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शगुन-अपशगुन नहीं बल्कि यहां जानिए आंख फड़कने (आईलिड ट्विचिंग) की असल वजह

शगुन-अपशगुन नहीं बल्कि यहां जानिए आंख फड़कने (आईलिड ट्विचिंग) की असल वजह

‘आंख का बार-बार फड़कना’ 🤔 ….मैं अक्सर इसे शगुन-अपशगुन से जोड़कर सोचती थी। वैसे ये हर लोगों की अपनी-अपनी धारणा भी हो सकती है। लेकिन सच माएने में आईलिड ट्विचिंग यानी बार-बार आंख फड़कना (Eyelid Twitches) शगुन-अपशगुन के कारण नहीं बल्कि मेडिलाइन प्लस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार नर्वस सिस्टम (तंत्रिका संबधी विकारो) से संबंधित प्रॉब्लम की वजह से होने वाली परेशानी है। आंख फड़कने के मेडिकल कारणों पर लोग ध्यान ही नहीं देते हैं। जबकि आंख का बार-बार फड़कना आखिर क्यों होता है? इससे जुड़ी सभी जानकारी इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आएं हैं। साथ ही आर्टिकल में आईलिड ट्विचिंग से कैसे निजात मिल सके यह भी जानेंग।

  • आंख का बार-बार फड़कना (Eyelid Twitches) क्या है?
  • आईलिड ट्विचिंग के कारण क्या हैं?
  • आईलिड ट्विचिंग की समस्या होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
  • आईलिड ट्विचिंग दूर करने के क्या हैं घरेलू उपाय?

और पढ़ें : बच्चों की आंखो की देखभाल को लेकर कुछ ऐसे मिथक, जिन पर आपको कभी विश्वास नहीं करना चाहिए

आंख का बार-बार फड़कना (Eyelid Twitches) क्या है?

आंख का बार-बार फड़कना एक सामान्य परेशानी है। मेडिकल टर्म में आंख का बार-बार फड़कना मायोकेमिया (Myokymia) कहा जाता है। आईलिड ट्विचिंग होने पर आंख की निचली पलक तेजी से फड़कने लगती है और इसी कारण से आंख का ऊपरी हिस्सा भी फड़कने लगता है। कई बार तो आंख कुछ मिनटों या सेकंड्स तक फड़कने के साथ ही अपने आप रुक भी जाता है, लेकिन कभी-कभी आईलिड ट्विचिंग लगातार कई सप्ताह तक फड़कने लगती है। अगर कई दिनों तक सिर्फ आईलिड ट्विचिंग हो, तो इससे कोई नुकसान नहीं हो सकता है। लेकिन अगर आईलिड ट्विचिंग के साथ-साथ दर्द, जलन या चुभन जैसी तकलीफ होती है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इस आर्टिकल में आगे समझेंगे आंख का बार-बार फड़कना या आईलिड ट्विचिंग (Eyelid Twitches) के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं!

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आंख का बार-बार फड़कना (आईलिड ट्विचिंग) के क्या कारण हैं?

आंखों के फड़कने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे:

तनाव (Tension)-

जब कोई व्यक्ति तनाव में रहता है, तो उस दौरान बॉडी भी अलग-अलग तरह से रिस्पॉन्ड कर सकती है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नॉलजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) में छपी एक रिपोर्ट पर के मुताबिक आईलिड ट्विचिंग तनाव, एंग्जाइटी या फिर थकावट की वजह से होने वाली परेशानी है।

अनिंद्रा (sleeplessness)-

अनिंद्रा यानी नींद ना आना भी आंख फड़कने के कारणों में से एक है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है।

आंख पर ज्यादा दबाव पड़ना-

अगर आप लगातार कंप्यूटर पर काम करते हैं, ज्यादा से ज्यादा वक्त फोन पर बिताते हैं या जरूरत से ज्यादा टीवी देखते हैं, तो इससे आंखों पर दबाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में भी आईलिड ट्विचिंग होने की संभावना बढ़ जाती है।

एलर्जी (Allergy)-

आंखों में खुजली की समस्या रहना, आंख से पानी आना या सूजन होने की वजह से भी आंखें फड़क सकती हैं। ऐसी स्थिति में आंखों मलने से नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आईलिड ट्विचिंग का खतरा बना रहता है। यही नहीं जिन लोगों को ड्राई आइज की समस्या रहती है, उन्हें भी आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।

बेल्स पाल्सी (Bell’s palsy)-

आधे फेस (Half of the face) की मांसपेशियां को अस्थाई रूप से कमजोर पड़ना या पैरालिसिस होना बेल्स पाल्सी कहलाता है। चेहरे को कंट्रोल करने वाले नर्व के दबने या सूजने की वजह से भी हो सकता है। ऐसा होने पर चेहरे का एक साइड दूसरे साइड की मुकाबले ज्यादा कड़ा या सूज सकता है। कभी-कभी बेल्स पाल्सी भी आंख फड़कने का कारण हो सकते हैं।

और पढ़ें : डॉक्टर आंख, मुंह, से लेकर पेट, नाक, कान तक का क्यों करते हैं फिजिकल चेकअप

इन ऊपर बताये कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं आंख फड़कने के। इसके अन्य कारणों में शामिल है:

कैफीन का सेवन- ज्यादा मात्रा में कैफीन के सेवन से भी आंख फड़कने की समस्या हो सकती है। इसलिए कैफीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कॉफी, चाय और चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों या पेय पदार्थों का सेवन कम से कम करें।

एल्कोहॉल का सेवन- अगर आप नशीले पदार्थों जैसे एल्कोहॉल या कोई अन्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो इससे भी आपकी आंखें फड़क सकती हैं।

पोषक तत्वों की कमी- शरीर में पोषक तत्वों की कमी कई सारी शारीरिक परेशानियों को पैदा करती हैं। ठीक वैसे ही अगर मैग्नीशियम जैसे तत्वों की कमी वजह से आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।

दवाओं का सेवन- कुछ खास तरह की दवाएं जैसे एंटीएपीलेप्टिक (Antiepileptic) या एंटीसाइकोटिक (Antipsychotic) की वजह से आंख फड़कने की समस्या हो सकती है। अगर आपके हेल्थ एक्सपर्ट ने एंटीपीलेप्टिक या एंटीसाइकोटिक जैसी दवाओं को लेने की सलाह दी है, तो उतने ही दवाओं का सेवन करें जितना डॉक्टर द्वारा आपको प्रिस्क्राइब किया गया है। जरूरत से ज्यादा डोज लेने पर शारीरिक परेशानी बढ़ सकती है।

आंख फड़कने के कारण ये हो सकते हैं। लेकिन अगर ये सामान्य सी परेशानी लगातार रहने लगे तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इस आर्टिकल में आगे समझेंगे डॉक्टर से कब मिलना चाहिए।

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डॉक्टर से कब करें कंसल्ट?

यदि आप निम्नलिखित लक्षणों में से किसी का अनुभव करते हैं, तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इन लक्षणों में शामिल है:

  • एक हफ्ते से ज्यादा आईलिड ट्विचिंग होना
  • आईलिड या चेहरे के मसल्स का लटकना
  • आंखों लाल होना
  • आंखों के आकार में परिवर्तन आना
  • आंखों से पानी आना
  • आंख के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों का फड़कना

ऊपर बताई कोई भी परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि किसी भी शारीरिक परेशानी को शुरुआती इलाज संभव है।

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आईलिड ट्विचिंग से बचने के घरेलू उपाय क्या है?

अगर आप बार-बार आंख फड़कने (Eyelid Twitches) की समस्या से परेशान रहते हैं, तो कुछ घरेलू उपायों को फॉलो कर इस परेशानी को दूर किया जा सकता है। इन घरेलू उपायों में शामिल है:

  • नियमित रूप से हेल्दी डायट फॉलो करना। जैसे सुबह ब्रेकफास्ट में दूध, अंडा, ओट्स और फलों का सेवन करना। लंच के दौरान दाल, हरी सब्जी, रोटी, चावल और सलाद खाएं। स्नैक्स के दौरान हेल्दी स्नैक्स का विकल्प ढूंढें जैसे फ्रूट सैंडविच या उबले अंडे। वहीं डिनर के दौरान रोटी, हरी सब्जी, दाल और सलाद का सेवन करें और साथ ही रोजाना दो से ढ़ाई लीटर पानी का सेवन करें।
  • तनाव से बचें। आप चाहें तो स्ट्रेस फ्री रहने के लिए अपने दोस्तों से बात कर सकते हैं या अपने पसंदीदा कामों को भी कर सकते हैं। ध्यान रखें तनाव की वजह से कई अन्य गंभीर शारीरिक परेशानी शुरू हो सकती है। इसलिए तनाव से बचकर रहें।
  • रेग्यूलर 7 से 8 घंटे सोने की आदत डालें। सोने के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। यह भी ध्यान रखें की सोने से 3 से 4 घंटे पहले कैफीन जैसे चाय या कॉफी का सेवन न करें।

इन छोटी-छोटी बातों को फॉलो करने से आप बार-बार आंख फड़कने की समस्या से बचने के साथ ही अन्य शारीरिक या मानसिक परेशानियों से भी बच सकते हैं। अगर इन उपायों से आपकी तकलीफ ठीक नहीं होती है, तो डॉक्टर से कंसल्ट करें और उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का ठीक तरह से पालन करें। अगर आप बार-बार आंख फड़कना (Eyelid Twitches) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/01/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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