home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स न बनें

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स न बनें

कई पेरेंट्स बच्चों को लेकर जरूरत से ज्यादा ही ओवर प्रोटेक्टिव होते हैं। ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स बच्चे की एज्युकेशन को लेकर तो खासतौर पर ज्यादा चिंतित होते हैं। इस बारे में पेरेटिंग सेक्टर में स्कॉलर सौरभ सुमन कहते हैं कि बच्चे गलतियां करते हैं और कई बार वे असफल भी होते हैं, उन्हें चोट लगती है और इनसब के बावजूद वे इस प्रक्रिया में होशियार होने के लिए अग्रसर होते हैं। धीरे-धीरे अपनी कमियों को मात देते हैं। सौरभ कहते हैं कि, बच्चों को ओवरप्रोटेक्ट करना कई बार बच्चे के लिए गलत साबित भी हो सकता है।

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स को क्या-क्या नहीं करना चाहिए?

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-

बच्चों पर अनुशासन थोपे न

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स अक्सर अपने बच्चो पर अनुशासन को एक बड़ी चुनौती की तरह पेश करते हैं। ऐसे में जब मैंने मेरे पड़ोस में रहने वाली प्रियंका (उम्र 32, टीचर) से बात की तो वो कहती हैं, कि बच्चों को लेकर मां-बाप का पजेसिव होना सामान्य बात है। लेकिन, समस्या तब आती है, जब हम बच्चों को बिल्कुल भी आजादी नहीं देते। बच्चों को बेशक अनुशासन में रहना सिखाना चाहिए, लेकिन यह सब उन पर थोपना नहीं चाहिए। बच्चे कम उम्र में भी अपनी तरफ से (कुछ अपवादों को छोड़कर) पूरी कोशिश करते हैं, कि वे माता-पिता की उम्मीदों पर खड़े उतरें।

सुरक्षा के नाम पर पाबंदी न लगाएं

हम बच्चे के अंदर अधिक-से-अधिक सुरक्षा की भावना देना चाहते हैं। बच्चों को सुरक्षित रखने की हमारी इच्छा में, यह ध्यान रखना भूल जाते हैं कि क्या हम बच्चों के अनुभव से बढ़ कर कुछ उन पर थोप तो नहीं रहे हैं? घर के अंदर हम अपने छोटे बच्चों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए इतने खो चुके हैं, कि हम उन्हें सबसे बुनियादी चीजों की भी आनंद लेने से रोकते हैं। इस प्रकार हम बच्चों को ओवरप्रोटेक्ट करना शुरू कर देते हैं।

ये भी पढ़ें- बच्चे को घर पर अकेला छोड़ने से पहले उसे सिखाएं सेफ्टी टिप्स

उन्हें इंडिपेंडेंट रूप में नहीं रहने देना

हिंदी की एक कहावत है कि बच्चे कितने भी बड़े हो जाएं, घर-परिवार के लिए वे हमेशा छोटे बच्चे की तरह ही होते हैं। आपको बच्चों के ऊपर पर्याप्त विश्वास रखना चाहिए कि, आपके बच्चे जानते होंगे कि संभावित खतरनाक परिस्थितियों को कैसे संभालना है? सबसे अच्छी बात यह है कि आप उन्हें इन जानकारी के साथ बांध सकते हैं, और उन्हें सावधान रहने के लिए हिदायत दे सकते हैं। इसकी मदद से बच्चों को ओवरप्रोटेक्ट करने से बचा जा सकता है।

बच्चों पर सही होने का दबाव बनाए रखना

आपके इरादे बिल्कुल बच्चों के हित में होंगी। लेकिन इन अच्छे इरादों के बावजूद, आपके बच्चे को सभी चीजों में बेस्ट होने की उम्मीद करना ठीक नहीं है। आइंस्टीन बनने की आपकी उम्मीद उनके आत्म सम्मान को कुचल सकती है और उनके सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। बच्चों को ओवर प्रोटेक्टिव करने का यह सबसे मुख्य कारण हैं। ओवर-प्रोटेक्टिव माता-पिता के लिए बच्चों का फेल करने का मतलब है कि उनके सपनों का आधा टूट जाना। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचें, लेकिन वे कभी-कभी बहुत दबाव बना देते हैं। बच्चों के लिए असफल होने का मतलब इस पैमाने पर खरा नहीं उतरना है।

ये भी पढ़ें- ऐसे समझाएं बच्चे को गुड टच और बैड टच

हर समय होमवर्क में उनकी मदद करना

टेक्सास विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, माता-पिता को अपने बच्चों के होमवर्क में एक लिमिट तक ही शामिल होना चाहिए। क्योंकि, यह प्रभावी नहीं है और यह बच्चों को बहुत अधिक निर्भर बनाता है। दूसरी ओर, इसके बजाए स्कूल शिक्षा के बाद की योजनाओं के बारे में बातचीत शुरू करना उचित है।

ये भी पढ़ें: मां का गर्भ होता है बच्चे का पहला स्कूल, जानें क्या सीखता है बच्चा पेट के अंदर?

बच्चे को फेलियर से डरना

बच्चों और बड़ों के बीच सफल होने की प्रक्रिया में किन्हीं असफलताओं का आना सबसे स्वाभाविक बात है। इसे शर्मिंदगी का विषय नहीं समझना चाहिए। असफलता वास्तव में आपके बच्चे को अपनी गलतियों का विश्लेषण करने का मौका देती है। यह बच्चों को पुनः बेहतर समाधान के साथ आने और फिर से प्रयास करने का एक अनमोल अवसर देती है। बच्चों को ओवरप्रोटेक्ट करने से बचने के लिए बच्चों की काबिलियत को समझना चाहिए और आदर के साथ स्वीकार करना चाहिए।

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स अपने बच्चों के दोस्त खुद से तय करते हैं

बच्चों को अपने दोस्त बनाने में और आपके उनके फ्रेंड्स को सलेक्ट करने में अंतर होता है। यह ध्यान रखें की यह आपका काम नहीं है। अपने बच्चों को अपना दोस्त खुद की समझदारी से बनाने दें। आप सिर्फ यह समझें की आपके बच्चे का दोस्त ठीक है या नहीं। अगर आपको कोई परेशानी समझ आती है, तो ऐसी स्थिति में आपको अपने बच्चे को समझाना चाहिए। लेकिन, कभी भी अपनी मर्जी से जबरदस्ती या उनपर दवाब डाल कर दोस्ती करने को नहीं कहें।

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स अपने बच्चों से अत्यधिक सवाल पूछते हैं

पेरेंट्स को इस बात की जानकारी होनी चाहिए की उन्हें अपने बच्चों से क्या पूछना चाहिए और क्या नहीं। हालांकि आपको अपने बच्चे की गतिविधि पर ध्यान अवश्य देना चाहिए। आप अपने बच्चे के साथ पेरेंट और फ्रेंड दोनों बनें। अगर आप उनके माता-पिता बनने के साथ-साथ एक अच्छे दोस्त बनेंगे तो आपके बच्चे आपसे कुछ भी छुपाएंगे नहीं और किसी भी विषय पर आपसे खुलकर बात करेंगे।

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स अपने बच्चे से सभी बात जानना चाहते हैं

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स अपने बच्चे से उनकी हर एक बात जाना चाहते हैं। ऐसा भी हो सकता है की आपका बच्चा आपसे कोई बात शेयर करना नहीं चाह रहा हो और आप उसपर प्रेशर बना रहे हों। ध्यान रखें की अगर आप बच्चे पर ज्यादा दवाब डालेंगे तो शायद वो आपसे दूरी बनाने लगे। इसलिए ऐसा न करें। अगर आपको महसूस हो की उन्हें कोई पेशानी है, तो प्यार से बात कर और एक दोस्त की तरह पेश आएं। ऐसे में शायद आप उनकी परेशानी की वजह जान भी सकते हैं और महसूस भी कर सकते हैं और उन्हें उनकी परेशानी का निवारण भी दे सकते हैं।

ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स बनने से बेहतर है की आप अपने बच्चे को उनकी छोटी उम्र से माता-पिता के साथ ही एक दोस्त की तरह भी बर्ताव रखें। ऐसा करना आपके लिए भी बेहतर होगा और आपके शिशु के लिए भी।

अगर आप ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

और पढ़ें:

बच्चों के लिए 6 गाइडलाइन सोशल मीडिया फॉलो करने से पहले

बच्चा करता है बेडवेटिंग इस तरह निपटें इस परेशानी से

बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए पेरेंट्स रखें इन बातों का ध्यान

10 टिप्स, पेरेंट्स और टीनएजर्स की अच्छी बॉन्डिंग के लिए

5 टिप्स जो बच्चे को मदद करेंगे पेरेंट्स के बिना खेलने में

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Overprotective parenting style/https://www.canr.msu.edu/Accessed on 03/02/2020

Helicopter Parenting May Negatively Affect Children’s Emotional Well-Being, Behavior/https://www.google.com/Accessed on 03/02/2020

Overprotective Parents and a New Generation of American Children/https://bpr.berkeley.edu/Accessed on 03/02/2020

Overprotective Parenting: Helping Parents Provide Children the Right Amount of Risk and Responsibility/https://www.researchgate.net/Accessed on 03/02/2020

Helicopter Parenting: When Too Much Help Is No Help/https://www.health.harvard.edu/Accessed on 03/02/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Abhishek Kanade के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nikhil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 22/10/2019
x