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माता-पिता से बच्चे का ब्लड ग्रुप अलग क्यों होता है?

माता-पिता से बच्चे का ब्लड ग्रुप अलग क्यों होता है?

हमारे शरीर में सबसे महत्वपूर्ण तरल खून है। इसके बिना हमारा शरीर शून्य है। ब्लड शरीर में ऑक्सिजन की सप्लाई करता है। हर व्यक्ति के शरीर में मौजूद ब्लड का एक खास ग्रुप होता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है माता-पिता के ब्लड ग्रुप से हमार ब्लड ग्रुप अलग क्यों होता है?। अगर नहीं, तो जानें इस आर्टिकल में इसके पीछे की वजह।

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ब्लड टाइप (Blood type) के बारे में जानने वाली बातें

मानव शरीर में लगभग 8 से 10 पिन रक्त होता है जो व्यक्ति के आकार के आधार पर होता है। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति में रक्त की संरचना समान नहीं होती है। यह वही है जो व्यक्ति के खून के प्रकार को बनाता है। एक व्यक्ति का रक्त प्रकार इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी मां या पिता ने किस जीन को पारित किया था। रक्त के प्रकारों के ग्रुपिंग के बारे में जानने का सबसे अच्छा तरीका एबीओ प्रणाली है हालांकि दूसरे ग्रुप भी हैं।

एबीओ समूह के अंदर चार प्रमुख श्रेणियों को आठ सामान्य ब्लड टाइप में बांटा गया है: ए, बी, ओ, और एबी। एक रोगी को ट्रांसफ्यूजन में सही ब्लड देना महत्वपूर्ण है। गलत प्रकार एक प्रतिकूल और संभावित घातक प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकता है।

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ब्लड टाइप (Blood type) कैसे बनता है?

खून में कोशिकाएं और प्लाज्मा के रूप में जाना जाने वाला एक पीला पानी होता है। रक्त समूह इस बात पर निर्भर करता है कि रक्त के प्रत्येक भाग में क्या है। दो मुख्य ब्लड ग्रुप सिस्टम ABO एंटीजन और Rhesus एंटीजन (RhD एंटीजन सहित) हैं। इन दो प्रतिजनों का उपयोग रक्त के प्रकारों को वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है।

बैक्टीरिया और वायरस आमतौर पर एक एंटीजन ले जाते हैं। एक संक्रमण के दौरान उनका एंटीजन उन्हें कुछ ऐसी चीज के रूप में चिह्नित करता है जो शरीर के लिए बाहरी है या आमतौर पर शरीर में नहीं पाई जाती है। अधिकांश रेड ब्लड सेल प्रतिजन लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले प्रोटीन मॉलिक्यूल होते हैं।

वाइट ब्लड सेल इम्यून डिफेंस के रूप में एंटीबॉडी का उत्पादन करती हैं। ये एंटीबॉडी एंटीजन को टार्गेट करते हैं और बाहरी वस्तु पर हमला करते हैं उदाहरण के लिए बैक्टीरिया।

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ब्लड ग्रुप (Blood group) कब जरूरी है?

किसी व्यक्ति के ब्लड टाइप (Blood type) की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है जब वे रक्त दान कर रहे हैं या एक ट्रांसफ्यूजन ले रहे हैं। अगर ग्रुप बी एंटीजन वाले किसी व्यक्ति को ग्रुप ए एंटीजन वाले रेड ब्लड सेल (Red Blood Cells) को प्राप्त होता है तो उनका शरीर ट्रांसफ्यूजन को अस्वीकार कर देगा।

ऐसा इसलिए है क्योंकि लाल रक्त कोशिकाओं पर बी एंटीजन वाले रोगियों के प्लाज्मा में एंटी-ए एंटीबॉडी है। प्लाज्मा में एंटी-ए एंटीबॉडी तब हमला करता है और ए एंटीजन डोनर लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। यह घातक हो सकता है।

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क्यों कोई बच्चा अपने माता-पिता के ब्लड ग्रुप (Blood group) से अलग होता है ?

मूल रूप से देखें तो 4 ब्लड ग्रुप AB, B, A और O होते हैं। बच्चा अपने माता-पिता के ब्लड ग्रुप से अलग हो भी सकता है और नहीं भी। उदाहरण के तौर पर AB और O ब्लड टाइप वाले माता-पिता के बच्चों के ब्लड टाइप A या B हो सकते हैं। कई बार बच्चे का ब्लड ग्रुप अपने माता-पिता से मिल सकता है। ब्लड ग्रुप में बदलाव जेनेटिक्स की वजह से भी होता है।

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बच्चों में ब्लड ग्रुप कैसे बनता है ?

  • अगर माता-पिता दोनों का ही ब्लड ग्रुप O है, ऐसी स्थिति में जन्म लेने वाले शिशु का ब्लड ग्रुप भी O ही होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप O और A है तो ऐसे में बच्चे का ब्लड ग्रुप O और A दोनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप O और B है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप O और B दोनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप O और AB है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A और B दोनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप O और O है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप भी O हो होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप A और A है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A और O दोनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप A और B है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप O-A-B-AB चरों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप A और AB है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A-B-AB तीनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप A और O है तो तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A और O हो सकता है।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप B और B है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप O-B दोनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप B और AB है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप B-A-AB तीनों में से कोई एक होगा।
  • माता पिता का ब्लड ग्रुप B और A है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A, B, AB और O हो सकता है।
  • माता पिता का ब्लड ग्रुप B और O है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप B या O हो सकता है।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप AB और AB है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप B-A-AB तीनों में से कोई एक होगा।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप AB+A है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A, B और AB हो सकता है।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप AB+B है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A, B और AB हो सकता है।
  • माता-पिता का ब्लड ग्रुप अगर AB +O है तो बच्चे का ब्लड ग्रुप A या B हो सकता है।

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क्या ब्लड टाइप आहार वास्तव में काम करता है?

पिछले कुछ सालों में “ब्लड टाइप डायट” के बारे में कई दावे किए गए हैं जिसमें आप अपने रक्त प्रकार के लिए विशिष्ट खाद्य पदार्थ खाते हैं ताकि कुछ बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सके और आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार हो सके। इसका कोई वैज्ञानिक शोध नहीं है कि आपके रक्त प्रकार के लिए खाने के प्रमाण आपको स्वस्थ बनाते हैं। ब्लड ग्रुप के बारे में किसी भी तरह की जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

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अपना ब्लड ग्रुप (Blood group) कैसे पहचाने?

अगर आप माता-पिता बनने वाले हैं और अपने बच्चे का ब्लड ग्रुप जानना चाहते हैं तो आपको उसके लिए अपना ब्लड ग्रुप भी जानना होगा। ऐसे में आप चाहें तो डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लड ग्रुप (Blood group) जान सकते हैं या घर पर ही ब्लड टेस्टिंग किट (Blood testing kit) की मदद से इसका पता लगा सकते हैं।

हालांकि, आप चाहें तो एक बेहतर और मुफ्त विकल्प भी चुन सकते हैं जैसे की ब्लड डोनेशन। रक्तदान करते समय आपको अपने ब्लड ग्रुप (Blood group) के बारे में जानकारी मिल जाएगी, लेकिन अगर आप गर्भवती हैं तो ऐसा न करें।

इसके साथ ही ध्यान रखें की ब्लड ग्रुप की जानकारी आने में कुछ दिनों या हफ्तों का समय लग सकता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/06/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड