हनीमून के बाद बेबीमून, इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसे बनाएं यादगार

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

शादी के बाद पति-पत्नी हनीमून पर जाते हैं। जहां वे एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं। एक-दूसरे के साथ बिताए ये पल उनके लिए एक यादगार होते हैं। अब जबकि आपने इन लम्हों को संजो रखा है और ध्यान फैमिली बढ़ाने की तरफ है तो आपको ‘बेबीमून’ (Babymoon) के आइडिया पर विचार करना चाहिए।

बेबीमून को इस तरह से समझ सकते हैं कि यह आपके पेरेंट्स बनने की खुशी में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बेबीमून से गर्भवती महिला को मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। यह होने वाले बच्चे पर अच्छा प्रभाव डालता है। तभी तो डॉक्टर्स भी प्रेग्नेंट महिला या कपल्स को गर्भावस्था के दौरान अच्छी जगह पर घूमने की सलाह देते हैं।

बेबीमून क्या है? ऐसे समझें

यह हनीमून के कांसेप्ट की तरह ही हैं। जब कोई शादी-शुदा कपल परिवार बढ़ाने की सोचते हैं तो होने वाले बच्चे के साथ किसी शांत और खूबसूरत जगह का ट्रिप प्लान करते हैं। आज बेबीमून दुनिया भर के कपल्स के बीच पॉपुलर हो रहा है। नौकरी-पेशा कपल्स इसके लिए विशेष रूप से छुट्टियां लेते हैं क्योंकि जैसे-जैसे बच्चा उन्हें व्यस्त रखेगा, अगली छुट्टियां मनाने में परेशानी हो सकती है। इसी ने ‘बेबीमून’ की कांसेप्ट को जन्म दिया है, जो आपके बच्चे के जन्म से पहले एक पिकनिक की तरह है। जहां आप बच्चे के जन्म से पहले उसे अपनी आखों और सेंसेशन से दुनिया से परिचय कराते हैं।

कैसे करें एक परफेक्ट बेबीमून ट्रिप का प्लान?

प्रेग्नेंसी के लक्षण, कॉम्प्लिकेशन्स, सुरक्षा जैसे मुद्दों के कारण ‘बेबीमून’ हनीमून की तरह आसान नहीं होता है। यानि इसके लिए आपको ऑफ-लिमिट विकल्पों के लिए एक चेक-लिस्ट की जरूरत पड़ेगी। गर्भावस्था की निगरानी के लिए आपको स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर भी ध्यान देना होगा। यहां हमने बेबीमून पर जाने से पहले ध्यान देने वाली बातों की लिस्ट बताई है जो जरूर आपको अपना ट्रिप प्लान करने में मदद करेगी।

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बेबीमून प्लान करते समय इन बातों का ख्याल रखें:

ट्रेकिंग एक्टिविटीज को अवॉयड करें: 

पर्यटन क्षेत्र में ट्रेकिंग एक पॉपुलर एक्टिविटी है। ट्रेक करना आपको रोमांचक लग सकता है, लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान आपको ज्यादा फिजिकल काम करना आपके ‘टू-बी बोर्न बेबी’ की सेहत के लिए चिंताएं खड़ी कर सकता है। ट्रेकिंग को अवॉयड करने के पीछे यह भी कारण है कि ट्रेकिंग रूट शहर से दूर होता है, जहां किसी इमरजेंसी में चिकित्सा सुविधा मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए बेबीमून पर किसी तरह के खतरे को कम करने के लिए ट्रेकिंग से दूर रहें।

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आसपास के हॉस्पिटल के बारे में जान लें: 

आप प्रेग्नेंट हैं इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आपको सिर्फ अपने डॉक्टर से मिलने की जरूरत है। आप बेबीमून के लिए चाहे जिस भी जगह पर जाएं उस एरिया में हॉस्पिटल के बारे में जान लेना चाहिए। आपकी यात्रा की योजना के अनुसार आपका स्वास्थ्य (और आपके बढ़ते बच्चे का भी) सर्वोपरि है। जहां भी आप जा रहे हैं, वहां स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता पर विचार पहले ही कर लें। 

बेबीमून ट्रिप का टाइम पीरियड कम रखें: 

बेबीमून एक तरह से आपके लिए सेकंड हनीमून की तरह हो सकता है। हां, बेशक इसमें आपको सेफ्टी साइड पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। चूंकि आप गर्भावस्था के समय से गुजर रही हैं तो ऐसे में घर से ज्यादा समय के लिए बाहर रहना उन्हें शारीरिक रूप से थका सकता है। इसलिए ट्रिप का समय जितना हो कम दिनों का रखें।

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बेबी बंप का ध्यान रखें: 

 ट्रिप के दौरान आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके पेट या बेबी-बंप को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे। इसका मतलब कि जिन एक्टिविटी में आपके गिरने का जोखिम हो उनसे बचना चाहिए। जैसे- एडवेंचरस ट्रिप। इसके अलावा अगर अपने कार से बेबीमून डेस्टिनेशन पर जा रहे हैं तो सीट-बेल्ट को सीधे अपने पेट के ऊपर लगाने से बचें। कार की सवारी के दौरान या विमान में किसी तरह की खराबी होने पर यह पेट पर किसी भी दबाव को रोकने में मदद करता है।

बेबीमून के लिए परफेक्ट स्थान कैसे चुनें?

कपल्स में इस बात को लेकर हमेशा कंफ्यूजन बना रहता है कि बेबीमून पर किस डेस्टिनेशन को चुनना चाहिए? जहां तक प्रायोरिटी की बात है, यह आपके इंटरेस्ट और पसंद पर निर्भर करता है। जैसे कि क्या आपको नेचर पसंद है या स्ट्रीट वॉक करना पसंद है? ऐसे सवालों के आधार पर, आप किसी जगह को स्वीकृत या अस्वीकृत कर सकते हैं।

बेबीमून के लिए डेस्टिनेशन चुनने में समय भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिक समय तक बैठे रहने से गर्भवती महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप विदेशों में बेबीमून के बारे में न सोचें। अगर आप विदेश में बेबीमून का प्लान कर रहे हैं तो यह ध्यान रखें कि फ्लाइट लंबी हो सकती है। इसलिए पहले एयरलाइंस कंपनियों के साथ गर्भावस्था यात्रा नीति के बारे में पूछताछ करें।

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अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो कुछ ऐसे काम करें जो आपकी प्रेग्नेंसी को भी यादगार बनाएं। गर्भवती होने के बाद पति के साथ घर से दूर नई और पसंदीदा जगह पर जा सकते हैं। नौ महीने का इंतजार और फिर शिशु के जन्म के बाद आपकी जिंदगी बहुत बिजी होने वाली है। आप बेबीमून प्लान कर वहां बेबी-बंप शूट, पार्टी और इन पलों को एंजॉय कर सकते हैं।

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रिव्यू की तारीख नवम्बर 8, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया नवम्बर 9, 2019