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Nephrotic Syndrome Diet: नेफ्रोटिक सिंड्रोम में इन चीजों को खाने से हो सकता है फायदा!

    Nephrotic Syndrome Diet: नेफ्रोटिक सिंड्रोम में इन चीजों को खाने से हो सकता है फायदा!

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) एक किडनी डिसऑर्डर है, जो शरीर से यूरिन के माध्यम से बहुत अधिक प्रोटीन पास करने का कारण बनता है। यह सिंड्रोम किडनी में उन स्मॉल ब्लड वेसल्स के क्लस्टर्स के डैमेज होने के कारण होता है, जो खून से वेस्ट और अधिक पानी को फिल्टर करती है। इस समस्या के कारण रोगी को सूजन की समस्या हो सकती है, खासतौर पर पैरों और एड़ियों में। इसके अलावा यह रोग कई अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण भी बन सकती है। इसके उपचार में इसका कारण बनने वाली कंडिशन को ट्रीट करना शामिल है। इसके साथ ही रोगी के लिए सही डायट और दवाइयां लेना भी जरूरी है। आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के बारे में। नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के बारे में जानने से पहले नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) के बारे में जान लेते हैं।

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम क्या है?

    जैसा कि पहले ही बताया गया है कि नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) के कारण किडनी के फिल्टरिंग पार्ट के डैमेज या उसको नुकसान हो सकता है। इसके कारण ब्लड से यूरिन में बहुत अधिक प्रोटीन के लोस्ट हो सकता है। इस सिंड्रोम के कारण रोगी को यह समस्याएं हो सकती हैं:

    • यूरिन में प्रोटीन लेवल का बढ़ना
    • यूरिन में प्रोटीन लेवल कम हों
    • सूजन खासतौर पर आंखों, पैरों, हाथों और एड़ियों में
    • हाय कोलेस्ट्रॉल लेवल

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के साथ ही यह भी जान लें कि क्या हैं इस सिंड्रोम के लक्षण?

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    इस सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम लक्षणों का एक सेट है। इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

    इस सिंड्रोम के लक्षण किसी अन्य मेडिकल कंडिशन या समस्याओं के जैसे हो सकते हैं। ऐसे में इसके निदान के लिए लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। अब जानते हैं नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के बारे में।

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट,Nephrotic Syndrome Diet

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    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet): जानिए डायट इस सिंड्रोम को कैसे प्रभावित करती है?

    इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों के लिए किडनी डैमेज को अवॉयड करने के लिए डायट में बदलाव करना जरूरी है। इस डिसऑर्डर के कारण बहुत सा प्रोटीन लूज हो जाता है। ऐसे में, कुछ प्रोटीन युक्त आहार खाकर आप इस नुकसान को पूरा कर सकते हैं। हालांकि, हाय प्रोटीन डायट की सलाह इस सिंड्रोम में नहीं दी जाती है। क्योंकि, बहुत अधिक प्रोटीन से नेफ्रॉन्स यानी किडनी के फंक्शनिंग यूनिट्स डैमेज हो सकते हैं और रिनल इंसफिशिएंसी (Renal insufficiency) हो सकती है। ऐसे में रोगी लो से मॉडरेट प्रोटीन की मात्रा ले सकते हैं। यह किडनी की कंडिशन पर निर्भर करता है।

    इसके साथ ही इस परेशानी से पीड़ित रोगी को लो-सोडियम डायट की भी सलाह दी जाती है। अधिक सोडियम युक्त आहार सेवन करने से साल्ट रिटेंशन और फ्लूइड रिटेंशन आदि समस्याएं हो सकती हैं। इससे सूजन और हायपरटेंशन भी हो सकती हैं। यह विकार ब्लडस्ट्रीम में वसा के उच्च स्तर का कारण बन सकता है, इसलिए वसा का सेवन कम करने से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी को रोका जा सकता है। इस सिंड्रोम को मैनेज करने के लिए आपके लिए नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) में आपको यह जानना चाहिए कि इस दौरान आपको क्या खाना चाहिए?

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    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet): जानिए क्या खाएं?

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) को मैनेज करने के लिए आपको ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए, जिससे यह समस्या का जोखिम कम हो सके। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं, तो आप इन खाद्य पदार्थों को अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं:

    • लीन मीट जैसे फिश, पोल्ट्री आदि
    • ड्राइड बीन्स
    • पीनट बटर
    • सोयाबीन
    • ताजे फल जैसे सेब, संतरे, केले आदि
    • सब्जियां जैसे ग्रीन बीन्स, टमाटर,आलू आदि
    • चावल
    • साबुत अनाज
    • अनसाल्टेड स्नेक्स
    • पनीर या टोफू
    • दूध और बटर

    यह तो थी लिस्ट उन खाद्य पदार्थों की, जिन्हें आपको अपनी डायट में शामिल कर के आपको लाभ होगा। अब जाने हैं उन चीजों के बारे में जिन्हें आपको इस दौरान पूरी तरह से अवॉयड करना चाहिए।

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    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet): जानिए इस दौरान क्या न खाएं?

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) से बचाव संभव नहीं है लेकिन अंडरलायिंग किडनी डिजीज का उपचार करने और डायट में बदलाव से इसके लक्षणों को बदतर होने से बचा जा सकता है। अब जानते हैं कि इस कंडिशन में आपको क्या नहीं खाना चाहिए?

    ध्यान रखें कि आपको ऐसी चीजों का सेवन नहीं करना है ,जिसमें अधिक नमक हो। आप सीजनिंग या सॉस की जगह हर्ब्स और अन्य मसालों का इस्तेमाल करें। नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) में आप इन चीजों के बारे में तो जान ही गए होंगे कि इस दौरान क्या खाएं और किन चीजों को नजरअंदाज करें। अब जानते हैं कि इस दौरान आपको किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए?

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    नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) में इन चीजों का रखें खास ख्याल

    नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) में सही डायट से आपकी सेहत में इम्प्रूवमेंट हो सकती है और लक्षणों से राहत मिल सकती है। इस सिंड्रोम को मैनेज करने के लिए आपको इन चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए:

    • प्रोटीन की मात्रा को लेकर सचेत रहें। इस दौरान आपको किस मात्रा में प्रोटीन लेनी चाहिए, इसके लिए अपने डॉक्टर से बात अवश्य करें।
    • सोडियम का कम मात्रा में सेवन करें। सोडियम की मात्रा को चेक करने के लिए फूड लेबल्स को अवश्य पढ़ें।
    • सीजनिंग के नाम पर अधिक मात्रा में नमक लेना बंद करें। गार्लिक साल्ट की जगह फ्रेश गार्लिक या गार्लिक पाउडर का इस्तेमाल करें।
    • घर के बाहर के खाने या जंक फूड को खाने से बचें। होटल या रेस्टोरेंट्स के खाने में साल्ट की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में घर के बने आहार का ही सेवन करें। खाना पकाने के लिए हेल्दी ऑयल्स जैसे ऑलिव ऑयल या कोकोनट ऑयल का प्रयोग करें।

    यह तो थी जानकारी नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के बारे में। इसके उपचार में कई दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है जैसे डाइयुरेटिक्स, ब्लड थिनर, कोलेस्ट्रॉल-रिड्यूसिंग मेडिकेशन आदि। अगर किडनी डिजीज से आपको इंफ्लेमेशन हो, तो स्टेरॉयड की सलाह भी दी जा सकती है। आप अपने लिए सही डायट के बारे में जानने के लिए आप डॉक्टर और डायटीशियन की मदद ले सकते हैं। अब जानिए कि नेफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic Syndrome) से कैसे बचाव संभव है?

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    कैसे बचा जा सकता है इस सिंड्रोम से?

    इस सिंड्रोम के सभी कारणों से बचाव संभव नहीं है। किडनी के फिल्टरिंग पार्ट को डैमेज से बचाने के तरीके इस प्रकार हैं:

    • इस बात का ध्यान रखें कि आपका ब्लड प्रेशर सही से कंट्रोल हो।
    • अगर आपको डायबिटीज है, तो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें।
    • कॉमन इंफेक्शंस से बचने सही समय पर वैक्सीन्स लगवाएं।
    • डॉक्टर द्वारा दी गयी सभी एंटीबायोटिक्स का सेवन करें। इन्हें लेना अपनी मर्जी से बंद न करें। ऐसा करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

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    उम्मीद है कि नेफ्रोटिक सिंड्रोम डायट (Nephrotic Syndrome Diet) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। इस समस्या के लक्षण इसके कारणों पर निर्भर करते हैं। यही नहीं, इसके लक्षण किसी अन्य मेडिकल कंडिशंस के समान हो सकते हैं। इसमें डायट का सही होना बेहद जरूरी है। सही डायट से आप इसके लक्षणों को मैनेज कर सकते हैं। इस कंडिशन में क्या खाना चाहिए और किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, इस चीज के बारे में अधिक जानने के लिए डॉक्टर और डायटीशियन की सलाह अवश्य लें। अगर आपके मन में इस बारे में कोई भी सवाल है, तो डॉक्टर से इसे पूछना न भूलें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/06/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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