गर्भावस्था से ही बच्चे का दिमाग होगा तेज, जानिए कैसे?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

गर्भावस्था में बच्चे के दिमाग का डेवेलपमेंट शुरू हो जाता है। ऐसे में शिशु कितना बुद्धिमान होगा यह गर्भवती महिला की डायट पर भी बहुत हद तक निर्भर करता है। तेज दिमाग वाले शिशु की चाहत हर महिला रखती है ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी डायट में कौन-सी चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। जानते हैं हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में।

गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग कैसे तेज करें?

गर्भावस्था के दौरान किसी भी गर्भवती महिला के लिए पौष्टिक आहार लेना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि गर्भवती महिला के खाने का सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। वहीं गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग ज्यादा तेज हो इस पर भी ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान फोलेट, आयोडीन और आयरन नियमित तौर से सेवन करना चाहिए और ये गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए अत्यधिक जरूरी है।

और पढ़ें: पुरुषों की स्मोकिंग की वजह से शिशु में होने वाली परेशानियां

इन टिप्स से गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग करें तेज

गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज हो इसके लिए आहार के साथ-साथ कुछ और भी जरूरी टिप्स हैं, जिसे अपनाने से बच्चे का मस्तिष्क तेज हो सकता है। निम्नलिखित टिप्स अपनाकर आप अपने बेबी को गर्भ से ही इंटेलीजेंट बना सकती हैं।

1. आहार

गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए विटामिन-बी 12, विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक, आयरन और फॉलिक एसिड युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। ये सभी विटामिन और खनिज हरी सब्जी, साग, मछली या फल जैसे खाद्य पदार्थों में आसानी से मिल सकते हैं।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में खाएं ये फूड्स नहीं होगी कैल्शियम की कमी

2. फॉलिक एसिड

फॉलिक एसिड गर्भावस्था में शिशु के विकास में अत्यधिक अनिवार्य है। इसकी पूर्ति गहरे हरे रंग की साग-सब्जियों से हो सकती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर फॉलिक एसिड की दवा भी दे सकते हैं। अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन न करें।

और पढ़ें: अपने 16 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए आपको किन जानकारियों की आवश्यकता है?

3. ओमेगा 3 फैटी एसिड

गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज करने का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है ओमेगा 3 फैटी एसिड। मछलियों के सेवन से ओमेगा 3 फैटी एसिड की पूर्ति होती है। गर्भावस्था के दूसरी तिमाही से मछलियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए। ध्यान रहे इस दौरान मर्लिन और टूना जैसे फिश का सेवन न करें क्योंकि इनमें मर्क्युरी (mercury) की मात्रा ज्यादा होती है।

यह भी पढ़ेंः प्रेग्नेंसी के दौरान खांसी की समस्या से राहत पाने के घरेलू उपाय

4. गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग अंडे से होगा तेज

अंडे में कोलिन नामक तत्व होता है जो दिमाग के विकास के लिए जरूरी है। इससे याद्दाशत बढ़ती है। साथ ही अंडे में आयरन और प्रोटीन भी होता है जो दिमागी विकास के लिए जरूरी है। प्रोटीन कोशिका के ब्लॉक का निर्माण करने और शिशु के विकास में सहायता करते हैं। उचित मात्रा में अंडे खाने से बच्चे को प्रोटीन की आवश्यक मात्रा मिलती है।

5. वजन नियंत्रित रखें

गर्भावस्था के दौरान हर गर्भवती महिला का वजन 11 से 16 किलो तक बढ़ना सामान्य है, लेकिन जरूरत से ज्यादा वजन न बढ़ने दें। अगर इस दौरान वजन बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

6. एक्सरसाइज

गर्भावस्था के दौरान बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी हैगर्भ में पल रहे शिशु की फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों के लिए जरूरी है। एक्सरसाइज करने के दौरान एंडोर्फिन हॉर्मोन (endorphins) रिलीज होता है। जो व्यक्ति को खुश रहने में मदद करता है। इसलिए गर्भवती महिला को सप्ताह में कम से कम 3 से 5 दिन तकरीबन आधे घंटे तक एक्सरसाइज करना चाहिए। इसका फायदा मां और  शिशु दोनों को होता है।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी पीरियड: ये वक्त है एंजॉय करने का

7. तनाव से दूर रहें

बदलती लाइफस्टाइल की वजह से किसी न किसी कारण हर कोई चिंता और तनाव में रहता है। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला बच्चे की परवरिश को लेकर चिंतित रहती हैं। थोड़ी चिंता ठीक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चिंता करना और तनाव में रहना गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे बच्चे के मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है।

और पढ़ें: गर्भपात के बाद प्रेग्नेंसी में किन बातों का रखना चाहिए ख्याल?

8. बेबी से बात करें

गर्भावस्था के 16वें हफ्ते में पहुंचने के बाद ही बच्चे (fetal) की सुनने की क्षमता विकसित होती है।  गर्भावस्था के 24वें हफ्ते के शुरू होने के बाद ही ये पूरी तरह से एक्टिव हो पाते हैं। अल्ट्रासाउंड की मदद से यह आसानी से समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी के 16वें हफ्ते में शिशु गर्भ के बाहर की ध्वनि को सुन सकता है। ऐसे में  शिशु के जन्म के पहले से ही पैरेंट्स शिशु से बात कर सकते हैं। इससे भी बच्चे के मस्तिष्क का विकास होता है। इस दौरान आप बेबी को म्यूजिक भी सुना सकती हैं।

और पढ़ें: गर्भवती होने के लिए तैयारी कर रहीं हैं, तो फॉलो करें ये टिप्स

9. कद्दू के बीज

आपको शायद जानकर अजीब लगेगा, लेकिन कद्दू का बीज गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसमें जिंक पाया जाता है जो बच्चे के दिमागी विकास के लिए जरूरी है। शोधकर्ताओं ने निर्धारित किया है कि प्रत्येक 100 ग्राम कद्दू के बीज में 7.99 मिलीग्राम जिंक होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अनुमान है कि दुनिया भर में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं में जिंक की अपर्याप्त मात्रा है। जिंक का कम स्तर कई हार्मोनों के परिसंचारी स्तरों को बदलते हैं। एक्सपर्ट गर्भावस्था के दौरान एक्स्ट्रा जिंक लेने की सलाह भी देते हैं, क्योंकि इससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होने की संभावना होती है। जिंक गर्भाशय के संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक है। ये सभी संभावित रूप से प्रसव में योगदान कर सकते हैं।

और पढ़ेंः प्रेग्नेंसी में दाद की समस्या के कारण और बचाव के तरीके

10. सूरज की रोशनी गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग करेगी तेज

गर्भावस्था के दौरान अगर मां धूप में बहुत कम समय बिताए तो बच्चे की सीखने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान मां का अल्ट्रावायलेट-बी (यूवीबी) किरणों का सामना नहीं हो, तो इससे शिशु के दिमाग का विकास प्रभावित होता है। यूवीबी किरणें शरीर में विटामिन-डी के निर्माण में सहायक होती हैं। यह गर्भ में पल रहे दिमागी विकास के लिए बहुत जरूरी है।

ऊपर दिए गए 10 टिप्स को अपनाकर गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग तेज कर सकती हैं। वैसे इस दौरान हेल्थ एक्सपर्ट की मदद से आप अपने बॉडी टाइप के अनुसार भी पौष्टिक आहार का सेवन कर सकती हैं। गर्भावस्था में एल्कोहॉल, सिग्रेट या ऐसा कोई भी खाद्य पदार्थ जिससे एलर्जी हो उसका सेवन न करें। इसके साइड इफेक्ट गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों पर पड़ता है। उम्मीद है कि आपको ‘गर्भावस्था में बच्चे का दिमाग’ कैसे तेज किया जाए यह लेख पसंद आया होगा। ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थों को प्रेग्नेंसी डायट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें। अगर आपका इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

प्रेग्नेंसी के दौरान अल्फा फिटोप्रोटीन टेस्ट(अल्फा भ्रूणप्रोटीन परीक्षण) करने की जरूरत क्यों होती है?

अल्फा भ्रूणप्रोटीन परीक्षण करना क्यों है जरूरी? जानिए अल्फा फिटोप्रोटीन टेस्ट अगर पोजिटिव आए तो क्या है निदान। Alpha fetoprotein test in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi Dutta

प्रेग्नेंसी में सीने में जलन से कैसे पाएं निजात

प्रेग्नेंसी में इन कारणों से हो सकती है सीने में जलन, लाइफस्टाइल में सुधार कर और डॉक्टरी सलाह लेकर लक्षणों को किया जा सकता है कम।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh

प्रेगनेंसी में कॉफी पीना फायदेमंद या नुकसानदेह?

प्रेग्नेंसी में कॉफी का सेवन करना चाहिए या नहीं, जाने कॉफी की सही मात्रा कितनी होती है। Intake of coffee during pregnancy in Hindi.

के द्वारा लिखा गया Shivam Rohatgi
आहार और पोषण, स्वस्थ जीवन मई 19, 2020 . 3 मिनट में पढ़ें

प्रेग्नेंसी में भूख ज्यादा लगती है, ऐसे में क्या खाएं?

जानिए प्रेग्नेंसी में भूख ज्यादा क्यों लगती है? गर्भावस्था में भूख बार-बार लगने पर क्या करें? कौन-कौन से हेल्दी फूड हेबिट गर्भवती महिला में होना चाहिए?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh

Recommended for you

7 मंथ प्रेगनेंसी डाइट चार्ट

क्या है 7 मंथ प्रेग्नेंसी डाइट चार्ट, इस अवस्था में क्या खाएं और क्या न खाएं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ जुलाई 13, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
Pregnancy in Period- सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि

पीरियड सेक्स- क्या सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh
प्रकाशित हुआ जून 29, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
ओवरल एल

Ovral L: ओवरल एल क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ जून 12, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
प्लेसेंटा जीन्स-Placenta genes

क्यों प्लेसेंटा और प्लेसेंटा जीन्स को समझना है जरूरी?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें