home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

Tresivac vaccine: ट्रेसिवैक वैक्सीन किन बीमारियों से करती है सुरक्षा!

Tresivac vaccine: ट्रेसिवैक वैक्सीन किन बीमारियों से करती है सुरक्षा!

ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) से एक नहीं बल्कि 3 बीमारियों से सुरक्षा प्रदान होती है। इस वैक्सीन को लगवाने के बाद इम्यून सिस्टम 3 बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। बच्चों को एमएमआर वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है, जिससे उन्हें मीजल्स, मम्प्स और रुबेला जैसी तीन बीमारियों से सुरक्षा प्रदान होती है। ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) का इस्तेमाल भी इन तीनों बीमारियों को दूर करने के लिए ही किया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) के डोज के साथ ही उससे जुड़ी अहम जानकारी और बीमारी के बारे में जानकारी देंगे। आइए जानें ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) किन बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है।

और पढ़ें: बच्चों को टीकाकरण के बाद दर्द या सूजन की हो समस्या, तो अपनाएं ये उपाय

एमएमआर वैक्सिनेशन (MMR vaccination) क्या है?

एमएमआर वैक्सिनेशन तीन बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने वाला वैक्सिनेशन है। बच्चों को एमएमआर वैक्सीन की दो डोज दी जाती हैं। बच्चे को पहला डोज डॉक्टर
12 से 15 महीने और दूसरा डोज 4 से 6 साल की उम्र में लगाते हैं। अगर किसी कारण से बच्चे को वैक्सीन नहीं लग पाती है, तो वयस्क होने पर भी इस वैक्सीन की डोज दी जा सकती है। मीजल, मम्प्स और रुबेला (Measles, mumps, and rubella) बीमारी का वायरस उन लोगों को पर जल्दी हमला करता है, जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है।

मीजल्स (Measles)

मीजल्स एक्यूट वायरल रेस्पायरेट्री इलनेस (Acute viral respiratory illness) है। इस बीमारी के कारण करीब 105 फारेनहाइट बुखार आ जाता है खांसी की समस्या भी हो जाती है। इस कारण से शरीर में रैशेज फैल जाते हैं करीब 4 दिनों तक इस बीमारी का असर दिखाई देता है। मीजल्स (Measles) एक वायरल इंफेक्शन है, जो संक्रमण से भी फैल सकता है। सही समय पर बच्चों को वैक्सीन दी जाए, तो इस बीमारी से बच सकते हैं।

और पढ़ें: बच्चों के टीकाकरण के बाद दिखें ये साइड-इफेक्ट्स, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

मम्प्स (Mumps)

मम्प्स (Mumps) वायरल इंफेक्शन (viral infection) है, जो लार ग्रंथियों को प्रभावित करता है। इस बीमारी से बचने के लिए वैक्सीनेशन कराना जरूरी होता है। मम्प्स को कंठमाला के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यह कान के नीचे और सामने स्थित पैरोटिड ग्रंथियों, लार ग्रंथियों को प्रभावित करती है। यह संक्रामक रोग है और लार के माध्यम से फैलता है। कुछ लोगों में इस बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। वहीं कुछ लोगों में लार ग्रंथियों में सूजन और दर्द, बुखार (Fever), सिरदर्द की समस्या, थकान लगना (Fatigue) और भूख का ना लगना आदि शामिल होता है। अगर सही समय पर उपचार कराया जाए तो रिकवरी में लगभग 2 सप्ताह लग सकते हैं। बच्चों को एमएमआर वैक्सीन (MMR vaccine) लगवाने से इस बीमारी की रोकथाम हो जाती है।

रूबेला (Rubella)

रूबेला (Rubella) भी वायरस के कारण फैलने वाला इंफेक्शन है। रुबेला इंफेक्शन (Rubella) शरीर में रैशेज की समस्या, जोड़ों में दर्द की समस्या (Joint pain problem), बुखार आदि समस्याओं का कारण बनता है। खांसी और छींक के दौरान रूबेला का वायरस संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंच जाता है। अगर यह कहा जाए कि यह वायरस लार के माध्यम से स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, तो गलत नहीं होगा। अगर सही समय पर बच्चों का टीकाकरण करा दिया जाए, तो इस वायरस से बचा जा सकता है।

ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) क्या है?

ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute Of India Ltd) के द्वारा मैन्युफैक्चर की गई वैक्सीन है। इस वैक्सीन में मीजल्स लाइव वैक्सीन, मम्प्स वायरस वैक्सीन और रूबेला लाइव वैक्सीन सॉल्ट कम्पोजिशन के रूप में मौजूद रहते हैं। ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) को फ्रीज करने की सलाह नहीं दी जाती है। मीजल्स, मम्प्स और रूबेला वैक्सीन (Measles, mumps, and rubella) लेने के बाद हल्का बुखार या अन्य साइड इफेक्ट्स इस बात का संकेत देते हैं कि वैक्सीन ने काम करना शुरू कर दिया है। ये दुष्प्रभाव कुछ समय के लिए होते हैं और ठीक हो जाते हैं। जानिए ट्रेसिवैक वैक्सीन लेने के बाद किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

और पढ़ें: गर्भावस्था में टीकाकरण के दौरान बरतें ये सावधानियां

ट्रेसिवैक वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स (Tresiac vaccine side effects)

ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) या मीजल्स, मम्प्स और रुबेला वैक्सीन कब लगवानी है और इसका डोज कितना होगा, इस बारे में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। मीजल्स, मम्प्स और रुबेला खतरनाक बीमारियां होती है। अगर इनका सही से इलाज ना किया जाए, तो यह बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। इस वैक्सीन को हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हेल्प से ही लगाना चाहिए। इनको लगवाने के बाद खासतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं आते हैं लेकिन जिस स्थान पर लगाई गई है वहां पर हल्का लाल निशान या लालिमा या फिर सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसा जरूरी नहीं है कि सभी लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद समस्या का सामना करना पड़े। कुछ लोगों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। आपको इस बारे में अधिक जानकारी डॉक्टर से प्राप्त करनी चाहिए।

और पढ़ें: बायोवैक वैक्सीन: हेपेटाइटिस ए वायरस के गंभीर लक्षणों से राहत दिला सकती है ये वैक्सीन!

प्रेग्नेंसी के दौरान क्या सुरक्षित रहती है ये वैक्सीन?

प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी दवाई या वैक्सीन को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है। ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित है या फिर नहीं, इस बारे में अभी स्टडी नहीं हुई है या फिर बहुत सीमित मात्रा में जानकारी है। अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान मीजल्स, मम्प्स और रुबेला वैक्सीन को लेना चाहते हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। अगर आप स्तनपान करा रही है और यह वैक्सीन लेना चाहती हैं, तो आपको डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेनी चाहिए। आप डॉक्टर को बताएं कि आप बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करा रही है, तो क्या ऐसे में ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) को लेना सुरक्षित रहेगा। अगर डॉक्टर सलाह देते हैं, तो आप ये वैक्सीन लगवा सकती हैं।

और पढ़ें: जीव वैक्सीन: इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस वैक्सीन का इस्तेमाल करना है फायदेमंद!

किडनी या लिवर की बीमारी में क्या सुरक्षित है ये वैक्सीन?

किडनी पेशेंट (Kidney patient) या फिर लिवर के पेशेंट (Liver patients) को इस वैक्सीन को लगवाना चाहिए या फिर नहीं, इस बारे में जानकारी हासिल नहीं हुई है। अगर आप ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) लगवाना चाहते हैं और किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं और उनकी सलाह के बाद ही वैक्सीन लें।

बच्चे के जन्म के बाद ही डॉक्टर से वैक्सिनेशन कार्ड लें और समय पर बच्चे का टीकाकरण जरूर कराएं। समय पर टीकाकरण न हो पाने पर संक्रामक बीमारियों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। अगर फिर भी आपको वैक्सिनेशन को लेकर कोई प्रश्न हो, तो डॉक्टर से जानकारी जरूर प्राप्त करें। जिन बच्चों को समय पर वैक्सीन नहीं लग पाते हैं, उन्हें बाद में भी वैक्सीन के डोज दिए जा सकते हैं। आपको इस बारे में डॉक्टर से पूछना चाहिए अगर बच्चे का कोई भी वैक्सीन डोज छूट गया है, तो उसे कब लगाया जा सकता है।

इस आर्टिकल में हमने आपको ट्रेसिवैक वैक्सीन (Tresivac vaccine) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड