क्रिप्टोकोकोसिस फंगी (कवक) से होने वाली एक बीमारी है। क्रिप्टोकोकस वो फंगस है जो मिट्टी में पाया जाता है। यह रोग मनुष्यों और जानवरों को संक्रमित करता है। सांस के माध्यम से इसे अंदर लेने से फेफड़ों में संक्रमण होता है जो दिमाग तक फैल सकता है, जिससे मेनिंगोएन्सेफलाइटिस हो सकता है। इस रोग के परिणाम घातक हो सकते हैं।
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क्रिप्टोकोकोसिस को कई अन्य नामों से जाना जाता है जैसे बससे-बसचके रोग (Busse-Buschke Disease), क्रिप्टोकोकिक मेनिनजाइटिस (Cryptococcic meningitis), क्रिप्टोकोकोसिस लंग, क्रिप्टोकोकोसिस स्किन, यूरोपीय ब्लास्टोमाइकोसिस, तोरुलार मैनिंजाइटिस (Torular Meningitis), तोरुलोसिस (Torulosis) आदि।
यह एक बेहद दुलर्भ बीमारी है जो ज्यादा लोगों में नहीं पाई जाती है। आमतौर पर यह रोग 40 वर्ष से लेकर 60 वर्ष के लोगों को प्रभावित करती है। यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में अधिक पाई जाती है। जिन लोगों को इम्युनिटी संबंधी विकार या इंफेक्शन के प्रति कमजोर इम्युनिटी होती है उनमें इसके होने का अधिक खतरा होता है।
क्रिप्टोकोकस निओफॉर्मन्स और क्रिप्टोकोकस गत्ती वो फंगी या कवक है जो इस रोग का कारण है। दुनिया भर में क्रिप्टोकोकस निओफॉर्मन्स इंफेक्शन देखा जाता है। क्रिप्टोकोकस गत्ती इंफेक्शन मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के पेसिफिक उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र, कनाडा में ब्रिटिश कोलंबिया, दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में देखा गया है। यही नहीं, महिलाओं की तुलना में यह पुरुषों को अधिक प्रभावित करता है।
1) क्रिप्टोकोकस सबसे आम कवक है जो गंभीर संक्रमण का कारण बनता है। यह दोनों कवक मिट्टी में पाए जाते हैं। समय के साथ यह पूरे शरीर में फैल जाता है। यहीं नहीं, जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, उनमें क्रिप्टोकोकोसिस की समस्या अधिक देखने को मिलती है। जैसे:
2) कवक को सांस से शरीर के अंदर लेने से यह रोग होता है और यह कवक पक्षियों की कई प्रजातियों खासतौर पर कबूतर के मल आदि से जुड़ा हुआ होता है।
3) कुछ साल पहले तक, क्रिप्टोकोकस गत्ती इंफेक्शन को ट्रॉपिकल और सबट्रॉपिकल वातावरण में पाए जाने वाले पौधों से भी जोड़ा जाता था।
4) क्रिप्टोकोकोसिस इंफेक्शन में अधिकांश हिस्सा क्रिप्टोकोकस नियोफॉर्मन्स और क्रिप्टोकोकस गत्ती द्वारा होता है। हालांकि, 50 से अधिक क्रिप्टोकॉकस प्रजातियां हैं, केवल इनकी कुछ अन्य प्रजातियां शायद ही कभी मनुष्यों को संक्रमित करती हैं।
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क्रिप्टोकोकोसिस इंफेक्शन कमजोर इम्युनिटी के लोगों के मस्तिष्क में फैल सकता है। न्यूरोलॉजिकल (मस्तिष्क) लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं। अधिकांश लोगों में इस रोग का निदान होने पर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन और जलन होती है। दिमाग के संक्रमण के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
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यह इंफेक्शन फेफड़ों और अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता हैं। फेफड़ों के इंफेक्शन के लक्षण इस प्रकार हैं:
इसके अलावा यह लक्षण भी नजर आ सकते हैं:
क्रिप्टोकोकोसिस रोग के गंभीर लक्षण इस प्रकार हैं:
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संक्रमण के लिए क्रिप्टोकोकस प्रजातियों के कारण समय अलग हो सकता है। क्रिप्टोकोकस गत्ती संक्रमण के लक्षण एक्सपोजर के दो से 11 दिनों के बीच में कभी भी दिखाई दिए जा सकते हैं। क्रिप्टोकोकस नियोफ़ॉर्मन्स के लिए इस अवधि के बारे में जानकारी नहीं है।
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क्रिप्टोकोकोसिस रोग के निदान के लिए सबसे पहले आपके डॉक्टर आपसे लक्षणों और अन्य मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछेंगे।
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डॉक्टर सबसे पहले आपकी शारीरिक जांच करेंगे और उसके बाद आपसे आपके लक्षणों और ट्रेवल हिस्ट्री के बारे में पूछेंगे। फिजिकल जांच से उन्हें इन बातों की जानकारी हो सकती है:
डॉक्टर आपसे निम्नलिखित टेस्ट करा सकते हैं
कुछ इंफेक्शन के होने पर उनमे किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं होती। फिर भी, पूरे साल इस बात को सुनिश्चित करने के लिए बार-बार नियमित चेकअप करें ताकि यह इंफेक्शन न फैले। यदि फेफड़े के घाव हैं या रोग फैलता है, तो आपके डॉक्टर आपको एंटी-फंगल दवाओं को लेने की सलाह देंगे। इन दवाओं को लंबे समय तक लेने की जरूरत होती है। यह दवाईआं इस प्रकार हैं
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क्रिप्टोकोकोसिस से ग्रस्त ज्यादातर लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रिवेंशन के मुताबिक यह संक्रमण 1 लाख लोगों में केवल 0.3 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत तक ही होता है।
इस रोग से अधिक गंभीर रोग जैसे एचआइवी या एड्स के रेट प्रति 1000 लोगों में 2 से 7 हैं। जो की क्रिप्टोकोकोसिस से काफी ज्यादा है। हालांकि, क्रिप्टोकोकोसिस रोग एड्स या एचआईवी से ग्रसित मरीजों में अधिक सामान्य है। दोनों रोग के एक साथ होने पर मरीज के बचने की आशंका 50 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
ज्यादातर मामलों में मरीज को उम्र भर फ्लुकोनाजोल का सेवन करना पड़ सकता है। खासतौर से जिन व्यक्ति को एड्स की समस्या हो। इस दवा का सेवन करने से रोग के होने की आशंका कम की जा सकती है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Cryptococcosis
Cryptococcosis. https://medlineplus.gov/ency/article/001328.htm. Accessed on 24 Dec 2019
Current Version
28/08/2020
Anu sharma द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Shivam Rohatgi