प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए बच्चे की मदद कैसे करें?

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Update Date फ़रवरी 5, 2020
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जब आपका बच्चा प्री-स्कूल शुरू करता है, तो आप दोनों का उत्साहित होना सामान्य है। लेकिन, बच्चे को प्री-स्कूल में एडजस्ट करना शुरूआती समय में बहुत मुश्किल होता है।  एक बच्चे के लिए, नए शिक्षकों और बच्चों से भरे नए प्री-स्कूल के एनवायरनमेंट में प्रवेश करने से दोनों को चिंता और उत्तेजना हो सकती है। प्रीस्कूल सेटिंग से सहज महसूस करने से आप और आपके बच्चे को तैयार होने में मदद मिल सकती है। लेकिन कुछ बच्चे हमेशा स्कूल जाने से रोते हैं और जी चुराते हैं। वो स्कूल न जाने के लिए कई बहाने बनाते हैं। आज हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने बच्चे को प्री स्कूल जाने के लिए मना सकते हैं, लेकिन उससे पहले जानिए कि बच्चे को प्री स्कूल भेजने के फायदे क्या होते हैं।

जानिए बच्चे को प्री स्कूल भेजने के क्या फायदे होते हैं

बच्चे का होता है विकास

प्री स्कूल में बच्चे की रुचि को बढ़ावा दिया जाता है और इस बात का पता लगाया जाता है कि आथिर बच्चे का इंट्रस्ट सबसे ज्यादा किस चीज में हैं। यही नहीं, इसमें ये भी पता लगाया जाता है कि बच्चे को क्या करने में मन नहीं लगता है। ऐसा करने से बच्चे की कमजोरी पर भी पूरी तरह से ध्यान दिया जाता है और बच्चे को उन चीजों को भी सिखाया जाता है, जिसमें बच्चे का इंट्रस्ट हो।

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सही चीजों की मिलती है जानकारी

प्री स्कूल में बच्चों को शुरू से ही सही चीजों का चयन करने की बातें सिखाई जाती हैं। उसमें बच्चे को समझाया जाता है कि उसके लिए क्या सही है और क्या गलत है। इससे बच्चे का बौद्धिक विकास होता है और बच्चा सही बातें सीखता है। यहां बच्चे के अच्छे व्यवहार को भी प्रोत्साहित किया जाता है।

पर्सनैलिटी का विकास होता है

प्री स्कूल के दौरान बच्चे क्लास में क गाने गाना, प्रार्थना करना, कविता, कहानी, रोल-प्ले जैसी एक्टिविटी में शामिल होते हैं। ये सभी एक्टिविटीज उनकी पर्सनैलिटी को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। वे ग्रुप में बोलना सीखते हैं, जो आगे चलकर काफी काम आता है।

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बच्चे का होता है सामाजिक और भावनात्मक विकास

प्री स्कूल में बच्चों को एक जगह मिलती हैं जहां आपका बच्चा स्वयं की भावना को व्यक्त करना सीखता है। अपने सहपाठियों के साथ गेम्स खेलता है। इन अब गतिविधियों से उसमें आत्मविश्वास का निर्माण होता है। इससे वे सामाजिक और भावनात्मक रूप से धीरे-धीरे विकसित होते हैं। सामाजिक संपर्क भी बच्चे प्री स्कूल में ही सीखते हैं यह प्री स्कूल एजुकेशन की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।

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बच्चे को प्री-स्कूल जाना हो, मन में बन रहे डर को खत्म करें :

बच्चा प्री-स्कूल जाना शुरू करे उससे पहले वहां के बारे में उनसे बातें करें। स्कूल के पहले कुछ महीनों के बाद उन्हें वहां होने वाले एक्स्ट्रा एक्टिविटीज के बारे में बताएं। उन्हें उनमे भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

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प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए बच्चों के साथ कुछ विजिट करें

प्री-स्कूल में एडजस्ट करने से पहले अपने बच्चे के साथ कक्षा में जाएं। यह इस नए क्षेत्र के बारे में बच्चों और आपकी चिंताओं को कम कर सकता है। स्कूल का विजिट बच्चे के शिक्षक से मिलने और वहां की सामान्य गतिविधियों के बारे में जानकरी इकट्ठा करने का अच्छा मौका है। आप घर पर उन कुछ एक्टिविटीज की अभ्यास करा सकते हैं। इससे बच्चे इनसे परिचित हो जाएंगे। उन्हें नयापन भी नहीं लगेगा। इससे बच्चे प्री-स्कूल में एडजस्ट जल्दी हो सकेंगे।

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प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए बच्चे को अन्य बच्चों के साथ खेलने का अवसर दें

चाहे इसका मतलब जानबूझकर प्लेडेट स्थापित करना हो या आपके बच्चे को पड़ोस के अन्य बच्चों के साथ खेलने की अनुमति देना हो, यह आपके बच्चे को प्री-स्कूल के सामाजिक अनुभव के लिए तैयार करने में मदद करता है। अपने बच्चे को खिलौने साझा करना सिखाएं और सभी के साथ निष्पक्षता और सहयोग को प्रोत्साहित करें।

प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए एक वक्त तक साथ जाएं

प्री-स्कूल में एडजस्ट होने तक साथ में समय बिताएं, अपने बच्चे को सुरक्षित महसूस करने का मौका दें। शिक्षकों को जानने का मौका दें। यदि आपका बच्चा आपको एक शिक्षक के साथ मैत्रीपूर्ण बातचीत करता हुआ देखता है, तो यह उसमें आत्मविश्वास भर सकता है। अपने बच्चे को प्री-स्कूल के प्रत्येक हिस्से को देखने दें। उन्हें बताएं कि कैसे प्री-स्कूल आपके घर की तरह है।

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प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए उन्हें खुद स्कूल को देखने दें

बच्चे को जब भी प्री-स्कूल के एडजस्ट करने के लिए क्लासरूम में ले जाएं, तो बच्चे को खुद ही स्कूल और क्लासरूम का पता लगाने और निरीक्षण करने दें और इसमें उनकी मदद करें। चुनें कि अन्य बच्चों के साथ बातचीत करना है या नहीं। यह कक्षाओं के साथ बच्चों को परिचित करने में मदद करता है और स्कूल के शुरू होने पर उन्हें नए खिलौनों का पता लगाने देता है।

प्री-स्कूल में एडजस्ट करने के लिए बच्चे को भरोसा दिलाएं कि उनका ख्याल रखा जाएगा

आप यह भी पूछ सकते हैं कि शिक्षक पहले दिन बच्चोंं को कैसे संभालता है? आपके बच्चे के लिए इस क्राइसिस को आसान बनाने के लिए पहला सप्ताह कैसे संरचित किया जाएगा? जैसे सवालों को पहले से जानना अच्छा रहेगा।

उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल में दिए गए टिप्स की मदद से आप अपने बच्चे को प्री स्कूल भेजने के लिए मना पाएंगे। इन बातों को बताकर आपका बच्चा भी स्कूल जाने के लिए तैयार होगा और वो अपने प्री स्कूल को एंजॉय भी करेगा। ऐसे आप बच्चे को प्री-स्कूल में एडजस्ट कर सकते हैं। आपको हमारे दिए गए ये टिप्स कैसे लगे, इसकी प्रतिक्रिया हमें जरूर दें। इसके अलावा अगर आपके पास इससे जुड़े अन्य कोई और टिप्स भी हैं, तो हमारे साथ जरूर शेयर करें। आशा करते हैं आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर पसंद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें। इसके अलावा अगर आपके पास इससे जुड़े और सवाल हैं, तो हमसे पूछ सकते हैं।

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