नए माता-पिता के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए टिप्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 4, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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स्वस्थ शरीर और मन को अच्छे जीवन का मंत्र माना जाता है। शारीरिक स्वस्थता के साथ-साथ मानसिक शांति एक संतुलित व्यक्तित्व  की पहचान है। परंतु इस दौड़-भाग के समय में परवरिश करने के तरीके का मानसिक तनाव आज कल के युवा वर्ग के लिए एक चुनौती बनती जा रही है। यह समस्या खासकर के नए पेरेंट्स में पायी जाती है। जिससे बचे रहने के लिए न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स को अपनाना बहुत ही जरूरी हो गया है। 

अपने बच्चों की परवरिश में दिन रात मेहनत करने वाले न्यू पेरेंट्स शुरुआत में मानसिक तनाव को सिर्फ सिरदर्द समझते हैं। परंतु, समय के साथ बढ़ते मानसिक बोझ की  वजह से वो कब गंभीर रूप से डिप्रेशन में जाते हैं इसका उन्हें अंदाजा नहीं लगता।

परिणामस्वरूप न्यू पेरेंट्स में  चिड़चिड़ापन, निर्णय लेने में असमर्थता, किसी भी घटना पर ओवररेक्ट करना, आदि समस्याएं आने लगती हैं।  ऐसे में स्ट्रेस को हल्का करने की बजाय उससे निकलना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए तनावग्रस्त स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावशाली और बेहतर बनाने के यह उपाय हम आपको बता रहे हैं। न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स के अभ्यास से आपके तनाव और मानसिक बोझ में कमी आ सकती है।

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1.  न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स: योग से करें दिन की शुरुआत

सामान्य तौर पर न्यू पेरेंट्स में तनाव का जो मुख्य कारण सामने आता है वह है इंडिटर्मिनेट लाइफस्टाइल (Indeterminate lifestyle) का पालन करना। सोने की अवधी निश्चित न होने की वजह से शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। ऐसे में व्यायाम और योग का अभ्यास करना अत्यंत ही लाभदायक है।

न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स को अगर अपनाना चाहते हैं को योग का सहारा लें। योग का नियमित अभ्यास करने वाले बताते हैं कि, सुबह में 30 मिनट किया गया योग 3-4 घंटे की नींद के बराबर है। इस  प्रकार योग को अपनी लाइफस्टाइल में लाकर आप अपनी पुरानी रूटीन में बदलाव ला सकते हैं और इस परिवर्तन से आपके कम सोने की भरपाई भी होती है जिसका सीधा असर आपकी मानसिक शांति पर होता है।   

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2. न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स: संतुलित आहार का सेवन दूर रखे तनाव भरा जीवन

माता-पिता बनने के बाद आपकी सारी दुनिया अपने बच्चे के इर्दगिर्द ही घूमती है। आपके बच्चे ने क्या खाया, क्या नहीं खाया, जो खाया वो कितना पौष्टिक था या कल आप उसे ऐसा क्या खिलायें जो उसे किसी विटामिन की कमी ना हो, यही सोचने में आपका दिन निकल जाता है। इस डाइलेमा में आप अपने खाने पीने का संतुलन बिगाड़ लेते हैं।

असंतुलित आहार लेने की वजह से आपका शरीर कमजोर और मन चिड़चिड़ा बनने लगता है। ऐसे में यह जरूरी है कि, आप नियमित रूप से तीनों पहर पूरी तरह से संतुलित भोजन करें। फास्ट फूड से बचे और ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें।   

3.न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स:  काम के दरम्यान ले छोटे-छोटे ब्रेक

आज के इस यांत्रिक युग में ज्यादातर माता-पिता कामकाजी होते हैं, जिस कारण न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। उनका रूटीन बहुत ही ज्यादा व्यस्त होता है। ऐसे में उनका पूरा दिन अपने ऑफिस  में ही बीत जाता है। घर आने के बाद अपने बच्चे के साथ कम समय बिता पाने की भावना उन्हें दुखी और तनावग्रस्त करती है। ऐसे में यह बहुत ही ज़रूरी है कि आप अपने काम से छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहे और अपने घर समय-समय पर बात करते रहें। ऐसा करने से आपको काम का बोझ ज्यादा नहीं लगेगा और समय-समय पर लिये गये ब्रेक से एक ताजगी का अनुभव होगा।   

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4. न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स: सिर्फ सकारात्मक विचारों का करें स्वागत

मन में उठने वाले विचारों पर किसी का कोई बस नहीं है। यह उतने ही रैंडम है जितनी कि वन में फैली झाड़ियां। ऐसे में हर समय, अगर हम चाहे तो सकारात्मक विचार करने पर जोर दे सकते हैं। ऐसा करने के लिये आपको अपने आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा वाले लोगों का साथ छोड़ना चाहिये। न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स को फॉलो करने के लिए नकारात्मक खबरों पर कम से कम प्रतिक्रिया देनी चाहिये। ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक लोगों के संपर्क में आइए और उनसे बातें करिए।

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5. न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स : अन्य पेरेंट्स से बात करें   

तनाव एक ऐसी स्थिति है, जहां हम इस भ्रम को यथार्थ मान बैठते हैं कि हमारे साथ जो भी घट रहा है वही दुनिया का सबसे बड़ा दुःख है। जब कि बाहर दुनिया में हमारे जैसे ही कई लोग हैं जो, इस समस्या से जीतोड़ लड़ रहे हैं। इसलिए आप अपने ही हमउम्र के समझदार पेरेंट्स से बातचीत कर सकते हैं। आप अपनी समस्यायें अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। ऐसा करने से आपका मनोबल बढ़ेगा और मन का भार भी हल्का होगा।    

पेरेंट्स बनना अपने आप में एक अलग ही संसार का रचाने जैसा है। जहां आपको ही रचना करनी है। आपको ही पालन-पोषण करना है। फिर ऐसी जिम्मेदारी के दौरान तनाव पनपने के लिए कोई भी मौका देना सही नहीं है। लेकिन फिर भी अगर किसी मौके पर आप तनाव का शिकार होते हैं तो अपनी सूझबूझ, बातचीत, संतुलित जीवन और भोजन की मदद से तनाव से छुटकारा पा सकते हैं।  

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6.  दोनों अपनी जिम्मेदारी को समझें

जब बच्चा जन्म लेता है तो सबसे जीवन में बदलाव आता है। माता-पिता के साथ ही घर के अन्य सदस्य की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। बच्चे के जन्म के बाद यदि मां पर ही सारी जिम्मेदारी छोड़ दी जाएगी तो मां शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से भी बीमार हो जाएगी। बच्चे की जिम्मेदारी माता-पिता के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को भी दी जानी चाहिए, ऐसा करने से किसी एक व्यक्ति के ऊपर अधिक जिम्मेदारी नहीं पड़ेगी। अगर सुबह के समय मां किचन के काम में बिजी है तो पिता को बच्चे को संभालना चाहिए। दिनभर बच्चा मां के साथ रहता है। शाम के समय पिता बच्चे को वॉक पर ले जा सकता है। वहीं बच्चे की नैपी बदलने के साथ ही बच्चे को बोतल से दूध पिलाने और उसके साथ खेलने का काम पिता आसानी से कर सकते है। ऐसा जरूरी नहीं है कि इस काम को रोजाना तय समय पर ही किया जाए। ऐसा परिवार के हर सदस्य को करना चाहिए। इस तरह से बच्चे को आसानी से संभाला जा सकता है और किसी एक व्यक्ति के कंधे में जिम्मेदारी नहीं रहती हैं। अगर आप भी नए माता-पिता बने हैं तो इस तरीके को एक बार अपनाकर देख सकते हैं।

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7.न्यू पेरेंट्स हेल्थ टिप्स : शेड्यूल बनाना है जरूरी

जब तक आप पेरेंट्स नहीं बने थे, तब तक आप आसानी से किसी भी काम को कर लेते थे, यानी शेड्यूलिंग की खास जरूरत नहीं पड़ती थी। अब बच्चे के आने के बाद बिना शेड्यूलिंग के अगर आप काम करेंगे तो आपको दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है। अगर आप दोनों ही वर्किंग हैं तो बिना शेड्यूल के आपके काम पिछड़ते जाएंगे जो कि मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है। ऑफिस जाने से पहले के काम, ऑफिस से आने के बाद का काम, दिनभर के हिसाब से बच्चे के लिए प्लानिंग करना और फिर जरूरी सामान की रोजाना लिस्ट तैयार करना। अगर आप तय समय पर ये सभी काम करते हैं तो आपकी  मानसिक समस्याओं के साथ ही शारीरिक समस्याएं कम हो जाएंगी।

ऐसा कहा जाता है कि पेरेंट्स बनने के बाद धीरे-धीरे खुद ही समझ आ जाता है कि किस तरह से काम को मैनेज करना है, लेकिन इन बातों के बारे में अगर आपको पहले से ही पता होगा तो आप आसानी से काम को संभाल लेगें और घबराएंगे नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि  न्यू पेरेंट्स के लिए टिप्स के बारे में पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा। अगर आपको फिर भी किसी तरह की मानसिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो बेहतर होगा कि आप इस बारे में मनोचिकित्सक से बात करें। अगर आपको पेरेंटिंग टिप्स या फिर बच्चों की देखभाल संबंधित विषय में जानकारी चाहिए तो आप हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट के माध्यम से जानकारी ले सकते हैं। साथ ही आप हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक के माध्यम से भी स्वास्थ्य संबंधि जानकारी ले सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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