बच्चों में डर्मेटाइटिस के क्या होते है कारण और जानें इसके लक्षण

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट मई 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों में स्किन की बीमारी होना आम बात हैं। हालांकि, बच्चे की कोई भी परेशानी पेरेंट्स के लिए चिंता का विषय होती है। वहीं बच्चों में स्किन की कई समस्याओं में से एक  डर्मेटाइटिस भी हैं। बच्चों में डर्मेटाइटिस त्वचा पर लाल, पपड़ीदार पैच के रूप में दिखाई दे सकता है। यह अक्सर उनके शुरुआती कुछ महीनों के दौरान दिखाई देता है। यह एक आम समस्या है और इसका इलाज भी आसानी से किया जा सकता है। कई बच्चों में डर्मेटाइटिस अपने आप ठीक हो जाता है। वहीं अगर आपको यह शंका है कि आपके बच्चे की खुजली, जलन और दाने डर्मेटाइटिस हो सकते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें वे आपको बताएंगे कि आपके बच्चे को आखिर समस्या क्या है। बच्चों में डर्मेटाइटिस की समस्या को इस आर्टिकल में समझें।

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बच्चों में डर्मेटाइटिस दो तरह से होते हैंः

इरिटेंट्सः ये सीधे त्वचा की जलन और सूजन का कारण बनते हैं। यह बच्चों में डर्मेटाइटिस का मुख्य कारण हैं।

एलर्जनः एलर्जन की वजह से शरीर के इम्यून सिस्टम को एलर्जी से रिएक्शन होता है। शरीर इन एलर्जन के खिलाफ डिफेंस केमिकल रिलीज करता है, जो त्वचा के लक्षणों का कारण बनता है। एलर्जन डर्मेटाइटिस का दूसरा कारण हैं।

बच्चों में डर्मेटाइटिस के कारण

सामान्य इरिटेंट्स जिनकी वजह से बच्चों में डर्मेटाइटिस की परेशानी बढ़ती हैं:

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एलर्जन जिनकी वजह से बच्चों में होता है डर्मेटाइटिस

प्वाइजन आइवी (Poison Ivy), ओक (Oak) और सुमेक (Sumac)। इन पौधों में तेल पाया जाता हैं, जो त्वचा की एलर्जी का कारण बनते हैं।

मैटल्स: इनमें निकल, क्रोम और मरक्यूरी शामिल हैं। निकल कॉस्ट्यूम ज्वैलरी, बेल्ट बकल, घड़ी, कपड़ों पर जिप, स्नैप और हुक में पाया जाता है। क्रोम-प्लेटेड आइटम में भी निकल हो सकता है। मरक्यूरी कॉन्टेक्ट लेंस सॉल्यूशन में पाया जाता है। इससे कुछ बच्चों को परेशानी हो सकती है।

लेटेक्सः लेटेक्स रबर के खिलौने, गुब्बारे, गेंद, रबर के दस्ताने, पट्टियां और पैसिफायर या निपल्स जैसे उत्पादों में पाया जाता है।

कॉस्मेटिक्सः हेयर कलर, कपड़े, परफ्यूम, आई शैडो, नेल पॉलिश, लिपस्टिक और कुछ सनस्क्रीन में इनका इस्तेमाल किया जाता है।

दवाईयांः  नियोमाइसिन (Neomycin) भी डर्मेटाइटिस का कारण हो सकता है। यह कुछ एंटीबायोटिक क्रीम और लोकल एनेस्थेटिक में पाया जाता है।

डर्मेटाइटिस से किन बच्चों को खतरा

डर्मेटाइटिस किसी भी बच्चे को हो सकता है। अगर आपके बच्चे को एटोपिक डर्मेटाइटिस (एक्जिमा) है, तो उसको आगे कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस का खतरा हो सकता है।

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बच्चों में डर्मेटाइटिस के लक्षण

इसके लक्षण हर बच्चे के लिए अलग हो सकते हैं। यह अलग-अलग स्कीन टाइप पर अलग प्रभाव डालता हैः

जब एलर्जन या इरिटेंट त्वचा के संपर्क में आते हैं, तो ये लक्षण और बदतर हो जाते हैं। कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस के लक्षण अन्य स्वास्थ्य स्थितियों की तरह लग सकते हैं। बच्चों में यह समस्या होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों में डर्मेटाइटिस का डायग्नोस

डॉक्टर आपके बच्चे के लक्षणों और हेल्थ हिस्ट्री के बारे में पूछेगा। वह आपके बच्चे की त्वचा की जांच करेगा। डॉक्टर हाल में हुई किसी भी तरह की  एलर्जी के बारे में भी पूछ सकता है। आपके बच्चे के टेस्ट भी हो सकते हैं, जैसे स्कीन टेस्ट या ब्लड टेस्ट। बच्चे को एक एलर्जी विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ को दिखाने की भी जरूरत पड़ सकती है।

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बच्चों में डर्मेटाइटिस का इलाज

डर्मेटाइटिस का इलाज आपके बच्चे के लक्षणों, आयु और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करेगा। यह इस पर भी निर्भर करेगा कि हालत कितने गंभीर हैं। इसके इलाज इस तरह से हो सकते हैंः

  • किसी तरह के इरिटेंट या एलर्जन के संपर्क में आने के बाद जितनी जल्दी हो सके अपने बच्चे की त्वचा को साबुन और पानी से धोएं। चेहरे, गर्दन, हाथ और उंगलियों के बीच सहित बच्चे के शरीर के एक्सपोस्ड हिस्सों को धो लें।
  • त्वचा पर गीले-ठंडे कपड़े का उपयोग करना। यह इसके प्रभाव और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
  • पस वाले क्षेत्रों के लिए गीली ड्रेसिंग का उपयोग करें। वे खुजली को कम करने और इलाज में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम या त्वचा पर ऑइंटमेंट लगाना। यह खुजली और दूसरे लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। क्रीम या ऑइंटमेंट ओवर-द-काउंटर या डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं।
  • अपने बच्चे को एंटीहिस्टामाइन गोलियां या लिक्विड देना। यह खुजली को कम करने में भी मदद कर सकता है। अपने बच्चे के डॉक्टर से बात करें कि उसे क्या लेना चाहिए।

बच्चों में डर्मेटाइटिस की रोकथाम और बचाव

डर्मेटाइटिस से अपने बच्चे को बचाने का सबसे अच्छा तरीका अवेरनेस ही है। डर्मेटाइटिस के बारे में सही जानकारी होने से आप अपने बच्चे को इससे बचा सकते हैं। बच्चों में डर्मेटाइटिस का खतरा न हो इसके लिए जरूरी है कि आप बच्चों को एलर्जन के संपर्क में आने से बचाएं। एलर्जन्स के कारण ही बच्चों में  रैशेज होते हैं। इसके अलावा अगर बच्चा पहले ही एक्जिमा का शिकार हो चुका है, तो ऐसे में पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि बच्चों को फ्लैर अप्स से बचा कर रखें।

बच्चों को फ्लैर अप्स से बचाने के लिए जरूरी है कि बच्चों में डर्मेटाइटिस जिस भी एरिया में हुआ है उसे वहां खुजली करने न दें। इस जगह खुजली करने से घाव बढ़ सकता है और साथ ही बेक्टिरिया शरीर के दूसरे भागों में भी फैल सकता है। साथ ही बच्चों में डर्मेटाइटिस होने पर उनकी स्किन ड्राई हो जाती है। बच्चों को रुखी त्वचा से निजात दिलाने के लिए उसे नहलाते समय माइल्ड सोप का इस्तेमाल करें और साथ ज्यादा गर्म पानी से बच्चे को न नहलाएं। साथ ही बच्चों की स्किन में नमी बनाए रखने के लिए दिन में कई बार मॉस्चराइजर का इस्तेमाल करें और खासकर बच्चों को नहलाने के बाद। साथ इस बात का भी ख्याल रखें कि बच्चों के हाथ धोने के बाद वॉटर बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल और शरीर में जहां उसकी स्किन ज्यादा ड्राई है वहां ऑयल बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा।

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