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Anthrax (inhaled) : इनहेल्ड एंथ्रेक्स क्या है?

इनहेल्ड एंथ्रेक्स क्या है?|इनहेल्ड एंथ्रेक्स के कारण|इनहेल्ड एंथ्रेक्स के लक्षण|निदान|इनहेल्ड एंथ्रेक्स का उपचार |रोकथाम|एंथ्रेक्स क्यों हानिकारक है?
Anthrax (inhaled) : इनहेल्ड एंथ्रेक्स क्या है?

इनहेल्ड एंथ्रेक्स क्या है?

इनहेल्ड एंथ्रेक्स एक संक्रामक रोग है जो एक जीवाणु से होता है, इस जीवाणु को बेसिलस ऐंथरैसिस कहा जाता है। यह इंफेक्शन मनुष्य को त्वचा, फेफड़े और मुंह के माध्यम से होता है। एंथ्रेक्स बहुत ही दुर्लभ लेकिन एक गंभीर बीमारी है। इनहेल्ड एंथ्रेक्स नामक रोग मुख्य रूप से पशुओं को प्रभावित करता है। अगर कोई मनुष्य सीधे या अप्रत्यक्ष तरीके से उन पशुओं के संपर्क में आता है, तो उसे भी यह इंफेक्शन हो सकता है। यानी, यह रोग पशुओं के माध्यम से मनुष्यों को प्रभावित करता है।

जब कोई व्यक्ति सांस के माध्यम से एंथ्रेक्स के जीवाणु को शरीर के अंदर ले जाता है और इस रोग का शिकार हो जाता है तो उसे इनहेल्ड एंथ्रेक्स कहा जाता है। जो लोग वूल मिल्स या ऐसी जगहों पर काम करते हैं। जहां वो संक्रमित जानवरों या संक्रमित जानवरों से बने उत्पादों के संपर्क में आते हैं। तो वो इन संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। ऐसा कहा जाए कि ऐसे लोगों के इस रोग से संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है, तो गलत नहीं होगा। एंथ्रेक्स को सांस द्वारा अंदर ले जाने से यह संक्रमण मुख्य रूप से शरीर के बाकी हिस्सों में फैलने से पहले छाती में लिम्फ नोड्स में शुरू होता है। बाद में यह साँस लेने की गंभीर समस्याओं और शॉक का कारण बनता है।

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इनहेल्ड एंथ्रेक्स के कारण

इनहेल्ड एंथ्रेक्स तब विकसित होता है, जब एंथ्रेक्स बीजाणु वायुमार्ग के माध्यम से फेफड़ों में प्रवेश करते हैं। यह सबसे आमतौर पर तब होता है। जब वहां होने वाले लोग एंथ्रेक्स बीजाणुओं को सांस के माध्यम से शरीर के अंदर ले जाते हैं। बीजाणुओं में श्वास का मतलब है कि एक व्यक्ति का एंथ्रेक्स का शिकार बनना। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति में इसके लक्षण भी दिखाई देंगे। यह रोग मुख्यतया जानवरों (जैसे-भेड़, मवेशी, घोड़े और बकरी) में होता है और उनसे मनुष्य तक पहुंचता है।

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इनहेल्ड एंथ्रेक्स के लक्षण

इनहेल्ड एंथ्रेक्स के शुरुआत के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • फ्लू जैसे लक्षण, जैसे गले में खराश, हल्का बुखार, थकान और मांसपेशियों में दर्द, जो कुछ घंटों या दिनों तक रह सकता है,
  • सीने में हल्का दर्द,
  • सांस लेने में समस्या,
  • जी मिचलाना,
  • खांसते हुए खून आना,
  • निगलने में दर्द होना।

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अगर समस्या बढ़ जाती है, तो आपको यह भी अनुभव हो सकता है :

  • अधिक बुखार होना,
  • सांस लेने में परेशानी होना,
  • शॉक,
  • मेनिनजाइटिस – मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन जो प्राण घातक हो सकती है।

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निदान

आपके डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में आपसे जानेंगे जैसे फ्लू या निमोनिया। इन्फ्लूएंजा के एक मामले का शीघ्र निदान करने के लिए रैपिड फ्लू टेस्ट कराना पड़ सकता है। यदि अन्य परीक्षण नकारात्मक हैं, तो एंथ्रेक्स के लिए आपको कुछ अन्य टेस्ट कराने पड़ सकते हैं, जैसे:

1) स्किन टेस्टिंग (skin testing)

आपकी त्वचा के घाव से तरल पदार्थ का एक नमूना एक प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसके परिणाम के अनुसार ही इस रोग के बारे में डॉक्टर अधिक जान पाते हैं।

2) ब्लड टेस्ट (blood test)

इनहेल्ड एंथ्रेक्स बैक्टीरिया की जांच के लिए डॉक्टर रोगी के शरीर से थोड़ी सी मात्रा में खून का सैंपल ले सकते हैं।

3) चेस्ट एक्स-रे या कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (CT -स्कैन)

इनहेल्ड एंथ्रेक्स के निदान के लिए डॉक्टर रोगी को चेस्ट एक्स-रे या कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (CT -स्कैन) कराने की सलाह दी जा सकती है।

4) स्पाइनल टेप (लम्बर पंक्चर)

इस टेस्ट में डॉक्टर आपके रीढ़ नलिका में इंजेक्शन के माध्यम से कुछ मात्रा में फ्लूइड निकाल सकते हैं। स्पाइनल टेप टेस्ट आमतौर पर केवल एंथ्रेक्स मेनिन्जाइटिस के निदान की पुष्टि करने के लिए किया जाता है।

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इनहेल्ड एंथ्रेक्स का उपचार

इनहेल्ड एंथ्रेक्स का उपचार एंटीबायोटिक्स के मेल से किया जाता है जैसे सिप्रोफ्लोक्सासिन को अन्य दवाइयों के साथ मिला कर। यह एंटीबायोटिक्स आमतौर पर साथ दिनों तक दी जाती हैं क्योंकि इन्हें ठीक होने में लंबे समय तक लग सकता है।

आपको कौन-सी एंटीबायोटिक का कॉम्बिनेशन देना है। यह बात आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई कारकों पर निर्भर करता है। जितनी जल्दी हो सके उपचार शुरू करने में अधिक फायदा होता है। हालांकि, एंथ्रेक्स के कुछ मामलों में एंटीबायोटिक्स से फायदा होता हैलेकिन, अगर एडवांस इनहेलेशन एंथ्रेक्स की सूरत में इसका प्रभाव हो सकता है कि अधिक न हो।

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रोकथाम

  • जानवरों के संपर्क में आने से बचें खासतौर पर गाय, भेड़ और बकरी आदि से।
  • जो लोग फर, ऊन और अन्य जानवरों के साथ या उन से बने उत्पादों को बनाने का काम करते हैं उन्हें ऐसे में खास ध्यान रखना चाहिए।

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एंथ्रेक्स क्यों हानिकारक है?

कुछ अन्य कारण हैं जिनके अनुसार एंथ्रेक्स बहुत ही हानिकारक रोग है। कुछ ऐसे अन्य कारण हैं, जिनसे पता चलता है कि एंथ्रेक्स एक बायोटेरोरिस्ट अटैक के लिए एक प्रभावी एजेंट क्यों है।

किन कारणों से इनहेल्ड एंथ्रेक्स होने की सम्भावना बढ़ जाती है?

इनहेल एंथ्रेक्स से ग्रसित होने के लिए, एंथ्रेक्स स्पोर्स (बीजाणु) के साथ सीधे संपर्क में आना आवश्यक है। इसकी अधिक संभावना है यदि आप:

  • सेना में हैं और ऐसी जगह तैनात हैं जहां एंथ्रेक्स के संपर्क में आने का जोखिम ज्यादा हो,
  • एक लैब जिसमे एंथ्रेक्स मौजूद हो और आप वहां काम करते हैं,
  • यदि आप जानवरों की खाल, फर या ऊन से संबंधित काम करते हैं,
  • हेरोइन जैसे अवैध ड्रग्स इंजेक्शन के माध्यम से लेते हैं।

यह कारण इस प्रकार हैं:

  • यह प्राकृतिक चीजों और प्रकृति से आसानी से हो सकता है।
  • यह लैब में हो सकता है।
  • यह स्ट्रिंजेंट स्टोरेज की स्थिति के बिना लंबे समय तक रह सकता है।
  • यह आसानी से पाउडर और स्प्रे के रूप में रिलीज किया जा सकता है।
  • एंथ्रेक्स स्पोर्स माइक्रोस्कोपिक हैं। इन्हे स्वाद, गंध और देखने से ही नोटिस किया जा सकता है।

इनहेल्ड एंथ्रेक्स को अन्य एंथ्रेक्स में से सबसे घातक माना जाता है। संक्रमण के बाद एक सप्ताह के भीतर संक्रमण विकसित होता है। लेकिन, इसमें दो महीने तक का समय लग सकता है। सर्वे के अनुसार, इनहेल्ड एंथ्रेक्स वाले केवल 10 – 15% रोगी , उपचार के बिना जीवित रहते हैं। हालांकि, सही उपचार के साथ, लगभग 55% रोगी जीवित रहते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड