home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

घर के कोने-कोने की सफाई बेहद जरूरी, नहीं तो पड़ेंगे बीमार

घर के कोने-कोने की सफाई बेहद जरूरी, नहीं तो पड़ेंगे बीमार

हर किसी को शरीर की सफाई से लेकर घर की सफाई (House cleaning) पर विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि यदि इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर बीमारी हो सकती है। वैसे तो हर कोई अपने अपने स्तर से घर की पूरी सफाई करने की कोशिश करता है, ताकि घर देखने में सुंदर और बीमारी से बचें रहें। लेकिन फिर भी कहीं न कहीं चूक हो ही जाती है। आइए इस रिपोर्ट में हम जानने की कोशिश करते हैं घर के वैसे जगहों के बारे में जहां सबसे ज्यादा जर्म्स पाए जाते हैं। उन जगहों की सफाई करना बेहद जरूरी है। इसके साथ सफाई और उससे जुड़े तथ्यों को पेश करता है यह खास आर्टिकल।

घर की सफाई: किचन में न सफाई के दौरान न भूलें इन्हें(Clean the kitchen sponges and wet cloth wipes)

घर की सफाई

साफ-सफाई की जहां तक बात है तो किचन का नाम सबसे पहले आता है। घर की सफाई (House cleaning) में यदि सबसे ज्यादा कहीं ध्यान देने की जरूरत है तो वो है आपका किचन। कई बार ऐसा भी होता है कि हम किचन के कपड़े का इस्तेमाल घर की दूसरी चीजों को साफ करने के लिए करते हैं। बर्तनों से लेकर किचन के गीले सतह को साफ करने के साथ कई बार उसी कपड़े से खिड़कियों, फर्नीचर आदि को पोछने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करने से कपड़े में काफी बैक्टीरिया आ जाता है। यदि हम उस कपड़े को स्टेरीलाइजिंग फ्लूड में करीब 15 मिनटों के लिए न डालें तो उस स्थिति में इसमें काफी बैक्टीरिया पनप जाते हैं। यह किचन के कपड़े व किचन के स्पंज में हो सकता है। जरूरी है कि अच्छे से साफ करने के बाद इसे अच्छे से सूखने दिया जाए। ताकि उसके अंदर की बदबू के साथ बैक्टीरिया भी मर जाएं। इसके लिए आप किचन के लिए अच्छे कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं।

और पढ़ें: आपकी ये आदतें बताती हैं कि आपकी मेमोरी कैसी है, जानें यहां

किचन सिंक की सफाई (Kitchen sink cleaning)

घर की सफाई (House cleaning) में किचन सिंक की सफाई बेहद ही कम लोग रोजाना कर पाते हैं। कम ही लोग हैं जो बराबर किचन सिंक को गर्म पानी से साफ करते हैं। ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है। बता दें कि फ्रूट्स, सब्जियों के साथ चाकू, कटिंग बोर्ड (जिसका इस्तेमाल मीट काटने के लिए किया हो) इनमें पोटेंशियन पैथोजोंस पनप जाते हैं। जब हम इन्हें सिंक में डालते हैं तो यह उसमें पनप जाते हैं। वहीं लंबे समय तक जीवित रहते हैं। यदि इसकी अच्छे से सफाई न की गई तो उस स्थिति में कीटाणुओं के पनपने का अड्‌डा बन जाता है।

घर की सफाई (House cleaning) में हमारी कोशिश यही रहनी चाहिए कि सप्ताह में कम से कम दो बार जब भी हम रॉ फूड बनाएं तो हमें सिंक की सफाई जरूर करनी चाहिए। ताकि सिंक में बैक्टीरिया न पनपें। खासतौर पर सिंक में जहां से पानी रिसता है उस जगह की सफाई जरूरी है। क्योंकि इसी जगह सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं। बेसिन के साथ नल को एंटीबैक्टीरियल क्लीनर की मदद से साफ करना चाहिए। सफाई के बाद और धोने से पहले दस मिनटों के लिए छोड़ देना चाहिए। कलर्ड या फिर स्टेनलेस स्टील के सिंक को साफ करने के लिए कई मल्टीपर्पस क्लीनर बाजार में उपलब्ध हैं। आप चाहें तो उनकी मदद ले सकते हैं। वहीं साफ करने के बाद उसे सूखने के लिए छोड़ दें, फिर पानी से धोएं।

टूथब्रश (Toothbrush)

घर की सफाई (House cleaning) में भला टूथब्रश को साफ करना शायद ही कोई सफाई में जोड़ता भी होगा। बता दें कि टूथब्रश एक ऐसी जगह है जहां पर घर में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं। हमारे मुंह में रोजाना बैक्टीरिया जमा होते हैं जो मुंह से सीधे टूथब्रश में जाते हैं। कई बार तो हवा में होते हुए दूसरी जगहों पर भी यह बैक्टीरिया चले जाते हैं। आप टूथब्रश की सफाई को लेकर संकोच या फिर असहज महसूस कर सकते हैं। यह बेहद ही जरूरी है कि टूथब्रश की सफाई के बाद उसे अच्छी तरह सूखने के लिए छोड़ देना चाहिए। वहीं पेशाब करने के बाद फ्लश कर हवा में उड़ सकने वाले बैक्टीरिया को भी रोका जा सकता है।

एक्सपर्ट सुझाव देते हैं कि टूथब्रश का इस्तेमाल करने के पहले गर्म पानी से उसे धोना चाहिए। वहीं आप चाहे तो टूथब्रश को माउथवाश में करीब 15 मिनटों के लिए डालकर सैनेटाइज कर सकते हैं। लेकिन इससे ज्यादा समय तक यदि आप माउथवाश में ब्रश को डालते हैं तो उस कारण आपका ब्रश खराब हो सकता है। वहीं यदि आप इलेक्ट्रानिक टूथ ब्रश का इस्तेमाल करते हैं तो जरूरी है कि हर इस्तेमाल के बाद आप ब्रश के हेड को निकाल कर दोनों तरफ अच्छे से सफाई करें। क्योंकि उसमें आसानी से टूथपेस्ट फंस सकता है और आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा हर किसी को तीन महीने पर टूथब्रश को बदलने के साथ इलेक्ट्रानिक टूथब्रेश के हेड को बदलना जरूरी होता है।

और पढ़ें: जिम में जर्म्स भी होते हैं, संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज (Cleaning of electronic accessories)

घर की सफाई (House cleaning) में इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज की सफाई काफी अहम होती है। रिमोट कंट्रोल, की बोर्ड, टैबलेट, लैपटॉप की स्क्रीन जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का इस्तेमाल घर में काफी लोग करते हैं। ऐसा करने से इन इलेक्ट्रॉनिक एसेसरीज में काफी बैक्टीरिया पनप जाते हैं। यदि सफाई न की गई तो यह आपको बीमार कर सकते हैं।

रिमोट कंट्रोल से लेकर की बोर्ड की सफाई के लिए माइक्रोफाइबर क्लोथ जैसे एंटी बैक्टीरियल स्क्रीन क्लीनिंग क्लोथ का इस्तेमाल करना चाहिए। धीरे-धीरे सामान्य रूप से स्प्रे कर बटन और टच स्क्रीन को साफ करना चाहिए। सफाई को लेकर ड्राय माइक्रोफाइबर का इस्तेमाल करना ठीक होता है।

और पढ़ें: अस्पताल से इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ आ जाते हैं कीटाणु भी, ऐसे करें साफ

घर की सफाई (House cleaning) में कारपेट की सफाई है बेहद जरूरी

नजरों से सामने होने के बावजूद अक्सर लोग घर में रखे कारपेट को नियमित तौर पर साफ करना भूल जाते हैं। हमारे कारपेट में काफी गंदगी होती है, कई बार लोग गंदे पैर से उसपर चढ़ते हैं, पालतू जानवरों के बाल से लेकर छोटे छोटे टुकड़ें इसमें फंस जाते हैं। यदि घर की सफाई के दौरान इन्हें साफ न किया गया तो कई प्रकार की बैक्टीरिया पनप सकती हैं। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि घर की सफाई (House cleaning) करने के दौरान हर सप्ताह कारपेट को वैक्यूम क्लीनर से साफ करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्पॉट क्लीन भी करें। कोशिश होनी चाहिए हर तीन महीने में डोमेस्टिक कारपेट शैंपो मशीन की मदद से कारपेट की सफाई की जानी चाहिए। वैसे किसी शैंपों का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमें स्कॉचगार्ड प्रोटेक्टर का इस्तेमाल किया गया हो। यदि स्पेस को लेकर समस्या है तो किराए पर लेकर सफाई करनी चाहिए।

बाथरूम टॉवेल (Must clean bathroom towels)

घर की सफाई (House cleaning) में हम बाथरूम टॉवेल को छोड़ देते हैं बल्कि सबसे ज्यादा जर्म इसी में होते हैं। वहीं बाथरूम में नमी के कारण कीटाणु इसमें पनपते रहते हैं। कोशिश रहनी चाहिए कि खुली हवा में टॉवेल को सुखाया जाए। वहीं हर इस्तेमाल के बाद धोना और अच्छी तरह सुखाना जरूरी होता है।

और पढ़ें: इन वजहों से आ जाते हैं टॉवेल में कीटाणु, शरीर में प्रवेश कर पहुंचा सकते हैं बड़ा नुकसान

पालतू जानवरों का बेड

घर की सफाई में पालतू जानवरों के बेड को साफ करना बेहद ही जरूरी होता है। यदि आप देखते हैं कि आपका डॉग अपने आप वॉक करने के लिए निकल पड़ता है और ज्यादा समय तक अपने बेड में नहीं रहता है तो उस स्थिति में उसके बेड में बैक्टीरिया जरूर होंगे। ऐसा शोध से पता चला है। पेट बिडिंग से लेकर काफी संख्या में जर्म्स, डेड स्किन सेल्स, पोलेन इत्यादि हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप नियमित तौर पर पालतू जानवरों के बेड को धोएं ताकि उसके अंदर के जर्म को मिटा सकें। इसे धोने के लिए अच्छे क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए वहीं वाशिंग मशीन में डालने के बाद 60 डिग्री तापमान में अच्छे से धोना चाहिए वहीं पानी को पूरी तरह ड्रेन कर देना चाहिए, ताकि उसमें पालतू जानवर का बाल न रहे। घर की सफाई (House cleaning) या हाउस क्लीनिंग में पालतू जानवरों के बेड को साफ करना जरूरी हो जाता है।

हैंडबैग की करें सफाई (Clean the handbag)

जरा आप ही सोचिए कि आप अपने हैंडबैग को ऑफिस के टेबल से लेकर रेस्टोरेंट, वॉशरूम, यहां तक कि ट्रेन के फ्लोर पर रख देते हैं वहीं उसे साफ नहीं करते। घर की सफाई या हाउस क्लीनिंग में इसकी सफाई भी बेहद जरूरी हो जाती है। ऐसे में जरूरी है कि सप्ताह में कम से कम एक बार आपको अपने लैदर बैग को क्लीनर या सैनेटाइजर से अच्छी तरह से पोछना चाहिए। वहीं गंदगी को निकालने के लिए छोटे साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। हैंडबैग के मैन्युफैक्चरिंग के अनुसार वॉशिंग डिटेल के अनुसार ही साफ करना उचित होता है।

और पढ़ें: जानें एक्सपर्ट की नजर से टॉयलेट की स्वच्छता क्यों है जरूरी?

घर में पाए जाने वाले कुछ बायोलॉजिकल पॉलूटेंट्स

घर में कुछ बायोलॉजिकल पॉलूटेंट्स पाए जाते हैं, जिनकी जानकारी अक्सर लोगों को नहीं होती है। जानिए क्या हैं वो बायोलॉजिकल पॉलूटेंट्स।

  • जानवरों की रूसी, जैसे बाल, डेड स्किन, पंख
  • धूल कण व कॉक्रोच के पार्ट्स
  • बैक्टीरिया और वायरस जैसे इंफेक्शियस एजेंट
  • पोलेन

बायोलॉजिक पॉलुटेंट्स के कारण होने वाली समस्या

  • एलर्जी
  • इंफेक्शन
  • टॉक्सिक
  • आंखों में पानी
  • छींकना व नाक का बहना
  • नेजल कंजेशन (नाक बंद)
  • घरघराहट व सांस लेने में दिक्कत
  • सिर दर्द
  • थकान

हाउस क्लीनिंग (House cleaning) के साथ फूड प्वाइजनिंग से ऐसे करें बचाव

  • खाने के पहले हाथों को अच्छे से धोएं
  • जहां काम करते हैं उस जगह को साफ रखें
  • बर्तन धोने के कपड़ों को अच्छे से धोएं
  • सब्जियों के साथ चिकन के लिए अलग चॉपिंग बोर्ड रखें व नियमित सफाई करें
  • कच्चे मीट को अलग रखें
  • हमेशा कच्चे मीट को फ्रिज में निचले हिस्से में रखें
  • खाना अच्छी तरह पकाएं
  • फ्रिज के तापमान को 5 सी से नीचे ही रखें
  • सामान को तय समय सीमा में उपयोग करें

और पढ़ें: World Toilet Day: टॉयलेट हाइजीन के लिए अपनाएं ये टिप्स

इन क्लीनिंग इक्वीप्मेंट्स और मटीरियल का होना है जरूरी

हाउस क्लीनिंग के लिए जरूरी है कि सही औजार का होना, तभी अच्छे से सफाई की जा सकती है। बता दें कि फ्लोर को साफ करने के लिए प्रोडक्ट, घर के गीले जगह जैसे बाथरूम, लाउंड्री, टब्स, किचन के सिंक को साफ करने के लिए प्रोडक्ट, किचन में डिश वाशिंग डिटर्जेंट के साथ लाउंड्री डिटर्जेंट का होना जरूरी होता है। इसके अलावा स्क्रबिंग ब्रश, क्लीनिंग क्लोथ व स्पंज भी सफाई के लिए जरूरी होता है।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और घर की सफाई (House cleaning) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Biological Pollutants in Your Home/ https://www.cpsc.gov/safety-education/safety-guides/home/biological-pollutants-your-home/ Accessed 13 May 2020

10 ways to prevent food poisoning/ https://www.nhs.uk/live-well/eat-well/10-ways-to-prevent-food-poisoning/ Accessed 13 May 2020

4 House hygiene—cleaning/ https://www1.health.gov.au/internet/publications/publishing.nsf/Content/ohp-enhealth-manual-atsi-cnt-l~ohp-enhealth-manual-atsi-cnt-l-ch3~ohp-enhealth-manual-atsi-cnt-l-ch3.4/ Accessed 13 May 2020

Indoor Air Quality (IAQ)/https://www.epa.gov/indoor-air-quality-iaq/biological-pollutants-impact-indoor-air-qualityhttps://www.epa.gov/indoor-air-quality-iaq/biological-pollutants-impact-indoor-air-quality / Accessed 13 May 2020

लेखक की तस्वीर badge
Satish singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 04/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड