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Pedophilia : पीडोफिलिया है एक गंभीर मानसिक बीमारी, कहीं आप भी तो नहीं है इसके शिकार

Pedophilia : पीडोफिलिया है एक गंभीर मानसिक बीमारी, कहीं आप भी तो नहीं है इसके शिकार

अक्सर आपने देखा होगा कि चाइल्ड एब्यूज या बाल यौन शोषण बहुत होता है। हम समाचार, अखबारों और सोशल मीडिया में आए दिन बाल यौन शोषण के बारे में देखते और पढ़ते रहते हैं। इसके बाद एक छोटी सी चर्चा करते हैं और कहते हैं कि, “वह व्यक्ति कितनी विकृत मानसिकता का था, जिससे बच्चे को साथ यौन शोषण किया है।” यही विकृत मानसिकता कहलाती है पीडोफिलिया (Pedophilia)। ये पीडोफिलिया एक ऐसी गंभीर मानसिक समस्या है तो अनजाने में किसी व्यक्ति को अपराधी बना सकती है और किसी मासूम बच्चे का जीवन बर्बाद कर सकती है। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप बच्चे के प्रति यौन आकर्षण (Pedophilia) के बारे में सबकुछ जानें और इसका इलाज कराएं। आइए जानते हैं इस गंभीर मानसिक समस्या के बारे में…

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पीडोफिलिया क्या है?

पीडोफीलिया

पीडोफिलिया एक प्रकार का यौन आकर्षण है, जो 13 साल से कम उम्र के बच्चों के प्रति होता है। पीडोफिलिया दो शब्दों से मिल कर बना है- पीडो मतलब बच्चे और फीलिया मतलब आकर्षण। इसलिए इसे बच्चों के प्रति यौन शोषण भी कहा जाता है। पीडोफिलिया को पैराफीलिया की तरह ही देखा जाता है। पैराफीलिया एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिससे ग्रसित व्यक्ति की कामुक इच्छाएं काफी असामान्य होती हैं। जिसमें उसे नॉर्मल सेक्स नहीं बल्कि कुछ अलग तरीके से और अलग लोगों के साथ सेक्स करने की इच्छा होती है। उदाहण के तौर पर छोटे बच्चों के साथ या किसी उम्रदराज बुजुर्ग के साथ सेक्स करने की कामुक इच्छा होना। पैराफीलिया से ग्रसित व्यक्ति की कामुक इच्छाएं बहुत अधिक असामान्य और खतरनाक हो सकती हैं।

पीडोफिलिया से ग्रसित व्यक्ति के मन में बच्चों के यौन आकृति की कल्पनाएं अक्सर आती रहती हैं। जिससे उस व्यक्ति का व्यवहार, सेक्स ड्राइव और सेक्सुअल बिहेवियर यौनावस्था से पूर्व की उम्र के बच्चों के प्रति अधिक होती है। यौनावस्था से पूर्व की उम्र 13 साल के नीचे मानी जाती है या यूं कह लीजिए कि छह महीने के बच्चे से 13 साल के बच्चे के प्रति यौन आकर्षण होता है। बच्चे के प्रति यौन आकर्षण महिला और पुरुष दोनों में होता है, लेकिन इस समस्या से सबसे ज्यादा पुरुष ही ग्रसित होते हैं। महिलाएं काफी कम या ना के बराबर होती हैं। वहीं, पीडोफीलिक डिसऑर्डर से ग्रसित पुरुष के द्वारा लड़की का यौन शोषण किया जा  सकता है, या फिर दोनों लिंगों के बच्चों (लड़की या लड़का) के साथ यौन शोषण किया जा सकता है।

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पीडोफिलिया के लक्षण क्या हैं?

पीडोफीलिया

डायग्नोस्टिक एंड स्टेटिकल मैनुअल ऑफ मेंटल डिसऑर्डर नामक किताब के पांचवे संस्करण (DSM-5) के अनुसार पीडोफीलिक डिसऑर्डर को सामान्य तौर पर डायग्नोस नहीं किया जा सकता है। लेकिन कुछ मापदंडों को देख कर लक्षणों का पता लगाया जा सकता है, जो निम्न हैं :

  • कम से कम 6 महीने के समय तक एक सामान्य बच्चे के साथ यौन गतिविधि करना या उसे लेकर तीव्र यौन कल्पनाएं होना या जैसी कल्पनाएं है बच्चे के साथ वैसा व्यवहार करना।
  • बच्चे के प्रति यौन कल्पनाएं या व्यवहार के कारण व्यक्ति को किसी भी तरह का नुकसान महसूस हुआ हो। ये नुकसान शारीरिक, मानसिक, आर्थिक सभी स्तरों पर हो सकता है। उदाहरण के लिए किसी बच्चे का यौन शोषण करने के बाद पीडोफिलिक व्यक्ति को अंदर से डर लगना या अपराधबोध महसूस होना।
  • पीडोफिलिक व्यक्ति को दो समूहों में रखा जा सकता है। पहली कैटेगरी में 16 के किशोरों को शामिल किया गया, जो अपने से कम से कम चार या पांच से कम उम्र के बच्चे के प्रति यौन आकर्षण महसूस करते हैं। दूसरी कैटेगरी में 18 साल से ऊपरी की उम्र के वयस्कों को रखा गया है, जो 12 या 13 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन शोषण करते हैं या उनका बलात्कार करते हैं। 
  • पीडोफिलिक डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति चाइल्ड पॉर्नोग्राफी अधिक देखता है, जिससे इस बात का अंदेशा लगाया जा सकता है कि वह व्यक्ति पीडोफिलिक है। 
  • पीडोफिलिक व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों से खुद के प्रति सहानुभूती भी चाहता है और उसके साथ ही एंग्जायटी, गंभीर डिप्रेशन, मूड डिसऑर्डर और सब्सटेंस एब्यूज से ग्रसित भी हो सकता है।

उपरोक्त बताए गए मापदंड़ों के आधार पर ये पता लगाया जा सकता है कि कौन व्यक्ति पीडोफिलिक है और कौन नहीं। एक बात गौर फरमाने वाली ये है कि कई बार कुछ लोगों का सेक्सुअल ओरिएंटेशन ही पीडोफिलिक होता है, यानी कि उन्हें बच्चों के साथ यौन व्यवहार करने में रुचि होती है। ऐसे लोगों को पीडोफिलिक डिसऑर्डर की कैटेगरी से अलग रखा जाता है। दूसरी तरफ पीडोफिलिक डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति बच्चे के हाव-भाव और रूप रंग को देख कर आकर्षित नहीं होता है, बल्कि अपनी कामुक इच्छाओं को लेकर बच्चे के प्रति आकर्षित होता है।

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पीडोफीलिक होने का कारण क्या है?

पीडोफिलिया होने का कारण फिलहाल ज्ञात नहीं है कि इस मानसिक समस्या के पीछे की मुख्य वजह क्या है? फिर भी कुछ मनोचिकित्सकों का मानना है कि ये कोई भी व्यक्ति देख कर सीखता है या ये परिवार से उसमें आता है, लेकिन इसका कोई अनुवांशिक साक्ष्य अभी तक नहीं मिला है। मनोवैज्ञानिकों को कुछ मामले ऐसे भी मिले हैं, जिसमें पीडोफीलिक व्यक्ति किसी वक्त में खुद बाल यौन शोषण का शिकार हो चुका था और उसे अनुभव करने के लिए वह खुद पीडोफीलिक व्यक्ति की तरह ही व्यवहार करने लगा।

पीडोफिलिया का इलाज क्या है?

पीडोफिलिया का इलाज संभव तो है, लेकिन इस मानसिक समस्या का पता लगाना कठिन है। एक बार जब इस मानसिक समस्या का पता चल जाए तो इसका इलाज साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग से संभव है। पीडोफीलिक व्यक्ति को कुछ मनोवैज्ञानिक थेरिपीज के द्वारा उसकी भावनाओं को समझा जाता है और उसे बदलने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर उसे कुछ दवाएं भी दी जाती है। दूसरी तरफ अगर व्यक्ति पीडोफिलिया से गंभीर रूप से ग्रसित है या उसने किसी बच्चे के साथ रेप किया है तो थेरिपी, काउंसिलिंग के साथ सेक्स ड्राइव को कम करने की दवा भी दी जाती है।

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पीडोफीलिक सेक्सुअल ओरिएंटेशन वाले व्यक्ति को अपनी भावनाओं को कैसे कंट्रोल करना चाहिए?

जो व्यक्ति पीडोफीलिक डिसऑर्डर से ग्रसित नहीं होता है, इसके बावजूद भी अगर उसे बच्चों के प्रति यौन आकर्षण है तो इसका मतलब ये है कि वह पीडोफीलिक सेक्सुअल ओरिएंटेशन वाला व्यक्ति है। अक्सर देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति अक्सर अपनी सेक्सुअल ओरिएंटेशन को लेकर अपराधबोध महसूस करते हैं। जिससे वे खुद को एकांत में रखते हैं, अकेले रहते हैं, डिप्रेशन में रहते हैं और चिंतित रहते हैं। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को किसी के सहारे की जरूरत होती है, जो उसे समझ सके। इस स्थिति में पीडोफीलिक सेक्सुअल ओरिएंटेशन वाले व्यक्ति को अपना दिमाग किसी अन्य क्रिएटिव काम में लगाना चाहिए और साइकोलॉजिकल काउंसिलिंग कराती रहनी चाहिए। 

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इस तरह से आप अगर पीडोफीलिक डिसऑर्डर के लक्षणों को महसूस करते हैं तो अभी साइकोलॉजिस्ट से मिलें। क्योंकि ये आपको एक अपराध की दुनिया में ले के जा सकता है। जिसके लिए भारत के संविधान में कड़े कानून बने हैं। पॉक्सो एक्ट (नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने की धारा के तहत सजा होना) जैसी गंभीर धारा के तहत पीडोफिलिया से ग्रसित व्यक्ति को सजा हो सकती है। क्योंकि हमेशा याद रखिए कि पीडोफिलिया का पता लगाना मुश्किल है कि कौन पीडोफीलिक व्यक्ति है और कौन नहीं। इसलिए खुद से ही खुद को परखें और जरूरत होने पर अपने किसी करीबी से अपनी भावनाओं को साझा करें। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए अपने मनोचिकित्सक से भी मिल सकते हैं।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

Diagnostic and statistical manual of mental disorders 5: A quick glance https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3777342/ Accessed on 28/8/2020

The Neurobiology and Psychology of Pedophilia: Recent Advances and Challenges https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4478390/ Accessed on 28/8/2020

A profile of pedophilia: definition, characteristics of offenders, recidivism, treatment outcomes, and forensic issues https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/17418075/ Accessed on 28/8/2020

Pedophilia https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19327034/ Accessed on 28/8/2020

Pedophilia https://www.psychologytoday.com/intl/conditions/pedophilia Accessed on 28/8/2020

Current Version

03/09/2020

Shayali Rekha द्वारा लिखित

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील

Updated by: Shayali Rekha


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के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

डॉ. प्रणाली पाटील

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Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 03/09/2020

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