा सकता है। वहीं रिसर्च गेट (ResearchGate) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand) ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस रखने में सहायक हो सकते हैं।

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    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां आपके साथ शेयर करेंगे, लेकिंग सबसे डायबिटीज एवं एक्यूप्रेशर पॉइंट्स क्या हैं इस बारे में जान लेते हैं।

    डायबिटीज (Diabetes) क्या है?

    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand)

    मधुमेह (Diabetes) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। डायबिटीज दो अलग-अलग तरह के होते हैं। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) में पेशेंट की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) कमजोर पड़ने लगती है और इंसुलिन (Insulin) का उत्पादन करने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। ज्यादातर लोग डायबिटीज के इस प्रकार से प्रभावित होते हैं।

    वहीं टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) में शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है या शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के साथ कोई रिएक्शन नहीं देती हैं। हाय ब्लड शुगर (High Blood Sugar) वाले मरीजों को आमतौर पर बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होती है और उन्हें जल्दी-जल्दी भूख और प्यास लगती है। डायबिटीज के लक्षणों को समझेंगे, लेकिन उससे पहले एक्यूप्रेशर पॉइंट्स के बारे में जान लेते हैं।

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    एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points) क्या हैं?

    ह्यूमन बॉडी में ऐसे कई प्रेशर प्वाइंट मौजूद होते हैं, जिनका कनेक्शन बॉडी के दूसरे अंगों से मिला होता है। हाथों और पैरों में मौजूद इन पॉइंट को दबाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है या फिर यूं कहें की डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट को दबाकर ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को कंट्रोल किया जा सकता है।

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार एक्यूप्रेशर पॉइंट दबाने से डायजेशन बेहतर होता है। वहीं एक्यूप्रेशर पॉइंट को दबाने से एडिपोनेक्टिन (Adiponectin) का निर्माण होता है, जो एक तरह का प्रोटीन हॉर्मोन होता है। एडिपोनेक्टिन वेट कंट्रोल (Weight control) में बेहद सहायक माना जाता है। डायबिटीज पेशेंट के लिए ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) कंट्रोल रखना जितना जरूरी है, उतना ही बॉडी वेट बैलेंस रखना आवश्यक माना जाता है। इसलिए डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स एवं शरीर के अन्य हिस्से में मौजूद प्रेशर पॉइंट्स बेहद लाभकारी बताये गए हैं। हालांकि प्रेशर पॉइंट्स के बारे में कुछ जरूरी बातों को जरूर ध्यान रखें।

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    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स एवं अन्य शारीरिक हिस्से पर प्रेशर कैसे डालें?

    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand)

    डायबिटीज में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर डालने के निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे:

    • एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर डालने के दौरान अत्यधिक प्रेशर डालने से बचें। हल्के हाथों से प्रेशर डालें और मालिश करें।
    • डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स या अन्य शारीरिक हिस्से पर प्रेशर डालने से पहले पेशेंट को डीप ब्रीदिंग करना चाहिए और रिलैक्स हो जाना चाहिए।
    • प्रेशर पॉइंट्स पर पेशेंट्स को अगर प्रेशर ज्यादा लग रहा है, तो इस बारे में एक्सपर्ट को जानकारी दें।
    • पेशेंट खुद भी हाथों या पैरों के प्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर डाल सकते हैं।

    इन बातों को ध्यान में रखकर एक्यूप्रेशर पॉइंट्स का फायदा डायबिटीज पेशेंट को मिल सकता है।

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    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स कौन-कौन से हैं? (Acupressure points for diabetes on hand)

    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand)

    डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स के साथ-साथ बॉडी के अन्य ऑर्गेन में मौजूद प्रेशर पॉइंट्स के बारे यहां जानें-

    • अंगूठा (Thumb)- डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स में अंगूठे के के पास दबाएं। आप उंगलियों के बीच में भी हड्डियों पर प्रेशर डाल सकते हैं। अंगूठे के पास और उंगलियों के बीच में भी हड्डियों पर प्रेशर डालने से वजन कंट्रोल होने के साथ-साथ ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल हो सकता है।
    • कलाई (Wrist)- कलाई के आखरी हिस्से पर मौजूद प्रेशर पॉइंट्स को दबाने से लाभ मिलता है। इस प्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर डालने से तनाव कम होने के साथ-साथ बॉडी में फैट बनने से रोकने में सक्षम माना जाता है, जिससे डायबिटीज की संभावना कम होती है।
    • स्‍प्‍लीन प्वाइंट (Spleen point)- काफ मसल के नीचे एवं एड़ी के बीच में मौजूद प्रेशर पॉइंट पर प्रेशर डालने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। वहीं अगर आपको अक्सर बॉडी पेन की शिकायत रहती है, तो इससे भी राहत मिल सकती है।

    नोट: पैरों के नस पैनक्रियाज (Pancreas) से जुड़े होते हैं और जब पैरों के प्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है, तो पैनक्रियाज में इंसुलिन (Insulin) को बूस्ट होती है। इस दौरान ऑयल से मसाज करना भी लाभकारी माना जाता है।

    इन अलग-अलग पॉइंट्स पर नियमित प्रेशर डालने और ठीक तरह से डालने पर जल्द ही लाभ मिल सकता है।

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    डायबिटीज में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स के नुसकान भी हो सकते हैं? (Side effects of Acupressure points)

    अलग-अलग रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार डायबिटीज में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स बेहद लाभकारी बताये गए हैं, ठीक उसी प्रकार अगर डायबिटीज में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स गलत तरह प्रेस किया जाए या गलत अंगों पर दवाब डाला जाए तो इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जैसे:

    • अगर जरूरत से ज्यादा डाला जाए तो फ्रैक्चर (Fracture) की आशंका बनी रहती है।
    • प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर नहीं डालना चाहिए।
    • अगर डायबिटीज की समस्या बहुत पुरानी है, तो एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points) की मदद से इलाज में वक्त भी लग सकता है।
    • अगर बॉडी में किसी भी कारण से सूजन हो या चोट लगी हो, तो ऐसे में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points) पर प्रेशर नहीं डालना चाहिए।
    • अगर ठीक तरह से प्रेशर पॉइंट्स (Pressure points) पर प्रेशर ना डाले जाए कोई अन्य शारीरिक परेशानी का दस्तक दे सकती है।

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) के अनुसार खाने के बाद, एल्कोहॉल के सेवन या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद भी एक्यूप्रेशर थेरिपी लेने से बॉडी पर इसका नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ता है। इसलिए डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स या किसी भी अंगों में प्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर डालने से पहले किसी एक्सपर्ट एक्यूप्रेशर से कंसल्ट करें।

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    अगर आप डायबिटीज में हाथों के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure points for diabetes on hand) से जुड़ी किसी तरह की कोई जानकारी पाना चाहते हैं, तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब देंगे। हालांकि अगर आप डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं और डायबिटीज में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स की मदद से ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं, तो डॉक्टर एवं एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट से कंसल्ट करें। क्योंकि डॉक्टर ब्लड शुगर की समस्या को ध्यान में रखकर डायबिटीज की दवा एवं एक्यूप्रेशर की सलाह दे सकते हैं। अगर आप डायबिटीज के पेशेंट है एक्यूप्रेशर की मदद ले रहें हैं, तो आप अपना एक्सपीरियंस भी कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं।

    डायबिटीज की समस्या होने पर हेल्दी डायट (Healthy diet) फॉलो करना बेहद जरूरी है। डॉक्टर से द्वारा प्रिस्क्राइब्ड ड्रग्स भी समय पर लें और नियमित योगासन करें। योग के फायदे और करने का तरीका जानिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक में।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/11/2021 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड