Acute Heart Failure: जानिए एक्यूट हार्ट फेलियर के लक्षण, कारण और इलाज
स्टार्ट टेकिंग केयर ऑफ योर हार्ट बिफोर इट फॉल्स अपार्ट (Start taking care of your heart before it falls apart) …. यानी दिल के टूटने से पहले दिल की देखभाल करना शुरू कर दें। आज हम हार्ट फेलियर (Heart Failure) से जुड़ी एक ऐसी बीमारी की पूरी जानकारी शेयर करेंगे, जिससे आप अपने दिल का ख्याल ठीक तरह से रखने में सफल हो सकते हैं। इसलिए आज इस आर्टिकल के माध्यम से एक्यूट हार्ट फेलियर (Acute Heart Failure) और एक्यूट हार्ट फेलियर के लक्षण और इससे जुड़े कई सवालों का जवाब जानेंगे।
एक्यूट हार्ट फेलियर क्या है?
एक्यूट हार्ट फेलियर के लक्षण क्या हैं?
एक्यूट हार्ट फेलियर के कारण क्या हैं?
एक्यूट हार्ट फेलियर का निदान कैसे किया जाता है?
एक्यूट हार्ट फेलियर का इलाज कैसे किया जाता है?
एक्यूट हार्ट फेलियर का बचाव कैसे करें?
चलिए अब एक-एक कर एक्यूट हार्ट फेलियर (Acute Heart Failure) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।
हार्ट फेलियर की स्थिति तब शुरू होती है, जब हार्ट ब्लड को पंप करने में असमर्थ हो जाता है। शुरुआती स्टेज में यह समस्या धीre-धीरे होती है या फिर तेजी से भी हो सकती है। साल 2014 में पब्लिश्ड हुई एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में 26 मिलियन लोग हार्ट फेलियर की समस्या से पीड़ित थें। वहीं यूनाइटेड स्टेट्स में 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में हार्ट डिजीज धीरे-धीरे हार्ट फेलियर (Heart failure) का कारण बनी। एक्यूट हार्ट फेलियर (Acute Heart Failure) की समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है, ऐसे में लक्षणों के आधार पर और डायग्नोसिस के बाद एक्यूट हार्ट फेलियर का इलाज शुरू किया जाता है।
ये लक्षण एक्यूट हार्ट फेलियर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में अगर इलाज ठीक तरह से नहीं करवाया गया, तो हार्ट अटैक (Heart attack) का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल ऐसी स्थिति में ब्लॉकेज (Blockage) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे हार्ट में ऑक्सिजन (Oxygen) ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्टेशन करना चाहिए।
एक्यूट हार्ट फेलियर का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Acute Heart Failure)
एक्यूट हार्ट फेलियर की समस्या महसूस होने पर डॉक्टर पेशेंट से उनके हेल्थ कंडिशन के बारे में पूछते हैं। इसके बाद निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। जैसे:
चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray)- हार्ट और लंग्स के स्थिति को समझने के लिए चेस्ट एक्स-रे किया जाता है।
ब्लड टेस्ट (Blood tests)- ब्लड टेस्ट की सहायता से थायरॉइड (Thyroid) और किडनी फंक्शन (Kidney function) की जानकारी मिलती है।
स्ट्रेस टेस्ट (Stress test)- फिजिकल एक्टिविटी के दौरान हार्ट किस तरह से काम करता है, इसकी जानकारी स्ट्रेस टेस्ट से ली जाती है।
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram)- इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम की सहायता से हार्ट के इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी (Heart’s electrical activity) की जानकारी मिलती है।
इकोकार्डिओग्राम (Echocardiogram)- हार्ट में ब्लड पम्पिंग की जानकारी के लिए इकोकार्डिओग्राम की सहायता ली जाती है।
एंजिओग्राम (Angiogram)- आर्टरीज (Arteries) से जुड़ी जानकारियों के लिए एंजिओग्राम का विक्लप अपनाया जाता है।
सीटी स्कैन (CT scan)- हृदय की संपूर्ण जानकारी के लिए सीटी स्कैन करवाने की सलाह दी जाती है।
एमआरआई स्कैन (MRI scan)- एक्स-रे से रिपोर्ट क्लियर नहीं होने की स्थिति में एमआरआई का विकल्प चुना जा सकता है।
एक्यूट हार्ट फेलियर के निदान के लिए ऊपर बताये टेस्ट किए जा सकते हैं। हालांकि अगर पेशेंट किसी अन्य हेल्थ कंडिशन से भी पीड़ित हैं, तो ऐसी स्थिति में अन्य टेस्ट या बॉडी चेकअप की भी सलाह दी जा सकती है।
एक्यूट हार्ट फेलियर का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Acute Heart Failure)
एक्यूट हार्ट फेलियर का इलाज पेशेंट की हेल्थ कंडिशन पर और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर है। इसलिए एक्यूट हार्ट फेलियर के इलाज के लिए निम्नलिखित विकल्पों को अपनाया जा सकता है। जैसे:
मेडिकेशन (Medication)
एक्यूट हार्ट फेलियर के इलाज के लिए निम्नलिखित दवाएं प्रिस्क्राइब की जा सकती हैं। जैसे:
इन अलग-अलग दवाओं को डॉक्टर पेशेंट की हार्ट हेल्थ को ध्यान में रखकर करते हैं। अगर पेशेंट को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो ऐसे में कोलेस्ट्रॉल के लिए भी दवा प्रिस्क्राइब कर सकते हैं।
नोट: इन दवाओं का सेवन अपनी मर्जी से ना करें और जब तक डॉक्टर ने पेशेंट को लेने की सलाह दी हो तभी तक करें।
सर्जरी (Surgery)
अगर सिर्फ दवाओं से एक्यूट हार्ट फेलियर की स्थिति में सुधार नहीं आता है या एक्यूट हार्ट फेलियर की वजह से हार्ट में ज्यादा परेशानी होती है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्जरी का निर्णय लेते हैं। इनमें शामिल है-
हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट या रिपेयर (Heart valve replacement or repair)
हार्ट वॉल्व (Heart valve) से जुड़ी तकलीफों को दूर करने के लिए हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट या रिपेयर का विकल्प चुनते हैं।
कोरोनरी बायपास सर्जरी (Coronary bypass surgery)
ब्लड वेसल्स (Blood vessel) से जुड़ी तकलीफ को दूर करने के लिए कोरोनरी बायपास सर्जरी की जाती है।
इन दो सर्जरी के अलावा आवश्यकता पड़ने पर डिवाइस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। डिवाइस की सहायता से हार्ट फंक्शन में मदद मिलती है। इसलिए निम्नलिखित डिवाइस की मदद ली जा सकती है। जैसे:
इन बातों को ध्यान में रखकर हार्ट को हेल्दी बनाने में मदद मिल सकती है।
अगर आप एक्यूट हार्ट फेलियर (Acute Heart Failure) की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन और उनके दिए गए सलाह का ठीक तरह से पालन करें। एक्यूट हार्ट फेलियर से जुड़े किसी तरह के सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हैलो स्वास्थ्य के हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब देने की जल्द से जल्द कोशिश करेंगे।
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डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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