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26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन जानकारियों की आवश्यकता है?

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन जानकारियों की आवश्यकता है?

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए जानें जरूरी बातें

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के दौरान उसका विकास ​कैसा होना चाहिए ?

  • 6 महीने के दूसरे हफ्ते में,वे यह सब करने सक्षम होंगे
  • भारी चीजे उठाकर भी सीधे खड़े रह पाएंगे
  • बिना सहारे के बेठना
  • जिस दिशा से आवाज आएगी उस तरफ बढ़ना
  • हंसना

यह भी पढ़ेंः अगर आपका भी बच्चा नाखून चबाता है कैसे छुड़ाएं यह आदत?

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

ज्यादातर 26 सप्ताह के शिशु उठने के लिए एक हाथ का इस्तेमाल करते है और फिर दूसरे हाथ का। पर आप यह नहीं बता सकते की उनका कौन सा हाथ ज्यादा मजबूत और कौन सा कमज़ोर है। इसीलिए उनकी इस हरकत को बढ़ावा न दते हुए आपको उन्हें दोनों हाथों का इस्तेमाल करने के लिए उकसाना चाहिए।

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के दौरान अगर आपको उन्हें इशारों की भाषा सीखना चाहते हैं, तो यह सबसे बेस्ट वक़्त है। उनके हाथ में कुछ चीज़े पकड़ाए ताकि वो अपनी बातो को बिना किसी तकलीफ के समझा सके। जैसे की,आप उसे अगर बुक ऐसा बोल रहे है तो कोशिश करे दोनों हाथों को खोलते हुए इशारा करे या पेट को हाथ लगते हुए भूक लगी है ऐसा समझाना शुरू कीजिए।

बच्चे हमेशा वही चीज़े और आवाज दोहराएंगे जो उन्हें सबसे ज्यादा अच्छी लगती है। कभी कबार आपको अपने बच्चे को लीडर बनने देन चाहिए और आपको चीज़े दोहरानी चाहिए।

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स्वास्थ्य और सुरक्षा

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे डॉक्टर से क्या बात करनी चाहिए?

आपके बच्चे की हेल्थ अवस्था के हिसाब से डॉक्टर उसका बॉडी चेकउप करेगा और अलग निदान तकनीक से उसे चेक करेंगे। डॉक्टर या नर्स इन सभी बातो को चेक करेंगे:

भौतिक टेस्ट, पिछली बिमारियों का एग्जामिनेशन। इसी के साथ डॉक्टर आपके बच्चे के दांत भी देखेगा की कितने आ गए और कितने बाकि है।

कितनी विकास हुइ है,उसकी भी मूल्यांकन करेंगे। डॉक्टर इन सब के आलावा वो क्या करते है,बैठ ते वक़्त अपना सर कैसे सँभालते है,आंखों की नज़र;कान;चीज़ो को कैसे समझते है;चीज़ो से खेलना और डॉक्टर के साथ किस तरह से बातचीत करते है; इन सभी बातों का भी ध्यान रखते है।

26 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए मुझे किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?

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विटामिन्स और डिएटरी सुप्प्लिमेंट्स:

विटामिन डी सप्लिमेंट्स स्तनपान करने वाले 26 सप्ताह के शिशु के लिए होता है और जो 960 मिली लीटर से कम दूध पीते है। हालांकि हमारी बॉडी सूरज की रोशनी से विटामन डी उत्पादित कर सकती है,लेकिन ज्यादा देर तक बच्चे को धुप में रखने से उनकी स्किन पर भी असर पड़ सकता ह,क्योंकि उनकी त्वचा बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव होती है। हर एक मिंट सूरज की किरणों के साथ संपर्क में आने से स्किन कैंसर होने का जोखिम बढ़ने लगता है और बादमे झुरिया भी पड़ सकती है।

और सभी विटामिन्स के लिए, डॉक्टर्स आपको अपने बच्चे की डाइट बढ़ने की सलाह दे सकते है। हर किसी के लिए कुछ न कुछ अलग होगा जैसे की किसीको विटामिन सप्लीमेंट्स देंगे,या किसी का कम वजन हो या गर्भ में साइज छोटी हो। अगर आपका बच्चा काम दूध पीता है या बाकी बच्चो के तुलना में कम खाना खाता है,या उसके पाचन क्रिया में दिक्कत है तो आप अपने डॉक्टर से पूछ ले की ऐसे में क्या किया जा सकता है।

अपने डॉक्टर से इस बारे में चर्चा करे और सही विटामिन्स का दोस दे. कभी भी अपने बच्चो को बड़ो की डाइट सप्पलीमेंट न दे,उसी मात्रा काम करके भी नही।

आपको वही विटामिन्स इस्तेमाल करने चाहिए जिनका आपके डॉक्टर ने आपको सुझाव दिया हो। किसी भी विटामिन या दवाई का ज्यादा मात्रा में सेवन हानिकारक हो सकता है।

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मल त्याग में बदलाव:

जो मां स्तनपान करती है,उनके लिए सॉफ्ट,बिना परेशानी के मल त्याग होने से अचनाक काली,मोती और दुर्गन्ध मल त्याग होना थोड़ा चौका सकता है। पर ध्यान रखे,यह आम बात है। वैसे भी,जो बच्चे मां का दूध पीते है उनका मल त्याग बोतल से दूध पीने वालो बच्चो के मुकाबले नरम होता है। आपको पता होना चाहिए की धीरे धीरे आपके बच्चे की खुराक और मल त्याग दोनों ही बड़ो जैसे होने लगेगी।

दांतो की समस्या को दूर रखना:

दांतों की समस्या को दूर रखने के लिए,कृपया:

  • अपने बच्चे को चीनी वाले पदार्थ न दे,उनके दांत आयने से पहले भी और उनके बाद भी। शक्कर के बने पेय पदार्थ जैसे ब्लूबेरी जूस, कॉकटेल, फ्रूट बीम्स, मिक्स्ड फ्रूट जूस। अगर हो सके तो अपने बच्चे को बेबी जूस ग्लास में दे।
  • अगर आपके बच्चे के दूध के दांत आए है तो, उनको ऐसेही दूध की बोतल के साथ या स्तनपान करते नहीं सुलाए। उन्हें सोने से पहले पानी की बोतल पकड़ा दीजिए। फ़िल्टर किया हुआ पानी आपके बच्चे के दांतों को कोई नुकसान नहीं पोहचाएगा।
  • अपने 26 सप्ताह के शिशु को ऐसे ही बिना आपकी देखरेख के निचे रेंगने न दे,और बोतल को चूसने दे। दिन भर दूध की बोतल को चूसने से भी दांत खराबी हो सकते है। बोतल चूसना खाना खाते समय बचे ज्यादातर करते है। उनके किसी भी चीज़ को पकड़ ने के लिए बच्चे एक ही तरह की अवस्था इस्तेमाल कर सकते है। अपने बच्चे को पूरी रात स्तनपान करवाना भी गलत है। स्तन का दूध पीने से दांतों में कैविटी हो सकती है। जब आपका बच्चा 12 महीने का हो जाए तो उसकी दूध की बोतल से दूध पीना बंद करवा दे।

किन बातों के लिए हूँ मैं परेशान?

यहाँ है कुछ ऐसी बातें जिनके लिए आप परेशान हो सकती है:

  • अगर स्तनपान करती हो तो बोतल का दूध बंद करे;
  • इन सभी टिप्स का इस्तेमाल कर आप उन्हें बोतल से दूध पीने के अदि कर सकते है:
  • अपने बचे को तब ही दूध पिलाये जब उसका पेट खाली हो;
  • अपने बच्चे को नजरअंदाज़ करने का नाटक करे;
  • खाने से पहले उन्हें खेलने दे;
  • स्तनपान करना बंद कर दे;
  • उन्हें उनका पसंद का कोई पेय पदार्थ पीलन शुरू करे;
  • सोने के लिए उन्हें थप-थपाप्यें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Murkoff, Heidi. What to Expect, The First Year. New York: Workman Publishing Company, 2009. Print version. Page 345-369.

26 Week Old Baby | Your Baby Week By Week. https://www.bellybelly.com.au/baby-week-by-week/26-week-old-baby/. Accessed on 20 May, 2020.

26 Weeks. https://www.miraclebabies.org.au/families/family-stories/26-weeks/. Accessed on 20 May, 2020.

Feeding your premature baby. https://www.tommys.org/pregnancy-information/pregnancy-complications/premature-birth/your-babys-time-hospital/feeding-your-premature-baby. Accessed on 20 May, 2020.

Growth and development after prematurity. https://www.tommys.org/pregnancy-information/pregnancy-complications/premature-birth/taking-your-baby-home/growth-and-development-after-prematurity. Accessed on 20 May, 2020.

Viability of extremely premature babies. https://www.bpas.org/get-involved/campaigns/briefings/premature-babies/. Accessed on 20 May, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sushmita Rajpurohit द्वारा लिखित
अपडेटेड 08/07/2019
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