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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : महामारी में नशीले पदार्थों से बचना बेहद जरूरी

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : महामारी में नशीले पदार्थों से बचना बेहद जरूरी

कोविड-19 महामारी पहले से ही लोगों के लिए समस्या बनी हुई थी और अब इसके लोगों का मानसिक स्वास्थ्य भी बिगड़ने की खबर आने लगी है। कई रिपोर्ट ऐसी आई है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि लॉकडाउन, क्वारंटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग के कारण लोग तनावग्रस्त होने लगे हैं। भारत में भी लॉकडाउन में सभी दुकान, व्यापार, फैक्ट्रीरियां, कार्यालय आदि बंद हैं। इससे लोगों को बहुत नुकसान हो रहा है और इसकी वजह से लोगों को टेंशन होने लगी है। कई लोगों को डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। क्या आप भी ऐसी परेशानी महसूस कर रहे हैं? घबराएं नहीं, हम यहां आपको कोरोना लॉकडाउन में मानसिक तनाव से उबरने के बेहतरीन उपाय बता रहे हैं। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि इस महामारी में नशीले पदार्थों को ना कहना आपके लिए क्यों जरूरी है? कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक्सपर्ट की इस सलाह से आप खुद को जरूर स्वस्थ रख पाएंगे।

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : लोगों को लग रही नशे की लत

कोरोनो वायरस महामारी के कारण बहुत सारे लोग घरों में बंद हैं। लोगों को घर में बोरियत महसूस हो रही है। इससे लोग चिंता, अवसाद जैसी अवस्था में पहुंच गए हैं। टेंशन और डिप्रेशन से राहत पाने के लिए एल्कोहाॅल ले रहे हैं और शराब नहीं मिलने पर अन्य खतरनाक नशे करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ लोग इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए दवा की दुकान से खुद दवा खरीदकर खा रहे हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा

अनेक लोगों को इस समय धूम्रपान, ई-सिगरेट आदि की लत भी लग रही है। क्या कोविड-19 के समय लोगों को ऐसा करना चाहिए और क्या इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक हो सकता है? क्या इससे उनकी समस्याएं खत्म हो सकती हैं? या इससे लोग एक नई समस्या से घिरते जा रहे हैं? दिल्ली स्थित बीएलके हॉस्पिटल के लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया ने कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों पर क्या जवाब दिया, आइए जानते हैं।

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : तनाव और डिप्रेशन से उबरने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह

प्रश्न- एल्कोहॉल से कोरोना वायरस पर क्या और कितना फर्क पड़ता है?

सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया ने कहा, “पिछले दो-तीन महीनों से मीडिया के जरिए इस तरह की भ्रान्तियां फैलाई जा रही हैं कि एल्कोहॉल से कोरोना वायरस पर फर्क पड़ता है। मेडिकल लाइन और साइंटिफिक रूप से इसे अभी तक साबित नहीं किया गया है। इस तरह भ्रान्तियों में कोई सच्चाई नहीं है।”

प्रश्न- एल्कोहॉल युक्त सेनिटाइजर से वायरस पर प्रभाव होता है?

डॉ. लोहिया के अनुसार, “एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का शुरू से उपयोग किया जा रहा है। आप देखते होंगे कि कोविड-19 महामारी से पहले से ही हॉस्पिटल में रोगी को देखने के समय डॉक्टर एल्कोहॉल युक्त सेनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसका उपयोग हाथों के वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए किया जाता है। इससे वायरस और बैक्टीरिया फैलता नहीं है।”

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प्रश्न- एल्कोहॉल युक्त सेनिटाइजर से वायरस या बैक्टीरिया पर कितना फर्क पड़ता है?

डॉक्टर ने कहा कि सेनिटाइजर के उपयोग के लिए हॉस्पिटल स्टॉफ को पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें 5 से 7 स्टेप अपनाए जाते हैं, जिसमें 30 से 45 सेंकेंड का समय लगता है। अगर पूरे स्टेप्स को अपनाकर सेनिटाइजर को उपयोग किया जाता है, तो 100 प्रतिशत असरदार होता है।

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : 5 से 7 स्टेप में मिलेगी वायरस से निजात

आम लोग प्रायः 5 से 7 स्टेप ही अपनाते हैं। इसलिए इनको 60 से 80 प्रतिशत ही असर करता है। अगर लोग इसे अच्छे से लेकर हाथ के सभी कोनों और अंगुलियों को साफ करें, तो 80 से 90 तक बैक्टीरिया या वायरस खत्म हो सकता है।

प्रश्न- सेनिटाइजर को खरीदते समय विशेष रूप से क्या ध्यान देना चाहिए?

उन्होंने कहा कि सेनिटाइजर खरीदते समय लोगों को एल्कोहॉल की मात्रा जरूर देखनी चाहिए। अगर सेनिटाइजर में 60 से 70 प्रतिशत एल्कोहॉल है, तो इससे लोग बेफिक्र हो सकते हैं। एल्कोहॉल की मात्रा हर बॉटल में लिखी होती है। इसका बराबर उपयोग करने से बीमारी के फैलने का खतरा कम हो जाता है।

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प्रश्न- कुछ लोगों का कहना है कि अगर सेनिटाइजर न मिले, तो एल्कोहॉल का उपयोग किया जा सकता है इसमें कितनी सच्चाई है?

लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया के मुताबिक, “एल्कोहॉल कंपनियां खुद इन बातों को प्रमोट नहीं करती हैं। काफी एल्कोहॉल कंपनियों ने अपनी गाइड लाइन में लोगों को बताया है कि हमारे प्रोडक्ट सेनिटाइजर के रूप में उपयोग किए जाने लायक नहीं है। इसलिए मेरी यही सलाह है कि इन बातों पर विश्वास नहीं करके साबुन से हाथ धोएं। लोग ग्लव्स का भी उपयोग कर सकते हैं।”

प्रश्न- कई लोग यह भी बोलते हैं कि वोडका को सेनिटाइजर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में एल्कोहॉल होता है?

डॉ. पंकज लोहिया ने कहा, “ऐसी सूचनाएं उन स्थानों पर फैलाई गई थीं या उन देशों से आईं है, जहां महामारी के फैलने के शुरुआती समय में सेनिटाइजर की उपलब्धता कम थी और सेनिटाइजर का उतना प्रोडक्शन नहीं हो रहा था, जितनी की जरूरत थी। महामारी के पैनिक समय में हर देश ने अपनी-अपनी गाइड लाइन बनाई और इसका पालन किया।”

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : हाथों को साफ करने के लिए सेनिटाइजर का करें इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि छोटे देशों में सेनिटाइजर लोगों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा था, तो वहां लोगों ने विकल्प के रूप में इन चीजों का भी प्रयोग किया था।

भारत में सेनिटाइजर और हाथ धोने के सभी सामान उपलब्ध हैं। इसलिए मेरी निजी राय है कि वोडका या ऐसे चीजों का उपयोग न करें, बल्कि सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

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प्रश्न- डिटॉल (Dettol), सेवलॉन (Savlon), लाइजॉल (Lizol) आदि कोरोना वायरस से कितना बचाव करते हैं?

इनमें एल्कोहल नहीं फिनॉल होता है और ये प्रोडक्ट काफी पहले से एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल के रूप में प्रयोग किए जा रहे हैं। फिनॉल से भी वायरस खत्म हो जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन सभी प्रोडक्ट की अनुशंका की है।

प्रश्न- क्या डिटॉल (Dettol), सेवलॉन (Savlon) में कुछ मात्रा में शराब मिलाकर, सेनिटाइजर बनाया जा सकता है?

लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया के अनुसार, “दोनोंं अलग-अलग चीजें हैं, इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए।”

प्रश्न- कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि एल्कोहॉल पीने से शरीर से कोरोना वायरस खत्म हो जाता है, यह कितना सही है?

हमारी भोजन और श्वास नली अलग-अलग होती हैं। एल्कोहॉल हमारी भोजन नली से पेट में जाता है। जबकि रिसर्च से पता चला है कि कोरोना वायरस श्वास नली में ऊपर और नीचे काफी देर तक जीवित रहता है। इसलिए इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यह लोगों की व्यक्तिगत राय है, जो मिथ्या है।

प्रश्न- एल्कोहॉल पीने से क्या नुकसान होता है?

एल्कोहॉल का सेवन करने से इम्यूनिटी पावर कम होती है। शरीर की डिफेंस सिस्टम में काम करने वाले जो सेल होते हैं, वे कम हो जाते हैं। इससे मरीज अस्वस्थ हो सकता है। रिसर्च यह बताता है कि कोरोना वायरस उन लोगों को अधिक नुकसान पहुंचाता है, जिसकी इम्यूनिटी पावर कम है। इसलिए शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

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प्रश्न -कुछ लोग बोलते हैं कि दो पैग शराब पीने से कुछ फर्क नहीं पड़ता है, यह सही है?

लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया के अनुसार, “सभी शरीर की अपनी-अपनी क्षमताएं होती हैं। शराब चाहे थोड़ी मात्रा में पिएं या अधिक मात्रा में, वह नुकसानदेह होती है। हां, ये हो सकता है कि यह किसी को पहले नुकसान पहुंचा सकती है, तो कुछ को नुकसान होने में थोड़ा समय लग सकता है। नुकसान नहीं होने की बात तथ्यहीन है।”

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : रोगग्रस्त लोगों को एल्कोहॉल से अधिक नुकसान

इसके साथ ही जो लोग डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पीलिया, अपच की समस्या और लिवर से जुड़ी पुरानी बीमारी से ग्रस्त हैं, उनको एल्कोहॉल से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को एल्कोहॉल से नुकसान पहुंच सकता है।

प्रश्न- कोरोना महामारी के समय अपने घरों में बंद रहने से कई लोगों को टेंशन हो रही है। कुछ लोग कोरोना लॉकडाउन के कारण मानसिक तनाव झेल रहे हैं और डिप्रेशन में भी चले गए हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए कई लोग ड्रग्स और एल्कोहल आदि का सहारा भी ले रहे हैं। क्या इससे समस्या कम होने की बजाय बढ़ नहीं रही है?

डॉ. लोहिया ने कहा, “कुछ लोग खांसी की दवा या पेनकिलर लेकर तुरंत आराम पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब इसकी लत लग जाती है, तो यह नुकसान पहुंचाती है। इस समय लॉकडाउन पीरियड में विशेष सावधानी की जरूरत है। यह देखना चाहिए कि क्या चीजें हमें नुकासन कर सकती है। अगर कोविड-19 को लेकर लोग बेचैन हैं और उन्हें मानसिक तनाव हो रहा है, तो उन्हें धैर्य रखना चाहिए। वैसे यह चिंता का विषय है।”

प्रश्न- सोशल डिस्टेंसिंग, शेल्टर होम आदि में लोग अपने परिवार से दूर हैं। लोग अपना एकांत मिटाने के लिए भांग और गांजा जैसी चीजों का सेवन कर रहे हैं। इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

डॉ. पंकज लोहिया के अनुसार, “कोविड-19 एक भयंकर बीमारी है और इससे लोगों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है या वे तनावग्रस्त भी हो सकते हैं। खासकर परिवार से दूर रहने और परेशानियों के कारण ऐसा जरूर हो सकता है, लेकिन कोरोना लॉकडाउन की ऐसी स्थिति में लोगों को मानसिक तनाव पर नियंत्रण पाना चाहिए।”

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : डिप्रेशन में प्राणायाम और ध्यान करें लोग

आज सभी के पास इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं। कोविड-19 के कारण होने वाले मानसिक तनाव से निकलने के लिए लोग प्राणायाम, ध्यान, प्रार्थना, पूजा, भजन आदि कर सकते हैं। साहित्य, न्यूज चैनल, टीवी चैनल की सहायता भी ले सकते हैं। लोगों की जो भी इच्छा हो, वैसी चीजों का सहारा लेकर कोविड-19 के कारण होने वाले मानसिक तनाव और डिप्रेशन को काबू में करना चाहिए।

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्यः तनाव से उबरने के लिए खेलें लूडो और शतरंज

मोबाइल भी कोविड-19 के कारण बिगड़ने वाले मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने का साधन बन सकता है। मोबाइल पर लूडो, शतरंज आदि कई तरह के खेल खेले जा सकते हैं। लोग मोबाइलपर गाने और मनोरंजन मूवी या सीरियल आदि भी देख सकते हैं।

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्यः घबराएं नहीं, धैर्य रखें

मेरी लोगों को यही सलाह है कि वे घबराएं नहीं। प्रार्थना करें कि संकट का दौर जल्द खत्म हो जाए। खुद पर नियंत्रण रखकर ही लोग कोविड-19 के कारण होने वाले मानसिक स्वास्थ्य को संभाल सकते हैं।

प्रश्न- लॉकडाउन के कारण दुकान, व्यापार और कार्यालय आदि बंद होने के कारण लोगों को नुकसान हो रहा है। कई लोगों को इससे टेंशन होने लगी है, तो कुछ डिप्रेशन में चले गए हैं, आप इनको क्या सलाह देना चाहेंगे?

लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया ने बताया, “कोविड-19 जैसी कोई भी महामारी के कारण लोगों में मानसिक तनाव होना आश्चर्य की बात नहीं है और नुकसान होने के कारण लोग डिप्रेशन में भी जा सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात यह है कि यह भारत में पहली बार नहीं हुआ है।”

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्यः पढ़ें साहित्यिक किताबें और करें बागबानी

कोविड-19 के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर से उबरने के लिए लोग परिवार, दोस्त का सहारा ले सकते हैं। लोग साहित्यिक किताब पढ़ें है। बुरे समय से बाहर निकलने के लिए समय का सही उपयोग करें।

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्यः खेले इंडोर गेम और बच्चों पर दें ध्यान

बच्चों को पढ़ाएं। बागबानी करें। इंडोर गेम्स खेलें। कोविड-19 के कारण होने वाले नुकसान से राहत पाने और मानसिक तनाव से उबरने के लिए किसी गलत चीज का सेवन करना सही नहीं है। इससे समस्या बढ़ेगी।

प्रश्न- कोविड-19 के कारण होने वाले टेंशन और मानसिक स्वास्थ्य या इसके लक्षण को ठीक करने के लिए कई लोग खुद दवा दुकान से तरह-तरह की दवा लेकर खा लेते, क्या इससे लोगों को नुकसान हो सकता है?

अलग-अलग लोगों को कोरोना महामारी के अलग-अलग लक्षण महसूस हो रहे हैं। कुछ को शरीर में दर्द, भूख कम, सिर दर्द की समस्या होती है, तो कुछ को बुखार होता हैं। यह अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तरह का भी हो सकता है। अगर आपको बुखार है और सांस लेने में दिक्कत है। इसके साथ ही खांसी है, तो जरूर डॉक्टर को दिखाएं और जांच कराएं।

प्रश्न- कोरोना लॉकडाउन के कारण हुए मानसिक तनाव में बहुत सारे लोगों को ई-सिगरेट की लत लग रही है, उनको क्या सलाह देना चाहेंगे?

जो पहले से ही ई-सिगरेट का सेवन कर रहे हैं तो उन्हें अपने आप पर नियंत्रण पाना चाहिए। अगर लोग ज्यादा मात्रा में ई-सिगरेट पी रहे हैं, तो ऐसे लोगों को निकोटिन से छुटकारा पाने के उपाय करने चाहिए। स्मोकिंग से हमारे फेफड़ों को सीधा नुकसान पहुंचता है और कोरोना वायरस फेफड़ों में जाकर ही गंभीर बीमारी पैदा करता है। इससे खतरा बढ़ सकता है।

प्रश्न- ऐसी भी खबर मिलती हैं कि निकोटिन कोरोना वायरस को फैलने से रोकता है?

ये सभी बातें मिथ्या हैं। कोरोना वायरस की रोकथाम या इलाज के लिए अभी तक कोई दवा नहीं बनी है। इस समय हर आदमी डरा हुआ है, परेशान है। ऐसे में घर वालों या दोस्तों को समझाने या इस परेशानी से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की अफवाहों को फैलाया जा रहा है।

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प्रश्न- कोरोना वायरस महामारी के कारण बच्चों के कानों में बार-बार एल्कोहल शब्द सुनाई दे रहा है, क्या इससे समय से पहले बच्चे एल्कोहॉल के प्रति झुकाव महसूस कर सकते हैं?

एल्कोहॉल का प्रयोग शुरू से कई चीजों में किया जा रहा है। इसलिए ऐसा सोचना सही नहीं है। अगर ऐसा होता तो इसका इस्तेमाल ही नहीं किया जाता। आज हाथों को साफ करने के लिए सेनिटाइजर सभी जगह पर इस्तेमाल किया जाता है। ड्रेसिंग या फर्स्ट एड किट हो या दूसरे कई चीजों में एल्कोहॉल युक्त सेनिटाइजर का उपयोग हो रहा है। इसलिए ऐसा सोचना सही नहीं है।

प्रश्न- बच्चे अगर एल्कोहॉल के बारे में प्रश्न करें, तो उन्हें कैसे समझाना चाहिए?

मैं नॉन मेडिकल या हाउसकीपिंग स्टॉफ के सामने यह कहता हूं कि यह हाथ धोने की दवाई है। इसे इसी रूप में बोला जाना चाहिए। बच्चों के दिमाग में गलत बाते न जाएं, इसलिए उचित शब्द उपयोग करें।

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : माता-पिता और शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण

आशा करें कि महामारी जल्द खत्म हो जाए, क्योंकि जितनी जल्दी बीमारी खत्महोगी, उतनी ही जल्दी से बच्चों के दिमाग से एल्कोहल से संबंधित बातें भी हट जाएंगी। इसके लिए माता-पिता, शिक्षक और मीडिया को सकारात्मक भूमिका निभाना पड़ेगा।

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प्रश्न- आप लोगों को क्या सलाह देना चाहेंगे?

लिवर ट्रांसप्लांट और क्रिटिकल केयर विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. पंकज लोहिया ने कहा, “इस महामारी पर विजयपाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। यह ध्यान रखें कि परेशानी कितनी भी बड़ी हो, उससे घबराना नहीं चाहिए। हमें अपने दिमाग से काम लेना चाहिए। नॉर्मल काम करें। खाने से पहले हाथ धोएं। बाहर से आने पर हाथ धोएं और कपड़े बदलें।

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्यःअनजान चीजों को न छुएं

किसी भी अनजान वस्तु को न छुएं। लोगों से हाथ न मिलाएं। बाहरी चीजों के संक्रमण में न आएं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है।”

कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : इन उपायों से तनाव और डिप्रेशन से पाएं राहत

न्यूयॉर्क स्थित ग्लेन ओक्स के जुकर हिल्सडे हॉस्पिटल के मनोचिकित्स की असिस्टेंट यूनिट चीफ डॉ. स्कॉट क्राकोव ने भी कहा, “कोविड-19 के कारण हुए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या डिप्रेशन से उबरने के लिए आज ई-सिगरेट और धूम्रपान का बहुत इस्तेमाल किया जा रहा है। वास्तव में यह एक बड़ी समस्या बन गई है।”

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : नकारात्मक बातों से डिप्रेशन और तनाव

उन्होंने कहा कि लोग कोरोना (कोविड-19) लॉकडाउन के कारण मानसिक तनाव या डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं, तो इससे उबरने के लिए कई उपाय कर सकते हैं। लोग मेडिटेशन, एक्सरसाइज करें। इंटरनेट या अलग-अलग ऐप पर रिलैक्स रहने के लिए कई उपाय मौजूद होते हैं। इनसे मदद लें। उन चीजों को ध्यान में रखें, जो आपको खुश और शांत बनाती हैं। किताब पढ़ें, नकारात्मक बातों को ध्यान में न लाएं।

अब आप जान गए होंगे कि कोविड-19 के समय मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखना और महामारी में मादक द्रव्यों को ना कहना आपके लिए क्यों जरूरी है।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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सूत्र

All accessed on 27/04/2020

1.Resist Using Pot, Alcohol to Ease Fears During COVID-19 Outbreak-https://www.healthline.com/health-news/resisting-using-pot-alcohol-to-ease-stress-during-the-covid-19-outbreak
2.Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus-
3.Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019
4.India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019
5.#IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Suraj Kumar Das द्वारा लिखित
अपडेटेड 28/04/2020
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