गोरा बच्चा चाहिए तो नारियल खाएं, कहीं आप भी तो नहीं मानती इन धारणाओं को?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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गोरा बच्चा (fair complexion baby)… ज्यादातर कपल्स की चाह होती है। हेल्दी और इंटेलीजेंट शिशु के लिए तो विकल्प भी मौजूद हैं जैसे हेल्दी फूड, हेल्दी लाइफस्टाइल आदि, लेकिन गोरा बच्चा कैसा पैदा होगा? त्वचा का रंग मेलेनिन (Melanin) से तय होता है और सांवली त्वचा में मेलेनिन ज्यादा होता है और गोरी त्वचा में मेलेनिन कम होता है। ऐसी धारणा है कि गर्भावस्था के दौरान नारियल, केसर और देसी घी जैसे अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से गोरा बच्चा पैदा होता है।

शिशु के त्वचा और बालों का रंग माता-पिता पर निर्भर करता है। मेडिकल टर्म में अगर इसे समझा जाए तो गोरा बच्चा और काले बाल जींस पर निर्भर करते हैं। ऐसे में बच्चे के रंगों पर ज्यादा ध्यान देने से बेहतर है गर्भवती महिला को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए। इससे मां और शिशु दोनों स्वस्थ रहेंगे। आइए जानते हैं इससे जुड़े मिथ और फैक्ट क्या हैं?

इस बारे में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, आयुर्वेदिक डॉक्टर एवं काउंसलर डॉ. शरयु माकणीकर कहती हैं कि, ”इस सदी में भी अगर आप गोरा बच्चा पाने की चाहत रखते हैं तो अब इन विचारों से बाहर निकलने का वक्त आ गया है। शिशु के रंग से ज्यादा उसे कैसे स्वस्थ रखना है इसके बारे में सोचना चाहिए। नारियल या ऐसे अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन से अन्य शारीरिक लाभ मिल सकते हैं, लेकिन शिशु के त्वचा का रंग नहीं बदल सकता है। दरअसल शिशु का रंग माता-पिता के जींस और उनमें मौजूद मेलेनिन पर निर्भर करता है।”

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मिथ:

गर्भावस्था के दौरान नारियल (Coconut) खाने से और नारियल पानी पीने से गोरा बच्चा पैदा होता है।

फैक्ट:

प्रेग्नेंसी के दौरान नारियल पानी, सूखे नारियल या कच्चा नारियल खाने से गोरा बच्चा पैदा होगा ऐसी बात किसी भी रिसर्च में सामने नहीं आई हैं। हालांकि इसके सेवन से प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में पानी की कमी से बचा जा सकता है। बॉडी डीहाइड्रेट नहीं होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा होता है, उसे भी नारियल बैलेंस्ड रखने में मदद करता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान नारियल के सेवन से शारीरिक लाभ मिल सकता है।

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मिथ:

प्रेग्नेंसी में केसर (saffron) वाले दूध के सेवन से गोरा बच्चा पैदा होता है।

फैक्ट:

यह धारणा गलत है और प्रेग्नेंसी के दौरान केसर वाले दूध  के सेवन से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार केसर वाले दूध के सेवन से यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन, समय से पहले शिशु का जन्म या मिसकैरिज की संभावना भी बढ़ सकती है।

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गोरो बच्चे को लेकर मिथ:

प्रेग्नेंसी में दूध, दही और पनीर (dairy product) खाने से गोरा बच्चा पैदा होता है।

फैक्ट:

गोरे शिशु की चाह रखकर अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाएं दूध, दही और पनीर जैसे अन्य डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करती हैं तो इस धारणा से बाहर निकलें। दूध, दही और पनीर के सेवन से शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है। इसलिए इसका सेवन करना चाहिए। दूध, दही और पनीर प्रोटीन के साथ ही कैल्शियम के भी अच्छे सोर्स हैं। आप जब भी किसी फूड का सेवन करें, उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी जरूर हासिल करें। आप चाहे तो डॉक्टर से भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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गोरो बच्चे को लेकर मिथ :

प्रेग्नेंसी में अंडे (egg) के सेवन से गोरे बच्चे का जन्म होता है।

फैक्ट:

गर्भावस्था के दौरान नियमित अंडे के सेवन से शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी नहीं होती है और इसके सेवन से जन्म लेने वाले शिशु के रंग पर कोई असर भी नहीं पड़ता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में अंडे के सेवन से गोरा बच्चा पैदा होगा। ऐसा न सोचें। जबकि इसके सेवन से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत अच्छी रहती है। एग प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है। हमारे शरीर का निर्माण प्रोटीन से ही हुआ है। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को प्रोटीन का उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

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मिथ:

गर्भावस्था में बादाम (almonds) के सेवन से गोरा बच्चा पैदा होता है।

फैक्ट:

यह धारणा गलत है की बादाम के सेवन  से शिशु का रंग साफ (गोरा) होगा। हालांकि, प्रेग्नेंसी में भिगोए हुए बादाम का सेवन करना चाहिए। यह शिशु के विकास में सहायक होता है। आलमंड का सेवन करने से न केवल ओरल हेल्थ सुधरती है बल्कि हड्डियों के निमार्ण में मदद मिलती हैं। आलमंड में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम विटामिन डी के साथ मिलकर आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। आपको विटामिन डी सूरज की रोशनी से मिलता है। इसके लिए आपको सुबह की पहली धूप में बैठना चाहिए।

गोरो बच्चे को लेकर मिथ :

घी का सेवन साफ कर देता है बच्चे का रंग।

फैक्ट:

घी का सेवन केवल प्रेग्नेंट महिला ही नहीं बल्कि सभी के लिए लाभकारी है। डॉक्टर्स भी मानते हैं कि रोजाना कुछ मात्रा में घी का सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी घी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं का मानना है कि घी का सेवन अधिक करने से बच्चे का रंग साफ होता है। लेकिन ये केवल एक मिथ है। बेहतर होगा कि आप प्रग्नेंसी में हार्मफुल ऑयल से बचिए और घी का सेवन करिए लेकिन केवल पोषण के लिए।

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अब तो आप समझ गईं होगी कि ये सभी मिथ हैं। इसलिए इनसे बचना ही ठीक होगा। प्रेग्नेंसी से जुड़े किसी सवाल का जवाब जानना चाहती हैं तो उसे विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।  आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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