31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन जानकारियों की आवश्यकता है?

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अपडेट डेट May 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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विकास और व्यवहार

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए जानें जरूरी बातें

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के दौरान उसका विकास ​कैसा होना चाहिए ?

इस चरण में बच्चे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं, तीन महीने से लेकर बारह महीने के बीच बच्चों के दांत निकलते हैं। ज्यादातर बच्चों के दांत चार से सात महीने के बीच आते हैं। अगर आपके बच्चे के दांतों के बीच गैप है तो फिक्र न करें। जबतक बच्चा तीन साल का होगा, ये अपने आप सही हो जाएगा।

31 सप्ताह के शिशु क्या कर सकता है?

31 सप्ताह के शिशु निम्नलिखित गतिविधि कर सकता है। जैसे-

  •  बच्चा क्राउलिंग और एक जगह से दूसरी जगह सरकना सीखेंगे,
  • हाथों से चीजें पकड़ने की कोशिश करना,
  • किसी चीज को पकड़ के खड़े हो सकते हैं।

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31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

बच्चे को अपने माता-पिता का साथ बहुत अच्छा लगता है। इसलिए, कई बार ऐसा भी होता है कि जब आप बच्चे को घर पर छोड़कर कहीं बाहर जाते हैं, तो उन्हें अच्छा नहीं लगता है। इसलिए, आप जब भी बाहर किसी काम से जाएं, तो बच्चे को ये बोलकर के जाएं कि आप जल्दी वापस आएंगे, इससे उन्हें दिलासा मिलता है। इसके अलावा, आप उनमें घर के अन्य सदस्यों के साथ रहने की भी आदत डालें, ताकि आप जब भी घर पर न हो तो वे परिवार वालों के साथ आराम से रह सकें।

स्वास्थ्य और सुरक्षा

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे डॉक्टर से क्या बात करनी चाहिए?

ज्यादतर डॉक्टर्स इस समय खासकर जब 31 सप्ताह के शिशु हो तो चेकअप के लिए नहीं बुलाएंगे। लेकिन, इसका यह मतलब यह नहीं हो सकता है कि आपका बच्चा एकदम फिट है। अगर आपको बच्चे में कोई स्वास्थ्य समस्या दिखती है तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें। क्योंकि बच्चों में शारीरिक होने पर विकास होने में बाधा डाल सकते हैं।

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान रखें। जैसे-

टीथिंग:

31 सप्ताह के शिशु को दांत निकलने के दौरान कई तरह की परेशानियां होती हैं, जैसे कि मसूड़ों में दर्द या खुजली आदि। खुजली से राहत पाने के लिए आप उसे रबड़ की टीथ रिंग दे सकती हैं। इसके अलावा, आप उन्हें दही और सेब जैसा ठंडा खाद्य पदार्थ खिला सकती हैं। ऐसा करने से शिशु को खुजली और दर्द की परेशानी कम महसूस हो सकती है। क्योंकि ठंडा भोजन अस्थायी रूप से दर्द को सुन्न कर सकता है। डॉक्टर की सलाह अनुसार आप मसूड़ों पर पेन किलर जेल लगा सकते हैं।

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चोकिंग:

चोकिंग का मतलब होता है कि बच्चे ने कुछ ऐसा खाया है, जिससे उनकी सांस की नली चोक हो रही है और उसका दम भी घुटने लगता है। यदि बच्चा सांस लेने में कठिनाई, असामान्य आवाज, गैगिंग, खांसी या सांस लेने के साथ घरघराहट महसूस करता है, तो यह अच्छे संकेत नहीं हैं। इसी के साथ बच्चे की त्वचा का रंग लाल या नीला भी हो सकता है, जिसकी वजह शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। ऐसे में बच्चे को ​तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
यदि बच्चा सामान्य रूप से खांस सकता है, रो सकता है या बोल सकता है और उसे सांस में दिक्कतर नहीं है तो इसका मतलब कि मतलब बच्चे की सांस की नली पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं है। बच्चा कभी-कभी खुद को ब्लॉकेज से बाहर निकाल सकता है। ऐसे आपको उसका सहयोग करना चाहिए। लेकिन, अगर वे हांफते हैं और त्वचा लाल से हरे रंग की हो रही है,आंखें और मुंह चौड़ा हो रहा हो या ब बेहोश, तुरंत 115 पर कॉल करें और इन मामलों में जितनी जल्दी हो सकें, ये चीजें भी फॉलों करें-

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  • ऐसी स्थिति में आप बच्चे के मुंह से सामान या खाद्य पदार्थ, जिसके कारण चोकिंग हुई है, उसे निकालने के लिए उंगली न डालें, नहीं तो ब्लॉकेज गेहरी हो सकती है।
  • बच्चे की पीठ पर 5 बार लगातार टैप करें, लेकिन ज्यादा तेज नहीं। याद रखें कि शिशु के अंग अभी कमजोर हैं।
  • फंसी हुई वस्तु बाहर निकली की नहीं, ये जांच करने के लिए अपने बच्चे को सीधा लेटाएं, अपने अंगूठे से बच्चे की जीभ को नीचे की ओर हल्के से दबाएं और उसके गले के अंदर देखने के लिए ठुड्डी को ऊपर उठाएं। यदि आप अभी भी फंसी हुई वस्तु नहीं दिख रही है तो इस तरीके को आप दो से तीन बार दोहराए। अपना हर सर्वश्रेष्ठ संभव प्रयास जारी रखें और जितनी देरी किए जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर की मदद लें।
  • चोकिंग को रोकने के लिए, अपने बच्चे को उनकी उम्र के अनुसार उचित भोजन खाने दें। इसके अलावा, जब बच्चा खाना खा रहा हो तो उसे देखते रहें।
  • सबसे महत्वपूर्ण बात कि घर में खाने की और छोटी कोई भी वस्तु, जो बच्चा निगल सकता है, उसे बच्चे की पहुंच से दूर रखें।ध्यान रहे,बच्चे अक्सर छोटी चीजें मुंह में डाल लेते हैं या निगल लेते हैं, जोकि गले में जाकर अटक सकती है। ऐसे स्थिति में बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

31 सप्ताह के शिशु या किसी भी बढ़ते बच्चे के शारीरिक विकास को समझें अगर आपको ऐसा लगता है की शिशु को कोई परेशानी है, तो इसका इलाज खुद से न करें बल्कि हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें।

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महत्वपूर्ण बातें

31 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके 31 सप्ताह के शिशु में जन्मजात प्रतिभा है या नहीं, तो इन संकेतों पर विचार करें या ध्यान दें: जैसे-

  • 31 सप्ताह के शिशु में कोई एडवांस डेवलपमेंट हो रहा है या नहीं
  • 31 सप्ताह के शिशु की भी याददाश्त अच्छी हो सकती है
  • उसके अंदर रचनात्मक चीजों की तरफ आकर्षण है या नहीं
  • 31 सप्ताह के शिशु में अधिक उत्सुकता देखी जा सकती है
  • 31 सप्ताह के शिशु सोने में देरी कर सकता है
  • 31 सप्ताह के शिशु अत्यधिक संवेदनशील होता है

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