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ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज क्या है, ये कैसे किया जाता है और इसके क्या फायदे हैं

ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज क्या है, ये कैसे किया जाता है और इसके क्या फायदे हैं

क्या आप अपने डेली के एक्सरसाइज रूटीन से बोर हो गए हैं। महीनों से कार्डियो और एरोबिक्स करते-करते थक गए हैं और अब आपको वर्कआउट करना बिल्कुल बोरिंग लगता है तो ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज ट्राई करिए। यह दिलचस्प और सिंपल एक्सरसाइज ट्राई करने के बाद आपको वर्कआउट में मज़ा आने लगेगा और आप खुशी-खुशी अपना एक्स्ट्रा फैट कम कर सकते हैं। चलिए जानते हैं ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) है क्या और यह कैसे किया जाता है?

क्या है ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) ?

ट्रैम्पोलिन (Trampoline workout) एक खास तरह का गोल इम्क्यूपमेंट होता है जिस पर एक्सरसाइज की जाती है। आपने शायद पार्क में बच्चों को एक गोल सी चीज़ पर जंप करते देखा होगा, जिस पर जंप करते ही वह ऊपर उछल जाते हैं। जी हां, बच्चों वाली यही चीज हम बड़ों क लिए भी बहुत काम की है। इस पर जंपिंग एक्सरसाइज करने से न सिर्फ आपके मसल्स टोन्ड होंगे, बल्कि पेट की चर्बी भी जल्द कम हो जाएगी। आमतौर पर ट्रैम्पोलिन पर जंप अधिक किया जाता है जिससे वजन जल्दी कम करने में मदद मिलती है, इसलिए यह अन्य वर्कआउट से बेहतर माना जाता है। साथ ही यह बहुत ही सिंपल एक्सरसाइज है इसे करन के लिए किसी तरह की टेक्नीक सीखने की जरूरत नहीं है।

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ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) कैसे करते हैं?

ट्रैम्पोलिन पर आप कई तरह से एक्सरसाइज कर सकते हैं-

बाउंस एंड स्ट्रेच (Bounce and Stretch)

Trampoline workout

कोई भी वर्कआउट शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग जरूरी है। एक्सपर्ट्स हमेशा एक्सरसाइज से पहले स्ट्रेचिंग की सलाह देते हैं, क्योंकि यह आपको किसी भी तरह की इंजरी से बचाता है। बाउंस एंड स्ट्रेच एक्सरसाइज के लिए आपको जंप करते हुए ही अपने दोनों बाजुओं को बाहर की तरफ स्ट्रेच करना होगा। आप चाहें तो अपने हिसाब से भी स्ट्रेच कर सकते हैं। लेकिन इस दौरान पैरों को एकदम सीधा रखें और जितनी बार संभव हो बिना आराम किए इसे दोहराएं।

बेसिक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Basic stretching exercises)

आप ट्रैम्पोलिन पर कुछ आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी ट्राई कर सकते हैं। इसमें आप ट्रैम्पोलिन का इस्तेमाल एक सहारे के रूप में करते हैं। इसे करने के लिए जमीन पर सीधा लेट जाएं और आपके पैर ट्रैम्पोलिन के ऊपर आने चाहिए। इसके बाद पैरों को जितना हो सके ऊपर की तरफ ले जाएं और फिर आराम से नीचे लाते हुए ट्रैम्पोलिन पर रखें। इस स्ट्रेच को आप अपने हिसाब से मोडिफाई भी कर सकते हैं। इस स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज को जितनी बार चाहे दोहराएं।

बेसिक जॉगिंग (Basic jogging)

ट्रैम्पोलिन पर जॉगिंग करना बिल्कुल सिंपल एक्सरसाइज है। जॉगिंग को अधिक असरदार बनाने के लिए इसे करते समय ऑपोजिट बांह को ऊपर लाएं। इससे न सिर्फ आपकी हृदय गति बढ़ती है, बल्कि यह एक तरह का बेहतरीन एरोबिक वर्कआउट है। शुरू में आप 3 मिनट जॉगिंग करके 1 मिनट आराम कर सकते हैं। फिर दूसरे सेट में एक बार फिर से 3 मिनट जॉगिंग करें, उसके बाद दूसरी एक्सरसाइज।

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बेसिक बाउंस (Basic bounce)

ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज

बेसिक बाउंस बहुत सिंपल एक्सरसाइज है और यह बिगनर्स के लिए परफेक्ट है। इसे सही तरीके से करने के लिए बस ट्रैम्पोलिन पर चढ़ जाएं और जंप करना शुरू कर दें। यकीन मानिए यह बहुत आसान है, तभी तो आपने देखा होगा कि छोटे-छोटे बच्चे भी इस पर कितने मज़े से कूदते हैं। इससे न सिर्फ कैलोरी बर्न होगी, बल्कि एक्स्ट्रा वेट भी कम होगा। हर बार जंप करने के बाद एक समान ऊंचाई तक पहुंचने के प्रयास करें। इसे दोहराने से बहुत फायदा होगा। इसलिए एक बार 30 सेकंड जंप करने के बाद 10 सेकंड का ब्रेक लें और फिर दोबारा 30 सेकंड जंप करें। ऐसा करने में आपको बहुत मजा आएगा।

बाउंस एंड किक (Bounce and kick)

बेसिक जंपिंग के बाद आपको थोड़ा एंडावस लेवल पर आना होगा। सिंपल एक्सरसाइज तो बहुत कर ली, अब थोड़ा डिफिक्लट वाला ट्राई करते हैं। इसमें जंप करने के साथ ही आपको किक भी करना होगा। यह थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि जंप करने के साथ ही आपको अपना एक पैर आगे की तरफ हवा में मारना होगा, एक पैर का इस्तेमाल करन के बाद दूसरे पैर से किक करें। इससे हृदय गति बढ़ जाती है और आपको बहुत थकान भी महसूस होगी, इसलिए थोड़ा बेक ले लें। यह एक्सरसाइज करने से न सिर्फ स्ट्रेन्थ, बल्कि फ्लेक्सिब्लिटी भी बढ़ती है। साथ ही ढेर सारी कैलोरी बर्न होती है।

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जंप ऑफ (Jump off)

यह बहुत सिंपल एक्सरसाइज है और मजेदार भी। आपको बस ट्रैम्पोलिन पर जंप करना है जितना आप कर सकें। इससे मसल्स टोन्ड होगी और अतिरिक्त वजन घटाने में मदद मिलेगी। थोड़ा सा समय, धैर्य और प्रैक्टिस से आप ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) मे एक्सपर्ट बन जाएंगे।

जपिंग जैक बाउंस (Jumping jack bounce)

जमीन पर तो आपने यह एक्सरसाइज कई बार की होगी, लेकिन अब इसे ट्रैम्पोलिन पर करिए। इसके लिए आपको ट्रैम्पोलिन के बीच में खड़ा होना पड़ेगा। जब आप जंप करें तो हाथ को हवा मे ऊपर उठाना होगा और फिर नीचे पहले वाली पोजिशन में आ जाएं। यह जितना आसान लगता है उतना है नहीं। जंपिंग जैक बाउंस को करीब 30 बार करें और फिर ब्रेक लेकर दोबारा 30 बार जंप करें। इसके 4-5 राउंड करने पर बहुत फायदा होगा।

पुशअप (Pushups)

ट्रैम्पोलिन के बीच वाले सरफेस पर अपनी कोहनी टिकाएं और पैरों को जमीन पर टिकाकर पुशअप पुजिशन में आएं। ध्यान रहे पैर से सिर तक बॉडी एक लाइन में होनी चाहिए। कोहनी को थोड़ा मोड़कर अपने चेस्ट को टैम्पोलिन की तरफ नीचे करें। जब कोहनी 90 डिग्री तक झुक जाए तो हाथों पर दबाव डालते हुए खुद को पीछे की तरफ धकेलें और पहले वाली पोजिशन में आ जाएं।

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ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) के क्या फायदे हैं?

  • ट्रैम्पोलिन (Trampoline workout) अन्य एक्सरसाइज से बेहतर है, क्योंकि यह जॉगिंग और एरोबिक्स की तुलना में फैट को जल्दी कम करता है।
  • यह हड्डियों, मसल्स और कोशिकाओं को मजबूत बनाता है। आपके फिटनेस लेवल में सुधार आता है और वर्कआउट के बाद एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
  • यह बहुत किफायती है और इसे करने के लिए आपको जिम जाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
  • ट्रैम्पोलिन पर आप अपने बच्चों के साथ मस्ती-मस्ती मे एक्सरसाइज कर सकते हैं।
  • मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है, बल्ड सर्कुलेशन बढ़ाता है और एक हेल्दी व फिट जीवन का आनंद लेने में मदद करता है।
  • यदि आप डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, तो ट्रैम्पोलिन (Trampoline workout) आपके लिए बेहतरीन दवा है। यदि आप इसे रोजाना करेंगे तो यकीनन जल्द ही आपको सकारात्मक बदलवा नजर आने लगेंगे।
  • जो लोग अपने फेफड़ों की क्षमता बढ़ाना और बॉडी को बेहतर तरीके से बैलेंस करना चाहते हैं, उन्हें ट्रैम्पोलिन अवश्य ट्राई करना चाहिए।
  • ट्रैम्पोलिन एक्सरसाइज (Trampoline workout) स्ट्रेस लेवल घटाने में मदद करता है। इसलिए डॉक्टर और एक्सपर्ट्स ऑफिस में काम करने वाले और हेक्टिक शेड्यूल वाले लोगों को ट्रैम्पोलिन वर्कआउट की सलाह देते हैं। इससे आप रिलैक्स हो जाते हैं।

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सूत्र

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President’s Council on Sports, Fitness & Nutrition (PCSFN). https://www.hhs.gov/fitness/index.html. Accessed on 18 May, 2020.

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Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/05/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड