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Blepharitis : ब्लेफेराइटिस (पलकों की सूजन) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

परिभाषा|लक्षण|कारण|उपचार|जटिलताएं|बचाव
    Blepharitis : ब्लेफेराइटिस (पलकों की सूजन) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

    परिभाषा

    आंखों की कई समस्याओं में से एक है पलकों में सूजन व जलन, जिसे ब्लेफेराइटिस (blepharitis eyelid inflammation) कहते हैं। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। ब्लेफेराइटिस बीमारी कैसे होती है, इसके लक्षण और उपचार क्या हैं, आप जानेंगे इस आर्टिकल में।

    पलकों की सूजन (ब्लेफेराइटिस, blepharitis) क्या है?

    ब्लेफेराइटिस आंखों की एक आम समस्या है जिसमें पलकें लाल, पपड़ीनुमा हो जाती हैं और बहुत दर्द होता है। यह समस्या बहुत आम है और हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। लेकिन सही समय पर उपचार से पलकों की सूजन ठीक हो जाती है और इससे आंखों को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

    पलकों की सूजन के प्रकार

    पलकों की सूजन दो प्रकार की होती हैं

    एंटीरियर आई इन्फ्लेमेशन (anterior eye inflammation)

    यह सूजन आंखों के बाहर पलकों पर होती है। पलकों पर डैंड्रफ और आंखों में एलर्जिक रिएक्शन के कारण यह सूजन होती है।

    पोस्टीरियर आई इन्फ्लेमेशन (posterios eye inflammation)

    यह सूजन पलकों के अंदरूनी किनारे पर होती है। आपकी आईलैश फॉलिकल्स के पीछे एक मालफंक्शन ऑयल ग्लैंड इस प्रकार के सूजन का कारण होती हैं।

    और पढ़ें : Swelling (Edema) : सूजन (एडिमा) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

    लक्षण

    पलकों में सूजन (ब्लेफेराइटिस) के लक्षण

    ब्लेफेराइटिस के सामान्य लक्षणों में शामिल हैः

    ब्लेफेराइटिस की गंभीरता के आधार पर आपको कोई एक या सभी लक्षण दिख सकते हैं और यह लक्षण लगातार दिखते हैं। पलकों की सूजन के कुछ मामले में पलकें पूरी तरह से नष्ट हो जाती है। इसकी वजह से कॉन्टेक्ट लेंस पहनने में भी असहजता होती है, जिसकी वजह से कई लोग कॉन्टेक्ट लेंस पहनना छोड़ देते हैं।

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    कारण

    पलकों की सूजन (ब्लेफेराइटिस) का कारण

    ब्लेफेराइटिस के संभावित कारणों में शामिल हैः

    • बैक्टीरियल आइलिड इंफेक्शन
    • मिबोमेन ग्लैंड डायसफंक्शन (MGD)
    • ड्राई आंखें
    • पैरासाइटिस (डेमोडेक्स आईलेश माइट्स)
    • फंगल आईलिड इंफेक्शन

    ब्लेफेराइटिस और ड्राई आंखें आमतौर पर एक ही समय पर होती है। इस बात को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता है कि ड्राई आंखों के कारण ब्लेफेराइटिस होता है, ब्लेफेराइटिस के कारण आंखें ड्राई होती हैं। ऐसा अक्सर होता है कि जिसके कारण रिसर्चर और आई स्पेशलिस्ट भी मानते हैं कि ये दोनों स्थितियां एक ही पुरानी आंख की समस्या का हिस्सा हो सकती हैं जिसे ड्राई आई ब्लेफेराइटिस सिंड्रोम (DEBS) कहा जाता है।

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    उपचार

    ब्लेफेराइटिस का उपचार

    आंखों को धोकर गर्म सेंक लेने से सूजन कम होती है। सूजन की गंभीरता और कारणों के आधार पर डॉक्टर इसके लिए अन्य उपचार की सलाह देगा।

    स्टेरॉयड ट्रीटमेंट

    यदि आपको इंफेक्शन नहीं है तो आपका डॉक्टर सूजन कम करने के लिए स्टेरॉयड, आई ड्रॉप या मरहम देगा। ड्राई आंखों के कारण होने वाली इरिटेशन को कम करने के लिए आपका डॉक्टर ल्यूबरिकेटिंग आई ड्रॉप की सलाह दे सकता है।

    एंटीबायोटिक्स

    पलकों के संक्रमण के असरदार इलाज के लिए आपका डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा, महरम या लिक्विड ड्रॉप दे सकता है। डॉक्टर आई ड्रॉप की सलाह तब देता है जब संक्रमण पलकों से बाहर फैल जाता है।

    ऐसे करें सिंकाई

    ब्लेफेराइटिस के उपचार और इससे बचाव के लिए पलकों की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, मगर यह सही तरीके से किया जाना चाहिए।

    सबसे पहले अपने हाथ धो लें और एक साफ कपड़ा लेकर उसे गर्म पानी में डुबोकर निचोड़ें और उसे पलकों पर कुछ देर रखें। फिर आंखें खोलने से पहले पलकों को हल्के हाथों से रगड़ें। गर्म सिकांई कैसे और कितनी बार करना है इसके बारे में अपने डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह पर अमल करें। शुरुआत में डॉक्टर आपको दिन में कई बार 5-5 मिनट के लिए सिकांई करने के लिए कह सकता है, बाद में दिन में एक बार सेंक करना होता है।

    पलकों की सफाई

    आपका डॉक्टर आपको पलकों की सफाई की सलाह देगा और कोई क्लीनिंग एजेंट दे सकता है। गर्म पानी के अलावा आपको पानी में बेबी शैंपू मिलाकर या अन्य आईलिड क्लिनर से पलकों की सफाई के लिए कह सकता है। पलकों को साफ करने के लिएः

    • अपने हाथों को साफ कर लें और गीले कॉटन के कपड़े को क्लीनिंग सॉल्युशन में डुबोकर हल्के हाथों से पलकों को साफ करें।
    • फिर पानी से आंखें धो लें।
    • अब दूसरे कपड़े से इसी तरह दूसरी आंख को भी साफ करें

    जब आपको ब्लेफेराइटिल हो तो आई मेकअप से परहेज करें या बहुत कम करें। क्योंकि मस्कारा और अन्य आई मेकअप प्रोडक्ट आईलिड हाइजीन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यदि डॉक्टर ने आपको स्कैल्प और आईब्रो के लिए एंटी डैंड्रफ शैंपू दिया है तो ध्यान रखें कि शैंपू आंखों में न जाए।

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    जटिलताएं

    पलकों की सूजन की संभावित जटलिताएं

    पलकों की सूजन की वजह से आपकी आईलिड पूरी तरह से निकल सकती है। यह हेयर फॉलिकल्स में स्कारिंग के कारण होता है, जिसकी वजह से पलकें गलत तरीकें से बढ़ती हैं। बहुत अधिक स्कारिंग के कारण पलकों का विकास रुक जाता है।

    पलकों की सूजन की शॉर्ट टर्म जटिलताओं में ड्राई आंखें और पिंक आई शामिल है। जबकि लॉन्ग टर्म जटिलताओं में शामिल हैः

    • आईलिड में स्कारिंग
    • स्टाई (संक्रमित गांठ जो पलकों के नीचे दिखती है)
    • क्रॉनिक पिंक आई

    आईलिड की ऑयल ग्लैंड्स भी संक्रमित और अवरुद्ध हो सकती है। इसकी वजह से पलकों में संक्रमण हो सकता है। यदि आंखों के संक्रमण का इलाज नहीं किया जाए तो आंखों को स्थाई नुकसान पहुंच सकता है।आईलिड में स्कारिंग से आंखों की संवेदनशील सतह पर स्क्रैच आ सकता है। इसकी वजह से कॉर्निया का अल्सर हो सकता है

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    बचाव

    पलकों की सूजन को दोबारा होने से कैसे रोकें?

    पलकों की सूजन (ब्लेफेराइटिस) एक क्रॉनिक कंडिशन है यानि यह बार-बार होने वाली समस्या हैं। पलकों की सूजन को दोबारा होने से रोकने के लिए पलकों को साफ रखना बहुत जरूरी है। इससे पलकों के ऊपर बैक्टीरिया, बायोफिल्म और डेमोडेक्स माइट्स विकसित नहीं हो पातें। सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह धोएं और फेस व आई मेकअप को अच्छी तरह रिमूव कर लें। पलकों पर खुजली न करें, इससे यदि किसी तरह का संक्रमण है तो वह फैल सकता है। यदि आपकी पलकों पर डैंड्रफ है तो इसके लिए डॉक्टर से दवा लें, क्योंकि डैंड्रफ की वजह से भी ब्लेफेराइटिस हो सकता है।

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    Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/10/2020 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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