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डायबिटीज में गिलोय एंटी-डायबेटिक की तरह करता है काम, लेकिन बिना डॉक्टर के एडवाइस के सेवन करने से हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स!

डायबिटीज में गिलोय एंटी-डायबेटिक की तरह करता है काम, लेकिन बिना डॉक्टर के एडवाइस के सेवन करने से हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स!

इनदिनों इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अगर किसी चीज की चर्चा खूब हुई, तो वह है आयुर्वेदिक औषधियों में शामिल तुलसी और गिलोय। आयुर्वेद विशेषज्ञों की मानें तो तुलसी (Tulsi) और गिलोय (Giloy) के नियमित एवं संतुलित मात्रा में सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। वहीं अगर सिर्फ बात गिलोय की करें, तो यह भी शरीर को स्वस्थ रखने में आपका साथ निभाता है। इसलिए आज हमनें डायबिटीज पेशेंट के लिए गिलोय के फायदे (Giloy benefits for diabetes patients) से जुड़ी जानकारी शेयर करने जा रहें हैं। इसके साथ ही डायबिटीज में गिलोय का सेवन कैसे करना लाभकारी होगा यह भी समझने की कोशिश करेंगे।

और पढ़ें : डायबिटीज में वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज, साथ में इन बातों का रखें ध्यान!

डायबिटीज में गिलोय के सेवन से पहले डायबिटीज से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जान लेते हैं। जैसे:

  • डायबिटीज क्या है?
  • डायबिटीज में गिलोय क्यों फायदेमंद माना जाता है?
  • डायबिटीज में गिलोय का सेवन कैसे करें?

चलिए अब इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

डायबिटीज (Diabetes) क्या है?

डायबिटीज एक ऐसी शारीरिक तकलीफ है, जिसमें बॉडी में मौजूद ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) इमबैलेंस हो जाता है। दरअसल खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद जब फूड डायजेस्ट होने लगता है उससे ह्यूमन बॉडी को ग्लूकोज मिलता है, जिससे बॉडी को एनर्जी मिलती है। वहीं अगर शरीर में इन्सुलिन (Insulin) मौजूद ना हो, तो वो अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती है और ब्लड से सेल्स तक ग्लूकोज नहीं पहुंच पाता है। ऐसी स्थिति होने पर ग्लूकोज ब्लड में इकट्ठा होने लगता है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ब्लड में ग्लूकोज (Glucose) अगर इकट्ठा होने लगे तो यह शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। मधुमेह यानी डायबिटीज (Diabetes) 3 अलग-अलग प्रकार के होते हैं। जैसे:

  1. टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes)
  2. टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes)
  3. जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes)

डायबिटीज के इन 3 अलग-अलग प्रकारों को अगर सामान्य शब्दों में समझें तो-

  1. टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes)- जब शरीर में इन्सुलिन का उत्पादन करने वाली सेल्स नष्ट हो जाती हैं, तो ऐसी स्थिति टाइप 1
    डायबिटीज की ओर इशारा करती है।
  2. टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes)- जब शरीर में इन्सुलिन (Insuline) का निर्माण ना हो सके या इन्सुलिन कोशिकाओं के साथ रिएक्ट ना कर
    सके, तो ऐसी स्थिति टाइप 2 डायबिटीज की ओर इशारा करती है।
  3. जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational Diabetes)- प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान ब्लड शुगर लेवल बढ़ना जेस्टेशनल डायबिटीज कहलाती है।

ये हैं डायबिटीज के 3 अलग-अलग प्रकार, लेकिन ऐसे में सवाल ये उठता है कि डायबिटीज के लक्षणों को समझना जरूरी है और फिर डायबिटीज में गिलोय (Giloy for diabetes) का सेवन कर बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को कंट्रोल किया जा सके।

और पढ़ें : कहीं बढ़ता ब्लड शुगर लेवल हायपरग्लायसेमिक हायपरोस्मोलर सिंड्रोम का कारण ना बन जाए?

डायबिटीज के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of diabetes)

डायबिटीज के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

  • बार-बार टॉयलेट (Urine) जाना
  • अत्यधिक प्यास लगना।
  • बहुत भूख लगना।
  • हमेशा थका हुआ महसूस करना
  • देखने (Vision) में परेशानी होना।
  • किसी चोट को ठीक होने में ज्यादा समय लगना।
  • वजन कम (Weight loss) होना या वजन ज्यादा (Weight gain) होना।
  • हाथ या पैरों में झुनझुनी या दर्द महसूस होना।

अगर आप ऐसे लक्षण महसूस कर रहें हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्ट करें।

और पढ़ें : क्या डायबिटीज पेशेंट के पास है मील रिप्लेसमेंट ऑप्शन?

डायबिटीज में गिलोय क्यों फायदेमंद माना जाता है? (Benefits of Giloy for diabetes patients)

रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार टाइप-2 डायबिटीज की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ती जा रही है। इसका सबसे मुख्य कारण अनहेल्दी लाइफ स्टाइल (Unhealthy lifestyle) फॉलो करना माना जाता है। टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) बढ़ती उम्र के साथ-साथ कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है। ऐसा माना जाता है कि टाइप 2 डायबिटीज की समस्या को खत्म तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बैलेंस रखा जा सकता है। इसलिए डायबिटीज में गिलोय (Giloy for diabetes) का सेवन लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों की मानें, तो डायबिटीज में गिलोय का संतुलित मात्रा में सेवन करने से अत्यधिक लाभ मिलता है। हालांकि गिलोय के सेवन के साथ-साथ डायबिटीज पेशेंट्स को हेल्दी डायट (Healthy diet) भी फॉलो करना बेहद जरूरी है, तभी डायबिटीज में गिलोय के फायदे मिल सकते हैं। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार गिलोय की पत्तियों के सेवन से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को बैलेंस में रखने में मदद मिल सकती है। गिलोय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant) तत्व शरीर में मौजूद टॉक्सिन (Toxin) को बाहर निकलने में सहायक होते हैं, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। आयुर्वेदिक औषधि गिलोय में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) गुण पाए जाते हैं, जिससे शरीर का ग्लाईसिमिक कंट्रोल रहता है। सिर्फ इतना ही नहीं गिलोय को एंटी-डायबेटिक (Antidiabetic) मेडिसिन की तरह भी देखा जाता है, जो मीठा खाने की इच्छा को कम करने में डायबिटीज पेशेंट्स का साथ निभाता है। गिलोय में पैनक्रियाज (Pancreas) के बीटा कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

और पढ़ें : टाइप 2 डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार: क्या इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है, जानें एक्सपर्ट की राय

स्वस्थ रहने के लिए अपने दिनचर्या में नियमित योगासन करें। योग से जुड़ी खास जानकारी और योग को कैसे अपने जीवन में नियमित शामिल किया जा सकता है, ये बता रहीं हैं नीचे दिए इस वीडियो लिंक में योगा एक्सपर्ट पारमिता सिंह।

और पढ़ें : Diabetes and Depression: डायबिटीज और डिप्रेशन का क्या है कनेक्शन, जानिए यहां

डायबिटीज में गिलोय का सेवन कैसे करें? (Use of Giloy for diabetes patients)

डायबिटीज में गिलोय का सेवन निम्नलिखित तरह से की जा सकती है। जैसे:

  • डायबिटीज में गिलोय का सेवन करना चाहते हैं, तो गिलोय को नीम की छाल, आंवला या नागरमोथा जैसे अन्य हर्बल प्रॉडक्ट का मिश्रण तैयार कर लें। अब इस मिश्रण का सेवन एक दिन में दो से तीन बार करें।
  • टाइप 2 डायबिटीज में गिलोय के सेवन के लिए गिलोय के पत्ते के रस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आप गिलोय के रस के साथ शहद (Honey) मिलाकर एक दिन में दो से तीन बार सेवन कर सकते हैं।
  • आयुर्वेद के जानकारों की मानें, तो गिलोय के रस को पानी के साथ मिलाकर पीने से ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस रखने में लाभ मिलता है।

इन अलग-अलग तरहों से डायबिटीज में गिलोय का सेवन किया जा सकता है।

नोट: अगर आप डायबिटीज में गिलोय (Giloy for diabetes patients) का सेवन करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से इसकी सलाह लें, क्योंकि आयुर्वेद में पेशेंट के वात, पित्त और कफ दोष को ध्यान में रखकर औषधि दी जाती है। अपनी मर्जी से डायबिटीज में गिलोय का सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है।

अगर आप डायबिटीज (Diabetes) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। हालांकि अगर आप डायबिटीज की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपके हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखकर डायबिटीज में गिलोय (Giloy for diabetes patients) के सेवन की सलाह देंगे।

डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपने आहार का विशेष ख्याल रखना चाहिए। नीचे दिए इस क्विज को खेलिए और जानिए डायबिटीज और डायट (Diabetes and diet) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

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सूत्र

Type 2 Diabetes/https://medlineplus.gov/diabetestype2.html/Accessed on 16/07/2021

Maybe you’ve just been diagnosed with type 2 diabetes. Or maybe you’ve been living with it for awhile./https://www.diabetes.org/diabetes/type-2/Accessed on 16/07/2021

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GUIDELINES for AYURVEDA PRACTITIONERS for COVID 19/https://www.ayush.gov.in/docs/ayurved-guidlines.pdf/Accessed on 16/07/2021

Efficacy of Ayurvedic remedies in type 2 diabetes: A review through works done at Gujarat Ayurved University, Jamnagar/https://www.jmnn.org/article.asp?issn=2278-1870;year=2015;volume=4;issue=2;spage=63;epage=69;aulast=Sharma/Accessed on 16/07/2021

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/07/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड