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गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या को करना है बाय, तो फॉलो करें ये ड्रिंक्स एंड डायट

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या को करना है बाय, तो फॉलो करें ये ड्रिंक्स एंड डायट

पेट में एंठन और दर्द, कई बार इंटेस्टाइन में आई गड़बड़ी के कारण हो सकता है। जिसे हम गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या भी कहते हैं। इसमें पेट और आंतों में सूजन आ जाती है। जिसकी वजह से पेट दर्द भी कई दिनों तक बना रह सकता है। गैस्ट्रोइंटेराइटिस को फूड पॉइजनिंग भी कहा जाता है। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन इसके कारणाें को जानने के लिए, सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि गैस्ट्रोइंटेराइटिस है क्या? और गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए डायट कैसे फॉलो करनी चाहिए।

और पढ़ें: ये फूड्स और ड्रिंक्स आपको बचाएंगे गैस्ट्रोएंटेरायटिस की समस्या से

गैस्ट्रोइंटेराइटिस क्या है (What is Gastroenteritis)?

गैस्ट्रोइंटेराइटिस बैक्टीरिया या वायरस के कारण आंतों के अंदर के ऊपरी लेयर में होने वाली सूजन को कहते हैं । यह बैक्टीरिया या वायरस, आमतौर पर दूषित भोजन और गंदे पानी के कारण होता है। जिसके माध्यम से वॉयरस शरीर में प्रवेश कर के स्टमक हेल्थ को बिगाड़ते हैं। जिस कारण इंफेक्टेड मरीज को उल्टी और अन्य पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। गैस्ट्रोइंटेराइटिस का सबसे सामान्य कारण डिहायड्रेशन माना जाता है। आमतौरपर, गैस्ट्रोइंटेराइटिस या फूड पॉइजनिंग की समस्या को घरेलू देखभाल के साथ ठीक किया जा सकता है। लेकिन गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत पड़ जाती है।

यह एक प्रकार से आंतों और पेट का संक्रमण है। जिसके लक्षण एक से दो दिनों तक रोगी को परेशान कर सकते हैं। इन लक्षणों में शामिल हैं:

  • डायरिया (diarrhea)
  • उल्टी (vomiting)
  • पेट में ऐंठन ( Stomach cramps)
  • बुखार (Fever)
  • मांसपेशियों के दर्द (muscle aches)
  • सिर दर्द (Headache)

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या क्या है?

गैस्ट्रोइंटेराइटिस, एक सामान्य समस्या है। यह बड़ों से लेकर बच्चों तक किसी को भी प्रभावित कर सकता है। इसमें हाेने वाले डायरिया और डिहायड्रेशन की वजह से शरीर में पानी की कमी, मरीज की हालत को और बिगाड़ सकती है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है, जैसे कि मरीज कोमा में जा सकता है, शरीर का कोई भाग डैमेज हो सकता है या जान भी जा सकती है। इनके अलावा और भी कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

गैस्ट्रोइंटेराइटिस का कारण

बैक्टीरियल गैस्ट्रोइंटेराइटिस (Gastroenteritis) की समस्या बैक्टीरिया (जैसे साल्मोनेला या एस्चेरिचिया कोलाई) से संक्रमित भोजन या पेय पदार्थ खाने से होता है, जिसे फूड पॉइजनिंग भी कहा जा सकता है। वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस होने का सबसे अधिक रिस्क नॉरोवायरस संक्रमण के कारण होता है। इस बारे में द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की मानें, तो वयस्कों में इस बीमारी के 90% केसेज का कारण नोरोवायरस (noroviruses) है, जो कैलिकवायराइड फैमिली (Caliciviridae family) से जुड़े होते हैं। इस तरह गैस्ट्रोइंटेराइटिस के अधिकांश केसेज का कारण वायरस होता है, बैक्टीरिया नहीं। गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या को कई लोग पेट का इंफेक्शन समझने की गलती भी कर देते हैं। गैस्ट्रोइंटेराइटिस की प्रॉब्लम से बचने के लिए इस वायरस से बचाव बहुत जरूरी है। नोरोवायरस वायरस, आपके शरीर में कई तरह से प्रवेश कर सकते हैं, जैसे कि:

  • संक्रमित बर्तनों का उपयोग
  • संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क
  • दूषित भोजन या पानी का सेवन
  • कच्चे फल या सब्जियाें का बिना ठीक से धुले हुए सेवन करना
  • डेयरी उत्पादों काे खोलने के बाद, बिना फ्रिज में रखें लंबे समय तक इस्तेमाल करना।
  • कच्चे अंडे या कच्चे मांस का सवेन

और पढ़ें: जानें ऑटोइम्यून बीमारी क्या है और इससे होने वाली 7 खतरनाक लाइलाज बीमारियां

गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लक्षण

बैक्टीरियल गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण, अक्सर बैक्टीरिया के प्रकार पर निर्भर करते हैं, जो बीमारी का कारण बनते हैं। वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले में लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के बाद 4 घंटे से 2 दिनों के भीतर दिखने लगते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • दस्त
  • पेट में ऐंठन
  • पेट में दर्द
  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • मल में खून
  • भूख में कमी
  • बुखार
  • सिरदर्द

कुछ लोगों में इस तरह के लक्षण भी दिख सकते हैं:

  • ठंड लगना,
  • चिपचिपी त्वचा
  • पसीना आना
  • मांसपेशियों में दर्द या जोड़ों में अकड़न
  • वजन घटना

और पढ़ें: Peptic Ulcer: पेट में अल्सर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या होने पर क्या करें

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की प्रॉब्लम होने पर अधिकतर लोग कुछ दिनों के भीतर घरेलू इलाज से ठीक हो जाते हैं, यदि स्थिति गंभीर न हो और उल्टी या दस्त की समस्या ज्यादा न हो, तो घबराने की कोई बात नहीं है। इसके अलावा ज्यादा उल्टी या दस्त होने पर इलेक्ट्रोलाइट्स और नमक-चीनी का घोल मरीज को लेना चाहिए। ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। डिहायड्रेशन नहीं होने पर मरीज की रिकवरी जल्दी होती है।

गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए डायट एंड ड्रिंक्स (What to Eat and Drink During Gastroenteritis)

यहां कुछ खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ हैं, जो आपके पेट की समस्याओं को हल करने और आगे होने वाली जटिलताओं को रोकने में मद्द कर सकते हैं।

और पढ़ें: पेट की खराबी से राहत पाने के लिए अपनाएं यह आसान घरेलू उपाय

गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए हाय एनर्जी ड्रिंक्स

शरीर में पानी की कमी और कमजोरी को दूर करने के लिए हाय एनर्जी वाले ड्रिंक्स लें। जो मरीज के शरीर में डिहायड्रेशन को दूर करता है, जैस कि-

  • नारियल पानी पिएं, यह शरीर में पानी की कमी को बहुत जल्दी दूर करता है।
  • फ्रेश फ्रूट का जूस लें, इससे शरीर में एनर्जी आएगी और कमजोरी भी जल्दी दूर होगी।
  • दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पिंए। इससे यूरिन के माध्य से बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकल जाता है।
  • नमक और चीनी का घोल पिंए।
  • जब गैस्ट्रोइंटेराइटिस ठीक हो जाए, तो आप लाइट सूप आदि पिएं।

क्या न पिएं

  • फलों के रस के साथ चीनी, कैफीनयुक्त ड्रिंक और कार्बोनेटेड ड्रिंक आदि से बचें।
  • शराब के सेवन से बचें।

और पढ़ें: पेट में दर्द का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?

गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए डायट

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या को ठीक करने में खानपान की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। आप क्या खा रहे हैं और क्या नहीं, यह दोनों ही बाते महत्पवपूर्ण हैं। यह समस्या होने पर यदि आपको जल्दी रिकवरी करना है, तो जानें गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए डायट में क्या लें और क्या नहीं:

क्या खाएं

  • अच्छी तरह से धोए गए ताजे फल और अच्छे से पकी हुई सब्जियां खाएं।
  • गैस्ट्रोइंटेराइटिस के लिए डायट की बात करें, तो खाने में ब्राउन राइस खाएं।
  • शरीर में कमजोरी को दूर करने के लिए मूंग दाल का सेवन भी अच्छा माना जाता है।
  • आप बिना मसाले वाला और कम फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ को अपने डायट मे शामिल करें, जो पचाने में आसान हों।
    आप अपने आहार में सादा दही या दही कम मात्रा में ले सकते हैं
  • केला, साबुदाना, लौकी, सादा दही और हर्बल टी सबसे अच्छा माना जाता है।

न खाएं

  • ठोस खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें
  • पैक्ड और स्ट्रीट फूड के सेवन से बचें
  • तले हुए भोजन या हाय फैट फूड (आलू के चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, पेस्ट्री, चीज़, पिज्जा आदि जंक) से दूर रहें
  • बहुत मसालेदार भोजन न खाएं
  • ड्राय फ्रूट्स के सेवन से बचें

और पढ़ें: जानें क्या है एलोपेसिया एरीटा और इसके हाेने के कारण

गैस्ट्रोइंटेराइटिस से बचाव (Prevention of Gastroenteritis)

  • शिशुओं को गैस्ट्रोइंटेराइटिस का टीका लगवाना न भूलें।
  • जूस और पानी पिएं।
  • हैवी डायट से बचें, नहीं तो आपके लिए समस्या बढ़ सकती है।
  • ऐसे भोजन का चुनाव करें, जो आसानी से पचाया जा सकता है।
  • खाने में ऐसे भोजन का चुनाव करें, जिसे आसानी से पचाया जा सकता हो।
  • अधिक फैट वाले भोजन न करें।
  • बच्चों के लिए हाईजीन का पूरा ध्यान रखें।
  • बच्चों को गर्म पानी दें।
  • इस समस्या के दौरान बच्चों को थोड़ा पतला दूध दें।

गैस्ट्रोइंटेराइटिस की समस्या होने पर आप अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें, नहीं तो आपके लिए जटिल समस्याएं हो सकती है। गंभीर स्थिति होने पर घर में घरेलू इलाज पर निर्भर न रहें ,तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

https://badgut.org/information-centre/a-z-digestive-topics/gastroenteritis/ Accessed 2 feb, 2021

https://gastro.org/

https://www.mayoclinic.org/first-aid/first-aid-gastroenteritis/basics/art-20056595 Accessed 2 feb, 2021

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1764079/ Accessed 2 feb, 2021

 

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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