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Baby food jags: आखिर क्यों कुछ बच्चों को पसंद आता है एक ही फूड?

Baby food jags: आखिर क्यों कुछ बच्चों को पसंद आता है एक ही फूड?

शिशु का छह माह का हो जाने के बाद घर में उसे नए-नए स्वाद वाली बहुत सी डिश खाने को मिलती हैं। शिशुओं को नए स्वाद चखना बेहद पसंद भी आता है। एक साल तक का हो जाने तक बच्चे मैश आलू, मैश केला, दाल का पानी, चावल का माड़, मैश वेजीटेबल्स (Mash Vegetables) से लेकर मैश फ्रूट्स खाना शुरू कर देते हैं। बच्चों को दूध के साथ ही अलग-अलग फूड्स का स्वाद लेने में बहुत मजा आता है। वहीं कुछ शिशु ऐसे भी होते हैं, जो बहुत से स्वाद लेने के बजाय एक ही तरह का खाना पसंद करते हैं। यानी उन्हें दूध के अलावा केवल आलू ही खाना पसंद आता है या फिर केले के अलावा वो कुछ भी नहीं खाते हैं। शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags) के कारण उन्हें एक ही प्रकार का भोजन करना अच्छा लगता है। बच्चों को अच्छा पोषण देने के लिए माँ विभिन्न प्रकार की डिश तैयार करती हैं लेकिन शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags) के कारण माँ को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। ये सच है कि बच्चे अगर पौष्टिक आहार खा लें, तो पेरेंट्स की चिंता दूर हो जाती है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि शिशु में फूड जैग्स की समस्या क्यों उत्पन्न होती है।

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शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags)

शिशु में फूड जैग्स

शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags) या फूड एवर्जन (Food aversion) के कारण शिशुओं में किसी तरह के गंभीर समस्या या लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन न ही आपको परेशान होने की जरूरत है। चाइल्डहुड डेवलपमेंट के दौरान ये समस्याएं आम होती है। हो सकता है कि आप शिशु को लंबे समय से एक ही तरह का भोजन दे रहो हो, इसलिए उन्हें दूसरे फूड्स पसंद नहीं आते हैं। कुछ बच्चों को नया भोजन देने पर पहले उन्हें वो इग्नोर करते हैं और फिर कुछ दिनों बाद उसे खाने भी लगते हैं। अगर आप बच्चे को विभिन्न प्रकार के फूड्स देती रहेंगी, तो उन्हें एक ही फूड से प्यार नहीं होगा। आपको समय-समय पर बच्चे को पौष्टिक आहार के रूप में फल, सब्जियों के साथ ही अनाज भी देना चाहिए। अगर आप उसे हर दिन आलू ही मैश करके देंगे, तो उसे केवल वहीं पसंद आएगा। जानिए आपको किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। आपको खाने में न्यूट्रीशन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

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शिशु में फूड जैग्स की समस्या है, तो अपनाएं ये तरीके

ये तो हम सभी जानते हैं कि बच्चों को जंक फूड्स या फिर फास्ट फूड बहुत पसंद आते हैं लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं होता है कि परेंट्स उन्हें रोजाना वहीं फूड्स दें। आपको बच्चे की डायट में हेल्दी फूड्स (Healthy foods in baby diet) को एड करना होगा और ही उन्हें उस तरह से पेश करना होगा कि बच्चों को वो पसंद आए। अगर आप ये सोच रहे हैं कि बच्चों को पसंदीदा अनहेल्दी फूड्स न देने पर वो खाना नहीं खाएंगे, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। बच्चे भले ही दिन सुबह या फिर दिन का खाना मिल कर दें लेने वो भूख लगने पर आपके द्वारा दी गई रेसिपी को जरूर एंजॉय करेंगे, इसलिए आपको डरने की जरूरत नहीं है कि आपका बच्चा भूखा रह जाएगा। भूख लगने पर बच्चे भर पेट खाना खाते हैं। अगर आप उनकी हर बातों को मानेंगे, तो फिर उनके लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत कठिन हो जाएगा।

जानिए बच्चों में क्या होता है फूड एवर्जन (Food aversion)

बच्चों में फूड एवर्जन (Food aversion) में बच्चे खाने से इंकार कर देते हैं और खाने को देखकर मूंह भी बना सकते हैं। टोडलर्स तेजी से बढ़ते हैं और अगर ऐसे अगर पोषण की कमी हो जाए, तो कहीं न कहीं उनके विकास में भी फर्क पड़ता है। अगर बच्चे किसी खाने से इंकार करते हैं, तो ऐसे में पेरेंट्स को ऐसे में फ़्रस्ट्रेट नहीं होना चाहिए। आपको देखने को मिलेगा कि दो से पांच साल तक के बच्चे खाने में अधिक नखरे दिखाते हैं या फिर पीकी ईटर्स (Picky eaters) होते हैं। वैसे तो समय के साथ बच्चों की आदतें बदल जाती हैं लेकिन कुछ बच्चे बदल नहीं पाते हैं। ऐसे में बच्चे के भूख के समय के बारे में खास ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप बच्चे को खाने में कुछ एक्सपेरीमेंट करके देंगे, तो बच्चे को खाने में मजा आ सकता है और वो नखरेबाजी भी नहीं करेंगे।

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नहीं खाएंगे हेल्दी फूड्स, तो हो सकती ये समस्या

शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags) या फूड एवर्जन (Food aversion) की समस्या का अगर समाधान समय पर न किया जाए, तो उनके शरीर में पोषण की कमी हो जाएगी। लगातार शरीर में पोषण की सही मात्रा न पहुंचने पर शिशु कुपोषण (Malnutrition) का शिकार हो सकता है। इंफेंट, टोडलर्स और चिल्ड्रन के लिए माँ का दूध या विकल्प के रूप में फॉर्मुला मिल्क पोषण की कमी को पूरा कर देते हैं। अगर ये संभव नहीं हो पाता है, तो विटामिन सप्लिमेंट भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अगर आपको शिशु में निम्नलिखित लक्षण नजर आएं, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

  • स्किन के रंग में बदलाव (skin pigment changes)
  • हेयर लॉस (hair loss)
  • जीभ में दरार (Cracked tongue)
  • जीभ में सूखापन
  • मसूड़ों से खून आना
  • लाइट से समस्या होना (Discomfort with light)

और पढ़ें: बच्चे के लिए ढूंढ रहे हैं बेस्ट बेबी फूड ब्रांड्स, तो ये आर्टिकल कर सकता है मदद

शिशु में फूड जैग्स की समस्या से निपटना है, तो ये टिप्स रखें ध्यान

शिशु में फूड जैग्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको बच्चे के खाने के समय का खास ध्यान रखना होगा। आप बच्चे की डायट में उसकी पसंद के हेल्दी फूड्स जरूर शामिल करें। यहां हम आपको टिप्स बता रहे हैं, उन्हें भी ध्यान रखें।

  • जब भी आप खाना तैयार करें, तो बच्चों को अपने साथ खड़ा करें। ऐसा करने से बच्चों में खाने के प्रति रुचि बढ़ेगी।
  • आप बच्चे को भूख के समय में जंक फूड बिल्कुल न दें। भूख लगने पर उसे फल, योगर्ट या फिर डेयरी प्रोडक्ट दे सकते हैं। आप चाहे तो नट्स भी दे सकते हैं।
  • बच्चे को एक साथ ज्यादा खाना न दें। आप थोड़ा पोर्शन दें क्योंकि बच्चे दिन में कई बार खाते हैं।
  • आप रोजाना बच्चे के खाने का समय निर्धारित करें ताकि बच्चे को रोजाना उसी के अनुसार खिला सकें।
  • आप ये इंतजार न करें कि जब बच्चे को भूख लगेगी, तभी खाना बनाएंगे। आप बच्चे के लिए पहले से ही हेल्दी स्नैक्स तैयार रखें।

और पढ़ें: शिशु के लिए सोया फॉर्मूला कब रेकमंड किया जाता है? साथ ही जानिए 6 बेस्ट सोया फॉर्मूलाज के बारे में

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता। इस आर्टिकल में हमने आपको शिशु में फूड जैग्स (Baby food jags) के संबंध में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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