डॉन फेनोमेनन या सोमोगी प्रभाव से कैसे बढ़ता है ब्लड शुगर लेवल, जानिए दोनों में क्या है अंतर

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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डायबिटीज हमारे खून में ग्लूकोज के स्तर के बढ़ने से होने वाली बीमारी है। डायबिटीज होने पर मरीज अन्य कई रोगों का भी शिकार होते है। वैसे तो ब्लड शुगर लेवल किसी भी समय बढ़ सकता है। लेकिन, ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने के पीछे के कारण डॉन फेनोमेनन या सोमोगी प्रभाव भी हो सकते हैं। खासतौर पर, जिन लोगों को डायबिटीज रोग है उन्हें सुबह के समय नाश्ते से पहले यह समस्या हो सकती है। सोमोगी प्रभाव के कारण ब्लड शुगर के बढ़ने को “रिबाउंड हाइपरग्लाइसेमिया” भी कहा जाता है। ऐसा डॉन फेनोमेनन के कारण भी हो सकता है। जानिए डॉन फेनोमेनन या सोमोगी प्रभाव क्या हैं।  इन दोनों में क्या फर्क हैं और इन्हें कैसे नियंत्रित रखें। 

सुबह ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का क्या कारण हो सकता है?

आमतौर पर सुबह के समय ब्लड शुगर के बढ़ने का सामान्य कारण सोने से पहले अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार लेना या डायबिटीज की दवाई न लेना हो सकता है। डॉन फेनोमेनन और सोमोगी प्रभाव भी सुबह ब्लड शुगर के बढ़ने के दो सामान्य कारण हैं । जिनके बारे में लोग अधिक नहीं जानते। यह दोनों हमारे शरीर में सोते समय होने वाले बदलावों और रिएक्शन के कारण होते हैं।

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इसके परिणामस्वरूप, रोगी अपने खून में बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल के प्रभावों को महसूस करेगा जैसे:

  • चक्कर आना
  • बेहोश होने 
  • जी मिचलाना
  • उल्टी आना 
  • धुंधला दिखाई देना
  • कमजोरी
  • थकान महसूस करना
  • अत्यधिक प्यास लगना

डॉन फेनोमेनन क्या है

हमारा शरीर ग्लूकोज का प्रयोग ऊर्जा के लिए करता है और हमारे शरीर में उतनी पर्याप्त ऊर्जा होनी चाहिए ताकि हम सुबह आराम से उठ सके। इसलिए सुबह तड़के 3 a.m.और 8 a.m के बीच में हमारा शरीर आने वाले दिन की तैयारी के लिए संग्रहीत ग्लूकोज को बाहर निकालना शुरू कर देता है। उसी समय, हमारा शरीर हार्मोन्स को भी निकालता है। जो इंसुलिन के प्रति आपकी संवेदनशीलता को कम करते हैं। ऐसा तब भी हो सकता है जब आपकी डायबिटीज की दवाई पहले ही प्रभावी हो। इन दोनों के निकलने का कारण यह होता है कि सुबह के समय ब्लड शुगर बढ़ जाती है। इसे डॉन फेनोमेनन कहा जाता है।

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सोमोगी प्रभाव क्या है 

सुबह के समय ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का दूसरा कारण सोमोगी प्रभाव है। इसे कई बार  रिबाउंड हाइपरग्लाइसेमिया भी कहा जाता है। इसका नाम उस डॉक्टर के नाम पर पड़ा है, जिन्होंने पहली बार इसके बारे में लिखा था। अगर किसी की ब्लड शुगर सोते हुए रात के समय बहुत अधिक कम हो जाती है। तो इस समय उसका शरीर इस खतरनाक लो ब्लड शुगर से बचने के लिए कुछ हार्मोन्स को निकालता है। यह हॉर्मोन्स ऐसा स्टोर की हुई ग्लूकोज को सामान्य से अधिक मात्रा में निकलने के लिए लिवर को प्रेरित करता है। लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज होती है उनके लिए यह सिस्टम सही से काम नहीं कर पाता। इसलिए, लिवर जरूरत से अधिक शुगर निकाल देता है। जिससे सुबह के समय ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इस को सोमोगी प्रभाव के नाम से जाना जाता है।

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डॉन फेनोमेनन / सोमोगी प्रभाव  में क्या अंतर है?

जब भी हमारे शरीर में अतिरिक्त इन्सुलिन बनती है सोमोगी प्रभाव हो सकता है। लेकिन, इस बात को जानने के लिए कि सुबह के समय बढ़ी हुई ब्लड शुगर डॉन फेनोमेनन के कारण है या सोमोगी प्रभाव के कारण डॉक्टर आपको अपनी ब्लड शुगर लेवल की जांच करने के लिए कहेंगे। आपको रात को सोते हुए, 2 a.m. से 3 a.m के बीच में और जागने के बाद जांच करने के लिए कहा जाएगा। इसके लिए आपको रात भर ग्लूकोज मॉनिटर का प्रयोग करना पड़ेगा। इसके परिणामों के अनुसार ही पता चल सकता है कि सुबह के समय बढ़ी ब्लड शुगर का कारण क्या है। यानी-

  • अगर आपका ब्लड शुगर लेवल 2 a.m. से 3 a.m के बीच में (सोते हुए ली गयी ब्लड शुगर से) कम है, तो यह सोमोगी प्रभाव हो सकता है।
  • अगर आपका ब्लड शुगर लेवल 2 a.m. से 3 a.m के बीच में (सोते हुए ली गयी ब्लड शुगर से) सामान्य या अधिक है तो इसका कारण डॉन फेनोमेनन है।

इसके साथ ही सोमोगी प्रभाव के कारण बुरे सपने, अनिद्रा या पूरी रात पसीना भी आ सकता है यह ब्लड शुगर के लौ होने के संकेत हैं।

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सुबह के समय बढ़े शुगर लेवल को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?

जब आप और आपके डॉक्टर यह जांच लेंगे कि रात भर आपके ब्लड शुगर लेवल में क्या बदलाव आता है। तो वो आपको उन बदलावों की सलाह दे सकते हैं, जिन्हें अपनाने के बाद आप अपनी शुगर पर नियंत्रण पा सकते हैं। आपके डॉक्टर जिन विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं, वे सुबह की हाई ब्लड शुगर के कारणों पर निर्भर करते हैं।

डॉन फेनोमेनन की स्थिति में उपाय

  • डॉन फेनोमेनन की स्थिति से बचने के लिए आप अपनी डायबिटीज की दवाओं के समय या प्रकार को बदल सकते है।
  • सुबह की शुगर को सही और नियंत्रित बनाए रखने के लिए हल्का नाश्ता करें। कभी अपने नाश्ते को करना न भूलें। नाश्ता दिन का महत्वपूर्ण आहार है
  • सुबह की डायबिटीज की दवाईयों की डोज को बढ़ाना। 
  • अगर आप इंसुलिन ले रहे हैं तो आपको इंसुलिन पंप की सलाह दी जा सकती है और सुबह अतिरिक्त इंसुलिन निकालने के लिए इसकी प्रोग्रामिंग की जा सकती है।

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सोमोगी प्रभाव को कम करने लिए उपाय

  • डायबिटीज की दवाओं की खुराक सही से लेना।
  • सोते हुए कुछ स्नैक लेना, जिनमे कार्बोहाइड्रेट्स की कुछ मात्रा भी शामिल है
  • शाम का व्यायाम के समय में परिवर्तन करें। सोमोगी प्रभाव को कम करने के लिए व्यायाम का समय थोड़ा पहले कर दें।
  • अगर आप इंसुलिन ले रहे हैं तो आपको इंसुलिन पंप की सलाह दी जा सकती है और सुबह कम इंसुलिन निकालने के लिए इसकी प्रोग्रामिंग की जा सकती है
  • इसके अलावा रात के भोजन के बाद फिजिकल एक्टिविटी करना भी जरूरी है जैसे सैर पर जाना, योग करना आदि

अगर आप को डायबिटीज की समस्या है तो आप नियमित रूप से अपनी ब्लड शुगर को जांचे। अगर आपको ब्लड शुगर लेवल में कभी कभी बदलाव आ रहा है तो चिंता की बात नहीं है लेकिन अगर ऐसा रोजाना या नियमित रूप से हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और इलाज कराएं।

ऊपर दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए किसी भी दवा या सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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