मां से होने वाली बीमारी में शामिल है हार्ट अटैक और माइग्रेन

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Update Date जून 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कहते हैं कुछ बीमारियां जो माता-पिता में होती हैं वे बच्चों को भी हो सकती हैं। वहीं कुछ का बच्चों में होना तय माना जाता है। आज जानेंगे मां से होने वाली बीमारी के बारे में जो बेटियों में होती हैं। दरअसल ऐसा जेनेटिकल कारणों की वजह से होता है। लंदन के कैंसर इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च के अनुसार 57 प्रतिशत महिलाओं को पीरियड्स (मासिक धर्म) तभी शुरू होते हैं जब उनकी मां को शुरू हुआ हो। पीरियड्स (Menstruation) तो कोई बीमारी नहीं है, लेकिन ऐसी कई महिलाएं हैं जिन्हें कुछ बीमारी जेनेटिकल कारणों से या कहें कि मां से होती हैं। मां से होने वाली बीमारी में एक, दो नहीं ब्लकि 6 बीमारियां हैं। जानते हैं इनके बारे में।

मां से होने वाली बीमारी में शामिल है हार्ट अटैक

1. मां से होने वाली बीमारी- हार्ट अटैक

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार अगर किसी महिला को हार्ट से जुड़ी बीमारी है और उन्हें हार्ट अटैक हुआ है तो ऐसी स्थिति में उनकी बेटी को हार्ट अटैक का खतरा 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। मां से होने वाली बीमारी की लिस्ट में हार्ट अटैक पहली बीमारी मानी जाती है।

हार्ट अटैक का कारण क्या है?

 कोरोनरी आर्ट्रीज में फैट जमा होने की वजह से ब्लड फ्लो ठीक तरह से नहीं होने के कारण हार्ट में ब्लड फ्लो बंद हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है।  हृदय की ये बीमारी महिलाओं के लिए घातक मानी जाती है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है की इसके लक्षणों और संकेतों को समझें और परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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2. मां से होने वाली बीमारी- ब्रेस्ट कैंसर

अगर परिवार में या ब्लड रिलेशन में जैसे मां या मौसी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ है या तो बेटी को भी हो सकता है। इसे मां से होने वाली बीमारी कह सकते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेस्ट कैंसर का कारण क्या है?

स्तन में गांठ महसूस होने पर कैंसर की संभावना हो सकती है, लेकिन ध्यान रखें हर गांठ कैंसर नहीं होती है। कैंसर बदलती लाइफ स्टाइल और जेनेटिकल दोनों कारणों हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार लगभग 5-10% स्तन कैंसर के मामले ज्यादातर जेनेटिकल होते हैं। इन जीनों की पहचान जीन 1 (BRCA1) और स्तन कैंसर जीन 2 (BRCA2) के रूप में की गई है। इसलिए परिवार में कभी कोई स्तन कैंसर से पीड़ित रह चुका है, तो आप इन जींस (genes) का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं।

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3. मां से होने वाली बीमारी- अल्जाइमर

अल्जाइमर, डिमेंशिया (डिमेंशिया के लक्षण) का सबसे सामान्य कारण है। अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है। याददाश्त कमजोर होने की वजह से व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ने के साथ-साथ दैनिक कार्यों को भी पूरा करने में कठिनाई शुरू हो जाती है। यह बीमारी भी मां से मिल सकती है।

अल्जाइमर का कारण क्या है?

अल्जाइमर सोसायटी के अनुसार अगर कोई महिला अल्जाइमर से पीड़ित हैं, तो उनकी बेटी को भी 30 – 50 प्रतिशत संभावना अल्जाइमर की होगी। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार शरीर का वजन, ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रॉल से जुड़ी जांच करवाते रहना चाहिए। हेल्दी लाइफ स्टाइल फॉलो करने से डिमेंशिया का खतरा 20 प्रतिशत तक कम हो सकता है।

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4. मां से होने वाली बीमारी- डिप्रेशन

यह एक तरह का ऐसा तनाव है, जिससे व्यक्ति लंबे समय से पीड़ित होता है। इसमें व्यक्ति खुद को बहुत ही डिप्रेस्ड महसूस करता है। यह किसी भी पूर्व समय में घटित घटनाओं की वजह से होता है। चिंता और डिप्रेशन दोनों ही मानसिक पीड़ा है और इनके लक्षण भी लगभग एक जैसे होते हैं लेकिन, चिंता और डिप्रेशन दोनों ही अलग-अलग होते हैं। यह भी मां से होने वाली बीमारी है।

डिप्रेशन का कारण क्या है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो 10 प्रतिशत तक संभावना मेंटल इलनेस की होती है अगर कोई परिवार में मेंटल इलनेस से पीड़ित है। हालांकि ऐसा पूरी नींद न लेना, अत्यधिक एल्कोहॉल का सेवन करना या फिर तनाव में रहने के कारण भी हो सकता है।

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5. मां से होने वाली बीमारी- माइग्रेन

आपको ये जानकार हैरानी होगी की 70 – 80 प्रतिशत माइग्रेन की समस्या महिलाओं में मां के कारण होती है। आप कह सकते हैं की मां से होने वाली बीमारी की लिस्ट में माइग्रेन भी शामिल है।

माइग्रेन का कारण क्या है?

ब्रेन में सेरोटोनिन (serotonin) नामक रसायन, जो कि नर्वस सिस्टम में दर्द नियंत्रण में मदद करता है। इसके असंतुलित हो जाने के कारण माइग्रेन होता है। महिलाओं में यह हॉर्मोनल बदलाव या पीरियड्स (मासिक धर्म)गर्भावस्था या मेनोपॉज के कारण भी हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है की माइग्रेन कुछ सेंसेटिव खाद्य पदार्थों जैसे चॉकलेट, चीज, कॉफी, सिट्रस फ्रूट या रेड वाइन के सेवन से भी हो सकता है।

6. मां से होने वाली बीमारी- मेनोपॉज

कम से कम 12 महीने तक पीरियड्स (मासिक धर्म) नहीं होना रजोनिवृति (Menopause) कहलाता है। सरल शब्दों में इसे समझें तो  मेनोपॉज का मतलब है कि अब आपकी प्रजनन अवधि खत्म हो गई है। अब आप बच्चे को जन्म नहीं दे सकती हैं।

मेनोपॉज का कारण क्या है?

मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है इसलिए इससे परेशान न हों। हर महिला को एक उम्र तकरीबन 40 साल से ज्यादा होने पर पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें की अगर आपकी मां को 51 साल की उम्र में मेनोपॉज हुआ है तो आपको भी इसी उम्र के पड़ाव में पहुंचने पर मेनोपॉज हो सकता है। हालांकि 51 साल की उम्र में मेनोपॉज सिर्फ 20 में से एक ही महिला को होता है। ज्यादातर 46 साल की उम्र के बाद आजकल महिलाओं को मेनोपॉज हो जाता है। 70 – 85 प्रतिशत महिलाओं को मेनोपॉज उनकी मां के अनुसार ही हो सकता है।

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इन बीमारियों के अलावा अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं लेकिन, अगर आप मां से होने वाली बीमारी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहती हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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