महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण इग्नोर करना पड़ सकता है भारी!

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण इग्नोर करना पड़ सकता है भारी!

    ऐसा माना जाता है कि हार्ट फेलियर ज्यादातर पुरुषों को प्रभावित करता है। हालांकि, यह संयुक्त राज्य अमेरिका में महिलाओं की मृत्यु का प्रमुख कारण है, जो हर साल 4 में से 1 महिला की मौत के लिए जिम्मेदार है। महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। अधिकांश महिलाओं में हार्ट डिजीज के लिए कम से कम एक रिस्क फैक्टर होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हार्ट डिजीज से ग्रस्त एक युवा महिला में एक हार्ट डिजीज से ग्रसित उसी उम्र के पुरुषों की तुलना में मृत्यु की संभावना अधिक होती है। इसलिए, महिलाओं को हार्ट डिजीज की रोकथाम के लिए प्रारंभिक रिस्क फैक्टर्स की पहचान के बारे में जागरूक होना विशेष रूप से जरूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण (Congestive heart failure symptoms in females) अलग हो सकते हैं। आज इस लेख में हम महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण के बारे में ही विस्तार से बताएंगे।

    महिलाएं और हार्ट फेलियर (Females and Heart Failure)

    पुरुषों की तरह ही महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण के दिखाई देते हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर होता है:

    • पुरुषों की तुलना में महिलाओं में उम्र के दूसरे पड़ाव में हार्ट फेलियर का विकास होता है।
    • महिलाओं में हाय ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट फेलियर की टेंडेंसी होती है और उनका ईएफ (इजेक्शन फ्रैक्शन) सामान्य होता है।
    • पुरुषों की तुलना में महिलाओं को सांस की तकलीफ अधिक हो सकती है।
    • पुरुषों की तुलना में औसतन लगभग 10 साल बाद महिलाओं में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज विकसित होती है। ऐसा माना जाता है कि यह अंतर प्रोटेक्टिव होर्मोनल इफेक्ट्स के कारण होता है क्योंकि मेनोपॉज के बाद महिलाओं का जोखिम बढ़ जाता है।
    • पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कई प्रकार के हृदय रोग अधिक सामान्य हैं: स्ट्रोक, हायपरटेंशन, एंडोथेलियल डिसफंक्शन और कंजेस्टिव हार्ट फेलियर। क्योंकि ये रोग अक्सर कम सिम्पटोमैटिक होते हैं।

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    यह जेंडर डिफ्रेंस क्यों हैं?

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण अर्ली स्टेज में नहीं दिखाई देते क्योंकि पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित करने वाली हार्ट डिजीज के प्रकारों में भी अंतर हैं। महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण (Congestive heart failure symptoms in females) और पुरुषों के हार्ट डिजीज के लक्षण अलग होने के पीछे का कारण उनका अंडरलाइंग मैकेनिज्म में मौजूद अंतर हैं। हृदय रोग में जेंडर डिफ्रेंस की स्टडी करने वाले शोधकर्ता अक्सर ईस्ट्रोजन की प्रोटेक्टिव रोल पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ईस्ट्रोजन का संवहनी ऊतक (Vascular tissue) पर कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं। यह ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करता है, ब्लड प्रेशर को कम करता है (मेनोपॉज से पहले)।

    ईस्ट्रोजन स्ट्रेस हॉर्मोन (कैटेकोलामाइंस) के प्रभाव को धीमा कर देता है जो वासोएक्टिव (Vasoactive) होते हैं और ब्लड वेसल कंस्ट्रिक्शन का कारण बनते हैं। एस्ट्रोजन एक नैचुरल एंटीऑक्सीडेंट है। हालांकि, ईस्ट्रोजन भी ब्लड क्लॉटिंग को बढ़ावा देता है, जो हेल्पफुल नहीं है। यही कारण है कि जो महिलाएं ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स का उपयोग करती हैं, उनमें थ्रोम्बोटिक इवेंट्स (Blood clots) का खतरा बढ़ जाता है। कॉन्जुगेटेड इक्वाइन ईस्ट्रोजेन युक्त हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग, जिसे कभी महिलाओं को हार्ट डिजीज से बचाने के लिए माना जाता था, अब सीवीडी को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण (Congestive heart failure symptoms in females)

    कई महिलाओं में हृदय रोग के कोई लक्षण तब तक नहीं दिखाई देते हैं जब तक कि उन्हें हार्ट अटैक जैसी कोई इमरजेंसी न हो। हालांकि, यदि महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण हैं, जो शुरुआत में दिखाई देते हैं, उनमें शामिल हो सकते हैं:

    • सीने में दर्द या बेचैनी
    • गर्दन, जबड़े या गले में दर्द
    • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
    • पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द
    • जी मिचलाना
    • थकान
    • सांस लेने में कठिनाई
    • सामान्य कमजोरी
    • त्वचा के रंग में परिवर्तन, जैसे कि ग्रेयिश स्किन
    • पसीना आना

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण अन्य भी हो सकते हैं। इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना सही होगा।

    नोट: ये लक्षण या तो तब हो सकते हैं जब आप आराम कर रहे हों या दैनिक जीवन की गतिविधियों के दौरान। ये हार्ट अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं।

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    महिलाओं में हार्ट फेलियर के अन्य लक्षण (Other symptoms of heart failure in women)

    हार्ट डिजीज बढ़ने पर और लक्षण स्पष्ट हो सकते हैं। आपको किस प्रकार की हार्ट डिजीज है, इसके आधार पर लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। महिलाओं में हार्ट फेलियर के लक्षण (महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण) जो संभावित हैं:

    • आपके पैरों, तलवों या टखनों में सूजन
    • वजन बढ़ना
    • सोने में समस्या
    • दिल की धड़कन तेज होना
    • खांसना
    • पसीना आना
    • चक्कर
    • खट्टी डकार
    • पेट में जलन
    • चिंता
    • बेहोशी
    महिलाओं में हार्ट फेलियर के कारण (Causes of heart failure in women)
    • महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण के बाद जान लीजिए महिलाओं में हार्ट फेलियर के कारण पुरुषों की तुलना में अलग होते हैं। हार्ट फेलियर वाली महिलाओं में पुरुषों की तुलना में हाय ब्लड प्रेशर वाल्वुलर डिजीज, और डायबिटीज मेलिटस होने की संभावना अधिक होती है और पहले हार्ट अटैक (इस्केमिक कार्डियोमायोपैथी) के कारण कंजेस्टिव हार्ट फेलियर की संभावना कम होती है।
    • हालांकि, महिलाएं अभी भी एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का प्रोग्रेसिव संकुचन) विकसित कर सकती हैं। वास्तव में, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर वाली महिलाओं में कोरोनरी आर्टरी डिजीज कम विकसित होती है, पुरुषों की तुलना में यह फ्रीक्वेंसी अभी भी इतनी अधिक है कि यह हार्ट फेलियर वाली महिलाओं के लिए दूसरा प्रमुख कारण है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अक्सर सांस की तकलीफ जैसे असामान्य लक्षण होते हैं, जबकि पुरुषों में प्राइमरी सिम्प्टम अक्सर सीने में दर्द होता है।
    • ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाएं जिनका डॉक्सोरूबिसिन (एड्रियामाइसिन) सहित कीमोथेरेपी के साथ इलाज किया गया है, इन दवाओं के हृदय की मांसपेशियों (जिसे ड्रग टॉक्सिसिटी कहा जाता है) पर जहरीले प्रभावों के कारण महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण (Congestive heart failure symptoms in females) विकसित हो सकते हैं।
    • महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर का एक और कारण पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी (Peripartum cardiomyopathy) है। पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी गर्भावस्था के आखिरी महीने के अंदर या प्रसव के बाद पांच महीने के भीतर हार्ट फेलियर का एक रेयर डेवलपमेंट है।

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    महिलाओं में हार्ट फेलियर के रिस्क फैक्टर्स (Risk factors for heart failure in women)

    • कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के कई रिस्क फैक्टर्स लाइफस्टाइल बेहेवियर से जुड़े हुए हैं। डायट, एक्सरसाइज, तंबाकू का सेवन, एल्कोहॉल का सेवन, अधिक वजन, साइकोलॉजिकल स्ट्रेस और डिप्रेशन सभी महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर्स हैं।
    • ओबेसिटी, डायबिटीज, हाय ब्लड प्रेशर और हाय कोलेस्ट्रॉल जैसी मेडिकल कंडिशंस भी महिलाओं में हार्ट फेलियर के लक्षण के विकास के जोखिम को बढ़ाती हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कई रिस्क फैक्टर्स हो सकते हैं। कई स्थितियों में महिलाओं में डेथ रेट (मृत्यु) का जोखिम भी अधिक होता है; उदाहरण के लिए, डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में डायबिटीज वाले पुरुषों की तुलना में हार्ट फेलियर का जोखिम अधिक होता है। महिलाओं के लिए अन्य जोखिम कारकों में गर्भावस्था के दौरान ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव का उपयोग, हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और प्रीक्लेम्पसिया या गर्भकालीन मधुमेह (Gestational diabetes) शामिल है। महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण रिस्क फैक्टर्स पर भी निर्भर हो सकते हैं।

    डायग्नोसिस (Diagnosis)

    पुरुषों और महिलाओं में हार्ट फेलियर के लक्षण को डायग्नोसिस करने के लिए निम्नलिखित टेस्ट शामिल हो सकते हैं। महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण दिखाई देने पर भी यही टेस्ट रिकमंड किए जाते हैं।

    • ब्लड टेस्ट
    • चेस्ट का एक्स – रे
    • इकोकार्डियोग्राम
    • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम
    • इजेक्शन फ्रैक्शन
    • फिजिकल टेस्ट
    • कार्डियक कैथीटेराइजेशन
    • स्ट्रेस टेस्ट

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण

    महिलाओं में हार्ट फेलियर के लक्षण के लिए ट्रीटमेंट (Treatment for symptoms of heart failure in women)

    महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण का ट्रीटमेंट निम्न प्रकार किया जाता है।

    • हार्ट फेलियर का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को दूर किया जा सकता है और इसकी प्रोग्रेस को धीमा किया जा सकता है। डॉक्टर आपको हार्ट के कॉन्ट्रैक्शंस को मजबूत करने, ब्लड प्रेशर को कम करने, हार्ट बीट को नियंत्रित करने और शरीर से फ्लूइड बाहर निकालने के लिए कई दवाएं प्रिस्क्राइब कर सकते हैं।
    • हार्ट फेलियर के उपचार में मेडिकल डिवाइस और सर्जिकल प्रोसेस काफी मददगार साबित हो रहे हैं। वाल्व से संबंधित हार्ट फेलियर के शुरुआती फेज में महिलाओं के लिए वाल्व रिप्लेसमेंट एक ऑप्शन हो सकता है। कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी या एंजियोप्लास्टी से आर्टरी में रुकावट को दूर करने में भी मदद मिल सकती है। आखिरी ऑप्शन के रूप में, हार्ट ट्रांसप्लांट उन महिलाओं के लिए उपलब्ध है, जिनमें इस प्रोसेस और उसके बाद चलने वाले इम्यूनोसप्रेसिव ड्रग ट्रीटमेंट को सहन करने की एबिलिटी है।
    • हार्ट फेलियर के इलाज में मदद करने वाले डिवाइस में इम्प्लांटेबल पेसमेकर शामिल हैं, जो हार्ट रिदम को कंट्रोल करती हैं, और कार्डियोवर्टर-डिफाइब्रिलेटर्स (cardioverter-defibrillators), जो अनियमित हृदय गति को ठीक कर सकते हैं। लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस कहे जाने वाले छोटे पंप क्राइसिस के दौरान या ट्रांसप्लांट का इतंजार करते समय एक फेलिंग हार्ट को सस्टेन करने में मदद कर सकते हैं।

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    हार्ट फेलियर (Heart Failure) होने की संभावना को कम करने के लिए कुछ बदलाव

    • अनियंत्रित ब्लड प्रेशर होने से हार्ट डिजीज हो सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं।
    • अपने डॉक्टर से बात करें कि क्या आपको डायबिटीज के लिए टेस्ट करवाना चाहिए। अनियंत्रित डायबिटीज होने से आपको हार्ट डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
    • स्मोकिंग छोड़ दें।
    • डॉक्टर से अपने ब्लड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच के बारे में चर्चा करें।
    • स्वस्थ भोजन विकल्प अपनाएं। अधिक वजन या मोटापा होने से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
    • एल्कोहॉल को सीमित करें।
    • स्ट्रेस से निपटने के हेल्दी तरीके समझकर तनाव के स्तर को प्रबंधित करें।
    • क्योंकि हार्ट फेलियर एक क्रोनिक लॉन्ग-टर्म बीमारी है, मेडिकल केयर के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

    उम्मीद है कि आपको महिलाओं में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर के लक्षण (Congestive heart failure symptoms in females) और इसके इलाज के संबंध जानकारी मिल गई होगी। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

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    Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/12/2021 को
    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड