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एसटीडी के बारे में सही जानकारी ही बचा सकती है आपको यौन रोगों से

एसटीडी के बारे में सही जानकारी ही बचा सकती है आपको यौन रोगों से

एसटीडी यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज एक महत्वपूर्ण ग्लोबल हेल्थ प्रायोरिटी है। एसटीडी और एचआईवी के बीच बायोलॉजिकल इंटरेक्शन्स का कनेक्शन है और दोनों ही संक्रमण एक ही पॉपुलेशन को प्रभावित करते हैं। इसलिए, कुछ एसटीडी के साथ एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, एसटीडी लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, खासकर महिलाओं और शिशुओं में। एसटीडी से उत्पन्न होने वाली कुछ स्वास्थ्य जटिलताओं में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज, इंफर्टिलिटी, ट्यूबल या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और सर्वाइकल कैंसर शामिल हैं। यहां तक कि एसटीडी संक्रमित माताओं में जन्म लेने वाले शिशुओं में प्रसवकालीन या जन्मजात संक्रमण भी होते हैं। इसलिए, एसटीडी के बारे में जानकारी होना सभी के लिए जरूरी है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस लेख में एसटीडी के बारे में जानकारी दी जा रही है।

यौन संचारित रोग क्या है? (Sexually Transmitted Disease)

यौन संचारित रोग (एसटीडी) एक संक्रमित व्यक्ति के यौन संपर्क में आने से एक असंक्रमित व्यक्ति को होने वाला इंफेक्शन है। एसटीडी बैक्टीरिया, वायरस या पैरासाइट के कारण हो सकता है।

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एसटीडी (STD) के बारे में जानकारी: एसटीडी के नाम

20 से अधिक प्रकार के यौन संचारित रोग होते हैं। लेकिन, एसटीडी के बारे में जानकारी के लिए नीचे बताए गए इन कुछ डिजीज पर ध्यान देना जरूरी है जैसे-

अधिकांश एसटीडी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करते हैं, लेकिन कई मामलों में उनके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं महिलाओं के लिए अधिक गंभीर हो सकती हैं। यदि गर्भवती महिला में एसटीडी है, तो यह बच्चे के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

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एसटीडी के बारे में फैक्ट्स (Facts About STD)

  • आपको एक एसटीडी किसी व्यक्ति के साथ असुरक्षित वजाइनल, एनल या ओरल सेक्स से मिल सकता है।
  • एसटीडी को यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) या वेनेरियल डिजीज (venereal diseases) के नाम भी जाना जाता है।
  • इसका मतलब यह नहीं है कि एसटीडी संचारित करने का एकमात्र तरीका सेक्शुअल इंटरकोर्स है। विशिष्ट एसटीडी के आधार पर, संक्रमण को सुइयों और ब्रेस्टफीडिंग से भी प्रसारित किया जा सकता है।

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पुरुषों में एसटीडी के लक्षण क्या है? (STD Symptoms In Men)

हालांकि, हर यौन संचारित रोग के अलग लक्षण होते हैं। एसटीडी के आधार पर विशिष्ट लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन, पुरुषों में, सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • सेक्स या यूरिनेशन के दौरान दर्द या तकलीफ
  • पेनिस, अंडकोष, एनस, हिप्स या थाइज या उसके आसपास घाव, छाले या चकत्ते
  • लिंग से असामान्य स्राव या रक्तस्राव
  • टेस्टिकल्स में सूजन या दर्द

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महिलाओं में एसटीडी के लक्षण क्या हैं? (STD Symptoms In Women)

एसटीडी के बारे में जानकारी लेने के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि एसटीडी के विशिष्ट लक्षण एक से दूसरे में अलग हो सकते हैं। महिलाओं में सामान्य एसटीडी लक्षण शामिल हैं:

  • सेक्स के दौरान दर्द या तकलीफ,
  • यूरिनेशन के दौरान जलन या दर्द,
  • अधिक बार यूरिन पास करने की आवश्यकता या यूरिन में ब्लड आना,
  • योनि में या उसके आसपास खुजली होना,
  • असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज,
  • असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग,
  • वजाइना के आस-पास घाव, रैशेस या चक्क्ते पड़ना आदि।

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एसटीडी के बारे में जानकारी : ओरल सेक्स से एसटीडी (Oral Sex And STD)

एसटीडी के बारे में सही जानकारी के अभाव में लोगों को लगता है कि सिर्फ वजायनल और गुदा मैथुन एसटीडी संचारित करने का एकमात्र तरीका है। जबकि ऐसा नहीं है ओरल सेक्स से भी यौन संचारित रोगों के फैलने की संभावना रहती है। दूसरे शब्दों में, एसटीडी को एक व्यक्ति के जेनिटल एरिया से दूसरे व्यक्ति के मुंह या गले से ट्रांसमिट किया जा सकता है। ओरल एसटीडी (Oral STD) ज्यादातर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। अक्सर गले में खराश या मुंह या गले के आसपास घाव होना इसके मुख्य लक्षण हो सकते हैं।

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एसटीडी के बारे में जानकारी : एसटीडी का निदान (Diagnosis For STD)

एसटीडी के बारे में जानकारी

  • आपकी सेक्शुअल हिस्ट्री के आधार पर, डॉक्टर आपका एसटीडी परीक्षण कर सकता है, भले ही एसटीडी के लक्षण न हों। ऐसा इसलिए है क्योंकि एसटीडी कई मामलों में लक्षण दिखाई नहीं देते है। लेकिन, बिना लक्षण वाला एसटीडी भी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
  • डॉक्टर यूरिन या ब्लड टेस्ट के जरिए एसटीडी का निदान कर सकते हैं। डॉक्टर जेनिटल स्वैब टेस्ट भी कर सकते हैं।
  • कुछ एसटीडी के लिए होम टेस्टिंग किट भी उपलब्ध हैं, लेकिन वे हमेशा विश्वसनीय नहीं होती हैं। इनका उपयोग सावधानी से करें।
  • एसटीडी के बारे में जानकारी न होने की वजह से काफी लोग पैप स्मीयर को एक एसटीडी टेस्ट मान बैठते हैं। जबकि एक पैप स्मीयर, एसटीडी टेस्ट नहीं है। हालांकि, इसे एचपीवी टेस्ट के साथ कंबाइन किया जा सकता है। नेगेटिव पैप स्मीयर का मतलब यह नहीं है कि आपको कोई एसटीडी नहीं है।
  • यदि आप सेक्शुअल एक्टिविटी में इन्वॉल्व हैं, तो अपने डॉक्टर से एसटीडी टेस्ट के बारे में पूरी जानकारी लें। पता करें कि क्या आपको या आपके पार्टनर को एसटीडी परीक्षण की जरूरत है या नहीं?

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सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का इलाज (STD Treatment)

कई एसटीडी क्यूरेबल हैं। उदाहरण के लिए, निम्नलिखित एसटीडी को एंटीबायोटिक दवाओं या अन्य उपचारों से ठीक किया जा सकता है:

  • क्लैमाइडिया
  • सिफलिस
  • गोनोरिया
  • ट्राइकोमोनाइसिस (trichomoniasis)

कुछ एसटीडी को ठीक नहीं किया जा सकता है जैसे-

  • एचपीवी
  • एचआईवी
  • हर्पीस

भले ही एक एसटीडी को ठीक नहीं किया जा सकता है, फिर भी, इसे अभी भी प्रबंधित किया जा सकता है। अगर आपको एसटीडी के बारे में जानकारी है तो इससे बचाव संभव है। प्रारंभिक निदान से लक्षणों को कम करने और एसटीडी किसी और को न हो इसके लिए उपचार के विकल्प मौजूद हैं।

और पढ़ें : क्या है सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज, कैसे करें एसटीडी से बचाव?

सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually Transmitted Disease) के बारे में जानकारी: ऐसे करें रोकथाम

  • हर किसी का यौन संपर्क से बचना मुमकिन नहीं है। लेकिन, अगर आप वजाइनल, ओरल या गुदा मैथुन करते हैं, तो इसे सुरक्षित बनाने के तरीके जरूर अपनाएं।
  • ठीक से उपयोग किया गया कॉन्डम कई एसटीडी से आपकी प्रभावी सुरक्षा करता है। ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा के लिए, ओरल, एनल और वजाइनल सेक्स के दौरान कॉन्डम का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
  • कॉन्डम आमतौर पर फ्लूइड फैलने वाले एसटीडी को रोकने में प्रभावी होते हैं, जैसे कि सीमेन या ब्लड। लेकिन, वे स्किन टू स्किन कांटेक्ट से फैलने वाले एसटीडी से पूरी तरह से रक्षा नहीं कर सकते हैं। यदि आपका कॉन्डम त्वचा के संक्रमित हिस्से को कवर नहीं करता है, तो आप अभी भी एसटीडी को अपने पार्टनर तक प्रेषित कर सकते हैं।
  • कॉन्डम न केवल एसटीडी, बल्कि अनचाही प्रेग्नेंसी से भी आपको बचाने में मदद कर सकता है।
  • यौन रूप से एक्टिव लोगों के लिए नियमित एसटीडी स्क्रीनिंग जरूरी है। प्रारंभिक निदान और उपचार संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकते हैं।
  • यदि आपका पार्टनर एसटीडी पॉजिटिव है, तो डॉक्टर द्वारा बताए गए ट्रीटमेंट प्लान का पालन करना जरूरी है। आप अपने डॉक्टर से एसटीडी को अनुबंधित करने के लिए स्ट्रेटेजीज के बारे में भी पूछ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपके पार्टनर को एचआईवी है, तो डॉक्टर आपको प्री एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (पीआरईपी) लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
  • सुरक्षित सेक्स और एसटीडी की रोकथाम के बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/04/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड